सोमवार, 9 मार्च 2020

अब सिंधिया समर्थक मंत्री, विधायक बने मुसीबत

 फोन आ रहे बंद, बैंगलुरु के लिए हुए रवाना

मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायक और मंत्री परेशानी का कारण बन गए हैं. सिंधिया समर्थक एक मंत्री सहित कुछ विधायकों  के फोन बंद आ रहे हैं, जिसने सरकार की चिंंता को और बढ़ा दिया है.
राज्य की कमलनाथ सरकार दो विधायकों को अभी ला भी नहीं पाई थी कि आज उसके सामने सिंधिया समर्थक राज्य के श्रम मंत्री महेन्द्र सिसोदिया ने चिंता खड़ी कर दी. सिसोदिया ने अपना फोन बंद कर लिया और वे अचानक दिल्ली चले गए. सिसोदिया के अलावा सिंधिया समर्थक कुछ विधायकों का भी पता नहीं चल रहा है. गौरतलब है कि सिंधिया समर्थक मंत्री तुलसीराम सिलावट, गोविंद राजपूत, इमरती देवी सहित अन्य मंत्री इस पूरे प्रकरण में मौन रहे हैं, किसी मंत्री का कोई बयान नहीं दिया है.
सूत्रों की माने तो सिसोदिया के अलावा अन्य सिंधिया समर्थक मंत्रियों ने भी प्रदेश से बाहर रवानगी डाल दी है. बताया जाता है कि सिंधिया समर्थक मंत्री बैंगलुरु के लिए रवाना हुए हैं, साथ ही उन्होंने अपने मोबाइल भी बंद कर लिए हैं. मंत्रियों के साथ सिंधिया समर्थक विधायक भी होना बताया जा रहा है. 
गौरतलब है कि प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान 26 मार्च को होगा और उसी दिन नतीजे भी घोषित होंगे. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकनपत्र दाखिले की अंतिम तिथि 13 मार्च हैं. इसके अलावा 16 मार्च से राज्य विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र भी शुरू हो रहा है. राज्य में 230 सदस्यीय विधानसभा में आगर और जौरा सीट रिक्त हैं. शेष 228 विधायकों में से कांग्रेस के 114, भाजपा के 107, बसपा के 2, सपा का 1 और 4 निर्दलीय विधायक हैं. इस संख्या के हिसाब से दोनों दलों की 1-1सीट पर विजय सुनिश्चित मानी जा रही है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालातों के बीच तीसरी सीट पर रोचक चुनाव होने की संभावना है.

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