शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023

विधानसभा हारे, अब लोकसभा चुनाव लड़ने की रखते हैं इच्छा

भाजपा और कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों ने शुरू की कवायद


भोपाल। विधानसभा चुनाव हारने के बाद हारी हुई सीटों की समीक्षा के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर मैदानी सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया है। वहीं दोनों ही दलों के विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने को लेकर सक्रियता बढ़ाई है। ये टिकट की दावेदारी करने से भी नहीं चूक रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने विधानसभा चुनाव में हारी हुई सीटों की समीक्षा को लेकर बैठकें की। हार के कारण जाने। इस दौरान लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए भी हारे प्रत्याशियों से फीडबैक लिया। बैठकों में दोनों ही दलों के नेताओं ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारियों की बात कही। कोई खुलकर अपनी दावेदारी करता रहा तो कोई अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी करता नजर आया। कांग्रेस में हार की समीक्षा बैठक के बाद पूर्व केन्द्रीय ंमंत्री कांतिलाल भूरिया ने हारे प्रत्याशियों को लोकसभा में जीत की स्थिति देखते हुए मैदान में उतारने की बात कही। हालांकि भूरिया विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े थे, मगर टिकट ना मिलने से वे खुश भी नजर नहीं आए। अब वे खुद रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट के लिए सक्रियता बढ़ाते नजर आ रहे हैं। इसी तरह पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने की इच्छा रखते हैं। वहीं बुरहानपुर से हारे सुरेन्द्र सिंह शेरा भी अपनी इसी इच्छा के चलते सक्रियता बढ़ा रहे हैं। इनके अलावा कुछ और भी नेताओं ने लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारी कर अपने आकाओं को साधना ष्शुरू कर दिया है।
दूसरी और भाजपा में केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और सांसद गणेश सिंह को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा था। दोनों को हार मिली है। इसके चलते दोनों को अब लोकसभा में टिकट कटने की उम्मीद है। इसके चलते दोनों ही नेता अपने-अपने तरीके से चुनाव मैदान में उतारने के लिए संगठन और नेताओं को साधने में जुटे हैं। वहीं गोहद से चुनाव हारे पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य भी लोकसभा चुनाव लड़ना चाह रहे है। उनके अलावा सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी तो खुलकर मीडिया में चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी है।
ये विधायक बनकर भी बनना चाहते हैं सांसद
भाजपा में हरसूद विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने और फिर एक बार मंत्री बनने में कामयाब रहे मंत्री विजय शाह इस बार बैतूल सीट से लोकसभा चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमाना चाह रहे हैं। सूत्रों की माने तो उन्होंने चुनाव के दौरान ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। मंत्री विजय शाह अपने बेटे दिव्यादित्य शाह को हरसूद से विधायक बनवाना चाहते हैं, इसके लिए वे अपनी सीट छोड़कर सुरक्षित सीट बैतूल से लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरना चाह रहे हैं। इसी तरह नौ बार का चुनाव जीते पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी दमोह संसदीय सीट से मैदान में उतरने की इच्छा रखते है। वहीं पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह सागर से एक बार फिर सांसद बनने की इच्छा रख रहे हैं।

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