मंगलवार, 5 दिसंबर 2023

मध्यप्रदेश में घटे अपराध, महिला अपराधों में भी आई कमी

एनसीआरबी ने जारी किए नए अपराध के आंकड़े


भोपाल। मध्यप्रदेश में साल 2021 की तुलना में 2022 में अपराध की बढ़ौत्री में कमी आई है। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा जारी किए नए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1.80 फीसदी अपराध कम हुआ है। जबकि महिला अपराधा में 6.82 प्रतिशत की कमी हुई है। 

राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो, नई दिल्ली (एनसीआरबी) ने मध्यप्रदेश में अपराध के नए आंकड़े जारी किए हैं। जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 की तुलना में आईपीसी के अपराध घटे हैं। जहां वर्ष 2021 में प्रदेश में कुल 304066 अपराध घटित हुए थे, वहीं वर्ष 2022 में अपराध घटकर मात्र 298578 अपराध दर्ज किए गए। यानि वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में अपराधों में 1.80 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में जहां के मामलों में हत्या में 2.75 प्रतिशत की, हत्या के प्रयास में 3.19 प्रतिशत,  डकैती में 20.24, लूट के मामलों में 5.41, गृह भेदन के मामलों में 2.46 और भारतीय दंड विधान के तहत आने वाले अन्य अपराधों में  1.42 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई हैं।

महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की वृद्धि दर वर्ष 2020-21 में जहां 19.63 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2021-22 में घटकर लगभग एक तिहाई यानी मात्र 6.82 प्रतिशत ही रह गई। वर्ष 2022 के प्रथम छः माह में जहां 4160 दुष्कर्म के मामले सामने आए थे, वहीं 2023 में जनवरी से जून तक 17.07 प्रतिशत कमी के साथ 3450 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत घटित अपराधों में 1.22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 

अनुसूचित जाति अपराध में भी आई कमी

अनुसूचित जाति के प्रति पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो निरंतर अपराधों में कमी दर्ज की गई। जहां वर्ष 2019-20 में अनुसूचित जाति के प्रति हुए अपराधों की वृद्धि दर 24 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2021-22 में घटकर मात्र 13.40 प्रतिशत रह गई। इसी प्रकार वर्ष 2022 के प्रथम छः माह से तुलना की जाए तो 2023 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के प्रति होने वाले अपराधों में 14.99 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2022 में अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध घटित अपराधों की संख्या जहां 1094 थी, जबकि इस वर्ष प्रथम छः माह में इन अपराधों की संख्या 930 दर्ज की गई है। वहीं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध घटित अपराध कुल 2979 रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या (153 लाख)देश में सबसे अधिक है । मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अपराध की दर देश में तीसरे नंबर पर है। यही दर केरल राज्य में 35.5 है तथा राजस्थान में 27.3 है जो कि मध्य प्रदेश में 19.4 है।


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