सरकार पर संकट बरकरार, कांग्रेस का आरोप विधायकों को बनाया बंधक, भाजपा ने नकारा

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर छाया संकट फिलहाल टल गया है. भाजपा के कथित आपरेशन लोटस के तहत जिन विधायकों को दिल्ली के गुरुग्राम स्थित एक होटल में रखा गया था. उनमें से 6 विधायक आज शाम को वापस भोपाल लौट आए. इसके साथ ही 3 से लेकर 4 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों को बैंगलुरुभेजे जाने का आरोप कांग्रेस नेताओं ने लगाया है. उनको भी कांग्रेस नेता भोपाल बुलाने की तैयारी में हैं. इस तरह भाजपा का आपरेशन लोटस फिलहाल असफल सा साबित हो गया.
दिग्विजय सिंह द्वारा मंगलवार की रात को बंधक बनाए विधायकों की खबर देने के बाद कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा गया था. विधायक रामबाई, संजीव सिंह कुशवाह, राजेश शुक्ला, निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा और कांग्रेस के विधायक एंदलसिंह कंसाना, हरदीप सिंह डंग सहित 10 विधायकों को गुरुग्राम के होटल मानेसर में रखा गया था. इस खबर के मिलने के बाद दिग्विजय सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी एवं नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने वहां पहुंचकर 6 विधायकों को जद्दोजहद कर वापस लाए और भाजपा पर बंधक बनाने का आरोप लगाया. इनके अलावा कुछ विधायकों को बैंगलुरु ले जाने की खबरें भी आई. इसके बाद सियासत में उबाल आ गया. हालांकि दिग्विजय सिंह ने भाजपा के इस आपरेशन को असफल कर लिया. मगर दिग्विजय सिंह सहित मंत्रियों के प्रयासों ने भाजपा के इस प्रयास को असफल कर दिया.
वनमंत्री ने ट्वीट कर साधा निशाना
सियासी उठापटक के बीच राज्य के वन मंत्री उमंग सिंघार का ट्वीट चर्चा में आया है. उन्होंने परोक्ष रुप से राज्य के एक बड़े नेता पर निशाना साधा है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले सिंघार ने ट्वीट में लिखा है कमलनाथ की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है. यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं. इस ट्वीट के साथ उन्होंने मजाक संबंधी तीन संकेत भी पोस्ट किए हैं. आदिवासी नेता सिंघार कुछ माह पहले उस समय चर्चाओं में आए थे, जब उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की थी. यह मामला काफी तूल पकड़ा था और फिर यह पार्टी की अनुशासन समिति में भी गया था.
भोपाल पहुंचे बंधक बनाए विधायक
बंधक बनाए गए विधायकों को लेकर आज बुधवार की दोपहर को वित्त मंत्री तरुण भानोत विशेष विमान के द्वारा भोपाल आए. उनके साथ 6 विधायक भोपाल आए हैं. वित्त मंत्री के साथ राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह भी रहे. जो 6 विधायक आज भोपाल आए उनमें सपा के राजेश शुक्ला, बसपा के संजीव सिंह कुशवाह, कांग्रेस के एंदल सिंह कंसाना, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव और बसपा से निष्कासित राम बाई शामिल हैं. भोपाल लौटने के बाद सभी 6 विधायक मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री से मिले. भोपाल विमानतल पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री तरुण भानोत ने कहा आल इज वेल, सरकार पर कोई खतरा नहीं है. यह भाजपा का षडयंत्र था, जो हमने नाकाम कर दिया है.
माफियाओं के साथ मिलकर सरकार को अस्थिर करने का भाजपा कर रही प्रयास
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि माफियाओं के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का असफल प्रयास पिछले कई दिनों से कर रही हैं. भू-माफिया, संगठित अपराध माफिया, नकली दवाओं का व्यापार, शुद्ध के खिलाफ युद्ध का जो अभियान सरकार पिछले कई दिनों से चला रही है, यह सभी माफिया भाजपा के संरक्षण में पिछले 15 साल में पनपे हैं. मध्यप्रदेश की जनता को इन माफियाओं से मुक्त कराने का व प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने का अभियान भाजपा को रास नही आ रहा हैं. इन माफियाओं के धनबल के दम पर वह साजिश-षड़यंत्र रच कर अलोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आने के मंसूबे पाल रही है. भाजपा का लोकतंत्र में विश्वास नहीं, उनका विश्वास साजिश, षड्यंत्र व धनबल में है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा सहित कई राज्यों में लोकतंत्र व संवैधानिक मूल्यों की हत्या करने का काम किया है, उसी कड़ी में प्रदेश में भी यही दोहराने का प्रयास वह कर रही है. हमें हमारे सभी विधायकों पर पूर्ण विश्वास है, उनकी निष्ठा - ईमानदारी पर हमे कोई संदेह नही है. भृष्टाचार-घोटालो से कमाए इस कालेधन की सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा की सारी साजिशें नाकाम होगी.
आपस में मची मारामारी, आरोप हम पर लगा रहे: शिवराज
हार्स ट्रेडिंग के लग रहे आरोपों को लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली से आकर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इतने गुट हैं कि आपस में ही मारामारी मची है और आरोप हम पर लगाते हैं, इसका मतलब क्या है? जब उनसे पूछा गया कि आप दिल्ली क्यों गए थे तो शिवराज ने कहा कि मैं तो दिल्ली आता ही रहता हूं. भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हूं, जब दिल्ली बुलाते हैं, जाता हूं. हार्स ट्रेडिंग के सवालों पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका सवाल ही पैदा नहीं होता है भारतीय जनता पार्टी की ऐसी कोई सोच नहीं रही है. हमने पहले भी कहा है हम ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हैं, लेकिन अगर कांग्रेस के अपने बोझ से कुछ होता है तो वह जाने.
जोड़-तोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ब्लैकमेल कर दबाव की राजनीति कर रहे हैं. भाजपा जोड़-तोड़ व खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं रखती. वहीं नरोत्तम मिश्रा के वायरल वीडियो को झूठा बताया है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस खुद साजिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार अंतर्कलह से घिरी हुई है, जिसकी वजह से आज सियासी उलटफेर की आशंका बनी हुई है. कांग्रेस की सरकार ही खरीद फरोख्त की है.
सिंधिया समर्थकों ने बनाई दूरी
हार्स ट्रेडिंग मामले में सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों ने बयान देने से दूरी बनाए रखी. सिंधिया समर्थक और कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर और गोविंद सिंह राजपूत ने मामले पर मीडिया से जहां दूरी बनाए रखी. मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मीडिया के सवालों का ठीक से जवाब नहीं दिया वहीं इस मामले पर पूछे गए सवाल से भागते हुए बहाने बनाते हुए निकल गए. अन्य दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत भी अन्य कोई बहाना बनाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ की बैठक से नदारद रहे.

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर छाया संकट फिलहाल टल गया है. भाजपा के कथित आपरेशन लोटस के तहत जिन विधायकों को दिल्ली के गुरुग्राम स्थित एक होटल में रखा गया था. उनमें से 6 विधायक आज शाम को वापस भोपाल लौट आए. इसके साथ ही 3 से लेकर 4 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों को बैंगलुरुभेजे जाने का आरोप कांग्रेस नेताओं ने लगाया है. उनको भी कांग्रेस नेता भोपाल बुलाने की तैयारी में हैं. इस तरह भाजपा का आपरेशन लोटस फिलहाल असफल सा साबित हो गया.
दिग्विजय सिंह द्वारा मंगलवार की रात को बंधक बनाए विधायकों की खबर देने के बाद कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा गया था. विधायक रामबाई, संजीव सिंह कुशवाह, राजेश शुक्ला, निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा और कांग्रेस के विधायक एंदलसिंह कंसाना, हरदीप सिंह डंग सहित 10 विधायकों को गुरुग्राम के होटल मानेसर में रखा गया था. इस खबर के मिलने के बाद दिग्विजय सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी एवं नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने वहां पहुंचकर 6 विधायकों को जद्दोजहद कर वापस लाए और भाजपा पर बंधक बनाने का आरोप लगाया. इनके अलावा कुछ विधायकों को बैंगलुरु ले जाने की खबरें भी आई. इसके बाद सियासत में उबाल आ गया. हालांकि दिग्विजय सिंह ने भाजपा के इस आपरेशन को असफल कर लिया. मगर दिग्विजय सिंह सहित मंत्रियों के प्रयासों ने भाजपा के इस प्रयास को असफल कर दिया.
वनमंत्री ने ट्वीट कर साधा निशाना
सियासी उठापटक के बीच राज्य के वन मंत्री उमंग सिंघार का ट्वीट चर्चा में आया है. उन्होंने परोक्ष रुप से राज्य के एक बड़े नेता पर निशाना साधा है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले सिंघार ने ट्वीट में लिखा है कमलनाथ की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है. यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं. इस ट्वीट के साथ उन्होंने मजाक संबंधी तीन संकेत भी पोस्ट किए हैं. आदिवासी नेता सिंघार कुछ माह पहले उस समय चर्चाओं में आए थे, जब उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की थी. यह मामला काफी तूल पकड़ा था और फिर यह पार्टी की अनुशासन समिति में भी गया था.
भोपाल पहुंचे बंधक बनाए विधायक
बंधक बनाए गए विधायकों को लेकर आज बुधवार की दोपहर को वित्त मंत्री तरुण भानोत विशेष विमान के द्वारा भोपाल आए. उनके साथ 6 विधायक भोपाल आए हैं. वित्त मंत्री के साथ राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह भी रहे. जो 6 विधायक आज भोपाल आए उनमें सपा के राजेश शुक्ला, बसपा के संजीव सिंह कुशवाह, कांग्रेस के एंदल सिंह कंसाना, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव और बसपा से निष्कासित राम बाई शामिल हैं. भोपाल लौटने के बाद सभी 6 विधायक मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री से मिले. भोपाल विमानतल पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री तरुण भानोत ने कहा आल इज वेल, सरकार पर कोई खतरा नहीं है. यह भाजपा का षडयंत्र था, जो हमने नाकाम कर दिया है.
माफियाओं के साथ मिलकर सरकार को अस्थिर करने का भाजपा कर रही प्रयास
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि माफियाओं के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का असफल प्रयास पिछले कई दिनों से कर रही हैं. भू-माफिया, संगठित अपराध माफिया, नकली दवाओं का व्यापार, शुद्ध के खिलाफ युद्ध का जो अभियान सरकार पिछले कई दिनों से चला रही है, यह सभी माफिया भाजपा के संरक्षण में पिछले 15 साल में पनपे हैं. मध्यप्रदेश की जनता को इन माफियाओं से मुक्त कराने का व प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने का अभियान भाजपा को रास नही आ रहा हैं. इन माफियाओं के धनबल के दम पर वह साजिश-षड़यंत्र रच कर अलोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आने के मंसूबे पाल रही है. भाजपा का लोकतंत्र में विश्वास नहीं, उनका विश्वास साजिश, षड्यंत्र व धनबल में है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा सहित कई राज्यों में लोकतंत्र व संवैधानिक मूल्यों की हत्या करने का काम किया है, उसी कड़ी में प्रदेश में भी यही दोहराने का प्रयास वह कर रही है. हमें हमारे सभी विधायकों पर पूर्ण विश्वास है, उनकी निष्ठा - ईमानदारी पर हमे कोई संदेह नही है. भृष्टाचार-घोटालो से कमाए इस कालेधन की सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा की सारी साजिशें नाकाम होगी.
आपस में मची मारामारी, आरोप हम पर लगा रहे: शिवराज
हार्स ट्रेडिंग के लग रहे आरोपों को लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली से आकर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इतने गुट हैं कि आपस में ही मारामारी मची है और आरोप हम पर लगाते हैं, इसका मतलब क्या है? जब उनसे पूछा गया कि आप दिल्ली क्यों गए थे तो शिवराज ने कहा कि मैं तो दिल्ली आता ही रहता हूं. भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हूं, जब दिल्ली बुलाते हैं, जाता हूं. हार्स ट्रेडिंग के सवालों पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका सवाल ही पैदा नहीं होता है भारतीय जनता पार्टी की ऐसी कोई सोच नहीं रही है. हमने पहले भी कहा है हम ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हैं, लेकिन अगर कांग्रेस के अपने बोझ से कुछ होता है तो वह जाने.
जोड़-तोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ब्लैकमेल कर दबाव की राजनीति कर रहे हैं. भाजपा जोड़-तोड़ व खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं रखती. वहीं नरोत्तम मिश्रा के वायरल वीडियो को झूठा बताया है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस खुद साजिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार अंतर्कलह से घिरी हुई है, जिसकी वजह से आज सियासी उलटफेर की आशंका बनी हुई है. कांग्रेस की सरकार ही खरीद फरोख्त की है.
सिंधिया समर्थकों ने बनाई दूरी
हार्स ट्रेडिंग मामले में सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों ने बयान देने से दूरी बनाए रखी. सिंधिया समर्थक और कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर और गोविंद सिंह राजपूत ने मामले पर मीडिया से जहां दूरी बनाए रखी. मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मीडिया के सवालों का ठीक से जवाब नहीं दिया वहीं इस मामले पर पूछे गए सवाल से भागते हुए बहाने बनाते हुए निकल गए. अन्य दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत भी अन्य कोई बहाना बनाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ की बैठक से नदारद रहे.
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