बुधवार, 13 दिसंबर 2023

दिल्ली में ही तय होंगे मंत्रियों के नाम, पुराने चेहरों पर संशय

सांसदों को मिल सकती है जगह, दिख सकते हैं नए चेहरे


भोपाल। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के ष्शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब नए मंत्रिमंडल गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। मंत्रिमंडल में पुराने चेहरों को लिया जाएगा या नहीं, इसे लेकर अब भी संशय बरकरार है। माना जा रहा है कि अधिकांश पुराने चेहरे इस बार मंत्रिमंडल से बाहर हो सकते हैं। वैसे मंत्रिमंडल गठन का भी खाका पूरी तरह से दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व ही तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि संगठन के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव चर्चा कर दिल्ली जाएंगे, जहां से नाम तय होंगे। 

भाजपा मुख्यमंत्री और उनके दो विधायकों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पद की आज शपथ ले ली। इसके बाद मंत्रिमंडल गठन को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई। साथ ही पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा या नहीं, इस पर संशय छाया हुआ है। भाजपा अभी गठित होने वाले मंत्रिमंडल में कुछ पुराने मंत्रियों के साथ कुछ नए विधायकों को भी शामिल करने की तैयारी कर रही है। मौजूदा कैबिनेट के 12 मंत्री चुनाव हार गए हैं, ऐसे में बाकी मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा या नहीं, इस पर संशय है। 

पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य में मंत्रियों के नाम फाइनल करेगा। इसमें कई चौंकाने वाले नाम होंगे जैसा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में हुआ था। संभावना है कि राव उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक और राकेश सिंह जैसे विधानसभा चुनाव जीतने वाले पूर्व सांसदों को नए मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। राष्ट्रीय सह-संगठन महासचिव शिवप्रकाश, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा और भाजपा विधायक दल के नेता मोहन यादव मंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम पर फैसला लेंगे। यादव और शर्मा दोनों दिल्ली जाएंगे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मंत्री पद के उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा करेंगे। इसके बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।

इन नामों की है चर्चा

भूपेन्द्र सिंह, तुलसी सिलावट, गोविंद राजपूत, ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, संजय पाठक, हरिशंकर खटीक, प्रद्युम्न सिंह तोमर, विजय शाह, प्रभुराम चौधरी, हरदीप सिंह डंग, रमेश मेंदोला, कृष्णा गौर, अर्चना चिटनीस , ओम प्रकाश धुर्वे, हेमंत खंडेलवाल, विष्णु खत्री, गायत्री राजे पवार, और निर्मला भूरिया। मंत्रिमंडल बनाते समय जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा। 


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