रविवार, 1 मार्च 2020

कोई किसी की भी नहीं सुन रहा है, यही है असली कांग्रेस

गोपाल भार्गव 
मुख्यमंत्री कमल नाथ अपने मंत्रियों और पार्टी के नेताओं की नहीं सुन रहे हैं. मंत्रियों की अफसर नहीं सुन रहे हैं. अफसरों की उनके अधीनस्थ कर्मचारी नहीं सुन रहे हैं. ऐसे में प्रदेश की जनता की कौन सुनेगा? सब अपनी-अपनी मस्ती में चूर हैं. यही कारण है कि प्रदेश में अराजकता का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस का असली चेहरा यही है.
 ये बातें नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार की अजीब स्थिति है. सरकार के मंत्रियों को काम करवाने के लिए अधिकारियों के पैर तक पड़ने के लिए विवश होना पड़ रहा है. पार्टी के ही वरिष्ठ सदस्य अजय सिंह  को भी अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है. वे इस समय किसी पद पर नहीं हैं तो सरकार में उनकी ही सुनवाई नहीं हो रही है. ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कहना पड़ा कि वचन पूरे नहीं हुए तो वे सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमल नाथ तो अपने एजेंडे पर काम कर रहे हैं. वे तो कारपोरेट तरीके से सरकार चला रहे हैं. उन्हें तो सिर्फ उद्योगपतियों से ही मतलब है. आम जनता से उनका कोई लेना-देना नहीं है. भार्गव ने कहा है कि मुख्यमंत्री कमल नाथ प्रदेश की जनता को देखें. जनता ने ही उन्हें यहां पर चुनकर भेजा है, लेकिन वे सिर्फ छिंदवाड़ा तक ही सीमित हैं. प्रदेश के अन्य जिलों की भी मुख्यमंत्री परवाह करें. अब तक उन्होंने जनता को दिए हुए वादे ही पूरे नहीं किए हैं. मुख्यमंत्री बताएं कि उन्होंने अपने कितने वचन निभाए हैं?

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