मंगलवार, 19 दिसंबर 2023

नेहरू की तस्वीर हटाने को लेकर हमलावर हुई कांग्रेस

भाजपा ने कहा आंबेडकर की तस्वीर लगाने में बुराई क्या?


भोपाल। राज्य विधानसभा में अध्यक्ष आसंदी के पीछे लगी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर को हटाकर संविधान निर्माता डा बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने के मामले पर सियासत गर्मा गई। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाया और इसका विरोध किया तो भाजपा ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमा लगाने में हर्ज क्या है?

राज्य विधानसभा में स्पीकर की कुर्सी के पीछे एक तरफ जहां महात्मा गांधी तो दूसरी ओर प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू की तस्वीर लगी हुई थी। मगर अब नेहरू की जगह अंबेडकर की तस्वीर लगा दी गई है। इस मामले पर कांग्रेस ने एतराज जताया है। साथ ही नेहरू की तस्वीर लगाए जाने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र खत्म करने की साजिश की जा रही है। नेहरू जी की फोटो हटाना महत्वपूर्ण नहीं, महत्वपूर्ण है कि उनके विचार खत्म करने का प्रयास है। आगे देखिए अंबेडकर जी की फोटो हटाकर गोडसे की फोटो लगाएंगे। उमंग ने कहा कि पार्टी लाइन जो रहेगी इसको लेकर चर्चा करेंगे फिर फैसला लेंगे क्या करना है। वहीं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह ओछी मानसिकता है, प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। महात्मा गांधी, नेहरू जी, अंबेडकर जी किसी का अपमान नहीं होना चाहिए।

वाजपेयी की विरासत को ललकारा

नए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू के चित्र को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। पटवारी ने कहा कि 1977 में जब वाजपेयी जी विदेश मंत्री के रूप में अपना कार्यभार संभालने साउथ ब्लॉक के अपने दफ्तर गए तो उन्होंने नोट किया कि दीवार पर लगा पंडित नेहरू का चित्र गायब है। उन्होंने तुरंत अपने सचिव से पूछा कि नेहरू जी का चित्र कहां है, जो यहां लगा रहता था। उनके अधिकारियों ने ये सोचकर उस चित्र को वहां से हटवा दिया था कि इसे देखकर शायद वाजपेयी जी ख़ुश नहीं होंगे। वाजपेयी जी ने आदेश दिया कि उस चित्र को वापस लाकर उसी स्थान पर लगाया जाए जहां वह पहले लगा हुआ था। आज की भाजपा ने पंडित नेहरू का चित्र मध्यप्रदेश की विधानसभा से निकाल कर अपने ही पुरोधा वाजपेयी की विरासत को ललकारा है।

भाजपा ने किया पलटवार

भाजपा ने कांग्रेस के बयानों पर पलटवार किया है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अंबेडकर का बयान चित्र भारत के संविधान का चित्र है। संविधान निर्माता बाबा अंबेडकर है की नहीं, बाबा अंबेडकर के प्रति कांग्रेस की आस्था और विश्वास है की नहीं ? अंबेडकर करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र हैं, संविधान निर्माता है। संविधान निर्माता की फोटो विधानसभा में होना चाहिए या नहीं, कांग्रेस क्या बाबा अंबेडकर में गोडसे देखती है ? गांधी, बाबा अंबेडकर के प्रति हमारी आस्था है और रहेगी।


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