कांग्रेस को विधानसभा उपाध्यक्ष पद मिलने की उम्मीद
भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद एक ओर जहां मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर मशक्कत जारी है। वहीं मंत्रिमंडल के जगह पाने और विधानसभा अध्यक्ष बनने के लिए भी दावेदारों की सक्रियता नजर आ रही है। दूसरी ओर कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष को लेकर दावेदारी भोपाल से दिल्ली तक सक्रिय नजर आ रहे हैं।
विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद अब 11 दिसंबर सोमवार को यह फैसला हो जाएगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। वहीं भाजपा के बड़ी संख्या में जीतकर आए विधायकों में मंत्री बनने के अलावा विधानसभा अध्यक्ष बनने के लिए भी होड़ नजर आ रही है। अधिकांश विधायकों के मन में यह आशंका है कि एक बार फिर उन्हें मंत्री पद से दूर रखा जा सकता है। ऐसे विधायक वे हैं जो तीन से पांच बार जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं। मगर पिछले कार्यकाल में भी मंत्री बनने का अवसर उन्हें नहीं मिला था। इसी तरह इस बार पार्टी ने कुछ वरिश्ठ हारे हुए विधायकों को प्रत्याशी बनाया था, जो जीतकर विधानसभा पहुंचे है। वे अपने अनुभव के अनुसार मंत्री पद चाहते हैं, मगर वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए उन्हें यह उम्मीद है कि उन्हें मंत्री पद से दूर रखा जा सकता है। ऐसे विधायकों में साठ से ज्यादा उम्र के विधायक हैं। ये विधायक अब विधानसभा अध्यक्ष बनने के लिए सक्रियता दिखा रहे हैं। भाजपा में जहां पहले विधानसभा अध्यक्ष बनने से विधायक बचते थे, वहीं अब इस पद के लिए करीब आधा दर्जन विधायक सक्रिय नजर आ रहे हैं। इनमें वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा सीताशरण ष्शर्मा तो हैं ही वहीं विंध्य और महाकौशल के अलावा निमाड़ अंचल के विधायक भी शामिल है।
नेता प्रतिपक्ष के लिए भी सक्रिय हुए दावेदार
कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है। इसके लिए कुछ दावेदार तो दिल्ली तक अपनी सक्रियता बढ़ा चुके हैं। कांग्रेस में इस पद के लिए वैसे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का नाम ष्शीर्श पर है। मगर वे प्रदेश अध्यक्ष होने के चलते पहले भी इस पद को छोड़ चुके हैं। इस लिहाज से उनका नाम फिलहाल आगे नजर नहीं आ रहा है। उनके अलावा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, रामनिवास रावत के अलावा आदिवासी वर्ग से बाला बच्चन और उमंग सिंघार का नाम सामने आ रहा है। ये चारों अपने स्तर पर सक्रिय हैं। उमंग सिंघार तो दिग्विजय सिंह को साधने का प्रयास कर ही रहे हैं, साथ ही दिल्ली में भी सक्रियता दिखा रहे हैं। वहीं बाला बच्चन को कमलनाथ पर भरोसा है।
विधानसभा उपाध्यक्ष मिलने की भी उम्मीद
दूसरी और कांग्रेस को इस बार उम्मीद है कि उसे भाजपा विधानसभा उपाध्यक्ष का पद दे सकती है। हालांकि इसकी उम्मीद कम नजर आ रही है। इसके पीछे कारण यह है कि भाजपा में ही इस बार विधायकों की संख्या इतनी है कि भाजपा मंत्री ना बनाए जाने से नाराज विधायकों को पद देने के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद अपने पास रख सकती है। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस को एक बार फिर निराशा ही हाथ लगेगी।

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