
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों एवं रोजना कमाकर जीवन यापन करने वालों के लिए राहत पैकेज की मांग की है.
अपने पत्र में कमलनाथ ने कहा है कि सर्वविदित है कि आज देश कोरोना वायरस की महामारी से उत्पन्न एक अप्रत्याशित चुनौति का सामना कर रहा है और मध्यप्रदेश भी इस विषम परिस्थिति के समक्ष खड़ा है. कोरोना से बचाव के लिए मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में लाकडाउन प्रभावशील है. इस महामारी की रोकथाम के लिए यह लाकडाउन अत्यंत आवश्यक भी है. पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि यहां यह उल्लेख करना भी अत्यंत प्रासंगिक एवं आवश्यक है कि लाक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण आमजन के समक्ष विषय स्थितियां निर्मित हो रही है. प्रदेश में लाक डाउन लागू होने के कारण दिहाड़ी पर काम कर आजीविका चलाने वाले श्रमिक वर्ग के व्यक्तियों की आय बंद हो गई है और वे अपने परिवार के जीवन यापन के लिए दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं को भी क्रय नहीं कर पा रहे है. यही स्थिति प्रदेश के लाखों छोटे व्यापारियों, जैसे परचून दुकानदार, मोटर मैकेनिक, साईकिल पंचर बनाने वाले, मोची, कुम्हार, पान दुकानदार आदि की भी है. प्रदेश के ऐसे निम्न आय वर्ग के परिवारों के समक्ष जीवन का संकट खड़ा होने लगा है.
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश के ऐसे गरीब एवं अवंचित वर्ग के व्यक्तियों के जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना राज्य शासन का दायित्व है. मैंने कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहते हुए तीन माह का राशन और एक माह का मुफ्त राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने के निर्देश दिए थे. आशा है कि आप उसका पालन कराएंगे. जहां ऐसी विषम परिस्थितियों में विश्व के अन्य देशों द्वारा अपने देश के नागरिकों के लिए अनेक सुविधाएं एवं पैकेज प्रदान किए जा रहे है, वहीं मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा अब तक प्रदेश के अपवंचित वर्गों को वास्तविक राहत देने के लिए कोई वृहद पैकेज जारी नहीं किया गया है. प्रदेश में मनरेगा योजना के एक करोड़ से अधिक सक्रिय जाबकार्डधारियों के परिजनों को कोई पृथक राहत पैकेज नहीं दिया गया है. कर्मकार मण्डल के अंतर्गत पंजीबद्ध श्रमिकों को भी नाम मात्र की राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है जो कि अत्यंत न्यून है. पत्र में कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आग्रह किया है कि प्रदेश के श्रमिकों, छोटे व्यापारियों एवं अन्य कमजोर वर्गों के व्यक्तियों के जीवन के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए राहत पैकेज के रूप में आगामी दो माह के लिए न्यूनतम 7500 रुपए प्रतिमाह की राशि स्वीकृत कर तत्काल वितरित की जाए.
किसानों की झूठी चिंता कर रहे कमलनाथ
पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नारोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर किसानों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा है. मिश्रा ने कहा है कि कमलनाथ अब किसानों की चिंता कर रहे हैं, 15 महीने जब सरकार थी, तब तो वल्लभ भवन में पांचवी मंजिल पर आइसोलेशन में थे. किसानों से कर्जा माफी का झूठा वादा कर सत्ता में आए थे. उन्होंने अपने 15 महीने की सरकार में एक काम भी ऐसा नहीं किया, जो मिशाल बने. अब किसानों की झूठी चिंता कर रहे हैं.
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