मंगलवार, 31 मार्च 2020

मजदूरों, छात्रों को दिलाएं भरोसा, करें खाने, रहने का इंतजाम



मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि देश के अलग-अलग राज्यों में रह रहे दूसरे राज्यों के छात्रों और मजदूरों को पहले यह भरोसा दिलाएं कि वे जहां हैं, वहां सुरक्षित हैं. उनके रहने और खाने की व्यवस्था की जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में छात्रों और मजदूरों की लाक डाउन के चलते हो रही परेशानी की ओर ध्यान आकर्षित किया है. कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में हम आपके साथ हैं तथा अपनी पूरी क्षमताओं के साथ इस विभीषिक के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार हैं. इसी संदर्भ में मैं आपके संज्ञान में यह बात लाना चाहता हूं कि इस वक्त मध्यप्रदेश सहित समूचे भारत के विभिन्न राज्यों में पलायन करने वाले मजदूरों एवं छात्रों के सामने भीषण संकट खड़ा हुआ है. ये जहां रहते हैं या काम करते हैं वहां उन्हें जीवन की बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है,  ही कोई उनहें भरोसा दिलाने वाला है. इन प्रवासी मजदूरों और छात्रों को पहले तो यह भरोसा दिलाएं कि वे जहां हैं उन्हेंं उस शहर या राज्य में रहने में किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी, उनके खाने और  रहने के इंतजाम किया जाएगा. 
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करके सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रहने और उनके खाने के लिए स्कूलों और धर्मशालाओं का प्रबंध किया जाए.  अपने घर जाने वाले लोगों के लिए तीन माह का राशन और 7500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से दो माह के पैसे दिए जाएं. इस पहल को आधार, बीपीएल कार्ड या किसी श्रमिक पंजीयन से न जोड़ा जाए. उन्होंने पत्र में लिखा है कि एक सक्रिय नियंत्रण कक्ष हर राज्य में खाद्य असुरक्षा, भुखमरी और पलायन के प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए बनाया जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस आपात स्थिति के लिए देश तैयार नहीं था, इसलिए हम इन मजदूरों, छात्रों को बेसहारा नहीं छोड़ सकते, हर हाल में उनकी मदद करनी होगी.
ताली थाली के लिए 3 दिन, लाक डाउन के लिए 3 घंटे
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर लाक डाउन करने के पहले समय न देने पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस द्वारा ट्वीट कर कहा है कि हमें एक दिन के कर्फ्यू और 5 मिनट के ताली, थाली के लिए 3 दिन दिए गए हैं, और 21 दिन के लाकडाउन के लिए केवल 3 घंटे. आखिर ये जनता को क्या समझते हैं. 16 तारीख को कोरोना बीजेपी के लिये डरोना था, जब 23 तारीख को मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बन गई तब कोरोना के लिये फुर्सत मिली, पर तब तक देर हो चुकी थी.

पांच दिन बाद घर पहुंचे सीएमएचओ ने बाहर बैठक पी चाय

राजधानी भोपाल में चल रहे लाक डाउन के चलते स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला 24 घंटे मुस्तैद है. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी दिन रात लोगों की सेवाओं में जुटे हैं. स्थिति यह निर्मित हो रही है कि आला अधिकारी भी इस विषम परिस्थिति में अपने परिवार से दूर रहे हैं. हालांकि सभी उच्च अधिकारी भोपाल में ही पदस्थ हैं और उनके निवास भी यही है. ऐसी स्थिति में ये अधिकारी भी अपने परिजनों से कोरोना संक्रमण के चलते दूरी बनाए हुए हैं. स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी सुरक्षा के सभी मापदंडों का पालन भी कर रहे हैं. सुरक्षा की दृष्टि से ये अपने परिजनों से दूरी बनाए हुए हैं. ऐसा ही उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब भोपाल सीएमएचओ डा. सुधीर डेहरिया पिछले 5 दिनों से अपने घर नहीं गए थे, वे लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर ही ध्यान दे रहे हैं. जब वे पांच दिन बाद अपने निवास पर पहुंचे तो उन्होंने परिजनों से दूरी बनाई और घर के अंदर भी नहीं गए.  उनका परिवार घर के दरवाजे की दूसरी तरफ खड़ा होकर केवल उन्हें देख रहा था. डाक्टर सुधीर घर पर अपने कुछ कपड़े लेने के लिए गए थे क्योंकि वे इस समय स्मार्ट सिटी के पास बने एक कमरे में रह रहे हैं. ताकि उन्हें कंट्रोल रूम पहुंचने में ज्यादा देर न हो, इस दौरान डॉ. सुधीर का खाना-पीना भी उसी घर पर हो रहा है. उन्होंने घर के बाहर बैठकर ही चाय भी और परिजनों से बातचीत. बाद में वे कपड़े लेकर वापस ड्यूटी पर लौट आए. इस दौरान उनके परिजनों का मन उदास था, बच्चे भी पिता की ओर देखते रहे, मगर उनके पास नहीं जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे अफसर को शत-शत नमन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने सोशल मीडिया पर डा. डेहरिया की प्रशंसा की. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि मिलिए डॉ. सुधीर डेहरिया से, जो भोपाल जिले के सीएमएचओ हैं. सोमवार को वो पांच दिन बाद घर पहुंचे, घर के बाहर बैठ कर चाय पी, घर वालों का हाल चाल लिया और बाहर से ही अस्पताल वापस हो गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर डेहरिया और इन जैसे हजारों-लाखों कोरोना वर्कर्स को मेरा शत-शत नमन. हमें आप पर गर्व है. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट के साथ डा. डेहरिया को फोटा भी जारी किया है, जिसमें वे चार पीते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनका परिवार उन्हें देख रहा है.

कोरोना हारेगा, इंदौर जीतेगा

 सख्ती के निर्देश देने के बाद इंदौरवासियों से माफी मांगी शिवराज ने

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या को देखते हुए निर्देश दिए हैं कि वहां पर हर तरह की सख्ती बरती जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इस अद्भुत शहर में कोरोना से बढ़ते संक्रमण का देखते हुए हम टोटल लाक डाउन कर रहे हैं. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि इंदौर के लोगों के स्वस्थ्य जीवन के लिए उन पर सख्ती की जाएगी. 
मुख्यमंत्री शिवराज ने इंदौर की जनता से अपील करते हुए  कहा कि है मेरी आपसे प्रार्थना है, हम इंदौर में सख्ती से टोटल लाक डाउन करेंगे, जो लोग पाजिटिव हैं उनको और उनके परिजनों को क्वारेंटाइन करेंगे, कोरोना हारेगा, इंदौर जीतेगा. आप घरों में रहें प्रशासन का सहयोग करें संकट बड़ा है, हौसला उससे भी बड़ा है, मैं माफी मांग रहा हूं हम सख़्ती करेंगे. आपके लिए इंदौर के लिए कृपया सहयोग करें कोई कष्ट हो तो माफ करिए.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इंदौर दुनिया का अद्भुत  शहर है, अपनी जागरूकता से आपने स्वच्छता में 3 बार देश में अव्वल स्थान बनाया है. आज हमारा प्यारा शहर कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ रहा है. आप से अपील है कोरोना को हमें हर हालात में हराना है. इसका एकमात्र उपाय है सोशल डिस्टेंसिंग, संपर्क की चैन को तोड़ना. मुख्यमंत्री ने इंदौर निवासियों से अपील की है कि वे कृपया कर अपने घर में रहे,  प्रधानमंत्री  द्वारा बताई गई लक्ष्मणरेखा का पालन करें. अति आवश्यक चीजें प्रशासन आपके घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. आप उत्सव प्रेमी हैं, लेकिन समय का तकाजा आप हैं कि आप घरों में रहें. प्रदेश में कोरोना वायरस के पाजिटिव केस आए हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के पाजिटिव प्रकरण आ रहे हैं. लेकिन ग्वालियर जबलपुर में यह ठीक भी हो रहे हैं, डरने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि  हमारे डॉक्टर नर्स पुलिस निगम सभी मिलकर के कोरोना से लड़ने के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
चार जोन में बांटा भोपाल को 
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण रोकने नई व्यवस्था लागू की गई है. भोपाल को चार जोन में बांटा गया है. पुराने भोपाल से नए और नए से पुराने भोपाल की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लोग चार जोनों में तफरी नहीं कर सकेंगे. प्रशासन द्वारा यह कदम लोग किसी ना किसी बहाने से पूरे भोपाल में लगातार घूमते देखने के बाद उठाया गया है. इसवजह से कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है.  किराना, दूध के नाम पर बेवजह घूमने वालों को भी अब पुलिस नहीं बख्शेगीबिना अनुमति कोई सड़क पर मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आज मंगलवार से भोपाल शहर में चार पहिया वाहन चालकों के साथ भी सख्ती की गई. मेडिकल इमरजेंसी में किसी को नहीं रोका जाएगा. 
गिरफ्तारी कर किया जाएगा प्रकरण दर्ज 
भोपाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जब तक मेडिकल इमरजेंसी न हो तो घर से बाहर न निकलें. पुलिस आपके खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार भी कर सकती है. एडीजी भोपाल रेंज उपेंद्र जैन ने बताया कि ऐसे लोगों को खासकर आरोपी बनाया जाएगा, जो बार-बार या अपना मोहल्ला छोड़कर दूसरे किसी मोहल्ले में किराना या सब्जी लेने पहुंचेंगे. तकरीबन सभी मोहल्लों में प्रशासन की ओर से सब्जी भेजी जा रही हैं और उन इलाकों में किराना दुकानें भी हैं. ज्यादातर लोग कुछ दिनों के हिसाब से किराना-सब्जी खरीद लेते हैं, इसलिए इस बहाने से घूमने वालों पर अब सख्ती की जाएगी. एडीजी ने कहा कि जब तक मेडिकल इमरजेंसी न हो, लोग अपने घरों से बाहर न निकलें.

रविवार, 29 मार्च 2020

मानवता की दूत बनी मध्यप्रदेश पुलिस

 श्रमिकों और अन्य लोगों को भोजन उपलब्ध कराकर भेज रही उनके गंतव्य स्थल तक


पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं लोगों को सुरक्षा देने का काम ही नहीं करती, संकट के समय समाज का संबल भी बनती है. वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में मध्यप्रदेश पुलिस के जवान मानवता के दूत बनकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं. लाकडाउन की वजह से यहां वहां फस गए श्रमिकों एवं अन्य लोगों को भोजन मुहैया कराने कराने के साथ-साथ उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में पुलिस मदद कर रही है.
फसल कटाई एवं अन्य प्रकार की मजदूरी के लिए आए लाकडाउन की वजह से विभिन्न स्थानों पर फस गए 1834 श्रमिकों को मंदसौर पुलिस ने सहृदयता का परिचय देकर वाहनों से रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ तक पहुंचाने में मदद की. इससे पहले सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया, मास्क मुहैया कराए. साथ ही भोजन भी कराया. इसी तहर फसल कटाई करने के लिए पन्ना जिले के ग्राम जरगवां से दमोह गए दो दर्जन श्रमिकों को लाकडाउन की वजह से पैदल-पैदल वापस लौटना पड़ा. इन असहाय श्रमिकों को पवई थाना पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर उनके घर तक पहुंचाया. साथ ही उनके खान-पान की व्यवस्था भी की. श्योपुर जिले की यातायात पुलिस ने गुजरात से लौटकर आए नागरिकों को भोजन कराया और उनकी घर तक पहुंचाने में मदद की.
शहडोल व सीधी जिले के निवासी लगभग 70 व्यक्ति लाकडाउन की वजह से रीवा रेलवे स्टेशन पर फस गए. इन सभी लोगों को रीवा पुलिस ने स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की मदद से खाना खिलाया और बस द्वारा संबंधित जिले के लिए रवाना किया. आर्मी भर्ती परीक्षा देकर लौटे लगभग 80 अभ्यर्थियों को रीवा पुलिस ने भोजन कराकर बस द्वारा इन सभी को उनके निवास स्थान छतरपुर, पन्ना व आगर मालवा जिले के लिए रवाना किया. साथ ही इसकी सूचना संबंधित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दी.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल-पैदल सुदूर स्थित अपने घरों के लिए जा रहे श्रमिकों को ग्वालियर जिले की सिरोल थाना पुलिस ने स्थानीय स्वंयसेवी व समाजसेवी संगठनों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था की. साथ ही झांसी तक पहुंचने के लिए बस की व्यवस्था भी की. सभी श्रमिकों को कोरोना वायरस से बचने के उपाय भी बताए.
टीकमगढ़ जिले की ओरछा थाना पुलिस ने भी इसी तरह असहाय श्रमिकों को भोजन कराया. गुना जिले की कैंट थाना पुलिस ने राजस्थान से लौटे 40 श्रमिकों को भोजन कराने के बाद वाहन से आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा तक पहुंचाया. बैतूल शहर में दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र से प्रदर्शनी लगाने आए 47 फुटकर कारोबारी लाकडाउन की वजह से असहाय हो गए. पुलिस ने इन सभी के लिए राशन व गैस टंकी का इंतजाम किया. साथ ही उनके रहने की व्यवस्था भी कराई. इसी तरह भोपाल जिले की टीटी नगर, छोला मंदिर, चूना भट्टी, कमला नगर व सूखी सेवनियां पुलिस ने जरूरतमंदो को खाने के पैकेट व अन्य खाद्य सामग्री एवं मास्क मुहैया कराए. दतिया जिले की सोनागिर पुलिस ने भी लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फस गए श्रमिकों को भोजन कराया

आपकी सब्जी, आपके द्वार के तहत लोगों को मिलेगी सब्जी


 21 दिनों के लाकडाउन के चलते लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है, लेकिन भोपाल जिला प्रशासन भी लगातार लोगों की परेशानियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है. अब जिला प्रशासन ने एक खास पहल कर आपकी सब्जी, आपके द्वार के तहत लोगों के घर पर सब्जी उपलब्ध कराने का फैसला लिया है.
लोगों को लाकडाउन के चलते रोजमर्रा की सामग्री खासकर सब्जी के न मिलने की परेशानियों को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने एक खास पहल  की है. आप की सब्जी आपके द्वार पर, के जरिए अब लोगों को सब्जी घरों तक पहुंचाएगी. इसके लिए खास तैयारी किए हैं. जिला प्रशासन ने 450 रूट तैयार किए हैं. इन रूटों पर लोडिंग आटो में फुटकर सब्जी विक्रेता सब्जी बेचेंगे.  लोडिंग आटो चालकों के साथ नगर निगम का प्रशासनिक अमला मौजूद रहेगा. इसके पीछे प्रशासन का मानना है कि  लोगों को उचित मूल्य पर ही सब्जी उपलब्ध कराई जाए.  सब्जी के दाम लोडिंग आटो पर दर्ज होंगे. 
गौरतलब है कि लाकडाउन के चलते निर्धारित समय में एक ओर जहां लोगों में सब्जी खरीदने को लेकर होड़ मच जाती है तो वहीं दूसरी ओर सोशल डिस्टेंडिंग का भी कोई ध्यान नहीं रखते है. इसके साथ ही कई जगहों में सब्जी व्यापारी मनमाने दाम में बेच रहे हैं. इन सब बातों को ध्यान में रखकर प्रशासन ने आप की सब्जी आपके द्वार पर की पहल की है.

क्वारेंटाइन आइसोलेशन से मना किया तो दर्ज होगी एफआईआर


कोरोना वायरस के संदिग्ध या फिर पाजीटिव मरीज ने क्वारेंटाइन आइसोलेशन से मना किया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. जिला कलेक्टर को इसके अधिकार दिए गए हैं. इसके तहत संस्था, परिसर या मकान मालिक क्वारेंटाइन आइसोलेशन से मना नहीं कर सकेगा. अगर ऐसा किया गया तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी.
प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने के सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है. इसके तहत मध्यप्रदेश डिसीसिस एक्ट 2020 में प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत नियम भी बनाए गए हैं, जिसे लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है. यह नोटिफिकेशन अगले साल तक के लिए लागू होगा. नोटिफिकेशन में उल्लेखित प्रावधानों के उल्लंघन पर आईपीसी की धाराओं के तहत संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. एक्ट में कई प्रावधान किए गए हैं.
इन प्रावधानों में कोई भी नर्सिंग होम क्लीनिक और अन्य केंद्रों को कोविड-19 का संदिग्ध और पाजिटिव प्रकरण की सूचना आते ही जिले की एकीकृत बीमारी सतर्कता एकता इकाई को देना होगी. कोविड-19 को लेकर भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी मध्यप्रदेश में भी लागू मानी जाएगी. इसके अलावा कलेक्टर की अध्यक्षता में इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति बनेगी. कलेक्टर आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा सकेंगे.
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त, डीएमई, कलेक्टर की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था कोविड-19 के प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में जानकारी नहीं देगा. सभी क्षेत्र के सभी विभागों के कर्मचारी रोकथाम के लिए कलेक्टर, एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय अधिकारी की सेवा में रहेंगे.

कमलनाथ की अपील, मदद के लिए आगे आएं कांग्रेसी


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में चल रहे कोरोना वायरस के संकट के समय में कांग्रेस विधायकों और जनप्रतिनिधियों से लोगों की मदद करने की अपील की है. उन्होंने प्रदेश की जनता के नाम पत्र लिखा है साथ ही उन्होंने सभी लोगों से संयम बरतते हुए लाकडाउन के नियमों का पालन करने की भी अपील की है ताकि सभी लोग सुरक्षित रहें.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जनता के नाम पत्र में लिखा है कि यह सभी लोग जानते हैं कि विश्व घातक कोरोना वायरस की महामारी का सामना इस समय सभी जगह किया जा रहा है. भारत भी अब इस महामारी से जूझ रहा है, क्योंकि यह बीमारी एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में फैलती है और निर्जीव चीजों पर भी कुछ समय के लिए यह वायरस जिंदा रहता है. इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में 21 दिनों के लिए लाकडाउन घोषित किया गया है, यही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने का सबसे कारगर तरीका है. हम सब एक दूसरे से सामाजिक रूप से कुछ दिनों के लिए दूरी बनाए रखें. बहुत जरूरी होने पर घर का सिर्फ एक सदस्य ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं या दवाई लेने के लिए बाहर निकले.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसी पत्र के माध्यम से आगे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा है कि मैं खासकर कांग्रेस पार्टी के चुने हुए विधायकों, स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों तथा कांग्रेस के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों से आग्रह करता हूं कि ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में जब समूची मानव जाति अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, तब आप लोगों का दायित्व समाज के प्रति और भी बढ़ जाता है. आपसे अनुरोध है कि स्थानीय प्रशासन से सामंजस्य कर आप सब अपने सामाजिक दायित्व के निर्वहन में लग जाइए. चाहे घर से बाहर न निकलने की जन जागृति हो या आवश्यक वस्तुओं की घर पहुंच सेवा, प्रशासन के सुझाव लेकर आप जुटें. आप अपना टेलीफोन नंबर भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध करा सकते हैं, ताकि कोई जरूरतमंद आपको संपर्क कर सहायता ले सके.

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

मध्यप्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 27

भोपाल और इंदौर में भी बढ़े मरीज

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है. आज राजधानी भोपाल और इंदौर में फिर नए मरीज मिले हैं. राजधानी भोपाल में 1 मरीज और इंदौर में 6 व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. अब तक प्रदेश में 27 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2 की मौत हुई है.
मध्यप्रदेश में लगातार कोरोना वायरस  के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. गुरुवार को जहां इसके 21 मरीज थे, वहीं आज शुक्रवार को इनकी संख्या बढ़कर 27 हो गई है. राजधानी भोपाल में भी आज एक और नया मरीज मिला है.  राजधानी के अशोका गार्डन क्षेत्र में रहने वाले रेलवे में गार्ड को कोरोना वायरस संक्रमण होने की पुष्टि हुई है. वे झांसी, नागपुर और औरंगाबाद रेलवे लाइन पर ट्रेन में चलते थे. लगातार बाहर रहने के चलते युवक ने खुद की जांच कराई थी, जिसमें कोरोना वायरस संक्रमित होना पाया गया है. बाद में युवक को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. इसके पहले राजधानी में दो मरीज इस बीमारी के पाए गए थे. उनका इलाज चल रहा है.
राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ रही है.  गुरुवार को इंदौर में 9 मामले थे, जो आज बढ़कर 15 हो गए. इसके पहले कोरोना वायरस से दो संक्रमितों की मौत हो चुकी है.  एमजीएम मेडिकल कालेज द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार गुरुवार रात जो नए 5 मरीज मिले हैं, इनकी हालत स्थिर है. मंगलवार और बुधवार रात को जो 10 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे, उनके नजदीकी और करीबी लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. इनके संपर्क में 29 लोगों के आने की बात सामने आई, जबकि देर रात मिले मरीजों से 40 लोग मिले या उनके साथ रहे. इस तरह से 69 की स्क्रीनिंग की जा रही है. वहीं प्रशासन ने कैंटोनमेंट (निषेध) एरिया में किसी भी व्यक्ति को बाहर आने-जाने नहीं दिया जा रहा है. इन इलाकों के आठ हजार से ज्यादा लोग होम क्वारेंटाइन कर दिए गए हैं.

15 फरवरी के बाद किस जिले में आए कितने लोग
इंदौर 4415, भोपाल 2605, जबलपुर 725, ग्वालियर 689, उज्जैन 605,  रतलाम 510,   खंडवा 212, नीमच 206, सागर 205,  होशंगाबाद 197, छतरपुर 195, सतना 156, कटनी 153,   सीहोर 135, धार 134, देवास 122,  छिंदवाड़ा 98,विदिशा 77,  गुना 67, रीवा 60, खरगौन 51,   नरसिंहपुर 47,    मंदसौर 45, शिवपुरी 43, रायसेन  29,  टीकमगढ़ 28, मुरैना 20,  उमरिया 20, झाबुआ 14,  हरदा 13,  सिंगरोली 13,    राजगढ़ 12,   सीधी 12, दमोह 9,  पन्ना 7,   भिंड 5, दतिया 3,डिंडोरी 3,  शहडोल 1 हैं.  कुल 12125 लोग विदेश से लौटे हैं.  
  


















घर में पूजा, घर में नमाज



कोरोना वायरस के चलते देश भर में चल रहे लाक डाउन के कारण प्रशासन की सख्ती के चलते नवरात्रि पर्व के चलते मंदिर बंद हैं, वहीं आज शुक्रवार की नमाज भी मुस्लिमों ने अपने घरों में अदा की. मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा आज शुक्रवार को घर में ही नमाज पढ़ने की बात कही गई थी. 
राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस के कारण चल रहे लाक डाउन और कर्फ्यू को देख जिला प्रशासन ने कल गुरुवार को धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर यह तय किया था कि शुक्रवार को होने वाली नमाज घरों में अदा की जाए. मस्जिदों में लोग नहीं पहुंचे. इसके चलते शहर काजी मुस्ताक अली ने सभी मुस्लिम धर्मावलंबियों से आग्रह किया था कि वे घरों में नमाज अदा करे. साथ ही इसकी सूचना भी सभी मस्जिदों में दे दी गई थी. इसके बाद आज राजधानी में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने घरों में नमाज अता की. गौरतलब है कि राजधानी में 288 रजिस्टर्ड मस्जिदें हैं, इसके अलावा अन्य छोटी-बड़ी मस्जिदों सहित करीब 5 सौ मस्जिदें हैं, जहां पर आज शुक्रवार की नमाज सामूहिक रुप से नहीं पढ़ी गई.
वहीं चैत्र नवरात्रि के चलते पहले दिन से ही शहर के सभी मंदिर बंद हैं, इसके चलते श्रद्धालु मंदिर न जाकर घरों में ही पूजा अर्चना कर रहे हैं. राजधानी में नवरात्रि के दौरान सोमवारा चौक स्थित भवानी माता मंदिर और तलैया थाना क्षेत्र स्थित काली माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मगर इस बार कोरोना वायरस के कारण चल रहे लाक डाउन के चल

ते लोग घरों में ही पूजा पाठ कर रहे हैं. हालांकि कुछ श्रद्धालु  मंदिर पहुंचते हैं और बाहर से ही मां की आराधना कर वापस घर लौट जाते हैं.
सामूहिक नमाज करने पर दर्ज किए प्रकरण
राजधानी में जिला प्रशासन और धर्मगुरुओं की बैठक में तय करने के बाद गुरुवार की रात को राजधानी के टीला जमालपुरा में एक मुफ्ती द्वारा घर पर 25-30 लोगों को सामूहिक नमाज पढ़ाने के चलते मुफ्ती सहित 25-30 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर लिए. पुलिस के अनुसार शाहिद हुसैन के मकान में ये लोग रात 8 बजे नमाज पढ़ने पहुंचे थे. इसकी सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस ने वहां पहुंचकर सभी को समझाइश दी और सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिए. इसके पूर्व पुलिस ने तलैया थाना क्षेत्र में जैनब मस्जिद इस्लामपुरा के इमाम और मोअज्जिन सहित 27- 28 लोगों के खिलाफ मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने को लेकर प्रकरण दर्ज किया था.

लाक डाउन के साथ ही बारिश का कहर

मध्यप्रदेश राजधानी सहित कई स्थानों पर बारिश, गिरे ओले

प्रदेश में एक ओर तो कोरोना का बढ़ता प्रकोप लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है, वहीं मौसम में आए बदलाव के साथ रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है. राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में आज सुबह से तेज बारिश हुई, जिससे किसानों की फसल पर सीधा असर पड़ा है. तेज हवा के साथ हुई बारिश से कई जिलों में गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई है.
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के अलावा बदले मौसम के चलते हो रही बारिश ने किसान और आम जनजीवन को प्रभावित किया है. कई स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे जिससे फसल चौपट हो गई. इस बारिश से किसानों की कमर टूट गई और भारी नुकसान पहुंचा है.  अनेक क्षेत्र में बारिश होंने से किसानों की पकी हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है. प्रदेश में गुरुवार की रात से बिगड़ा मौसम किसानों के लिए कहर ढा गया है. आज शुक्रवार सुबह भी तेज हवा के साथ राजधानी भोपाल के अलावा सीहारे, विदिशा, हरदा, इटारसी, रायसेन, होशंगाबाद, रतलाम जिलों में वर्षा हुई. जिलों में ओले भी गिरे, एक पखवाड़े के अंदर दूसरी बार ओले गिरने से गेहूं की फसलों को खासा नुकसान हुआ है. विदिशा के ग्राम देवखजूरी में तेज बारिश के साथ 15 मिनट तक गिरे हल्के ओले, ग्राम नाथपुरा ग्राम पंचायत कोलुआ तहसील शमशाबाद जिला विदिशा में बारिश के साथ फसल आड़ी पड़ गई है. इसके अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले के मिहोना और दबोह में गरज-चमक के साथ बारिश हुई. प्रदेश के आगर जिले में गुरुवार को भी ओले गिरे थे, इसके बाद आज भी वहां पर बारिश के साथ ओले गिरने से किसान की संतरे के अलावा गेहूं की फसल खराब होने की खबरें आ रही है. 
इन जिलों में हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उज्जैन एवं इंदौर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर संभागों के जिलों में कुछ स्थानो पर चंबल एवं सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई.  बीते 24 घंटों में आगर, महिदपुर में 3 सेमी, शाजापुर, सारंगपुर, खंडवा और कुक्षी  में 2 सेमी, बागली, देवास, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, मंदसौर, मनासा, नीमच, राजगढ़ रतलाम, सीहोर, लटेरी, खाचरौद, टिमरनी में 1-1 सेमी बरसात हुई. बीते 24 घंटों में होशंगाबाद, भोपाल, एवं उज्जैन संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान काफी गिरा.  शेष संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नही हुआ. जबलपुर एवं भोपाल संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम होशंगाबाद, ग्वालियर एवं उज्जैन संभागों के जिलों में सामान्य से कम तथा शेष संभागों के जिलों में सामान्य रहा. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस खरगौन में दर्ज किया गया.
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में राज्य के ग्वालियर, चंबल, सागर, भोपाल संभागों के जिलों में तथा नीमच, मंदसौर, आगर एवं शाजापुर जिलों में कुछ स्थानों वर्षा या गरज चंमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसी तरह रीवा, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, होशंगाबाद संभागों के जिलों में तथा रतलाम एवं उज्जैन जिलों में कहीं-कहीं बरसात हो सकती है. आगामी 24 घंटों में राज्य के सागर, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में तथा रीवा, सतना, जबलपुर, विदिशा, रायसेन, खरगौन, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, होशंगाबाद एवं बैतूल जिलों में कहीं-कहीं गरज चंमक के साथ तेज हवा 40-50 प्रतिघंटा की गति से चल सकती है. इसके साथ ही अल्पकालिक ओलावृष्टि हो सकती है.

मंत्रिमंडल गठन पर कोरोना का संकट

दावेदार विधायक और सिंधिया समर्थक हो रहे बेताब

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना संकट के चलते मंत्रिमंडल गठन नहीं कर पा रहे हैं. इसके चलते भाजपा के दावेदार विधायक और सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक जिन्हें मंत्री बनाने का आश्वासन मिला था, बेताब हो रहे हैं. कोरोना के चलते चल रहे लाक डाउन को लेकर यह माना जा रहा है कि अब मंत्रिमंडल का गठन 14 अप्रैल के बाद ही होगा.
राज्य में कांग्रेस की सरकार को गिराने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली, मगर वे अब तक अपना मंत्रिमंडल गठन नहीं कर पाए हैं. हालांकि उनका कहना है कि पहले चुनौती वैश्विक महामारी कोरोना वायरस है, इसके बाद सबकुछ. याने यह साफ है कि फिलहाल वे 14 अप्रैल तक मंत्रिमंडल गठन को टालने का प्रयास कर रहे हैं. लाक डाउन के खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल गठन की संभावना जताई जा रही है. दूसरी ओर कांग्रेस से विधायकी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थकों की चिंता भी अब बढ़ने लगी है. कांग्रेस से जिन विधायकों ने सरकार को गिराने में विधायक पद से इस्तीफे दिए थे, उनमें से आधा दर्ज विधायकों को मंत्री बनाया जाने का आश्वासन भाजपा की ओर से दिया जाना बताया जा रहा है. इनमें सिंधिया समर्थक तुसलीराम सिलावट को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है. मगर अब जबकि शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल गठन को लेकर चर्चा ही नहीं कर रहे हैं, तो भाजपा के दावेदार विधायकों में भी चिंता बढ़ी हुई है.
संगठन के लिए चुनौती बना गठन
मंत्रिमंडल का गठन वैसे तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को करना है, मगर भाजपा का संगठन भी इसमें अहम भूमिका निर्वाह करता है. इस वजह से संगठन के सामने भी यह चुनौती बन गया है कि वह भाजपा विधायकों जिनमें से बड़ी संख्या में पूर्व मंत्री हैं, उनमें से किसे मंत्रिमंडल में शामिल करे और किसे नहीं. वहीं सूत्रों की माने तो सिंधिया समर्थक जिन विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफे दिए थे, उनमें से आधा दर्जन विधायकों को मंत्री बनाने की बात तय हुई है. अब संगठन इस बात को लेकर चिंंतित है कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के कद्दावर नेताओं की नाराजगी भी संगठन के सामने आएगी.
पूर्व मंत्री ने किया कटाक्ष
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मंत्रिमंडल गठन न किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि  कोरोना को लेकर जहां देश के दूसरे राज्यों की सरकारें तमाम कदम उठा रही है, वहीं शिवराज सिंह अब तक अपना मंत्रिमंडल गठित नहीं कर पाए हैं. वर्मा ने कोरोना वायरस को लेकर चिंता जताई और कहा कि संकट के इस समय में प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री ही नहीं है. उन्होंने कहा कि क्या मंत्रिमंडल को लेकर सौदेबाजी जारी है. विपदा के समय में प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री ही नहीं है. इसलिए राज्यपाल को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए.

कमलनाथ ने कहा राहत पैकेज दे सरकार



पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों एवं रोजना कमाकर जीवन यापन करने वालों के लिए राहत पैकेज की मांग की है.
अपने पत्र में कमलनाथ ने कहा है कि सर्वविदित है कि आज देश कोरोना वायरस की महामारी से उत्पन्न एक अप्रत्याशित चुनौति का सामना कर रहा है और मध्यप्रदेश भी इस विषम परिस्थिति के समक्ष खड़ा है. कोरोना से बचाव के लिए मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में लाकडाउन प्रभावशील है. इस महामारी की रोकथाम के लिए यह लाकडाउन अत्यंत आवश्यक भी है.  पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि यहां यह उल्लेख करना भी अत्यंत प्रासंगिक एवं आवश्यक है कि लाक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण आमजन के समक्ष विषय स्थितियां निर्मित हो रही है. प्रदेश में लाक डाउन लागू होने के कारण दिहाड़ी पर काम कर आजीविका चलाने वाले श्रमिक वर्ग के व्यक्तियों की आय बंद हो गई है और वे अपने परिवार के जीवन यापन के लिए दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं को भी क्रय नहीं कर पा रहे है. यही स्थिति प्रदेश के लाखों छोटे व्यापारियों, जैसे परचून दुकानदार, मोटर मैकेनिक, साईकिल पंचर बनाने वाले, मोची, कुम्हार, पान दुकानदार आदि की भी है. प्रदेश के ऐसे निम्न आय वर्ग के परिवारों के समक्ष जीवन का संकट खड़ा होने लगा है. 
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश के ऐसे गरीब एवं अवंचित वर्ग के व्यक्तियों के जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना राज्य शासन का दायित्व है. मैंने कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहते हुए तीन माह का राशन और एक माह का मुफ्त राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने के निर्देश दिए थे. आशा है कि आप उसका पालन कराएंगे. जहां ऐसी विषम परिस्थितियों में विश्व के अन्य देशों द्वारा अपने देश के नागरिकों के लिए अनेक सुविधाएं एवं पैकेज प्रदान किए जा रहे है, वहीं मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा अब तक प्रदेश के अपवंचित वर्गों को वास्तविक राहत देने के लिए कोई वृहद पैकेज जारी नहीं किया गया है. प्रदेश में मनरेगा योजना के एक करोड़ से अधिक सक्रिय जाबकार्डधारियों के परिजनों को कोई पृथक राहत पैकेज नहीं दिया गया है. कर्मकार मण्डल के अंतर्गत पंजीबद्ध श्रमिकों को भी नाम मात्र की राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है जो कि अत्यंत न्यून है. पत्र में कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आग्रह किया है कि प्रदेश के श्रमिकों, छोटे व्यापारियों एवं अन्य कमजोर वर्गों के व्यक्तियों के जीवन के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए राहत पैकेज के रूप में आगामी दो माह के लिए न्यूनतम 7500 रुपए प्रतिमाह की राशि स्वीकृत कर तत्काल वितरित की जाए.
किसानों की झूठी चिंता कर रहे कमलनाथ
पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नारोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर किसानों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा है. मिश्रा ने कहा है कि कमलनाथ अब किसानों की चिंता कर रहे हैं, 15 महीने जब सरकार थी, तब तो वल्लभ भवन में पांचवी मंजिल पर आइसोलेशन में थे. किसानों से कर्जा माफी का झूठा वादा कर सत्ता में आए थे. उन्होंने अपने 15 महीने की सरकार में एक काम भी ऐसा नहीं किया, जो मिशाल बने. अब किसानों की झूठी चिंता कर रहे हैं. 

गुरुवार, 26 मार्च 2020

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या हुई 21


मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बुधवार को इन मरीजों की संख्या 15 थी, वहीं आज बढ़कर 21 हो गई है. इसके अलावा इंदौर में आज एक संदिग्ध मरीज की मौत भी हुई.
मध्यप्रदेश में लाक डाउन के अलावा कई जिलों में कार्फ्यू के बाद भी कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब तक राज्य के छह जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी और उज्जैन जिलों में संक्रमितों की संख्या अब 21 हो गई है. इनमें सबसे ज्यादा संख्या इंदौर में 10 हैं.  इनमें एक संक्रमित महिला की बुधवार को मौत हो गई थी. इसके अलावा जबलपुर में 6, भोपाल में 2, शिवपुरी में 2 और ग्वालियर में 1 मरीज इस बीमारी से संक्रमित है. आज इंदौर में एक और संदिग्ध की इलाज के दौरान मौत हो गई. संदिग्ध की अभी रिपोर्ट नहीं आई है. 
एमजीएम मेडिकल कालेज से जारी कोरोना बुलेटिन में बताया गया कि गुरुवार सुबह उज्जैन के ऋषिनगर में रहने वाले 47 साल के व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई. मरीज को उज्जैन के सिविल अस्पताल से इंदौर के लिए रैफर किया गया था. इसके बाद वह 25 मार्च को एमआर टीबी अस्पताल में भर्ती हुआ था. मरीज को सांस लेने में परेशानी थी. वह सर्दी, खांसी और बुखार से भी पीड़ित था. मरीज को अन्य कोई बीमारी नहीं थी. मरीज का कोई ट्रेवल और कांटेक्ट हिस्ट्री होना नहीं बताया गया. कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिल पाई है. उसका एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाई से उपचार किया गया.
शिवपुरी में मिला एक और मरीज
शिवपुरी जिले में कोरोना वायरस का संक्रमित एक और मरीज मिला है. इसके बाद जिले में इस बीमारी के संक्रमितों की संख्या 2 हो गई है. युवक हाल ही में हैदराबाद से शिवपुरी लौटा है. इसकी जांच रिपोर्ट आज पाजीटिव आई है.   शिवपुरी के सीएमएचओ ने की इसकी पुष्टि  की है. युवक शिवपुरी जिले के खनियांधाना क्षेत्र का रहने वाला है. शिवपुरी जिले के सीएमएचओ डा. एएल शर्मा ने बताया कि पाजीटिव निकला युवक कुछ दिनों पहले हैदराबाद से लौट कर आया था और उसे सर्दी खांसी और बुखार की शिकायत थी.
890 को रखा आइसोलशेन में
डा. वीणा सिन्हा अपर संचालक संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने बताया कि प्रदेश में 25 मार्च तक कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आने वालों की संख्या 1422 थी. इनमें से 890 यात्री अपने घरों में आइसोलेशन में रखे गए. 435 यात्रियों को सर्विलेंस पूरा हो चुका है. 178 संभावित प्रकरणों के सम्पल जांच के लिए एनआईवी पुणे, इंदिरा गांधी शासकीय मेडिकल कालेज नागपुर, एम्स भोपाल और एनआईआरटीएस जबलपुर भेजे गए हैं. 

25 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराएगी भाजपा

सामाजिक संस्थाएं पहुंचा रही नगर निगम के माध्यम से खाना

लाक डाउन के चलते गरीब, मध्यम वर्ग के लोगों के अलावा अन्य लोगों को भाजपा भोजन उपलब्ध कराएगी. भाजपा कार्यकर्ता मंडल स्तर तक लोगों को शुद्ध भोजना उपलब्ध कराने का काम करेंगे. प्रदेश भाजपा ने 25 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है. वहीं राजधानी में नगर निगम की 4 टीमों द्वारा सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से गरीब वर्ग के लोगों और सार्वजनिक स्थल पर रह रहे बेशहरा लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
मध्यप्रदेश में लाक डाउन के चलते कई स्थानों पर गरीब, मध्यम वर्ग और कुछ अन्य लोग जिन्हें भोजन न मिलने की बातें सामने आ रही थी, उनके लिए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर मध्यप्रदेश भाजपा संगठन ने मंडल स्तर तक शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है. भाजपा कार्यकर्ता मंडल स्तर पर शुद्ध भोजन उपलब्ध  कराएंगे.  भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है कि कोरोना वायरस का कहर दुनिया ही नहीं, हमारे देश और प्रदेश में भी बढ़ता जा रहा है, जिसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार सभी तरह के उपाय किए जा रहे हैं. 
 शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को मंडल स्तर पर केवल 5 लोगों को ही चुना गया है, ये सभी पांच लोग चयनित किए जा चुके हैं और उन्हें उनका कार्य समझा दिया गया है. प्रदेश भर में 5-5 कार्यकर्ता अपने मंडल स्तर पर जाकर जरूरतमंद लोगों को भोजन बाटेंगे. इस तरह से प्रदेश में करीब 25 लाख लोगों तक भोजन पहुंचाना हमारा लक्ष्य है.
उन्होंने कहा कि लोगों से भी अपील करते हैं कि वह किसी प्रकार की चिंता न करें और घर में ही रहें, इस बीमारी को घर में रहकर ही हराया जा सकता है, बाहर निकलने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर सभी लोग इसका पालन कर रहे हैं. प्रदेश में किसी प्रकार की कोई भी चीज की कमी नहीं आने दी जाएगी और लोगों तक हर सुविधा पहुंचाने का काम प्रदेश सरकार करेगी.
नगर निगम ने संस्थाओं के साथ वितरित किया भोजन
नगर निगम भोपाल में आज से समाजसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर गरीब वर्ग के लोगों को भोजन वितरण करना शुरु कर दिया है. नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर रह रहे लोगों को यह भोजन वितरित किया गया है. नगर निगम द्वारा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन के अलावा अन्य उन स्थलों पर जहां पर गरीब और बेशहरा लोग रहे थे उन्हें नगर निगम के कर्मचारियों ने उनके पास पहुंचकर भोजन और पानी उपलब्ध कराया. नगर निगम द्वारा बनाई गई 4 टीमों के द्वारा यह कार्य  राजधानी में आज से शुरु किया गया है. नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि हमारा कर्तव्य है कि लाक डाउन के चलते कोई भूखा न रहे और इसमें सामाजिक संस्थाएं भी हाथ बंटा रही है.

चेक पोस्ट पर नहीं रोके जाएंगे माल वाहन

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्देश पर परिवहन आयुक्त वी. मधु कुमार ने सभी परिवहन चेकपोस्ट प्रभारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी माल वाहन को चेक पोस्ट पर ना रोका जाए.
परिवहन आयुक्त मधु कुमार के अनुसार वर्तमान आपदा से निपटने के लिए आमजन की सुरक्षा तथा आमजन को उपभोक्ता वस्तुएं जल्दी उपलब्ध हो सके इसके लिए  निर्णय लिया गया है  कि किसी भी चेक पोस्ट पर कोई भी माल वाहन को ना रोका जाए. साथ ही हर चेक पोस्ट पर सेनीटायजेशन करने के साथ ही ट्रक ड्राइवरों तथा उनके सहायकों को टिशू पेपर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.
मधु कुमार के अनुसार शासन के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है जो आगामी आदेश तक जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि अगर किसी चेक पोस्ट पर कोई माल वाहन को रोका जाता है तो उसकी शिकायत अपर परिवहन आयुक्त महेंद्र सिंह सिकरवार के अलावा नोडल अधिकारी उपायुक्त परिवहन  संजय सोनी को उनके मोबाइल पर शिकायत की जाए.
 जनप्रतिनिधि दे रहे दान में वेतन
मध्यप्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए प्रदेश के जनप्रतिनिधि अपना वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने लगे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक माह का वेतन देने की घोषणा की थी. चौहान के अलावा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी एक माह का वेतन दान में दिया है. वहीं आलोक चतुर्वेदी ने विधायक निधि से 5 लाख, कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने विधायक निधि से 15 लाख,  भाजपा विधायक मालिनी गौड़ ने 1 माह का वेतन देने और भाजपा विधायक चेतन्य काश्यप ने चेतन्य फाउन्डेशन से 21 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने की घोषण की है. इसके अलावा पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने भी आज कोरोना से व्याप्त इस संकट के दौर में गरीबों के राशन की मदद हेतु दो माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है.

किसानों की फसल खराब होने की संभावना, उपलब्ध कराएं सहायता


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दो अलग-अलग पत्र लिखकर कोरोना की रोकथाम के लिए लगे डाक्टरों, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए  सुविधाएं कराने के साथ-साथ एवं लाकडाउन और कर्फ्यू से खेती किसानी और किसानों के समक्ष उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निराकरण का आग्रह किया है. कमलनाथ ने कहा है कि किसानों को दो माह तक साढेÞ 7 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएं.
अपने पहले पत्र में  कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पहले पत्र में कहा है कि लाक डाउन के कारण आमजन के समक्ष विषम स्थितियां निर्मित हो रही है. लाक डाउन के कारण प्रदेश के किसान भाई कठिनाई का सामना कर रहें. वर्तमान में रवी की  फसल की कटाई एवं विक्रय का समय प्रारंभ हो चुका है. अनेक फसलें यथा गेहूं, मटर, धनियां, सरसों, चना आदि कटने की स्थिति में आ चुकी है परन्तु लाक डाउन के कारण फसलों की कटाई नहीं हो पा रही हैं. एवं फसल खराब होने की संभावना बन गई है. साथ ही वे किसान  जिन्होंने स्वयं ही फसल की कटाई कर ली है उनके समक्ष फसल के भंडारण एवं विक्रय की समस्या खड़ी हो गई है. 
अपने पहले पत्र में  कमलनाथ ने कहा कि कई सब्जी उत्पादक जिलों में सब्जी को निकाल कर खेतों में रखा गया है. परंतु लाक डाउन के कारण परिवहन एवं विक्रय की व्यवस्था नही होने से सब्जियां सड़ने की स्थिति में पहुंच रही है. इसी प्रकार की स्थिति फलों के संदर्भ में भी हो रही है, जैसे संतरा को समय पर नहीं तोड़ा गया तो फल खराब हो जाएगा. और यदि फल को तोड़ लिया गया तब परिवहन एंव विक्रय के अभाव में एक निश्चित समय बाद फल सड़ जाएगा. असमय वर्षा के कारण उक्त स्थिति और भी चिंतनीय हो रही है. 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के किसान भाईयों को राहत देने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रदेश सरकार द्बारा फसलों, सब्जियों एवं फलों की कटाई, तुड़ाई, भंडारण परिवहन एवं विक्रय के लिए आवश्यक किसान हितैषी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. परन्तु खेद का विषय है कि प्रदेश सरकार के द्बारा इन महत्ती बिंदुओं पर अभी तक कोई उल्लेखनीय कदम नही उठाया गया है. 
नाथ ने अपने पत्र में कहा कि अंतरिम राहत के रुप में प्रत्येक किसान भाई की न्यूनतम 7500 रुपए प्रतिमाह की राशि आगामी दो माह तक के लिए तत्काल स्वीकृत एवं वितरित की जाए .
इक्यूपमेंट की कराएं व्यवस्था
 पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि क्लीनिकल केयर के लिए मध्यप्रदेश के चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए डब्ल्यू. एच.ओ. की गाईडलाइन अनुसार पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट की व्यवस्था अयिनवार्य: सुनिश्चित की जाए. हेज्मेट सूट्स एवं एन-95 मास्क की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. प्रत्येक जिले में कोरोना महामारी के लिए पृथक से अस्पताल का चिन्हांकन एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. नाथ ने मुख्यमंत्री के लिखे पत्र में कहा है कि निजी अस्पतालों को अधिग्रहित कर कोरोना के उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. कोरोना के लक्षण प्रतीत होने पर उनकी जांच हेतु प्रत्येक जिले में लैब की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं प्रत्येक जिले के चिंहित अस्पताल में वेंटीलेटर एवं सर्जिकल मास्क की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चि की जाए.  अपने पहले पत्र में  कमलनाथ ने चौहान से आग्रह किया कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को कोरोना महामारी से बचाव के योग्य बनाने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें. 

बुधवार, 25 मार्च 2020

तीन सप्ताह के लाक डाउन की खबर के बाद गैस एजेंसियों पर लगी कतार

दुकानों भी लगी रही भीड़, पुलिस रही मुस्तैद, बिना वजह घूमने वालों को मिली फटकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंगलवार की रात को तीन सप्ताह के लिए लाक डाउन किए जाने की खबर के बाद आज सुबह राजधानी भोपाल में गैस एजेंसियों, किराना दुकानों पर लोगों की कतार सी लगी रही. दुकानों पर भीड़ के लोग परेशान भी नजर आए. वहीं प्रशासन द्वारा पुलिस जवान भी तैनात किए गए जिससे अफरा-तफरी मचने से बच गई. तीन दिनों की भांति आज बुधवार को भी राजधानी में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि लोग  भी निकले, मगर उनकी संख्या कम ही रही.
राजधानी में आज बुधवार को भी कर्फ्यू का असर दिखाई दिया. कर्फ्यू के चलते भी लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तीन सप्ताह के लाक डाउन किए जाने की खबर के बाद आज घरों से बाहर निकले. सुबह से ही गैस एजेंसियों पर लोगों की कतार लगी रही. लोग साइकिलों और दो पहिया वाहनों पर गैस सिलेंडर लेकर पहुंचे. गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लंबी कतारें देखी गई. वहीं पुलिस का सख्त पहरा भी रहा. पुलिस जवानों ने लोगों को दूरी बनाकर खड़ा रहने को कहा. वहीं नगर निगम के कर्मचारी भी सक्रिय रहे. सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस जवानों को नगर निगम कर्मचारियों ने सुबह चाय और नाश्ता कराया. कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त ने नगर निगम कर्मचारियों को निर्देशित किया था कि पुलिस जवानों को समय पर चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की जानी चाहिए. वहीं पुलिस ने बिना कारण सड़कों पर घूमने वालों के साथ सख्ती भी दिखाई और उन्हें रोककर फटकार भी लगाई. इन युवाओं को राजधानी के बोर्ड आफिस चौराहे के अलावा पुराने शहर के कई क्षेत्रों में वापस घरों की ओर भेजा. 
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाक डाउन  की घोषणा के बाद राजधानी भोपाल के बाजारों में खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही.  इस दौरान बाजार में लोग महीनेभर का राशन खरीदते नजर आए. किराना का सामान खरीदने की होड़ में लोग बाजार की हर दुकान में दिखे. वहीं भीड़ की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और वाहनों से अनाउंस कर लोगों को समझाइश दी की लाक डाउन के दौरान जरूरत के सामान की दुकानें खुली रहेंगी. वहीं पुलिस के अनाउंसमेंट के बावजूद लोग बाजार में खरीदारी करते नजर आए.
मार्गों, बस्तियों को किया जा रहा सैनेटाइज
 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए संभाग आयुक्त एवं प्रशासक कल्पना श्रीवास्तव के निर्देशानुसार एवं  निगम आयुक्त  बी. विजय दत्ता के आदेशानुसार नगर निगम, भोपाल द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है. शहर के प्रत्येक क्षेत्र को सैनेटाइज किया जायेगा और इसके लिए निगम ने अपनी 12 सीवेज मशीनों में स्प्रिंकल्स लगाकर भोपाल शहर के मुख्य मार्गों, स्लम बस्ती, रहवासी क्षेत्र, बाजार आदि को सैनेटाइज किया जा रहा है.        सैनेटाइजेशन के लिए 11 स्प्रे मशीन और हाथ से चलने वाले 58 पंपों से क्षेत्रों में सैनेटाइज किया जा रहा है, जबकि 14 बड़ी फागिंग मशीनों से बस्तियों, रहवासी क्षेत्रों, बाजार आदि में फागिंग की जा रही है. इसके अलावा 15 छोटी हाथ से चलने वाली फागिंग मशीनों से घरों के अंदर, कालोनियों, बस्तियों तथा शासकीय कार्यालयों में निरंतर फागिंग का कार्य किया जा रहा है. 

दिग्विजय ने कहा संकट की खड़ी में मैं जनता के साथ


राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कोरोना वायरस के संकट देखते हुए भोपाल लोकसभा के लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. उन्होंने कहा है कि मैंने चुनाव के समय कहा था कि मेरी जीत हो या हार, लेकिन मैं हमेशा आपकी मदद के लिए तत्पर रहूंगा. इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मदद की अपील भी की है.
दिग्विजय सिंह ने अपने संदेश में कहा है कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप बना हुआ है. भारत में भी कोरोना को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. मौजूदा वायरस नोवल कोरोना नाम का वायरस है. चीन के वुहान शहर से उपजे इस वायरस का फिलहाल कोई इलाज नहीं है. प्रामाणिक इलाज के अभाव में यह वायरस खतरनाक रूप ले रहा है. उन्होंने कहा, अब हमारे सामने एक ही विकल्प है. वो है बचाव का. इसे फैलने ना दें, क्योंकि ये एक संक्रामक बीमारी है. इसलिए इसके वायरस खांसी, छींक और थूक के जरिए तेजी से फैलते हैं और लंबे समय तक कपड़े, कागज , प्लास्टिक, टिन और लकड़ी पर जमे रहते हैं. डाक्टर कहते हैं 3 घंटे से लेकर 3 दिन तक इसके वायरस किसी सरफेस पर जमे रह सकते हैं. अगर सर्दी जुकाम, बुखार सांस लेने में तकलीफ, मांस पेशियों में दर्द हो, तो इसमें लापरवाही ना बरतें. तत्काल ऐसे व्यक्ति को आइसोलेट करें. राज्य शासन ने कोरोना वायरस के लिए सीएम हेल्प लाइन नंबर 181 और स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किए हैं. आपात स्थिति में आप इन नंबरों पर तत्काल संपर्क करें. दिग्विजय सिंह ने कहा कि, अगर आपको वहां से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है तो मेरा दफ्तर आपकी सेवा में सदैव तत्पर रहेगा. इन नंबरों पर कॉल कर सकते हैं. दिग्विजय सिंह द्वारा जारी किए नंबरों में भूपेश गुप्ता 8839505028,  ओपी शर्मा 9826047546,  उपेन्द्र जोशी 7509310834 और  प्रह्लाद शर्मा 919425012595 हैं. इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है.

गरीबों, मध्यमवर्ग के लोगों के लिए राहत पैकेज दे सरकार: कमलनाथ


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से गरीबों और मध्यमवर्ग के लोगों के  लिए राहत पैकेज ऐलान करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा है कि मेरी सरकार होती तो अब मैं ऐलान कर चुका होता.
कमलनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा है कि देश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए 21 दिन का लाकडाउन घोषित हो चुका है. इन 21 दिनों में हमें कोरोना से बचाव व सुरक्षा हेतु विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. उन्होंने ट्वीट किया कि  मेरी सरकार होती तो अभी तक हम इन वर्ग के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर चुके होते. पता नहीं क्यों नई सरकार ने इस मामले में अभी तक निर्णय नहीं लिया है? इन 21 दिन में प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं की परेशानी ना हो, उसको भी सरकार सुनिश्चित करे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने ट््वीट कर लिखा है कि मैं प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायकों, नेताओ, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों संस्थाओ, धर्म प्रमुखों से भी अपील करता हूं कि वो इन गरीब-मध्यम वर्ग, दिहाड़ी मजदूरों के भोजन-राशन के इंतजाम के लिए अपनी ओर से हरसंभव मदद करे,संकट के इस दौर से हम एक दूसरे की मदद से निजात पा सकते है. 

भोपाल में मिला कोरोना वायरस का दूसरा मरीज

कमलनाथ की पत्रकार वार्ता में पहुंचा था पत्रकार
 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस का दूसरा मरीज मिला है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा इस्तीफा देने वाले दिन बुलाई पत्रकार वार्ता में पहुंचे पत्रकार को कोरोना वायरस पाजीटिव होना पाया गया है. पहले पत्रकार की लड़की को  भी कोरोना वायारस पाजीटिव निकला था. राज्य में अब कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. 
राजधानी भोपाल में आज उस वक्त हड़कंप सी स्थिति निर्मित हो गई, जब यह जानकारी सामने आई कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा  इस्तीफा देने के वक्त बुलाई 20 मार्च को मुख्यमंत्री निवास पर बुलाई प्रेस कांफें्रस में पहुंचे पत्रकार को कोरोना वायरस पाजीटिव होने की रिपोर्ट आई. इस रिपोर्ट के बाद राजनीतिक, प्रशासनिक क्षेत्र में हलचल मच गई. अधिकारी और नेता चिंतित हो गए. पत्रकार वार्ता में पहुंचे पत्रकार के.के.सक्सेना ने कई विधायकों, अधिकारियों और कांग्रेस के पदाधिकारियों से हाथ भी मिलाए थे और लंबे समय बातचीत भी की थी. पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित तत्कालीन कमलनाथ सरकार का पूरा मंत्रिमंडल और कांग्रेस और निर्दलीय विधायक मौजूद थे. पत्रकार सक्सेना की बेटी को पूर्व में ही कोरोना वायरस पाजीटिव हुआ है, जिसका इलाज एम्स में चल रहा है. एम्स में ही सक्सेना को भी भर्ती किया गया है.  
राजधानी में मिले कोरोना वायरस के इस मरीज के बाद प्रदेश में इस बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. राजधानी भोपाल में 2, जबलपुर में 6, इंदौर में  4, ग्वालियर में 1, शिवपुरी में 1 और उज्जैन में 1 मरीज होना पाया गया है.  प्रदेश में मिल रहे लगातार कोरोना वायरस के मरीजों को देखते हुए राजधानी भोपाल के अलावा जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी और इंदौर शहर में कर्फ्यू लगाया गया है. इसके अलावा पूरे प्रदेश को लाक डाउन किया गया है.
 कमलनाथ के सलाहकार भी क्वारेंटाइन
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के राजनीतिक सलाहकार आर.के.मिगलानी को लेकर भी आज दिनभर अफवाह का बाजार गर्म रहा. उनके भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खबरें चलती रही, मगर बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें कोरोना वायरस बीमारी नहीं है, बल्कि वे स्वयं ही क्वारेंटाइन हुए हैं. उन्होंने इस बात को लेकर स्पष्ट किया कि वे कभी कमलनाथ की प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नहीं होते हैं. उस दिन भी जब यह प्रेस कांफें्रस थी, तब वे वहां मौजूद नहीं थे.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आइसोलेशन की खबरें भ्रामक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आइसोलेशन में होने की खबरों को भ्रामक बताया है. उन्होंने कहा कि  पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कोरोना से बचाव को लेकर पूर्ण सावधानी बरत रहे हैं. सुरक्षा के निर्देशों व नियमों का पूरा पालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि  प्रदेश के सभी स्थानों की जानकारी ले रहे हैं. प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित भी हैं. सलूजा ने कहा कि लोगों से जागरूक रहने की व सावधानी बरतने की अपील भी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कर रहे है. लोगों से मुलाकात भी कर रहे है. उनके आइसोलेशन में जाने की खबर गलत व भ्रामक है.
संपर्क में आए व्यक्तियों को क्वारेन्टाईन में रहने की अपील
 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी   सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि विगत दिनों  कोरोना संक्रमण पाजिटिव पाई गई लड़की के पिता के.के.सक्सेना का कोरोना संक्रमण सेम्पल भी पॉजिटिव आया है.  सीएचएमओ डेहरिया ने बताया कि के.के. सक्सेना के संपर्क में आये प्रत्येक व्यक्ति को  14 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने की आवश्यकता है.  6 से 7 दिनों में सर्दी, खासी, बुखार आने पर तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क करने की हिदायत दी  जा रही है. लड़की के स्वास्थ्य मानकों के अनुसार मिलने जुलने वाले 10 व्यक्तियों के सैंपल जांच हेतु भेजे गए थे. उनमें से 9 लोगों के टेस्ट नेगेटिव आए है ,  उनकी माताजी, भाई, घर मे काम करने वाले लोगो की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. केवल उनके पिताजी का टेस्ट पाजिटिव आया है, जिन्हे इलाज हेतु एम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया है. डेहरिया ने आमजन से अपील की है कि किसी को पेनिक होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है  लड़की और पिता भी नार्मल है  दोनों का इलाज एम्स में चल रहा है. साथ ही साथ कोरोना पाजिटिव आए व्यक्ति से क्लोज कॉन्टैक्ट मे आए व्यक्तियों को स्वयं को 14 दिन तक होम क्वारेन्टाईन करने की हिदायत भी दी गई है.

मंगलवार, 24 मार्च 2020

मध्यप्रदेश के जनादेश को सिंधिया ने किया नीलाम

जनता के नाम लिखे खुले पत्र पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर जाने के बाद और शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने व विश्वास मत हासिल करने के साथ सियासत भी गर्माने लगी है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अब ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए जनता के नाम खुले एक पत्र में कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश के जनादेश को नीलाम कर दिया है. 
दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि पिछले दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़ी और कांग्रेस की सरकार गिर गई. यह बेहद दुखद घटनाक्रम है, जिसने न सिर्फ़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं बल्कि उन सभी नागरिकों की आशाओं और संघर्ष पर पानी फेर दिया, जो कांग्रेस की विचारधारा में यकीन रखते हैं. सिंह ने अपने पत्र लिखा है कि मुझे बेहद दुख है कि  सिंधिया उस वक्त भाजपा में गए, जब भाजपा खुलकर आरएसएस के असली एजेंडा को लागू करने के लिए देश को पूरी तरह बांट  रही है. कुछ लोग यह कह रहे हैं कि  ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस में उचित पद और सम्मान मिलने की संभावना समाप्त हो गई थी, इसलिए वो भाजपा में चले गए. लेकिन ये गलत है. यदि वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनना चाहते थे, तो ये पद उन्हें 2013 में ही आफर हुआ था और तब उन्होंने केंद्र में मंत्री बने रहना पसंद किया था. यही नहीं 2018 में चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री पद संभालने का न्यौता भी दिया था, लेकिन उन्होंने स्वयं इसे अस्वीकार कर अपने समर्थक  तुलसी सिलावट को उपमुख्यमंत्री बनाने की पेशकश कर दी थी. है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि कांग्रेस की राजनीति केवल सत्ता की राजनीति नहीं है. आज कांग्रेस की विचारधारा के सामने संघ की विचारधारा है. ये दोनों विचारधाराएं भारत के अलग अलग स्वरूप की कल्पना करती है. आज कांग्रेस की सरकार जाने का दुख उन सभी को है,जो कांग्रेस की विचारधारा में यकीन रखते हैं. ऐसे मोड़ पर  सिंधिया का भाजपा में जाना यही साबित करता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के संघर्ष और वैचारिक प्रतिबद्धता को वो केवल अपनी निजी सत्ता के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे. जब तक कांग्रेस में सत्ता की गारंटी थी,कांग्रेस में रहे और जब ये गारंटी कमजोर हुई तो भाजपा में चले गए.
मुद्दा सीट का नहीं, मंत्री पद का था
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि यह कहना गलत है कि पार्टी उन्हें राज्य सभा का टिकट नहीं देना चाहती थी, इसीलिए  वो भाजपा में चले गए. जहां तक मेरी जानकारी है, किसी ने इसका विरोध नहीं किया था. कांग्रेस के पास दो राज्य सभा सीट जीतने के लिए जरूरी विधायक संख्या थी. इसलिए मुद्दा सिर्फ सीट का नहीं था. मुद्दा केंद्र सरकार में मंत्री पद का था, जो सिर्फ़  नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही दे सकते थे. मोदी शाह की इस जोड़ी ने पिछले 6 साल में इसी धनबल और प्रलोभन के आधार पर उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में सत्ता पर कब्जा किया है. मध्यप्रदेश के जनादेश की नीलामी  सिंधिया स्वयं करने निकल पड़े, तो मोदी शाह तो हाजिर थे ही, लेकिन अपने घर की नीलामी को सम्मान का सौदा नहीं कहा जाता.

औपचारिकता पूरी करने के लिए हासिल किया विश्वास मत



पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार द्वारा विधानसभा सत्र बुलाकर विश्वास मत हासिल करने को लेकर कहा कि विधायकों को सत्र की जानकारी ही नहीं थी. सरकार को केवल विश्वास मत की औपचारिकता ही पूरी करनी थी.
भाजपा सरकार के आनन-फानन में विश्वास मत हासिल करने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान सामने आया है. कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा सत्र को लेकर विधायकों को जानकारी ही नहीं थी. विश्वास मत हासिल करना औपचारिकता थी जो पूरी करनी थी.   उन्होंने कहा कि विश्वास मत हासिल करने के लिए समय था, आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों.  उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए यह दोहरे मापदंड क्यों. उन्होंने कहा कि जनता के लिए नियमों के पालन की सख़्ती व खुद उल्लंघन पर उल्लंघन. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तो एक दिन ही हुआ है, कहेंगे कुछ करेंगे कुछ. उन्होंने कहा कि एक तरफ कोरोना वाइरस को लेकर सुरक्षा व सावधानी के लिए गए तमाम निर्णय, प्रदेश में भी लाक डाउन, कर्फ्यू जैसे निर्णय, वहीं दूसरी तरफ शिवराज सरकार द्वारा खुद के निर्णयों का उल्लंघन कर कर्फ्यू  में भी विधानसभा सभा का सत्र आज बुलाने का देर रात में लिया गया निर्णय समझ से परे. उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है  और मुलाकात में भरोसा दिलाया है, कि यह सरकार विकास के जो काम करेगी हम उसमें उसके साथ हैं यही हमारा लक्ष्य है.
कांग्रेस ने जताया विरोध
सदन आहूत करने और बहुमत साबित करने को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा था कि कांग्रेस सदस्य इस दौरान उपस्थित नहीं रहेंगे. उन्होंने कहा था कि 26 मार्च के बाद ही कांग्रेस सदस्य विधानसभा जाएंगे. शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने तानाशाही का रवैया अपनाया है. विधायकों की खरीद फरोख्त कर सरकार बदली गई है. देश कोरोना से लड़ रहा है और भाजपा विधानसभा आहुत कर रही है. 
सत्ता में आते ही भाजपा की तानाशाही शुरु
कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने अपनी तानाशाही शुरु कर दी है. चौहान ने शपथ ग्रहण करने के 24 घंटे के अंदर ही विधानसभा का सत्र आहूत कर दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनी हुई कांग्रेस की सरकार को गिराकर भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है. उन्होंने कहा कि जब कोरोना के कारण विधायक अपने-अपने घरों पर है, तब भाजपा सरकार बहुमत साबित करने के लिए आधी रात को बहुमत सिद्ध करने के आदेश जारी करती है.
प्रदेश में आ गई है स्थायी सरकार: मिश्रा
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आज विश्वास मत के दौरान सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सदस्यों ने वाक आउट किया. विश्वास मत हासिल करना कोरोना से निपटने के लिए जरुरी थी. उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में स्थायी सरकार आ चुकी है.  केवल और केवल कोरोना से निपटना ही सरकार की प्राथमिकता है. अब सरकार का पूरा फोकस कोरोना पर है, जल्द ही इसका निपटारा किया जाएगा.
विधिवत प्राप्त किया है विश्वास  मत: शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनकी सरकार ने विधिवत विश्वास मत प्राप्त किया है. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए हमारा ध्यान केवल इस खतरनाक बीमारी से निपटने में है. संवैधानिक की आवश्यकता थी, विश्वास मत प्राप्त करना, इसलिए हमने आज ही प्राप्त कर कर लिया है.  ताकि कोरोना से निपटने में पूरी क्षमता लगाई जा सके.  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा- बसपा और निर्दलीय सभी ने पूरा सहयोग किया है,  उनका ह्रदय से आभारी हूं उन्होंने विश्वास मत में हमारा साथ दिया है. 

शिवराज ने साबित किया बहुमत, कांग्रेस विधायक नहीं पहुंचे सदन

 बसपा, सपा, निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने का किया दावा

राज्य विधानसभा में आज शिवराज सिंह चौहान की ओर से पेश किया गया बहुमत प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया. आसंदी पर आसीन प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा ने मतदान की औपचारिकता पूरी की. इस दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्य सदन में उपस्थित नहीं थे. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों ने विश्वास मत के पक्ष में मतदान किया है. विश्वास मत साबित करने के बाद सदन की कार्रवाई 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई.
शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार की रात को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद विधानसभा का चार दिवसीय सत्र 24 मार्च से आहूत करने की सूचना विधानसभा के प्रमुख सचिव द्वारा जारी की गई. सत्र के पहले दिन शिवराज सरकार को बहुमत साबित करना था. इसके पहले वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री जगदीश देवड़ा को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया.  देवड़ा ने सदन में बहुमत प्रस्ताव पारित कराया. विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्यपाल ने सरकार को 15 दिनों के अंदर सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहा था, इसलिए वे विश्वास मत पेश कर रहे हैं. चौहान ने कहा कि उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता मौजूदा हालातों में कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकना है. इस दिशा में कल सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही आवश्यक कदम उठाना प्रारंभ कर दिए हैं. इस दौरान सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था. इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. 
प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा ने कहा कि सदन में उपस्थित 112 सदस्यों ने विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान मतदान चौहान सरकार का समर्थन किया है. इस प्रकार शिवराज सिंह चौहान की नेतृत्व वाली, प्रदेश की नई भाजपा सरकार ने बहुमत हासिल कर लिया. विश्वास मत प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा ने सदन की कार्यवाही 27 मार्च, शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि सरकार के पक्ष में बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों ने भी अपना विश्वास मत दिया है.
गौरतलब है कि भाजपा ने विधानसभा सत्र के लिए व्हिप जारी किया था. सभी भाजपा विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है.
विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया प्रजापति ने
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद से विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने सोमवार की रात को अपना इस्तीफा दे दिया. प्रजापति ने अपना इस्तीफा विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कांवरे को दिया. प्रजापति ने इस्तीफा नैतिकता के आधार पर देना बताया है.

सोमवार, 23 मार्च 2020

मध्यप्रदेश में कोरोना के 6 मरीज

कई जिलों में लाक डाउन, सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के 6 मरीज पाजीटीव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है. आज सोमवार को भी प्रदेश के सभी जिलों में जनता कर्फ्यू जैसे हालात नजर आए. वहीं राज्य के 30 से ज्यादा जिलों में लाक डाउन घोषित कर दिया है. इन जिलों में जिला प्रशासन द्वारा सख्त रुख भी अपनाया जा रहा है.
प्रदेश के जबलपुर में 5 और राजधानी भोपाल में 1 मरीज कोरोना वायरस का मिलने के बाद राज्य प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. वहीं  लोगों में भी दहशत सा माहौल बनता जा रहा है. राज्य के करीब 30 से ज्यादा जिलों में लाक डाउन घोषित किया गया है, इन जिलों में 31 मार्च तक लाक डाउन रहेगा. राजधानी भोपाल सहित लाक डाउन वाले जिलों में आज कर्फ्यू जैसे हालात रहे. इन जिलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और लोगों को समझाइश देकर घरों में रहने को कहा. कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई, मगर अधिकारियों द्वारा लोगों को समझाइश दी जिसके बाद वे स्वत: ही घरों की ओर लौट गए. 
घर पर रहकर करें सहयोग
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पल्लवी जैन गोविल ने कहा है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के  लिए  वायरस की चैन तोड़ना आवश्यक है. उन्होंने जनसामान्य के नाम जारी संदेश में कहा है कि प्रदेश में जहां कोरोना वायरस के प्रकरण पाये गये हैं, उन स्थानों और उनसे जुड़े स्थानों पर वायरस फैलने से रोकने के लिए सघन प्रयास आवश्यक हैं. इसी क्रम में प्रदेश के कुछ जिलों को तीन दिन के लिये बंद किया गया. इन दिनों में दवाईयाँ, किराना,दूध, सब्जी आदि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति यथावत रहेगी. अत: बंद से घबराने की जरूरत नहीं है. प्रमुख सचिव  पल्लवी जैन ने जानकारी दी है कि प्रदेश में अब तक पांच प्रकरण पाये गये हैं. इनमें से चार जबलपुर और एक भोपाल में है. इन व्यक्तियों का उपचार चल रहा है.  प्रमुख सचिव ने प्रदेशवासियों से घर में ही रहकर कोरोना वासरस की चैन को तोड़ने में सहयोग की अपील की है.
होम क्वारेंटाइन किया लोगों को 
स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों के यहां जाकर उन्हें होम क्वारेंटाइन किया. विभाग द्वारा राजधानी में करीब 50 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है. इन घरों में रहने वाले लोगों की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कर रही है. 

कमलनाथ को नेता प्रतिपक्ष बनाने की उठने लगी मांग

 सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री और विधायक कर रहे मांग

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद अब कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर जोर-अजमाइश तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के समर्थक नेता प्रतिपक्ष के साथ-साथ कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद भी पर आसीन देखना चाह रहे हैं. इन  समर्थकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से यह मांग की है.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद अब कमलनाथ समर्थक विधायक और पूर्व मंत्री कमलनाथ को नेता प्रतिपक्ष पद पर आसीन होता देखना चाह रहे हैं. साथ ही वे यह मांग भी कर रहे हैं कि कमलनाथ को ही प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जाए. प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने यह मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि हमने यह सुझाव कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दिया है कि कमलनाथ को नेता प्रतिपक्ष के अलावा उप चुनाव की स्थिति को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान भी सौंपी जाए.  
पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि कमलनाथ को ही नेता प्रतिपक्ष पद की कमान सौंपी जानी चाहिए. साथ ही उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में 26 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं, इसे देखते हुए कांग्रेस हाईकमान को फिलहाल दोनों पदों पर कमलनाथ को कमान सौंपी जानी चाहिए. शर्मा ने कहा कि  सभी पूर्व मंत्रियों और विधायकों की भी यही इच्छा है. उन्होंने कहा है कि कमलनाथ के नेतृत्व में अगर उपचुनाव लड़ा जाएगा तो कांग्रेस मजबूती के साथ जीत हासिल करेगी.
कमलनाथ ने सोनिया गांधी से की मुलाकात
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की. मुलाकात में उन्होंने प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराया. सूत्रों के अनुसार मुलाकात के दौरान कमलनाथ ने सोनिया गांधी को बताया कि किस प्रकार प्रदेश में भाजपा ने प्रलोभन का खेल खेला, साजिÞश रच कांग्रेस की सरकार को गिराया. विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बनाया. किस प्रकार अपने लोगों ने इस खेल में भाजपा का साथ दिया. उन्होंने सोनिया को इन सारी बातो से अवगत कराया. नाथ ने कांग्रेस की सरकार के 15 माह के प्रमुख कार्यों, जनहितैषी निर्णयों से भी उन्हें अवगत कराया और बताया कि हमारी सरकार द्वारा निरंतर प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम किया जा रहा था, इसी से बौखलाकर व इसी के भय से भाजपा ने प्रदेश में यह खेल रचा. उन्होंने सोनिया को आश्वस्त किया कि प्रदेश के कांग्रेसजन एकजुट है, उनमें निराशा का भाव नहीं है और वे भाजपा की हर चुनौतियो का डटकर मुकाबला करेंगे. हम फिर लौटेंगे और मजबूती व ताकत से लौटेंगे.

लाक डाउन को लेकर सख्त रहा प्रशासन, चाय-पान की दुकानें रही बंद

 नगर वाहन सेवा और लो फ्लोर बसें भी रहीं बंद

राजधानी में लाक डाउन का आज सोमवार को खासा असर दिखाई दिया. जिला प्रशासन ने लोगों से सख्त रुख अपनाया और लोगों को घरों से बाहर जाने से रोका. इस दौरान नगर वाहन सेवाओं के अलावा लो फ्लोर बसें भी बंद रही. जबकि दूध, सब्जी, मेडिकल स्टोर्स, पेट्रोल पंप के अलावा जरुरत के सामान विक्रेताओं ने अपने संस्थान खुले रखे. 
राजधानी में लाक डाउन का आज जिला प्रशासन ने लोगों से सख्ती के साथ अमल कराया. सुबह के वक्त जरुर लोग घरों से कम संख्या में बाहर निकले, मगर सुबह 9 बजे के बाद सड़कों पर लोग निकले और आटो के साथ मैजिक वाहन भी चले, इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और इन वाहन चालकों को रोक-रोक कर समझाईश दी इसके बाद कई वाहनों को तो थाने ले जाकर खड़ा भी कराया. जिला प्रशासन के निर्देश पर दूध, सब्जी विक्रेताओं के अलावा दवा दुकाने खुली रही. वहीं पेट्रोल पंप भी खुले, मगर उन पर भीड़ कम ही नजर आई. दो पहिया वाहन चालक जरुर सड़कों पर अधिक संख्या में दिखाई दिए, जिन्हें भी पुलिस ने रोककर वापस घर जाने की समझाइश देकर घर लौटाया.
डरे नहीं, करें बचाव के उपाय
भोपाल संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की है कि  कोरोना से डरे नहीं बल्कि बचाव के उपाय करें. सबसे ज्यादा जरूरी है की लोगों से दूरी बनाकर रखें. प्रशासन ने तमाम इंतजाम किए हैं. उन्होंने लोगों से सहयोग करने की बात कही. उन्होंने लोगों से कहा है कि प्रशासनिक कार्य में वे अपना सहयोग दें, पुलिसकर्मियों की बातों को अन्यथा न लें, बल्कि उनके द्वारा दी जा रही समझाइश पर अमल करें.
राज्यपाल ने कुलपतियों को अवकाश के दिए निर्देश
 राज्यपाल लाल टंडन ने समस्त कुलपतियों को निर्देशित किया है कि शैक्षणिक कार्य में सलंग्न समस्त स्टाफ के लिए 31 मार्च तक अवकाश घोषित करें. उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने प्रशासनिक दायित्वों और अन्य आवश्यकताओं के दृष्टिगत व्यवस्था करें. यह सुनिश्चित किया जाए कि जब तक आवश्यक नहीं हो, एक दूसरे से नहीं मिला जाए. राज्यपाल ने यह निर्देश कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए आवश्यक निरोधक उपायों के दृष्टिगत दिए हैं. राज्यपाल टंडन ने कहा है कि कर्मचारियों की उपस्थिति की वैकल्पिक व्यवस्था करें. कुल कर्मचारियों के आधे को पहले दिन और शेष दूसरे को दूसरे दिन रोस्टर के आधार पर कार्यालय में उपस्थित होने की व्यवस्था की जाए. जिस दिन कर्मचारी कार्यालय नहीं आएंगे , उस दिन वे मुख्यालय के निवास में उपस्थित रहेंगे. दूरभाष एवं अन्य सम्पर्क माध्यमों से कार्यालय के सम्पर्क में रहेंगे. कुलपतियों से कहा गया है कि यह व्यवस्था 31 मार्च तक प्रभावशील रहेंगी. 
भोपाल, जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन मिलेगा निशुल्क
कोरोना वायरस  से निपटने भोपाल-जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क प्रदान किया जाएगा. यह राशन उचित मूल्य दुकानों से दिया जाएगा. कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमल नाथ ने यह निर्देश जारी किए हैं. प्रदेश में नागरिकों को कोरोना के प्रकोप से  राहत देने की मंशा से अनेक उपाय किए जा रहे हैं. इन उपायों में शहरों में शटडाउन किया जाना भी शामिल है. शटडाउन की स्थिति में गरीबों को राहत देने के लिए यह निर्णय लिया गया है.

रविवार, 22 मार्च 2020

भोपाल पहुंचा कोरोना, लंदन से लौटी लड़की की रिपोर्ट निकली पाजीटिव

भोपाल सहित 9 जिले लाक डाउन

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कोरोना का एक मरीज मिला है. हाल ही में लंदन से लौटी एक लड़की की जांच रिपोर्ट में कोरोना होना पाया गया है. इस रिपोर्ट के आने के बाद राजधानी भोपाल को 24 मार्च तक लाक डाउन कर दिया है. प्रदेश में अब राजधानी सहित 9 जिले लाक डाउन किए जा चुके हैं.
मध्यप्रदेश में भी कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.  जबलपुर में मिले 4 मरीजों के बाद अब राजधानी भोपाल में एक मरीज की रिपोर्ट पाजीटिव आई है. बताया जाता है कि राजधानी के प्रोफेसर कालोनी निवासी एक लड़की 17 मार्च को लंदन से भोपाल आई थी. लड़की वहां पर एलएलएम की पढ़ाई कर रही थी. भोपाल आने के बाद लड़की की तबीयत खराब हुई तो उसके पिता ने कलेक्टर तरुण पिथोड़े से संपर्क कर लड़की की जांच कराने की मांग की थी. इसके बाद लड़की की जांच राजधानी स्थित एम्स में कराई गई, जहां पर आज लड़की में कोराना वायरस पाजीटिव होने की रिपोर्ट आई है. लड़की में कोरोना वायरस की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है.
भोपाल 24 तक लाक डाउन
राजधानी में कोरोना वायरस की मरीज मिलने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुुरु कर दी है. प्रशासन ने 24 मार्च तक राजधानी को लाक डाउन कर दिया है. शहर की सीमाएं सील कर दी गई है. राजधानी से पहले प्रदेश के 8 जिले जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, रीवा, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और बैतूल को लॉकडाउन किया गया था. अब तक प्रदेश में 9 जिले लाकडाउन हो चुके है.
31 मार्च तक कार्यालय न आने की छूट
राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिलने के बाद शासकीय कर्मचारियों को 31 मार्च तक कार्यालय न आने की छूट शासन ने दी है. सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने इस संबंध में आज रविवार को आदेश जारी किए हैं. जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी 31 मार्च तक घर बैठकर ही सरकारी काम करेंगे. आदेश में कहा गया है कि 23 से 31 मार्च की अवधि को कर्तव्य अवधि माना जाएगा.
कलेक्टर ने की पुष्टि
भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने इस बात की पुष्टि की है  कि भोपाल में लंदन से आई युवती  में कोरोना वायरस की  पाजीटिव रिपोर्ट आई है. उन्होंने कहा कि भोपाल में कोरोना वायरस से संक्रमित एक पाजिटिव केस मिला है, लेकिन, इससे किसी को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है. मरीज के परिजनों को हाउस क्वारेंटाइन किया गया है, इलाके की साफ-सफाई की जा रही है.
विमानतल पर अफरा-तफरी, मिला संदिग्ध मरीज
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल  के राजाभोज विमानतल पर आज दिल्ली से भोपाल आई युवती में कोरोना वायरस की लक्षण पाए गए. युवती को राजधानी के जयप्रकाश अस्पतला में उपचार के लिए भेजा गया, जहां आईसोलेशन में रखा गया.  बताया जाता है कि 19 वर्षीय युवती एयर इंडिया की फ्लाइट से भोपाल आई थी. युवती सुबह जब 10.30 बजे राजाभोज विमानतल पर उतरी तो विमानतल पर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान महिला में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए. बाद में डाक्टरों की टीम ने युवती को जयप्रकाश चिकित्सालय भेजा, जहां पर उसे आइसोलेशन में रखा गया है. गौरतलब है कि पुणे जा रही फ्लाइट को राजाभोपाल विमानतल पर होल्ड किया गया था. यहां पर फ्लाइट को सेनेटाइज किया गया. पायलट और एयरपोर्ट एथारिटी के अधिकारियों से चर्चा के बाद फ्लाइट ने भोपाल से पुणे के लिए उड़ान भरी. 

कांग्रेस में दिग्विजय के खिलाफ मुखर हुए स्वर


मध्यप्रदेश कांग्रेस पर छाया संकट और भी बढ़ चला है. कमलनाथ सरकार गिरने के बाद अब कांग्रेस के ही नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ स्वर तेज कर दिए हैं. ये नेता मुखर होकर राज्यसभा में दिग्विजय सिंह के स्थान पर प्राथमिकता क्रम में कांग्रेस के दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को पहले नंबर पर लाने की मांग करने लगे हैं. नेताओं ने बैठक कर एक पत्र कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी को भी लिखा है.
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद गुटबाजी फिर तेज हो गई है. इस बार दिग्विजय से नाराज नेताओं ने कमलनाथ सरकार को गिराए जाने के लिए दिग्विजय सिंह को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. राज्य के ज्यादातर कांग्रेस नेता हाथ से सत्ता जाने से दुखी हैं. इन प्रम्ुख नेताओं में मुकेश नायक, रामनिवास रावत, सुरेश पचौरी, उमंग सिंगार, राजेंद्र सिंह सहित लगभग एक दर्जन नेता शामिल हैं. इन नेताओं ने एक बैठक भी की और राज्यसभा चुनाव में अब अलग रणनीति पर पार्टी को मैदान में उतरने को कहा. इन नेतााओं का मानना है कि  राज्य में विधानसभा की रिक्त हुई 24 सीटों पर उपचुनाव होना हैं. इनमें अजा-जजा वोट बैंक का फायदा उठाने के लिए कांग्रेस को अब अजा-जजा वर्ग को साधने का काम करना चाहिए. इसके चलते राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार फूलसिंह बरैया के पक्ष में ये नेता खड़े हुए हैं. इन नेताओं ने पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में मांग की कि प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी फूलसिंह बरैया को प्राथमिकता क्रम में पहले नंबर पर रखकर उन्हें राज्यसभा भेजा जाए. बरैया को दलित नेता के रुप में बताते हुए कहा कि ऐसा करने से पार्टी को फायदा होगा और ग्वालियर-चंबल अंचल में जहां पर सिंधिया का प्रभाव था, उस अंचल में दलित चेहरे के रुप में फूल सिंह बरैया को आगे बढ़ाया जाए. पत्र में नेताओं ने दलील दी है कि बरैया के राज्यसभा में जाने से कांग्रेस को उपचुनाव में अजा-जजा वोट बैंक का लाभ मिलेगा.
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. वर्तमान विधायकों की संख्या के आधार पर एक सीट कांग्रेस और दो सीट भाजपा के खाते में जानी है. कांग्रेस ने दो उम्मीदवार दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया को मैदान में उतारा है. पहली प्राथमिकता पर दिग्विजय सिंह और दूसरी प्राथमिकता पर फूल सिंह बरैया का नाम है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा आपके आत्म सम्मान, स्वाभिमान की होती रहेगी रक्षा


मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद भाजपा में मुख्यमंत्री पद पाने की दौड़ तेज हो चली है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भाजपा विधायकों का एक पत्र लिखा है, जो चर्चा का केन्द्र बन गया है. भार्गव के इस पत्र के कई मायने निकाले जा रहे हैं, माना जा रहा है कि वे भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रुप में हैं. उन्होंने विधायकों को 15 माह के कांग्रेस के शासनकार में हुई परेशानियों का उल्लेख किया और कहा कि अब आपके आत्म सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा होती रही.
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने अपने विधायकों को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 15 माह के शासन में आपने देखा कि कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने दिए गए वचनों को पूरा नहीं किया व जनहितैषी एवं प्रदेश के विकास, किसान, कल्याण आदि कार्य करने के बजाय कांग्रेस पार्टी अपनी आंतरिक लड़ाई से निरंतर जूझती रही. जिसकी इतिश्री 20 मार्च को हो गई, जब कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 15 माह के शासन काल में कमलनाथ सरकार ने भू माफिया के नाम पर भाजपा के विधायकों, कार्यकर्ताओं पर द्वेषपूर्ण कार्यवाही की एवं अनेकों पर एफआईआर तक दर्ज कराई जिससे आप भली भांति परिचित है. यह सब कार्यवाही भारतीय जनता पार्टी को कमजोर करने के अलावा और कुछ नहीं थी. ऐसे विपरीत समय में दृढ़ संकल्पित होकर आपने पार्टी के एक निष्ठावान समर्पित कार्यकर्ता और सजग जनप्रतिनिधि के रुप में कठोर परिश्रम किया और आप भाजपा विधायक दल के साथ मजबूती से खड़े रहे. उसी का परिणाम है कि आज हम सरकार बनाने की स्थिति में आए हैं. इस हेतु मैं आपका आभारी हूं.
भार्गव ने पत्र में लिखा है कि पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के साथ ही में कुशल, सख्त और प्रभावी प्रशासन मिलेगा, जिसके द्वारा आप अपने क्षेत्र की पिछले 15 महीनों में हुई क्षति एवं विकास की भरपाई कर सकेंगे एवं आपके आत्म सम्मान,  स्वाभिमान की रक्षा होती रहेगी. साथ ही आपके पद की गरिमा की पुर्नस्थापना होगी. 

जनता कर्फ्यू में पसरा रहा सन्नाटा, सूने रहे रेलवे- बस स्टैंड

 पेट्रोल पंप सहित बंद रही चाय-पान की दुकानें, खुली रही दारु की दुकानें 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता कर्फ्यू के आह्वान के तहत आज राजधानी भोपाल में सन्नाटा पसरा रहा. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सूने पड़े रहे. कुछ पेट्रोल पंप बंद तो कुछ खुले रहे. वहीं राजधानी के कुछ इलाकों में दारु की दुकानें भी खुली रही. हालांकि इन दुकानों पर भीड़ नजर नहीं आई. सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस के चलते लोगों से आज रविवार को जनता कर्फ्यू में रहने का आह्वान किया था. इस आह्वान के तहत राजधानी में आज सुबह 7 बजे से ही कर्फ्यू का असर दिखाई देने लगा था. लोग स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद किए रहे. भोपाल के कई इलाकों में सुबह के वक्त तो पेट्रोप पंप खुले थे, मगर कुछ क्षेत्रों  में ये पेट्रोल पंप भी बंद कर दिए गए. हालांकि पेट्रोल पंपों पर रोजाना की तरह वाहन चालक भी कम ही नजर आए. 
राजधानी भोपाल स्टेशन से चलने वाली अधिकतर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, इक्का दुक्का जो ट्रेनें चली भी, उनमें यात्रियों को भी कोरोना वायरस से बचने के लिए जानकारी दी जा रही थी. साथ ही सैनिटाइजर भी किया गया. जो यात्री दूसरे शहर से आ रहे हैं, उनके लिए रेलवे घर तक छोड़ने के लिए गाड़ी का इंतजाम भी किया है. वहीं बस स्टेंड पर भी सन्नाटा ही पसरा नजर आए. बसें खड़ी रही, मगर गंतव्य स्थल के लिए रवाना नहीं हुई. बस स्टेंडों पर भी यात्री नहीं पहुंचे.
वहीं जनता कर्फ्यू के चलते रोजाना कमाने-खाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा. कर्फ्यू के चलते चाय, पान की गुमटियां भी बंद रही और छोटे व्यवसायियों के कारोबार भी पूरी तरह ठप रहा, जिसके चलते ये व्यवसायी दुखी भी नजर आए. इनके सामने रोजगार का संकट पैदा हुआ.
सुनसान रही भीड़ वाली गलियां
राजधानी में आज जनता कर्फ्यू के दौरान जिन गलियों में रोजाना भीड़ होती थी, जहां वाहन चालकों को वाहन चलाने में परेशानी भी उठानी पड़ती थी. उन गलियों में सन्नाटा पसरा रहा. पुराने शहर की इन गलियों में सुबह से इतनी भीड़ होती है कि दो पहिया वाहन का गुजरना भी मुश्किल होता है, लेकिन आज कोरोना को मात देने के लिए मुस्लिम बहुल इन इलाकों में पूरी तरह से जनता कर्फ्यू का पालन करती नजर आई. कहीं कोई दुकानें नहीं खुली है. सुबह-सुबह कुछ सफाई कर्मचारी यहां आए थे.  सभी लोग अपने घरों में हैं.  राजधानी के इतिहास में कुछ ही बार ऐसे अवसर आए होंगे जब जब आम लोगों से गुलजार रहने वाले इन इलाकों में इस तरह का सन्नाटा पसरा हुआ हो.
बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट, पुराने शहर के बाजारों के अलावा पूरी राजधानी के बाजारों में आज सन्नाटा पसरा रहा. बाजार पूरी तरह से बंद रहे. दवा की दुकानों को छोड़कर बाजारों में सभी दुकानें बंद रही.  इस दौरान परिवहन व्यवस्था भी बंद रही. राजधानी में 210 लो फ्लोर बसें, 3 हजार कैब के भी पहिए भी थमे रहे. नगर परिवहन सेवा में चलने वाली मैजिक वाहन, आटो और  700 मिनी बसों का संचालन भी आज सुबह से ही बंद रहा.  सड़कों पर आवाजाही बिल्कुल नहीं थी. दुकानें, पार्क सब बंद है. प्रशासन ने लोगों से घरों से न निकलने की अपील की है. भोपाल में सुबह 6 बजे से ही जनता कर्फ्यू का असर नजर आ रहा है.
पुलिस रही मुस्तैद
कोरोना वायरस को लेकर जनता कर्फ्यू के आह्वान पर आज राजधानी पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद है. राजधानी पुलिस ने अलग-अलग पाइंट्स बनाकर जवानों को तैनात किया है. जगह-जगह बैरिकेट्स लगाए गए हैं. करीब 2 हजार से ज्यादा जवान फील्ड में तैनात  रहे.
धरने पर बैठे रहे अतिथि विद्वान
जनता कर्फ्यू के बीच राजधानी भोपाल के शाहजनी पार्क में अतिथि विद्वानों का धरना जारी रहा. खास बात यह है कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे अतिथि विद्वान पूरी एहतियात के साथ धरने पर बैठे रहे. चेहरे पर मास्क लगाए रहे और दूरी बनाकर रखी गई.बता दे कि नियमितीकरण की मांग कर रहे प्रदेश भर के अतिथि विद्वान पिछले करीब 105 दिनों से धरने पर बैठे है, और आज जनता कर्फ्यू के दिन भी पूरी एहतियात के साथ धरना जारी हैं. 
खुली रही शराब की दुकानें
राजधानी भोपाल में एक ओर आम नागरिक स्वत: ही जनता कर्फ्य का पालन करते रहे और घरों से बाहर नहीं निकले. वहीं भोपाल जिला प्रशासन ने जनता कर्फ्यू की धज्जियां भी उड़ाने में कोई कसर  नहीं रखी. राजधानी के अलावा आज जिले भर में दारु की दुकानें खुली रही. पुलिस कर्मचारी भी इन दुकानों को देखते रहे, मगर बंद नहीं करा सके. हालांकि रोज की तरह इन दुकानों पर भीड़ नजर नहीं आई, मगर चहल-पहल होती रही.
रोज कमाकर जीवन यापन करने वालों के नुकसान की करें भरपाई
कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं एक बार फिर दोहराता हूं कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से उठाए कदमों व फैसलों से छोटे खुदरा व्यापारियों व रोज कमाकर अपना जीवन यापन करने वालों के नुकसान की भरपाई हो. उन लोगों के लिए राहत पैकेज का इंतजाम अगली सरकार करे. नाथ ने कहा है कि नोवल कोरोना वायरस से बचाव व सुरक्षा के लिए एहतियातन कई कदम उठाए जा रहे है व कई निर्णय लिये जा रहे है, जिसमें बाजार बंद , जनता कर्फ्यू , व्यावसायिक क्षेत्र बंद , कार्यालय बंद , जनता द्वारा खुद को लाक डाउन, आयोजन बंद , समारोह बंद जैसे निर्णय सावधानी बतौर लिये जा रहे है. इन निर्णयों से बड़े व्यवसायी तो एक बार खुद को इस संकट से उबार लेंगे लेकिन वो गरीब खुदरा-छोटे-मध्यम व्यवसायी, दिहाड़ी मजदूर और वो व्यवसायी जो प्रतिदिन कमाकर अपना जीवन यापन करते है , घर चलाते है , उनको होने वाली आर्थिक  क्षति को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं. चूंकि एक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में , अब मैं कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकता हूं , इसलिए मैं आगामी सरकार से ही उम्मीद कर सकता हूं कि इन छोटे-छोटे व्यवसायियों को होने वाली आर्थिक क्षति व नुकसान की भरपाई वो आते ही करे. इनके लिये एक राहत पैकेज की घोषणा करे.  क्योंकि उनके लिये यह दोहरी मार है. एक तरफ तो व्यवसाय चौपट दूसरा जीवन यापन के लिए आवश्यक खर्च का इंतजाम. नाथ ने कहा कि मुझे आशा व विश्वास है कि आने वाली सरकार छोटे-छोटे खुदरा व्यवसायियों, पान वाले, चाय वाले, ठेले वाले, गुमटी वाले, फुटपाथ पर व्यवसाय करने वालों, हाकर बाजार में व्यवसाय करने वालों , छोटे होटल वाले, दिहाड़ी मजदूर  व प्रतिदिन कमाकर अपना जीवन यापन करने वाले इन लोगों के हितों की चिंता करेगी व इनके नुकसान की भरपाई करेगी, इनके लिए एक सम्मानजनक राहत पैकेज की घोषणा करेगी.
कोरोना वायरस को परास्त कर पेश करें मिशाल
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की.  सिंह ने हाथ धोते हुए वीडियो जारी किया है और लोगों से अपील की है कि जनता कर्फ्यू में अपनी सहभागिता जरुरी है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर सभी कोरोना वायरस को परास्त कर मिसाल पेश करें.  सिंह का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए सिर्फ जागरूकता और सावधानी ही एक उपाय है. इसलिए लोग संक्रमण से बचाव के लिए दूर से नमस्कार कर लोगों का अभिवादन करें. भीड़भाड़ वाली जगह में जाने से बचें और बार-बार अपने हाथ सैनिटाइज करें या साबुन से साफ करते रहें. पूर्व मुख्यमंत्री ने हाथ धोते हुए एक वीडियो भी जारी किया है. 
कोरोना वायरस से बचाव में भाजपा का आपके साथ 
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ट्वीट कर कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्यपाल लालजी टंडन से अपील की है. शर्मा ने कोरोना वायरस को लेकर सरकार और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा जनता के हित में उठाए जाने वाले सभी कदमों को हमारा समर्थन है. शर्मा ने लिखा मेरी मध्य प्रदेश के राज्यपाल और कार्यकारी मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि कोरोना वायरस से बचाव पूरी भाजपा आपके साथ खड़ी हर संभव सहयोग देंगे.  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि हमें मिलकर कोरोना वायरस से प्रदेश की जनता को बचाना है.

मंगलवार, 17 मार्च 2020

भोपाल आएं, प्रेस कांफ्रेंस करें, विधायकों को सुरक्षा भी मिलेगी

बैंगलुरु में बाकी विधायकों की प्रेस कांफ्रेंस पर बोले कांग्रेस विधायक और मंत्री

कांग्रेस के बागी विधायकों द्वारा बैंगलुरु में ली गई प्रेस कांफ्रेंस के बाद कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस विधायकों का कहना है कि सभी विधायक भोपाल आएं और यहां पर प्रेस कांफ्रेंस करें, उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन विधायकों से दबाव में प्रेस कांफ्रेंस कराई गई है.
कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि जितने भी विधायक बैंगलुरु में हैं और वहां पर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं, वे भोपाल आएं और यहां पर प्रेस कांफ्रेंस करें, उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी. उन्होंने प्रश्न किया कि आखिर वे वहां पर क्यों प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं.  उन्होंने कहा कि इन विधायकों से दबाव में भी प्रेस कांफें्रस करवाई जा सकती है. हम उन्हें पूरी सुरक्षा देंगे और सदन में आकर या विधानसभा के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंपें फिर मानेंगे कि वो किसी दबाव में नहीं हैं. वहीं  निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा ने कांग्रेस विधायकों की नाराजगी पर दुख जताया. उन्होंने दावा किया है कि नाराज कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कमलनाथ के संपर्क में है और कांग्रेस में ही रहेंगे.
हम मजबूत है, कांग्रेस है और रहेगी
संस्कृति मंत्री डा. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमारी मां है, हम इसके साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि जब हम अपने विधानसभा क्षेत्र में अपनी इच्छा के अनुरुप काम नहीं करा पाते हैं, इस स्थिति में क्या हम पार्टी छोड़ देते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी ही वह है जिसके कारण हमें अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला है, हमने जनप्रतिनिधि के रुप में अपनी पहचान बनाई है. मैं इन सभी विधायकों द्वारा उठाए गए कदम को सही नहीं मानती. उन्होंने कहा कि हम मजबूत हैं, कांग्रेस है और रहेगी.
सुरक्षा देने को तैयार है हम
नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि हमारे सभी 16 विधायक बंधक बने हुए हैं. अगर वे प्रदेश लौटने पर सुरक्षा मांग रहे हैं तो हम सुरक्षा देंगे. गृह मंत्री बाला बच्चन पहले ही सुरक्षा देने की बात कह चुके हैं.  उन्होंने दावा किया कि हम बहुमत में हैं और यह साबित भी करेंगे कि कमलनाथ सरकार बहुमत में है.
झूठे आरोप लगाकर खुद को बता रहे काबिल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि जो आज कह रहे है कि हमारे महाराज कह दे तो हम कुएं में भी कूद जाएं , ये वो है जो हिंदी में अपनी शपथ भी ठीक से नहीं पढ़ पाये थे. गणतंत्र दिवस पर हिंदी में संदेश भी नहीं पढ़ पाये थे और उसके बाद भी जिनकी सहृदयता से वो टिके रहे, वो आज उन पर ही झूठे आरोप लगाकर खुद को काबिल बता रहे है?
प्रायोजित थी यह प्रेस कांफ्रेंस
मंत्री हर्ष सिंह ने बैंगलुरु में बागी विधायकों द्वारा ली गई प्रेस कांफे्रंस को प्रायोजित प्रेस कांफ्रेंस बताया. उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि ये विधायक बंधक हैं और यह प्रोपेगंडा भाजपा ने प्रायोजित किया है. उन्होंने कहा कि इन बागी विधायकों को सीधे मुख्यमंत्री और पार्टी नेताओं से संपर्क करना चाहिए और भोपाल आना चाहिए. उन्होंने कहा कि वैसे हमारे नेता इन विधायकों के संपर्क में हैं और वक्त आने पर यह साफ हो जाएगा कि कौन किसके साथ है.
सिंधिया ने प्रजा समझकर बली चढ़ाया
मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि इन विधायकों को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी प्रजा समझकर बली चढ़ा दिया है. वर्मा ने बेंगलुरू में कांग्रेस विधायकों के आरोपों पर बयान देते हुए उन्हें लालची बताया है. उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने इस तरह के आरोप लगाए हैं उन विधायकों के क्षेत्रों में उनके पुतले जलाए जा रहे है. मुंह पर कालिख पोती जा रही है.
बंधक नहीं बनाया तो 16 को विधानसभा क्यों नहीं पहुंचे
प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता संगीता शर्मा ने बागी विधायकों द्वारा बेंगलुरु की प्रेस कांफ्रेंस में लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि जब इन विधायकों को टिकट चाहिए था, तब पार्टी ने इन्हें टिकट दिया. सरकार बनने के बाद वचन पत्र में कही गई बातों पर अमल किया जा रहा है और हर विभाग के काम हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि असल बात ये हैं कि ये विधायक पहले ही अपना मन बना चुके थे.  कांग्रेस प्रवक्ता ने बागी विधायकों से सवाल किया कि अगर उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया है, तो वे 16 तारीख को विधानसभा क्यों नहीं आए? उन्होंने कहा कि इन विधायकों के जो इस्तीफे मिले हैं, वे स्क्रिप्टेड हैं और जो सोशल मीडिया में इनके वीडियो आ रहे हैं, वे भी स्क्रिप्टेड हैं. संगीता शर्मा ने कहा कि हम तो यह चाहते हैं कि ये विधायक विधानसभा आएं और अध्यक्ष के सामने स्थिति स्पष्ट करें, अपनी बात रखें.