बसपा, सपा, निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने का किया दावाराज्य विधानसभा में आज शिवराज सिंह चौहान की ओर से पेश किया गया बहुमत प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया. आसंदी पर आसीन प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा ने मतदान की औपचारिकता पूरी की. इस दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्य सदन में उपस्थित नहीं थे. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों ने विश्वास मत के पक्ष में मतदान किया है. विश्वास मत साबित करने के बाद सदन की कार्रवाई 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई.
शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार की रात को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद विधानसभा का चार दिवसीय सत्र 24 मार्च से आहूत करने की सूचना विधानसभा के प्रमुख सचिव द्वारा जारी की गई. सत्र के पहले दिन शिवराज सरकार को बहुमत साबित करना था. इसके पहले वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री जगदीश देवड़ा को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया. देवड़ा ने सदन में बहुमत प्रस्ताव पारित कराया. विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्यपाल ने सरकार को 15 दिनों के अंदर सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहा था, इसलिए वे विश्वास मत पेश कर रहे हैं. चौहान ने कहा कि उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता मौजूदा हालातों में कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकना है. इस दिशा में कल सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही आवश्यक कदम उठाना प्रारंभ कर दिए हैं. इस दौरान सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था. इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.
प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा ने कहा कि सदन में उपस्थित 112 सदस्यों ने विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान मतदान चौहान सरकार का समर्थन किया है. इस प्रकार शिवराज सिंह चौहान की नेतृत्व वाली, प्रदेश की नई भाजपा सरकार ने बहुमत हासिल कर लिया. विश्वास मत प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा ने सदन की कार्यवाही 27 मार्च, शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि सरकार के पक्ष में बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों ने भी अपना विश्वास मत दिया है.
गौरतलब है कि भाजपा ने विधानसभा सत्र के लिए व्हिप जारी किया था. सभी भाजपा विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है.
विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया प्रजापति ने
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद से विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने सोमवार की रात को अपना इस्तीफा दे दिया. प्रजापति ने अपना इस्तीफा विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कांवरे को दिया. प्रजापति ने इस्तीफा नैतिकता के आधार पर देना बताया है.
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