सोमवार, 2 मार्च 2020

मंत्रियों से दो दिन सीधी चर्चा करेंगे बावरिया

दीपक बावरिया 
 विधायकों, कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का प्रयास

विधायकों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद अब प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया कल 3 मार्च से प्रदेश के मंत्रियों से सीधी चर्चा करेंगे. दो दिन तक होने वाली इस चर्चा के दौरान वे किसी कार्यकर्ता से मुलाकात नहीं करेंगे. बावरिया मंत्रियों के प्रति विधायकों की चल रही नाराजगी को दूर करने के लिए मंत्रियों के साथ यह चर्चा करने जा रहे हैं.
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार बनने के बाद से ही बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों के साथ कांग्रेस विधायकों की नाराजगी का मुद्दा कई बार उठा. ये शिकायतें कांग्रेस हाईकमान तक भी पहुंची. इसके बाद हाईकमान अब इसे लेकर गंभीर हुआ है और मंत्रियों के प्रति विधायकों की नाराजगी को दूर करने  के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बावरिया को जिम्मेदारी दी गई है. बावरिया कल 3 मार्च से लगातार दो दिनों तक सर्किट हाउस में मंत्रियों से अलग-अलग चर्चा करेंगे. 
जानकारी के अनुसार कल 3  मार्च को भोपाल आने के बाद दीपक बावरिया लालघाटी स्थित व्हीआईपी गेस्ट हाऊस में पहले दिन 13 मंत्रियों और उसके दूसरे दिन 4 मार्च को 15 मंत्रियों के साथ सीधी चर्चा करेंगे.  मंत्रियों को इस चर्चा के लिए दिल्ली से ही संदेश भेज दिया गया है. बताया जाता है कि मंत्रियों से होने वाली इस चर्चा में बावरिया विधायकों में असंतोष के कारणों की जानकारी लेंगे. साथ ही वे मंत्रियों से यह भी पूछेंगे कि राजधानी भोपाल में रहने के दौरान पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए कब का समय निर्धारित है. जिलों में प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस कार्यालय जाते हैं या नहीं.  पूर्व की भाजपा सरकार के मंत्रियों के यहां तैनात स्टाफ में आपके यहां कितने लोग कार्यरत हैं और कबसे, इन्हें किसकी सिफारिश पर रखा है. कार्यकर्ताओं के अब तक कितने काम किए.  उनके काम करने का तरीका क्या है. बताया जाता है कि मंत्रियों से यह भी जानकारी ली जाएगी कि वे सप्ताह में समय निकालकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते हैं या नहीं. 
 सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर चुके हैं ये विधायक
नाराज चल रहे विधायकों में कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, वरिष्ठ विधायक एदल सिंह कंषाना, आदिवासी संगठन जयस से आए विधायक डा. हीरालाल अलावा, बसपा विधायक राम बाई परिहार, सपा विधायक राजेश शुक्ला, निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा के नाम प्रमुख हैं.  इसके अलावा विधायक बिसाहूलाल सिंह, केपी सिंह भी अपनी वरिष्ठता को नजर अंदाज किए जाने पर नाराज हैं, वे भी सरकार के खिलाफ कई बार बयानबाजी  कर चुके हैं

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