राजधानी भोपाल में चल रहे लाक डाउन के चलते स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला 24 घंटे मुस्तैद है. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी दिन रात लोगों की सेवाओं में जुटे हैं. स्थिति यह निर्मित हो रही है कि आला अधिकारी भी इस विषम परिस्थिति में अपने परिवार से दूर रहे हैं. हालांकि सभी उच्च अधिकारी भोपाल में ही पदस्थ हैं और उनके निवास भी यही है. ऐसी स्थिति में ये अधिकारी भी अपने परिजनों से कोरोना संक्रमण के चलते दूरी बनाए हुए हैं. स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी सुरक्षा के सभी मापदंडों का पालन भी कर रहे हैं. सुरक्षा की दृष्टि से ये अपने परिजनों से दूरी बनाए हुए हैं. ऐसा ही उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब भोपाल सीएमएचओ डा. सुधीर डेहरिया पिछले 5 दिनों से अपने घर नहीं गए थे, वे लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर ही ध्यान दे रहे हैं. जब वे पांच दिन बाद अपने निवास पर पहुंचे तो उन्होंने परिजनों से दूरी बनाई और घर के अंदर भी नहीं गए. उनका परिवार घर के दरवाजे की दूसरी तरफ खड़ा होकर केवल उन्हें देख रहा था. डाक्टर सुधीर घर पर अपने कुछ कपड़े लेने के लिए गए थे क्योंकि वे इस समय स्मार्ट सिटी के पास बने एक कमरे में रह रहे हैं. ताकि उन्हें कंट्रोल रूम पहुंचने में ज्यादा देर न हो, इस दौरान डॉ. सुधीर का खाना-पीना भी उसी घर पर हो रहा है. उन्होंने घर के बाहर बैठकर ही चाय भी और परिजनों से बातचीत. बाद में वे कपड़े लेकर वापस ड्यूटी पर लौट आए. इस दौरान उनके परिजनों का मन उदास था, बच्चे भी पिता की ओर देखते रहे, मगर उनके पास नहीं जा सके.मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे अफसर को शत-शत नमन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने सोशल मीडिया पर डा. डेहरिया की प्रशंसा की. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि मिलिए डॉ. सुधीर डेहरिया से, जो भोपाल जिले के सीएमएचओ हैं. सोमवार को वो पांच दिन बाद घर पहुंचे, घर के बाहर बैठ कर चाय पी, घर वालों का हाल चाल लिया और बाहर से ही अस्पताल वापस हो गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर डेहरिया और इन जैसे हजारों-लाखों कोरोना वर्कर्स को मेरा शत-शत नमन. हमें आप पर गर्व है. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट के साथ डा. डेहरिया को फोटा भी जारी किया है, जिसमें वे चार पीते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनका परिवार उन्हें देख रहा है.
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