ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 6 मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने की मांग आज कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति से की है. कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल इस मांग को लेकर आज विधानसभा अध्यक्ष से उनके निवास पर मिला. विधानसभा अध्यक्ष के बंगले पहुंचे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा है और सिंधिया समर्थक 6 मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने की मांग की. प्रतिनिधि मंडल की इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी और सही फैसला लिया जाएगा. कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का कहना है मध्यप्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार सत्ता में आने के लिए परेशान है. भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों को बंधक बनाकर रखा हुआ है. विधायकों को वापस लाने की कोशिश की जाएगी, उन्होंने ये भी कहा कि कई विधायक वापस आएंगे. इसके साथ ही मंत्रियों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है हालांकि उन्होंने कहा की अगर मंत्री वापस आना चाहे तो वे पहले कारण स्पष्ट करें उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष तय करेंगे की उन्हें पार्टी में रखना है या नहीं. गौरतलब है कि इसके पहले भाजपा ने बैंगलुरु गए सभी 22 विधायकों के इस्तीफें स्वीकार करने की मांग विधानसभा अध्यक्ष से की थी. भाजपा ने इन विधायकों की सूची भी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी थी.
बैंगलुरु गए सभी विधायक कांग्रेस में ही हैं: सिंघार
मध्यप्रदेश में मचे राजनीतिक भूचचार पर राज्य के कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि जो विधायक बैंगलुरु गए हैं, उन सभी से संपर्क है और वे पार्टी से बाहर नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी विधायक का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है. कांग्रेस विधायकों को जयपुर ले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई गलत बात नहीं है, सभी विधायक एकजुट हैं और आगे भी रहेंगे. उन्होंने कहा कि बैंगलुरु गए सभी विधायक भी कांग्रेस में ही हैं.

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