दावेदार विधायक और सिंधिया समर्थक हो रहे बेताबमध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना संकट के चलते मंत्रिमंडल गठन नहीं कर पा रहे हैं. इसके चलते भाजपा के दावेदार विधायक और सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक जिन्हें मंत्री बनाने का आश्वासन मिला था, बेताब हो रहे हैं. कोरोना के चलते चल रहे लाक डाउन को लेकर यह माना जा रहा है कि अब मंत्रिमंडल का गठन 14 अप्रैल के बाद ही होगा.
राज्य में कांग्रेस की सरकार को गिराने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली, मगर वे अब तक अपना मंत्रिमंडल गठन नहीं कर पाए हैं. हालांकि उनका कहना है कि पहले चुनौती वैश्विक महामारी कोरोना वायरस है, इसके बाद सबकुछ. याने यह साफ है कि फिलहाल वे 14 अप्रैल तक मंत्रिमंडल गठन को टालने का प्रयास कर रहे हैं. लाक डाउन के खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल गठन की संभावना जताई जा रही है. दूसरी ओर कांग्रेस से विधायकी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थकों की चिंता भी अब बढ़ने लगी है. कांग्रेस से जिन विधायकों ने सरकार को गिराने में विधायक पद से इस्तीफे दिए थे, उनमें से आधा दर्ज विधायकों को मंत्री बनाया जाने का आश्वासन भाजपा की ओर से दिया जाना बताया जा रहा है. इनमें सिंधिया समर्थक तुसलीराम सिलावट को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है. मगर अब जबकि शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल गठन को लेकर चर्चा ही नहीं कर रहे हैं, तो भाजपा के दावेदार विधायकों में भी चिंता बढ़ी हुई है.
संगठन के लिए चुनौती बना गठन
मंत्रिमंडल का गठन वैसे तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को करना है, मगर भाजपा का संगठन भी इसमें अहम भूमिका निर्वाह करता है. इस वजह से संगठन के सामने भी यह चुनौती बन गया है कि वह भाजपा विधायकों जिनमें से बड़ी संख्या में पूर्व मंत्री हैं, उनमें से किसे मंत्रिमंडल में शामिल करे और किसे नहीं. वहीं सूत्रों की माने तो सिंधिया समर्थक जिन विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफे दिए थे, उनमें से आधा दर्जन विधायकों को मंत्री बनाने की बात तय हुई है. अब संगठन इस बात को लेकर चिंंतित है कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के कद्दावर नेताओं की नाराजगी भी संगठन के सामने आएगी.
पूर्व मंत्री ने किया कटाक्ष
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मंत्रिमंडल गठन न किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर जहां देश के दूसरे राज्यों की सरकारें तमाम कदम उठा रही है, वहीं शिवराज सिंह अब तक अपना मंत्रिमंडल गठित नहीं कर पाए हैं. वर्मा ने कोरोना वायरस को लेकर चिंता जताई और कहा कि संकट के इस समय में प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री ही नहीं है. उन्होंने कहा कि क्या मंत्रिमंडल को लेकर सौदेबाजी जारी है. विपदा के समय में प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री ही नहीं है. इसलिए राज्यपाल को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए.
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