श्रमिकों और अन्य लोगों को भोजन उपलब्ध कराकर भेज रही उनके गंतव्य स्थल तक

पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं लोगों को सुरक्षा देने का काम ही नहीं करती, संकट के समय समाज का संबल भी बनती है. वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में मध्यप्रदेश पुलिस के जवान मानवता के दूत बनकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं. लाकडाउन की वजह से यहां वहां फस गए श्रमिकों एवं अन्य लोगों को भोजन मुहैया कराने कराने के साथ-साथ उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में पुलिस मदद कर रही है.
फसल कटाई एवं अन्य प्रकार की मजदूरी के लिए आए लाकडाउन की वजह से विभिन्न स्थानों पर फस गए 1834 श्रमिकों को मंदसौर पुलिस ने सहृदयता का परिचय देकर वाहनों से रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ तक पहुंचाने में मदद की. इससे पहले सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया, मास्क मुहैया कराए. साथ ही भोजन भी कराया. इसी तहर फसल कटाई करने के लिए पन्ना जिले के ग्राम जरगवां से दमोह गए दो दर्जन श्रमिकों को लाकडाउन की वजह से पैदल-पैदल वापस लौटना पड़ा. इन असहाय श्रमिकों को पवई थाना पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर उनके घर तक पहुंचाया. साथ ही उनके खान-पान की व्यवस्था भी की. श्योपुर जिले की यातायात पुलिस ने गुजरात से लौटकर आए नागरिकों को भोजन कराया और उनकी घर तक पहुंचाने में मदद की.
शहडोल व सीधी जिले के निवासी लगभग 70 व्यक्ति लाकडाउन की वजह से रीवा रेलवे स्टेशन पर फस गए. इन सभी लोगों को रीवा पुलिस ने स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की मदद से खाना खिलाया और बस द्वारा संबंधित जिले के लिए रवाना किया. आर्मी भर्ती परीक्षा देकर लौटे लगभग 80 अभ्यर्थियों को रीवा पुलिस ने भोजन कराकर बस द्वारा इन सभी को उनके निवास स्थान छतरपुर, पन्ना व आगर मालवा जिले के लिए रवाना किया. साथ ही इसकी सूचना संबंधित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दी.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल-पैदल सुदूर स्थित अपने घरों के लिए जा रहे श्रमिकों को ग्वालियर जिले की सिरोल थाना पुलिस ने स्थानीय स्वंयसेवी व समाजसेवी संगठनों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था की. साथ ही झांसी तक पहुंचने के लिए बस की व्यवस्था भी की. सभी श्रमिकों को कोरोना वायरस से बचने के उपाय भी बताए.
टीकमगढ़ जिले की ओरछा थाना पुलिस ने भी इसी तरह असहाय श्रमिकों को भोजन कराया. गुना जिले की कैंट थाना पुलिस ने राजस्थान से लौटे 40 श्रमिकों को भोजन कराने के बाद वाहन से आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा तक पहुंचाया. बैतूल शहर में दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र से प्रदर्शनी लगाने आए 47 फुटकर कारोबारी लाकडाउन की वजह से असहाय हो गए. पुलिस ने इन सभी के लिए राशन व गैस टंकी का इंतजाम किया. साथ ही उनके रहने की व्यवस्था भी कराई. इसी तरह भोपाल जिले की टीटी नगर, छोला मंदिर, चूना भट्टी, कमला नगर व सूखी सेवनियां पुलिस ने जरूरतमंदो को खाने के पैकेट व अन्य खाद्य सामग्री एवं मास्क मुहैया कराए. दतिया जिले की सोनागिर पुलिस ने भी लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फस गए श्रमिकों को भोजन कराया

पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं लोगों को सुरक्षा देने का काम ही नहीं करती, संकट के समय समाज का संबल भी बनती है. वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में मध्यप्रदेश पुलिस के जवान मानवता के दूत बनकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं. लाकडाउन की वजह से यहां वहां फस गए श्रमिकों एवं अन्य लोगों को भोजन मुहैया कराने कराने के साथ-साथ उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में पुलिस मदद कर रही है.
फसल कटाई एवं अन्य प्रकार की मजदूरी के लिए आए लाकडाउन की वजह से विभिन्न स्थानों पर फस गए 1834 श्रमिकों को मंदसौर पुलिस ने सहृदयता का परिचय देकर वाहनों से रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ तक पहुंचाने में मदद की. इससे पहले सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया, मास्क मुहैया कराए. साथ ही भोजन भी कराया. इसी तहर फसल कटाई करने के लिए पन्ना जिले के ग्राम जरगवां से दमोह गए दो दर्जन श्रमिकों को लाकडाउन की वजह से पैदल-पैदल वापस लौटना पड़ा. इन असहाय श्रमिकों को पवई थाना पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर उनके घर तक पहुंचाया. साथ ही उनके खान-पान की व्यवस्था भी की. श्योपुर जिले की यातायात पुलिस ने गुजरात से लौटकर आए नागरिकों को भोजन कराया और उनकी घर तक पहुंचाने में मदद की.
शहडोल व सीधी जिले के निवासी लगभग 70 व्यक्ति लाकडाउन की वजह से रीवा रेलवे स्टेशन पर फस गए. इन सभी लोगों को रीवा पुलिस ने स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की मदद से खाना खिलाया और बस द्वारा संबंधित जिले के लिए रवाना किया. आर्मी भर्ती परीक्षा देकर लौटे लगभग 80 अभ्यर्थियों को रीवा पुलिस ने भोजन कराकर बस द्वारा इन सभी को उनके निवास स्थान छतरपुर, पन्ना व आगर मालवा जिले के लिए रवाना किया. साथ ही इसकी सूचना संबंधित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दी.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल-पैदल सुदूर स्थित अपने घरों के लिए जा रहे श्रमिकों को ग्वालियर जिले की सिरोल थाना पुलिस ने स्थानीय स्वंयसेवी व समाजसेवी संगठनों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था की. साथ ही झांसी तक पहुंचने के लिए बस की व्यवस्था भी की. सभी श्रमिकों को कोरोना वायरस से बचने के उपाय भी बताए.
टीकमगढ़ जिले की ओरछा थाना पुलिस ने भी इसी तरह असहाय श्रमिकों को भोजन कराया. गुना जिले की कैंट थाना पुलिस ने राजस्थान से लौटे 40 श्रमिकों को भोजन कराने के बाद वाहन से आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा तक पहुंचाया. बैतूल शहर में दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र से प्रदर्शनी लगाने आए 47 फुटकर कारोबारी लाकडाउन की वजह से असहाय हो गए. पुलिस ने इन सभी के लिए राशन व गैस टंकी का इंतजाम किया. साथ ही उनके रहने की व्यवस्था भी कराई. इसी तरह भोपाल जिले की टीटी नगर, छोला मंदिर, चूना भट्टी, कमला नगर व सूखी सेवनियां पुलिस ने जरूरतमंदो को खाने के पैकेट व अन्य खाद्य सामग्री एवं मास्क मुहैया कराए. दतिया जिले की सोनागिर पुलिस ने भी लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फस गए श्रमिकों को भोजन कराया
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