भोपाल। नवगठित सोलहवीं विधानसभा के चार दिवसीय विशेष के पहले दिन आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने विधायक पद की शपथ ग्रहण की।सदन की कार्यवाही का संचालन सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) गोपाल भार्गव ने किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विधायक पद की शपथ ग्रहण की और आवश्यक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शपथ ली। शपथ ग्रहण करने के क्रम में वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वरिष्ठ सदस्य कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और अन्य सदस्यों ने इस कार्य को विधिसम्मत ढंग से पूर्ण किया। पूर्व मंत्री जयंत मलैया, अर्चना चिटनिस और अन्य सदस्यों ने भी विधायक पद की शपथ ली। विधायकों का ष्शपथ ग्रहण समारोह कल मंगलवार को भी चलेगा। वहीं 20 दिसंबर को विधानसभा के नए अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होगी। साथ ही इसी दिन राज्यपाल का अभिभाशण होगा।
राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा कौन बनेगा मंत्री
शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मीडिया से रूबरू हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों ने मेरे साथ शपथ ग्रहण की है। प्रशासनिक व्यवस्था अच्छी चले इसके लिए सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का प्रशिक्षण कराया जाएगा, ताकि सदन की कार्रवाई बेहतर ढंग से चल सके। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा कि मध्य प्रदेश में कौन-कौन मंत्री बनेंगे। राष्ट्रीय संगठन स्तर पर इसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष अपना सकारात्मक रवैये के साथ विधानसभा की कार्रवाई में सहयोग प्रदान करें और बेहतर योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाए।
पीढ़ी परिवर्तन को लें सकारात्मक रूप से
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि आज विधानसभा में बड़ा सुखद वातावरण रहा। ये पीढ़ी परिवर्तन का दौर है। मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं, उमंग सिंगार नेता प्रतिपक्ष हैं। इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैने 17 साल से ज्यादा प्रदेश की सेवा की है, लेकिन स्वाभाविक रूप से एक राज्य के नागरिक के नाते की है। मोहन यादव और ज्यादा बेहतर विकास के आयाम स्थापित करें। पूर्व मुख्यमंत्री ने आने वाली भूमिका को लेकर कहा कि भाजपा एक मिशन है और यह पार्टी तय करती है कि आप कहां काम करोगे। हमारा लक्ष्य लोकसभा की 29 सीट जीतना है।
विदेश में होने से कमलनाथ बाद में लेंगे शपथ
विधानसभा के पहले सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित कई बड़े नेता इस सत्र में दिखाई नहीं दिए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस सत्र में उपस्थित न हो पाने के लिए पहले से ही आवेदन किया हुआ है। विदेश प्रवास के चलते उन्होंने इस सत्र में अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी है। विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने कमलनाथ का आवेदन स्वीकार भी कर लिया है। इस बार सत्र में मौजूद न रहने के चलते कमलनाथ को बाद में अलग से शपथ दिलाई जाएगी।
निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने जाएंगे तोमर
भाजपा ने पहले से ही विधानसभा अध्यक्ष के लिए नरेन्द्र सिंह तोमर का नाम तय कर दिया था। कांग्रेस ने उन्हें समर्थन देने की बात कही है। माना जा रहा है कि तोमर निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने जाएंगे, इस पद के लिए आज उन्होंने अपना नामांकन भी भरा। निर्वाचन की प्रक्रिया 20 दिसंबर को कराई जाएगी। वहीं दूसरी ओर उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया सदन के अगले सत्र में कराए जाने की संभावना है। कांग्रेस इस पद को लेकर उम्मीद कर रही है कि भाजपा विपक्षी दल को यह पद देने की परंपरा के तहत कांग्रेस को यह पद देगी। मगर भाजपा ने फिलहाल इसे लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

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