मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को लिखा पत्र
मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान के बीच राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे नाराजगी भरे पत्र का जवाब आज मुख्यमंत्री ने उन्हें पत्र लिखकर दिया है. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि पहले बंदी बनाए विधायकों को आजाद होने दें, फिर ताकि वे खुले मन से फैसला ले सकें. मैं फ्लोर टेस्ट कराऊंगा और बहुमत सिद्ध करुंगा.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने राज्यपाल द्वारा उनके द्वारा लिखे पहले पत्र को लेकर जो सवाल उठाए उस पर खेद भी व्यक्त किया है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि मैंने अपने 40 साल के लंबे राजनीतिक जीवन में हमेशा सम्मान और मर्यादा का पालन किया है. आपके पत्र 16 मार्च को पढ़ने के बाद मैं दुखी हूं कि आपने मेरे ऊपर संसदीय मर्यादाओं का पालन न करने का आरोप लगाया है. मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी, फिर भी यदि आपको ऐसा लगा तो मैं खेद व्यक्त करता हूं.
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि सदन की कार्यवाही दिनांक 26 मार्च तक स्थगित हो गई है, परन्तु स्थगन के कारणों का संभवत: आकने उल्लेख करना उचिन नहीं समझा, जैसा कि आप स्वयं जानते हैं कि हमारे देश व पूरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय महामारी घोषित किया है. भारत सरकार ने इस बारे में एडवाईजरी जारी की है और समारोह अथवा सार्र्वजनिक स्थान, भीड़ से बचने के निर्देश दिए हैं. इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 26 मार्च सुबह 11 बजे तक स्थगित की है.
पत्र में लिखा है कि मैं आपके ध्यान में लाना चाहूंगा कि पिछले 15 महीनों में मैंने सदन में कई बार अपना बहुमत सिद्ध किया है अब यदि भाजपा यह आरोप लगा रही है कि मेरे पास बहुमत नहीं है तो वह अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से फ्लोर टेस्ट करा सकते हैं, मेरी जानकारी में आया है कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया है जो विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है. विधानसभा नियमावली के अनुसार अध्यक्ष इस पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे तो अपने आप यह सिद्ध हो जाएगा कि हमारा विधानसभा में बहुमत है.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा है कि कांग्रेस के 16 विधायकों को बेंगलुरु में रोका गया है. भाजपा के नेता उनके आसपास आ जा रहे हैं, बंदी बनाए गए 16 विधायकों को स्वतंत्र होने दीजिए और 5-7 दिन खुले वातावरण में बिना किसी डर दबाव और प्रभाव के उनके घर पर रहने दीजिए, ताकि वे स्वतंत्र मन से अपना निर्णय ले सकें. आपका यह मानना कि 17 मार्च तक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाओ और अपना बहुमत सिद्ध करो अन्यथा यह माना जाएगा कि मुझे विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है, यह पूरी तरह से आधारहीन होने से असंवैधानिक होगा.
मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान के बीच राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे नाराजगी भरे पत्र का जवाब आज मुख्यमंत्री ने उन्हें पत्र लिखकर दिया है. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि पहले बंदी बनाए विधायकों को आजाद होने दें, फिर ताकि वे खुले मन से फैसला ले सकें. मैं फ्लोर टेस्ट कराऊंगा और बहुमत सिद्ध करुंगा.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने राज्यपाल द्वारा उनके द्वारा लिखे पहले पत्र को लेकर जो सवाल उठाए उस पर खेद भी व्यक्त किया है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि मैंने अपने 40 साल के लंबे राजनीतिक जीवन में हमेशा सम्मान और मर्यादा का पालन किया है. आपके पत्र 16 मार्च को पढ़ने के बाद मैं दुखी हूं कि आपने मेरे ऊपर संसदीय मर्यादाओं का पालन न करने का आरोप लगाया है. मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी, फिर भी यदि आपको ऐसा लगा तो मैं खेद व्यक्त करता हूं.
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि सदन की कार्यवाही दिनांक 26 मार्च तक स्थगित हो गई है, परन्तु स्थगन के कारणों का संभवत: आकने उल्लेख करना उचिन नहीं समझा, जैसा कि आप स्वयं जानते हैं कि हमारे देश व पूरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय महामारी घोषित किया है. भारत सरकार ने इस बारे में एडवाईजरी जारी की है और समारोह अथवा सार्र्वजनिक स्थान, भीड़ से बचने के निर्देश दिए हैं. इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 26 मार्च सुबह 11 बजे तक स्थगित की है.
पत्र में लिखा है कि मैं आपके ध्यान में लाना चाहूंगा कि पिछले 15 महीनों में मैंने सदन में कई बार अपना बहुमत सिद्ध किया है अब यदि भाजपा यह आरोप लगा रही है कि मेरे पास बहुमत नहीं है तो वह अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से फ्लोर टेस्ट करा सकते हैं, मेरी जानकारी में आया है कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया है जो विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है. विधानसभा नियमावली के अनुसार अध्यक्ष इस पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे तो अपने आप यह सिद्ध हो जाएगा कि हमारा विधानसभा में बहुमत है.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा है कि कांग्रेस के 16 विधायकों को बेंगलुरु में रोका गया है. भाजपा के नेता उनके आसपास आ जा रहे हैं, बंदी बनाए गए 16 विधायकों को स्वतंत्र होने दीजिए और 5-7 दिन खुले वातावरण में बिना किसी डर दबाव और प्रभाव के उनके घर पर रहने दीजिए, ताकि वे स्वतंत्र मन से अपना निर्णय ले सकें. आपका यह मानना कि 17 मार्च तक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाओ और अपना बहुमत सिद्ध करो अन्यथा यह माना जाएगा कि मुझे विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है, यह पूरी तरह से आधारहीन होने से असंवैधानिक होगा.
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