कांग्रेस विधायक रहे आक्रामक, लगाए जय-जय कमलनाथ के नारेमध्यप्रदेश विधानसभा में आज बजट सत्र के पहले दिन भाजपा विधायकों की अपेक्षा कांग्रेस विधायक आक्रामक नजर आए. फ्लोर टेस्ट की तैयारी से आए भाजपा विधायक राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करने से इसलिए बचते रहे कि कहीं उन पर निलंबन की कार्रवाई न हो जाए.
राज्य विधानसभा के आज से शुरु हुए बजट सत्र के पहले दिन मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायक आक्रामक नजर नहीं आए. भाजपा विधायकों की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की बोले, बाकी विधायक शांत ही रहे. मामला फ्लोर टेस्ट से जुड़ा होने के कारण पहले से ही भाजपा ने विधायकों को आज सदन में शांत रहने की बात कही थभ. भाजपा को इस बात की आशंका थी कि कहीं सदन में विधायकों ने हंगामा किया और मामला बढ़ा तो विधानसभा अध्यक्ष निलंबन की कार्रवाई न कर दे. निलंबन की कार्रवाई से बचने के लिए विधायकों को शांत रहने को कहा गया था. भाजपा जानती थी कि अगर विधायकों पर निलंबन की कार्रवाई हुई तो पूरी मेहनत व्यर्थ जाएगी. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद जब सदन समवेत हुआ और भाजपा की ओर से जो भी बोलने को अपने स्थान पर खड़ा हुआ उसे कांग्रेस विधायकों ने जमकर घेरा भी.
लगे जय-जय कमलनाथ के नारे
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद जब दोबारा सदन समवेत हुआ और विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया तो भाजपा की आरे से नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताई. इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने जोर-जोर से बोलना शुरु कर दिया. कांग्रेस विधायक आज नारेबाजी भी करते नजर आए. भाजपा विधायक जहां मौन रहे तो कांग्रेस विधायकों ने जय-जय कमलनाथ के नारे भी सदन में लगाए.
6 स्थान रिक्त होने की दी सूचना
विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने विधानसभा से इस्तीफा ेदेने वाले विधायकों के रिक्त होने की सूचना भी दी. उन्होंने कहा कि इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, डा. प्रभुराम चौधरी द्वारा 10 मार्च को इस्तीफा दिया गया, इसे उसी दिनांक से स्वीकृत भी कर लिया गया है.
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