भाजपा और कांग्रेस ने विधायकों को भेजा सुरक्षित स्थान पर
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार है. सरकार के इस संकट को दूर करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी भोपाल पहुंचे हैं. साथ ही विधायकों की खरीद-फरोख्त न हो, इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने विधायकों को भोपाल से बाहर भेज दिया है. भाजपा ने दिल्ली के समीप गुरुग्राम में अपने विधायकों को रखा है, तो कांग्रेस ने आज विधायकों को जयपुर भेजा है.
मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद बाद कमलनाथ सरकार पर गहराया संकट बरकरार है. सिंधिया के साथ 22 कांग्रेस विधायकों द्वारा भेजे इस्तीफे ने कमलनाथ सरकार को संकट में डाला है. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने अभी तक इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं. जबकि भाजपा द्वारा विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है. भाजपा ने विधायकों को भोपाल से गुरुग्राम भेज कर अपना संकट दूर कर लिया है, वहीं कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर गहराया संकट बरकरार है. कांग्रेस ने आज सुबह विधायकों को जयपुर भेज दिया. कांग्रेस ने तोड़-फोड़ की आशंका और विधायकों को खरीद फरोख्त से बचाने की तैयारी में कांग्रेस के 88 और 4 निर्दलीय विधायकों को विशेष विमान से भोपाल से जयपुर ले जाया जाएगा. जयपुर जाने से पहले सभी कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने पहुंचे. प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और मुकुल वासनिक भी इनके साथ मौजूद रहे. कुछ विधायकों का कहना है कि हम साथ में घूमने जा रहे हैं, इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं कहा. विधायकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि वहां सभी को ब्यूना विस्ता रिसोर्ट में ठहराया जा सकता है. इस पूरे काम को अंजाम देने के लिए जयपुर में राजस्थान सीएम की टीम ने मोर्चा संभाला हुआ है. बताते चले कि इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत महाराष्ट्र के विधायकों की भी 4 दिन आवभगत कर चुके हैं. इसके पहले भाजपा ने अपने विधायकों को कल मंगलवार की रात को ही विधायक दल की बैठक के बाद विशेष विमान से दिल्ली भेजा था. इसके बाद उन्हें गुरुग्राम ले जाकर ठहराया है. भाजपा विधायक होली मनाने का कहकर भोपाल से रवाना हुए थे.
लाखन यादव को दी जिम्मेदारी
कमलनाथ सरकार को संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जुटे हुए हैं. दोनों ने ग्वालियर-चंबल अंचल लाखन सिंह यादव को सौंपी है. वे भोपाल में रुके हुए हैं और विधायकों पर नजरें टिकाए हुए हैं. यादव विशेषकर बैंगलुरु में रुके ग्वालियर-चंबल अंचल के विधायकों की कांग्रेस में वापसी के प्रयास कर रहे हैं.
सिंधिया का फूंका पुतला
ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगावती तेवर सामने आने के बाद कांग्रेसी का गुस्सा सामने आया है. भड़के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज मुख्यमंत्री निवास के बाहर सिंधिया का पुतला फूंका. इस अवसर पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा मौजूद रहे है. सिंधिया के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनको गद्दार बताया और कहा कि जो भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मिलकर खेल खेला है उसे कमलनाथ पूरा नहीं होने देंगे. जब बहुमत साबित करने की बात आएगी तब सब साफ हो जाएगा ये मध्य प्रदेश की जनता के साथ अन्याय किया गया है. इधर भिंड़ में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के साथ वाले पोस्टर लगे है. इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर को निकाल दिया.
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा हुए नाराज
ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने नाराजगी जताई है. झा ने पार्टी के इस फैसले से नाराज हैं और उन्होंने पार्टी आलाकमान को बता दी है. उन्हें ऐसा लगता है कि सिंधिया के आने से भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं का मनोबल टूटेगा. झा लंबे अरसे से मध्यप्रदेश की राजनीति करते रहे हैं. संगठन में उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया है. प्रदेश के अंदर जब पार्टी विपक्ष में हुआ करती थी तब भी उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है. ऐसे में भाजपा नेतृत्व यह नहीं चाहेगा कि झा इस पूरे मामले पर नाराज हो लिहाजा उन्हें बनाने का प्रयास भी जारी है.
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार है. सरकार के इस संकट को दूर करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी भोपाल पहुंचे हैं. साथ ही विधायकों की खरीद-फरोख्त न हो, इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने विधायकों को भोपाल से बाहर भेज दिया है. भाजपा ने दिल्ली के समीप गुरुग्राम में अपने विधायकों को रखा है, तो कांग्रेस ने आज विधायकों को जयपुर भेजा है.
मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद बाद कमलनाथ सरकार पर गहराया संकट बरकरार है. सिंधिया के साथ 22 कांग्रेस विधायकों द्वारा भेजे इस्तीफे ने कमलनाथ सरकार को संकट में डाला है. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने अभी तक इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं. जबकि भाजपा द्वारा विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है. भाजपा ने विधायकों को भोपाल से गुरुग्राम भेज कर अपना संकट दूर कर लिया है, वहीं कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर गहराया संकट बरकरार है. कांग्रेस ने आज सुबह विधायकों को जयपुर भेज दिया. कांग्रेस ने तोड़-फोड़ की आशंका और विधायकों को खरीद फरोख्त से बचाने की तैयारी में कांग्रेस के 88 और 4 निर्दलीय विधायकों को विशेष विमान से भोपाल से जयपुर ले जाया जाएगा. जयपुर जाने से पहले सभी कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने पहुंचे. प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और मुकुल वासनिक भी इनके साथ मौजूद रहे. कुछ विधायकों का कहना है कि हम साथ में घूमने जा रहे हैं, इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं कहा. विधायकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि वहां सभी को ब्यूना विस्ता रिसोर्ट में ठहराया जा सकता है. इस पूरे काम को अंजाम देने के लिए जयपुर में राजस्थान सीएम की टीम ने मोर्चा संभाला हुआ है. बताते चले कि इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत महाराष्ट्र के विधायकों की भी 4 दिन आवभगत कर चुके हैं. इसके पहले भाजपा ने अपने विधायकों को कल मंगलवार की रात को ही विधायक दल की बैठक के बाद विशेष विमान से दिल्ली भेजा था. इसके बाद उन्हें गुरुग्राम ले जाकर ठहराया है. भाजपा विधायक होली मनाने का कहकर भोपाल से रवाना हुए थे.
लाखन यादव को दी जिम्मेदारी
कमलनाथ सरकार को संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जुटे हुए हैं. दोनों ने ग्वालियर-चंबल अंचल लाखन सिंह यादव को सौंपी है. वे भोपाल में रुके हुए हैं और विधायकों पर नजरें टिकाए हुए हैं. यादव विशेषकर बैंगलुरु में रुके ग्वालियर-चंबल अंचल के विधायकों की कांग्रेस में वापसी के प्रयास कर रहे हैं.
सिंधिया का फूंका पुतला
ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगावती तेवर सामने आने के बाद कांग्रेसी का गुस्सा सामने आया है. भड़के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज मुख्यमंत्री निवास के बाहर सिंधिया का पुतला फूंका. इस अवसर पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा मौजूद रहे है. सिंधिया के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनको गद्दार बताया और कहा कि जो भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मिलकर खेल खेला है उसे कमलनाथ पूरा नहीं होने देंगे. जब बहुमत साबित करने की बात आएगी तब सब साफ हो जाएगा ये मध्य प्रदेश की जनता के साथ अन्याय किया गया है. इधर भिंड़ में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के साथ वाले पोस्टर लगे है. इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर को निकाल दिया.
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा हुए नाराज
ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने नाराजगी जताई है. झा ने पार्टी के इस फैसले से नाराज हैं और उन्होंने पार्टी आलाकमान को बता दी है. उन्हें ऐसा लगता है कि सिंधिया के आने से भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं का मनोबल टूटेगा. झा लंबे अरसे से मध्यप्रदेश की राजनीति करते रहे हैं. संगठन में उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया है. प्रदेश के अंदर जब पार्टी विपक्ष में हुआ करती थी तब भी उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है. ऐसे में भाजपा नेतृत्व यह नहीं चाहेगा कि झा इस पूरे मामले पर नाराज हो लिहाजा उन्हें बनाने का प्रयास भी जारी है.
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