भाजपा नेता दिल्ली में करते रहे बैठक, चरम पर पहुंची सियासत
मध्यप्रदेश में राजनीतिक ऊथल-पुथल जारी है. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता एक-दूसरे को मात देने की रणनीति में जुटे हैं. हार्स ट्रेडिंग के आरोपों के बाद कांग्रेस ने विधायकों भोपाल बुला लिया है, वहीं भाजपा के नेता दिल्ली में केन्द्रीय नेताओं के साथ रणनीति बनाते रहे. वहीं राजधानी भोपाल पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर मंत्रणा की. पिछले चार दिनों से चल रहा यह सियासी घमासान अब चरम पर आ गया है. मुख्यमंत्री ने सारे कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं.
हार्स टैडिंग के आरोपों के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रहे सह और मात का खेल अब और तेज हो चला है. गुरुवार की रात कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग के विधायक के बाद कांग्रेस भाजपा को इसी तरह का झटका देने का प्रयास कर रही है. खबर तो यह भी आई थी कि भाजपा के विधायकों से कांग्रेस इस्तीफे दिला सकती है, मगर देर रात तक चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया. मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अब फ्लोर टेस्ट की बाते करते नजर आ रहे हैं. इसी के चलते कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को भोपाल तलब किया है. कुछ विधायक तो भोपाल पहुंच गए हैं, मगर जो नहीं पहुंचे वे भी शनिवार तक पहुंच जाएंगे. कांग्रेस सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं राजधानी में विधायकों से मुलाकात कर उनसे चर्चा करेंगे. इसके अलावा मंत्रियों को भी विधायकों पर नजर रखने को कहा गया है. सूत्रों की माने तो विधायक बजट सत्र तक अब भोपाल में ही रहेंगे. मुख्यमंत्री ने अपने सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं.
भाजपा नेता दिल्ली में करते रहे बैठक
भाजपा नेता भी गुरुवार की रात से ही दिल्ली में डटे हुए हैं. गुरुवार को दिन में ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा दिल्ली रवाना हो गए थे, मगर कांग्रेस विधायक के इस्तीफे की खबर आते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा को भी रात को ही दिल्ली तलब कर लिया गया. चारों ने नेताओं की बैठक पहले तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा के साथ हुई और बाद में आज सुबह वे केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के निवास पर बैठक करते रहे. इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और धर्मेन्द्र प्रधान के होने की भी बात कही जा रही है.
सिंधिया समर्थक मंत्री सिलावट को रोका
सिंधिया समर्थक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट को आज इंदौर जाने से रोक दिया. बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को इंदौर पहुंचने वाले हैं, इसके चलते सिलावट इंदौर जा रहे थे, मगर मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें रोक दिया गया. साथ ही उन्हें कुछ विधायकों की जिम्मेदारी दी है कि वे उन पर नजर रखें.
कांग्रेस विधायकों ने लगाए शिवराज पर आरोप
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार और आलोट से विधायक मनोज चावला ने शिवराज सिंह चौहान पर बड़े आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि हमें भी भाजपा में शामिल होने का आफर आया था. तराना से विधायक महेश परमार ने कहा कि शिवराज सिंह से मेरी इस बारे में बातचीत हुई थी. मैंने इसके पक्के सबूत अपने वरिष्ठ नेताओं को दे दिए हैं. परमार ने कहा कि आने वाले समय में वे एफआईआर कराएंगे. वहीं आलोट से विधायक मनोज चावला ने कहा कि उन्हें भाजपा ने अगवा किया है. मेरी विचारधारा कांग्रेस की है और मैं हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहूंगा. चावला ने कहा कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से इस बारे में बातचीत हुई थी. किसी व्यक्ति के जरिए मैंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की थी. वहीं से मुझे भाजपा में शामिल होने का आफर मिला था.
सिंधिया की उपेक्षा की तो सरकार पर छाएंगे काले बादल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के बयान ने सियासी ड्रामे को और हवा दे दी है, साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ की चिंता को भी बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार को फिलहाल तो कोई खतरा नहीं है, लेकिन जिस दिन सिंधिया की उपेक्षा हुई उस दिन इस सरकार पर ऐसे काले बादल छाएंगे जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता.
लापता विधायकों के बैंगलुरु में होने की जानकारी
कांग्रेस के 3 और 1 निर्दलीय विधायक के बैंगलुरु में होने की जानकारी मिली है. बताया जाता है कि कांग्रेस के बिसाहूलाल सिंह, रघुराज सिंह कंसाना, हरदीप सिंह डंग और निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा का चार दिनों से कोई पता नहीं चल रहा था. बिसाहूलाल सिंह के पुत्र ने तो गुरुवार को राजधानी के टीटी नगर थाने में अपने पिता के न मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई थी. बताया जा रहा है कि आज दोपहर को इन चारों विधायकों के बैंगलूरु में होने की खबर मिली है. चारों को कांग्रेस जल्द ही भोपाल लेकर आएगी.
मध्यप्रदेश में राजनीतिक ऊथल-पुथल जारी है. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता एक-दूसरे को मात देने की रणनीति में जुटे हैं. हार्स ट्रेडिंग के आरोपों के बाद कांग्रेस ने विधायकों भोपाल बुला लिया है, वहीं भाजपा के नेता दिल्ली में केन्द्रीय नेताओं के साथ रणनीति बनाते रहे. वहीं राजधानी भोपाल पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर मंत्रणा की. पिछले चार दिनों से चल रहा यह सियासी घमासान अब चरम पर आ गया है. मुख्यमंत्री ने सारे कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं.
हार्स टैडिंग के आरोपों के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रहे सह और मात का खेल अब और तेज हो चला है. गुरुवार की रात कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग के विधायक के बाद कांग्रेस भाजपा को इसी तरह का झटका देने का प्रयास कर रही है. खबर तो यह भी आई थी कि भाजपा के विधायकों से कांग्रेस इस्तीफे दिला सकती है, मगर देर रात तक चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया. मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अब फ्लोर टेस्ट की बाते करते नजर आ रहे हैं. इसी के चलते कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को भोपाल तलब किया है. कुछ विधायक तो भोपाल पहुंच गए हैं, मगर जो नहीं पहुंचे वे भी शनिवार तक पहुंच जाएंगे. कांग्रेस सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं राजधानी में विधायकों से मुलाकात कर उनसे चर्चा करेंगे. इसके अलावा मंत्रियों को भी विधायकों पर नजर रखने को कहा गया है. सूत्रों की माने तो विधायक बजट सत्र तक अब भोपाल में ही रहेंगे. मुख्यमंत्री ने अपने सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं.
भाजपा नेता दिल्ली में करते रहे बैठक
भाजपा नेता भी गुरुवार की रात से ही दिल्ली में डटे हुए हैं. गुरुवार को दिन में ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा दिल्ली रवाना हो गए थे, मगर कांग्रेस विधायक के इस्तीफे की खबर आते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा को भी रात को ही दिल्ली तलब कर लिया गया. चारों ने नेताओं की बैठक पहले तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा के साथ हुई और बाद में आज सुबह वे केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के निवास पर बैठक करते रहे. इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और धर्मेन्द्र प्रधान के होने की भी बात कही जा रही है.
सिंधिया समर्थक मंत्री सिलावट को रोका
सिंधिया समर्थक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट को आज इंदौर जाने से रोक दिया. बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को इंदौर पहुंचने वाले हैं, इसके चलते सिलावट इंदौर जा रहे थे, मगर मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें रोक दिया गया. साथ ही उन्हें कुछ विधायकों की जिम्मेदारी दी है कि वे उन पर नजर रखें.
कांग्रेस विधायकों ने लगाए शिवराज पर आरोप
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार और आलोट से विधायक मनोज चावला ने शिवराज सिंह चौहान पर बड़े आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि हमें भी भाजपा में शामिल होने का आफर आया था. तराना से विधायक महेश परमार ने कहा कि शिवराज सिंह से मेरी इस बारे में बातचीत हुई थी. मैंने इसके पक्के सबूत अपने वरिष्ठ नेताओं को दे दिए हैं. परमार ने कहा कि आने वाले समय में वे एफआईआर कराएंगे. वहीं आलोट से विधायक मनोज चावला ने कहा कि उन्हें भाजपा ने अगवा किया है. मेरी विचारधारा कांग्रेस की है और मैं हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहूंगा. चावला ने कहा कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से इस बारे में बातचीत हुई थी. किसी व्यक्ति के जरिए मैंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की थी. वहीं से मुझे भाजपा में शामिल होने का आफर मिला था.
सिंधिया की उपेक्षा की तो सरकार पर छाएंगे काले बादल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के बयान ने सियासी ड्रामे को और हवा दे दी है, साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ की चिंता को भी बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार को फिलहाल तो कोई खतरा नहीं है, लेकिन जिस दिन सिंधिया की उपेक्षा हुई उस दिन इस सरकार पर ऐसे काले बादल छाएंगे जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता.
लापता विधायकों के बैंगलुरु में होने की जानकारी
कांग्रेस के 3 और 1 निर्दलीय विधायक के बैंगलुरु में होने की जानकारी मिली है. बताया जाता है कि कांग्रेस के बिसाहूलाल सिंह, रघुराज सिंह कंसाना, हरदीप सिंह डंग और निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा का चार दिनों से कोई पता नहीं चल रहा था. बिसाहूलाल सिंह के पुत्र ने तो गुरुवार को राजधानी के टीटी नगर थाने में अपने पिता के न मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई थी. बताया जा रहा है कि आज दोपहर को इन चारों विधायकों के बैंगलूरु में होने की खबर मिली है. चारों को कांग्रेस जल्द ही भोपाल लेकर आएगी.
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