हार्स ट्रेडिंग पर थम नहीं रही सियासत,मंत्री प्रदीप जायसवाल से मांगा इस्तीफामध्यप्रदेश में हार्स ट्रेडिंग को लेकर सियासत थम नहीं रही है. विधायकों को बंधक बनाए जाने को लेकर भी घटनाक्रम पल-पल बदल रहा है. इस बीच भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को निशाना बनाया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा ने कहा है कि दिग्विजय सिंह देशद्रोही वाले बयान देने के लिए जाने जाते हैं. विधायकों द्वारा बंधक बनाए जाने का खंडन किए जाने के बाद उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए.
मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ भाजपा के आपरेशन लोटस के असफल होने के बाद विधायकों के बंधक बनाए जाने को लेकर सियासत थम नहीं रही है. कांग्रेस और भाजपा के नेता एक-दूसरे को इसके लिए दोषी ठहरा रहे हैं और बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं. आज बसपा और सपा विधायकों द्वारा मीडिया में आकर इस बात का खंडन किया गया कि उन्हें बंधक बनाया गया था. इसके बाद भाजपा नेताओं द्वारा बयानबाजी तेज कर दी गई और निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लिया गया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा ने सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला और कहा कि दिग्विजय सिंह देशद्रोही वाले बयान देने के लिए जाने जाते हैं. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा को देश में बदनाम करने का काम किया है. दिग्विजय सिंह को जनता से माफी मांगनी चाहिए. किसी भी विधायक ने बंधक बनाने की बात नहीं कही है. ऐसे में दिग्विजय किन सबूतों के आधार पर भाजपा पर आरोप लगा सकती है. सब जानते है दिग्विजय देशद्रोही वाले बयान देने के लिए जाने जाते है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने राज्य की कमलनाथ सरकार को ब्लैकमेलर बताते हुए कहा कि यह ब्लैकमेलर सरकार है, जो ब्लैकमेल करता है उसके हिसाब से नीति बन जाती है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह माफियाओं की सरकार है. एक माफिया पर हाथ डालकर 99 माफियाओं से वसूली करती है. शर्मा ने कहा कि एक झूठ बोलने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते है. कमलनाथ सरकार भाजपा के बारे 2 दिनों से झूठ बोले रही है, जिसकी पोल उनके ही विधायकों ने खोल दी. कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को इसके लिए भाजपा से माफी मांगनी चाहिए.
गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरोत्त्म मिश्रा पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया था. इस बयान के बाद बुधवार को प्रदेश में जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला. विधायकों के लापता होने की घटना से सियासी घमासान मचा रहा. हालांकि लापता विधायकों के भोपाल लौटने के बाद सभी ने अपनी नाराजगी का खुलासा किया.
दिग्विजय सिंह ने रचा है खेल: रामेश्वर
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपनी राज्यसभा सीट के लिए पूरी कांग्रेस को दांव पर लगा दिया है. इस खेल को दिग्विजय सिंह ने रचा है, इसमें पहले भी वहीं है और अंत भी वहीं हैं. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अपने विधायक अच्छे से गिन लें, कमलनाथ और दिग्विजय के अलावा लगता है मध्यप्रदेश में कांग्रेस का कोई नेता है ही नहीं बचा है. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार की हालत है .
मंत्री प्रदीप जायसवाल से मांगा इस्तीफा
खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल द्वारा बुधवार को दिए बयान के बाद कांग्रेस में उन्हें लेकर सवाल उठने लगे हैं. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने तो मांग कर दी है कि जायसवाल को मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए. गोविंद सिंह ने कहा है कि जिन्हें पार्टी पर निष्ठा नहीं, उन्हें अपना रास्ता दूसरा चुन लेना चाहिए. उन्होंने इस बात दावा किया है कि उनके संपर्क में भी भाजपा के दो विधायक है, लेकिन हमारी संस्कृति यह नहीं है कि दूसरी पार्टी से जुड़े हुए विधायक को तोड़फोड़ कर अपनी पार्टी में लाया जाए. गोविंद सिंह कहा कि एक भी विधायक पार्टी के खिलाफ नहीं जाएगा. 26 मार्च को राज्यसभा के चुनाव के दौरान साफ हो जाएगा, जब कांग्रेस प्रत्याशियों को पूरे 121 वोट मिलेंगे. भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कि भाजपा ने जो किया है उससे उसका चाल चरित्र जनता के सामने आ गया है उसके चेहरे पर कालिख पुत चुकी है.
तेज हुई मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें
विधायकों की खरीद-फरोख्त और बंधक बनाए जाने के बीच राज्य मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी तेज हो गई है. माना जा रहा है कि नाराज चल रहे विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं. राज्य के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि जल्द ही नाराज चल रहे विधायकों को संतुष्ट करने के लिए जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा. उन्होंने कहा कि जब परिवार बड़ा होता है तो मुखिया सबको संतुष्ट नहीं कर पाता है, लेकिन सभी कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में असंतुष्ट और नाराज चल रहे विधयाकों को स्थान दिया जाएगा. भाजपा ने सरकार गिराने की तीन से चार बार कोशिश कर ली है, लेकिन वह अब तक असफल ही रही है और आगे भी वह असफल रहेगी. गौरतलब है कि प्रदेश में वर्तमान में स्थिति में अधिकतम 6 और मंत्रियों को कमलनाथ सरकार में शामिल किया जा सकता है.
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