भोपाल। लोकसभा चुनाव के चलते इस बार मध्यप्रदेश सरकार का बजट जुलाई माह में आएगा। इसके चलते सरकार बजट के पहले शुरुआती चार माह तक राज्य सरकार के खर्च के इंतजाम के लिए लेखानुदान लाया जाएगा। इसमें सभी विभागों को आवश्यक होने पर वित्त विभाग के अफसरों के साथ डिस्कशन करने के लिए कहा गया है।लोकसभा चुनाव की फरवरी के अंतिम सप्ताह में या मार्च के पहले सप्ताह में लगने वाली आचार संहिता के मद्देनजर राज्य सरकार अगले वर्ष का वित्तीय बजट जुलाई में लाएगी। वित्त विभाग के निर्देश के मुताबिक 2023-24 के पुनरीक्षित अनुमान और वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान और लेखानुदान (अप्रैल 2024 से जुलाई 2024) के आंकड़े आईएफएमआईएस के बजट मॉड्यूल में देना है। इसमें प्राप्त होने वाले राजस्व और होने वाले खर्च दोनों के लिए पुनरीक्षित अनुमान और बजट अनुमान के आंकड़े बीसीओ स्तर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विभाग के अनुसार लेखानुदान पहले चार माह के लिए केवल आवश्यक खर्च के लिए ही लाया जा रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि विभाग के विभागाध्यक्ष, बजट नियंत्रण अधिकारी और वित्तीय सलाहकार बजट प्रस्तावों के लिए उत्तरदायी होंगे। विशेष तौर पर अनिवार्य और स्थापना संबंधी खर्च के सटीक आकलन का काम करना होगा।
आगामी वर्ष के वित्त बजट में प्रस्तावित योजनाओं में विभाग की ओर से किसी योजना या योजनाओं को समाप्त करने की आवश्यकता हो तो इसके लिए उप सचिव वित्त से चर्चा के बाद इसे लागू किया जा सकेगा। इस लेखानुदान में कोई नया खर्च या नई मद शामिल नहीं किया जाएगा।

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