मंगलवार, 30 अप्रैल 2019

मंत्री के ट्वीट पर मचा सियासी घमासान

जीतू पटवारी
 साध्वी हुई नाराज, जीतू पटवारी ने बाद में बदला शब्द 

मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी द्वारा केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और भाजपा की भोपाल से प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को लेकर किए गए एक ट्वीट के बाद सियासी माहौल गर्मा गया. पटवारी के ट्वीट के बाद भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताई, वहीं साध्वी ने भी इस नाराजगी जाहिर की है.
मंत्री जीतू पटवारी ने सोमवार को केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और भाजपा की भोपाल से प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा गले मिलने और रोने को लेकर एक ट्वीट किया, जिसके बाद  सियासत गर्मा गई और जीतू को लेकर भाजपा नेताओं ने बयानबाजी तेज कर दी. प्रज्ञा भारती ने जब इस पर नाराजगी जताई तो मंत्री ने ट्वीट में अपने शब्द को बदल दिया. भाजपा नेताओं ने भी मंत्री के इस ट्वीट पर नाराजगी जताई और कहा कि यह कांग्रेस नेताओं की मानसिकता को उजागर करता है.
यहां उल्लेखनीय है कि मंत्री जीतू पटवारी ने  भोपाल में केंद्रीय मंत्री उमा भारती और भोपाल से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के मिलन को मंत्री जीतू पटवारी ने राजनीतिक वासना बताते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि दो राजनीतिक संतों का विलाप! संत समाज को सकारात्मकता देता है जीवन को खुशी-खुशी जीने की दिशा देता है. दो राजनीतिक संतों का राजनीतिक वासना के लिए विलाप, भोपाल की जनता तय करें. इसके बाद जब साध्वी  प्रज्ञा भारती ने इस ट्वीट पर नाराजगी जता ई तो उन्हें वासना शब्द को हटाकर लालसा लिख दिया. 
कांग्रेसी ही करते हैं ऐसे शब्दों का इस्तेमाल

जीतू पटवारी द्वारा साध्वी प्रज्ञा पर किए गए ट्वीट पर साध्वी ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा है कि ऐसे अश्लील शब्दों का इस्तेमाल सिर्फ कांग्रेस के लोग ही कर सकते हैं. कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू पर भी उन्होंने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब तक कोई व्यक्ति भाजपा में रहता है वह देश भक्त बना रहता है. कांग्रेस में जाते ही वह देश विरोधी बातें करने लगता है. वहां पर उनका सिलेबस बदल जाता है. 

मोदी को सिद्दू ने राष्ट्रद्रोही बताया, भाजपा नेता हुए नाराज

राजधानी भोपाल के उपनगर बैरागढ़ में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्दू के बयान को लेकर भाजपा नेता तिलमिला गए हैं. सिद्दे ने मोदी को राष्ट्रद्रोही बताया, जिससे नाराज भाजपा नेताओं ने आज बैरागढ़ थाने पहुंचकर सिद्दू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने शिकायती आवेदन सौंपा है.
बैरागढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के पक्ष में सभा लेने नवजोतसिंह सिद्दू राजधानी भोपाल पहुंचे थे. उन्होंने यहां पर सभा के दौरान मोदी को लेकर बयान दिया जो भाजपा नेताओं की नाराजगी का कारण बना. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने इस बयान पर अपनी नाराजगी जताई कहा कि वे सिद्दू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने आज शिकायती आवेदन सौंपा है. शिकायत करने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और वरिष्ठ भाजपा नेता शांतिलाल लोढ़ा एवं अन्य भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थे. 
 उल्लेखनीय है कि सिद्दू ने बैरागढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर करारा हमला बोला. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान मोदी को देशद्राही कहकर संबोधित किया.  बता दें कि चुनाव प्रचार अभियान के तहत नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार को मध्यप्रदेश के लोकसभा उम्मीदवारों के लिए चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जनता से उनके पक्ष में वोट करने की अपील की. वहीं सिद्दू ने  सभा के दौरान यह भी कह दिया कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव हारेंगे तो राजनीति छोड़ देंगे.

माया हुई खफा, कांग्रेस को दी धमकी, मचा हड़कंप



मध्यप्रदेश में कांग्रेस द्वारा बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों को अपने पाले में लाने के बाद मायावती खफा हो गई है. मायावती ने कांग्रेस को धमकी दे डाली है कि वह मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को दिया समर्थन वापस ले लेंगी. बसपा के दो प्रत्याशियों द्वारा कांग्रेस के दो प्रत्याशियों को समर्थन देने के बाद मायावती की नाराजगी सामने आई और बसपा में हड़कंप मच गया है.
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी है. मायावी ने ट्वीट कर कहा यह चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मामले में कांग्रेस भी भाजपा से कम नहीं है. मध्यप्रदेश के गुना लोकसभा सीट पर बसपा उम्मीदवार को कांग्रेस ने डरा-धमकाकर जर्बदस्ती बैठा दिया है, किन्तु बसपा अपने चुनाव चिन्ह पर ही लड़कर इसका जवाब देगी और अब बसपा कांग्रेस सरकार को समर्थन जारी रखने पर भी पुनर्विचार करेगी. उन्होंने कहा उत्तरप्रदेश में कांग्रेस नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि भाजपा भले जीत जाए, किन्तु बसपा-सपा गठबंधन नहीं जीतना चाहिए, यह कांग्रेस के जातिवादी, संकीर्ण व दोगले चरित्र को दर्शाता है.  उन्होंने कहा कि भाजपा को केवल हमारा गठबंधन ही हरा सकता है. 
उल्लेखनीय है कि मायावती की नाराजगी का कारण है कि गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से बसपा के प्रत्याशी लोकेन्द्र सिंह राजपूत ने कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना समर्थन दे दिया  और कांग्रेस की सदस्यता ले ली है. स्वयं सिंधिया ने उन्हें यह सदस्यता दिलाई है. इसके पूर्व बसपा की राजगढ़ से प्रत्याशी निशा त्रिपाठी ने भी कांग्रेस प्रत्याशी मोना सुस्तानी को अपना समर्थन दे दिया है. बसपा के दो प्रत्याशियों द्वारा कांग्रेस के समर्थन में मैदान से हटने के फैसले से मायावती नाराज हुई है. वहीं अब इस मामले को लेकर सियासत गर्मा गई है. 

दिग्विजय की जीत के लिए लाल मिर्च का हवन

 स्वामी वैराग्यानंद ने कहा नहीं जीते दिग्विजय तो लेंगे जलसमाधी

मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में साधु-संत मैदान में उतर रहे हैं. 5 मई के बाद राजधानी में हजारों की संख्या में साधु संत उनके समर्थन में जनसंपर्क करेंगे. वहीं निरजंनी अखाड़े के महामंडलेश्वर वैराग्यानंद ने दिग्विजय की जीत का दावा करते हुए कहा कि अगर वे नहीं जीते तो मैं जल समाधी ले लूंगा. उन्होंने 5 मई को 5 क्विंटल लाल मिर्च का हवन करने की बात भी कही है.
राजधानी भोपाल संसदीय सीट पर भाजपा द्वारा साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मैदान में उतारने के बाद अब साधु-संत समाज प्रज्ञा के खिलाफ मोर्चा खोलता नजर आ रहा है. कम्प्यूटर बाबा के बाद अब निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर वैराग्यानंद राजधानी पहुंचे हैं. उन्होंने दावा किया है कि दिग्विजय सिंह की चुनाव में जीत होगी, अगर वे नहीं जीते तो वे स्वयं जल समाधी ले लेंगे. वैराग्यानंद ने कहा कि वे उनकी जीत के लिए 5 मई को 5 क्विंटल लाल मिर्च का हवन करेंगे. उनका दावा है कि इस दौरान किसी तरह की धांस नहीं आएगी. 
उन्होंने कहा कि लाल कपड़े पहनने से कोई संत नहीं हो जाता है. दिग्विजय सिंह शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद के शिष्य हैं. उनके समर्थन में 20 हजार साधु संत भोपाल लोकसभा क्षेत्र में प्रचार करने घर-घर जाएंगे. दिग्वजय सिंह की जीत के साधु-संत समाज ने यह फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि आज राजनीति के जरिए सनातन धर्म को बांटा जा रहा है. धर्म के ऊपर कई लोग राजनीति करना चाहते हैं, मैं कहना चाहता हूं कि हिन्दुत्व के ऊपर राजनीति नहीं होगी, सनातन धर्म के ऊपर राजनीति नहीं होगी और किसी को इस तरह की राजनीति करनी भी नहीं चाहिए.  यहां उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व कम्प्यूटर बाबा ने भी भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए हजारों की संख्या में साधु-संतों द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क अभियान चलाने की बात कही थी. 

मध्यप्रदेश में गर्माने लगा किसान, बिजली और लंगड़ी सरकार का मुद्दा

कांग्रेस नेताओं को गिनाना पड़ रहा कर्ज माफी के आंकड़े
मध्यप्रदेश में पहले चरण के मतदान के साथ ही चुनावी सियासत गर्मा गई है. भाजपा  नेताओं ने किसान, बिजली और कांग्रेस की वर्तमान सरकार को मुद्दा बनाने का फैसला किया है. मतदान के शेष तीन चरणों में प्रदेश में भाजपा नेता इन मुद्दों पर कांग्रेस को घेरेंगे और जनता के बीच जाकर फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी मामा वाली छवि के सहारे मतदान की अपील करेंगे.
मध्यप्रदेश के 6 संसदीय क्षेत्रों मेंं हुए मतदान के बाद भाजपा का उत्साह बढ़ता नजर आ रहा है. भाजपा किसानों के मुद्दे को लेकर तो कांग्रेस को शुरु से ही घेर रही थी, मगर अब भाजपा ने तय किया है कि कांग्रेस को किसानों, बिजली और लगड़ी सरकार के मुद्दे पर घेरा जाए और  भाजपा का पक्ष मजबूती से रखा जाए. इसके चलते पहले चरण के मतदान वाले दिन सोमवार से ही पूर्व मुख्यमंंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपाध्यक्ष प्रभात झा ने मोर्चा खोल दिया है. दोनों के निशाने पर किसानों और प्रदेश की सरकार रहे. भाजपा को आज मायावती की नाराजगी के बाद कांग्रेस की गठजोड़ वाली सरकार निशाने पर आ गई है. भाजपा इस मुद्दे के तहत बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों जिनका कांग्रेस को समर्थन मिला हुआ है, उन पर नजरें गढ़ा रही है. भाजपा संगठन अब पूरी तरह से इसी रणनीति के तहत प्रदेश के 23 लोकसभा क्षेत्रों में जहां मतदान होना है, इन मुद्दों को गर्माने की रणनीति पर काम कर रहा है. वैसे भाजपा नेता बिजली और किसान को पहले ही चुनावी मुद्दा बना चुके हैं. वे लगातार बिजली गुल होने को लेकर कमलनाथ सरकार पर हमला बोल रहे हैं.
भाजपा द्वारा किए जा रहे हमलों के तहत अब कांग्रेस को किसान कर्ज माफी के आंकड़े सभाओं में गिनाने पड़ रहे हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित मंत्री, नेता और कार्यकर्ता भी सभाओं में यह गिनाते नजर आ रहे हैं कि हमने इतने किसानों का कर्ज माफ किया. वहीं कांग्रेस सरकार बिजली विभाग के कर्मचारियों पर लगातर बिजली कटौती को लेकर कार्रवाई कर रही है. कांग्रेस नेताओं को यह समझ नहीं आ रहा कि बिजली कटौती किन कारणों से हो रही है.
दुर्घटनावश मुख्यमंत्री बने कमलनाथ
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि सोमवार को मंदसौर में भाजपा प्रत्याशी सुधीर गुप्ता के समर्थन में सभा को संबोधित करते हुए इस बात के संकेत भी दिए है कि  भाजपा अब कमलनाथ सरकार को मुद्दा बनाएगी और यह प्रचारित करेगी कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा यह सरकार गिरा देगी. उन्होंने कहा था कि  जिस तरह डा. मनमोहन सिंह एक्सीडेंटल प्रधानमंत्री बने थे, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश में कमलनाथ भी दुर्घटनावश मुख्यमंत्री बने हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झूठ और भ्रम फैलाकर जनता को बरगलाने की कोशिश की. किसानों और युवाओं को छलने का काम इस सरकार ने किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार लंगड़ी सरकार है. झा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव भी इस तरह के बयान पूर्व में कई बार दे चुके हैं.

सोमवार, 29 अप्रैल 2019

राहुल गांधी को भेजा मानहानि का नोटिस


भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद प्रभात झा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दो कानूनी नोटिस भेजे है. राहुल गांधी द्वारा सिहोरा और शहडोल में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ऊपर लगाए गए झूठे, तथ्यहीन और अपमानजनक आरोपों के लिए कानूनी मानहानि का नोटिस भेजे है.  झा ने कहा कि 3 दिन के भीतर अगर राहुल गांधी खेद प्रकट नहीं करते हैं तो फिर हम न्यायालय की शरण लेंगे. 
 झा ने कहा कि राहुल गांधी ने 23 अप्रैल को शहडोल में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊपर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया. राहुल गांधी ने सभा मे यह कहा कि अब नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों के लिए नया कानून बनाया है. उसमें एक लाइन लिखी है कि आदिवासियों को गोली से मारा जा सकेंगा, कानून में लिखा है कि आदिवासियों पर आक्रमण होगा, फिर कहते हैं कि आदिवासी को गोली मारी जा सकती है.  झा ने कहा कि राहुल गांधी का यह वक्तव्य गैर संवैधानिक है. यह आरोप झूठे व मनगढंत है. राहुल गांधी का यह बयान संविधान के अनुच्छेद 19-(2) का उल्लंघन एवं आईपीसी की धारा-499, 500, 504 के अंतर्गत मानहानि एवं अपराधिक कृत्य है. इसके कारण राहुल गांधी को मानहानि का नोटिस भेजा है.
राहुल गांधी को भेजे गए एक अन्य कानूनी नोटिस में  प्रभात झा ने कहा कि 28 अप्रैल को राहुल गांधी ने जबलपुर के सिहोरा में अपने उद्बोधन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद अमित शाह जी को हत्या का आरोपी कहते हुए उनके लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है.  झा ने कहा कि अमित शाह देश के सबसे बड़े उस राजनीतिक दल के अध्यक्ष हैं, जिसके 11 करोड़ सदस्य और 16 राज्यों में सरकारें है. राहुल गांधी ने  अमित शाह पर आधार रहित निम्नस्तर के आरोप लगाकर करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है.

उमा ने लगाया गले, प्रज्ञा रोई फूट-फूट कर


राजधानी में आज सुबह साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर चुनावी जनसंपर्क में जाने से पहले साध्वी उमा भारती के निवास पर पहुंची. उनके स्वागत के लिए खुद उमा भारती बाहर आई और उमा को देख प्रज्ञा रोने लगी, इस दौरान उमा भारती ने भी उन्हें गले लगाया और ढ़ांढस बंधवाते हुए नीचे उतार कर घर में ले गई और खीर खिलाई. साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि वे उनका चुनाव प्रचार भी करेंगी.
बीते दिनों कटनी और फिर पन्ना में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को लेकर उमा भारती द्वारा दिए बयानों के बाद राजनीतिक माहौल यह बन गया था कि उमा भारती साध्वी प्रज्ञा से नाराज हैं. कटनी में उन्होंने खुद को प्रज्ञा सिंह ठाकुर से मूर्ख बताया था, तो पन्ना में यह कहने से नहीं चूंकी थी कि प्रज्ञा महामंडलेश्वर हैं, वे उनसे (उमा भारती) महान संत हैं. उमा भारती के इन बयानों से यह बात सामने आई थी कि वे प्रज्ञा से कहीं न कहीं नाराज हैं. इसके बाद आज जब प्रज्ञा सिंह को यह पता चला कि उमा भारती भोपाल में हैं, तो वे सुबह जनसंपर्क पर जाने से पहले सीधे उमा भारती के निवास पर जा पहुंची. यह जानकारी जब उमा भारती को मिली तो वे घर से बाहर आई और साध्वी प्रज्ञा का स्वागत किया. इस दौरान प्रज्ञा भावुक हो गई. प्रज्ञा कार में बैठे-बैठे ही रो पड़ी तो उमा ने आत्मीयता दिखाई और गले लगाया. इस दौरान वे फूट-फूट कर रोई. इसके बाद उमा ने उन्हें कार से उतारा और घर में ले गई. बाद में उन्हें खीर भी खिलाई. उन्होंने इसे ठाकुरजी का प्रसाद बताया.
इस अवसर पर उमा भारती ने मीडिया से कहा कि  मैनें साध्वी को भोपाल में प्रचार करने का भरोसा भी दिया. दोनों के बीच मुलाकात बेहद आत्मीय रही. उमा भारती ने कहा कि मैं साध्वी प्रज्ञा का बहुत सम्मान करती हूं, क्योंकि मैंने उनके ऊपर हुए अत्याचार देखे हैं. इस मायने में वह पूज्यनीय हैं और मैं उनके लिए चुनाव प्रचार करूंगी. दोनों साध्वी के बीच हुई इस मुलाकात के बाद उन बातों पर विराम लग गया, जिसमें दोनों के बीच तनाव होने की बात कही जा रही थी.
नाम की घोषणा के साथ जीत गई प्रज्ञा
उमा भारती ने साध्वी प्रज्ञा को दीदी मां कहकर संबोधित किया और कहा कि पार्टी ने जिस दिन उनके नाम की घोषणा की थी उसी दिन चुनाव जीत गई है. उमा भारती ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के लिए गली गली में प्रचार करूंगी. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्जिवय सिंह पर भी निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह पहले ही नुकसान में थे. कन्हैया कुमार के आने से और नुकसान होगा. वहीं उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस की आइडियोलाजी खत्म हो चुकी है, इसलिए लेफ्ट के पास जा रहे हैं.

चुनाव आयोग जागरुक नहीं कर पाया मतदाता को: अजय

 सीधी की भाजपा प्रत्याशी ने बूथ कैप्चरिंग का कांग्रेस पर लगाया आरोप

 मध्यप्रदेश में सीधी संसदीय क्षेत्र में मतदान के दौरान आज पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के प्रत्याशी अजय सिंह ने चुनाव आयोग पर ही सवाल खड़े किए हैं. सिंह ने कहा कि आयोग की लापरवाही के चलते लोगों को आवश्यक पहचान पत्र के संबंध में जानकारी नहीं होने से कई मतदाता बिना मतदान के ही लौट गए. वहीं इसी संसदीय क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी रीती पाठक ने कांग्रेस पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया है. 
कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह ने कहा कि मतदान के दौरान मतदाता को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है. मतदाता को पहचान पत्र के बारे में जानकारी ही नहीं थी कि उसे कौन से पहचान पत्र ले जाने  पर मतदान करने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके चलते कई मतदाता बिना मतदान किए मतदान केन्द्रों से वापस लौट गए. उन्होंने कहा कि केवल होर्डिंग और बोर्ड लगाने से काम नहीं चलता, लोगों को जागरूक भी करना होता है. निर्वाचन आयोग इन कार्यो में बहुत पैसा खर्च करती है, फिर भी लोगों में जागरूकता का अभाव है. आवश्यक पहवान पत्र नहीं लाने पर निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मतदाताओं को वापस लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में मतदान का प्रतिशत प्रभावित होगा.
पीठासीन अधिकारी भूल गए मतदान का समय
मंडला संसदीय क्षेत्र के बूथ क्रमांक 309 पर पीठासीन अधिकारी मतदान का समय ही भूल गए. उन्होंने अपने मतदान केन्द्र पर सुबह 7 के बजाय 8 बजे मतदान शुरु कराया. पीठासीन अधिकारी रामा दुबे थे. इसके अलावा इसी संसदीय क्षेत्र के बूथ क्रमांक 214 ग्राम देवदरा में करीब आधा घंटे देरी से मदतान शुरु हो पाया. 
सांसद ने लगाया बूथ कैप्चरिंग का आरोप
सीधी की सांसद रीति पाठक ने कोस्टा मतदान केन्द्र पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया. उन्होंने यहां मतदान निरस्त करने की मांग की. सांसद के इस आरोप के बाद पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उस मतदान केन्द्र पर पहुंचे. रीति पाठक ने ईवीएम में गड़बड़ी की बात भी कही.
माकपोल में देरी के कारण लगी रही लाइन
कटनी के बड़वारा मतदान क्रमांक 126 की ईवीएम मशीन 40 मिनट देरी से शुरू हुई. वोटिंग के दौरान मशीन में खराबी आ गई. पोलिंग बूथ बड़वारा के हिरवारा ग्राम में स्थित है. वहीं सीधी मतदान केंद्र क्रमांक 159 में भी आधे घण्टे देरी से मतदान शुरू हुआ. यहां मॉक पोल कराने में विलंभ को वजह बताई जा रही है. ये मतदान केंद्र भाजपा प्रत्याशी रीति पाठक के गृहग्राम पतुलखी में स्थित था. माकपोल में देरी होने के कारण केंद्र के बाहर सुबह से लोगों की लंबी कतारें लग गई. शहडोल के लालपुर मतदान केंद्र क्रमांक 110, 112 में भी भी ईवीएम में खराबी के चलते मतदान शुरू ही नहीं हो पाया है.  केंद्र के बाहर लंबी लाइन लगी रही.

रविवार, 28 अप्रैल 2019

6 संसदीय क्षेत्रों और 1 विधानसभा क्षेत्र में मतदान आज


मध्यप्रदेश में पहले चरण का मतदान कल सोमवार को 6 संसदीय क्षेत्रों में होगा. इसके अलावा एक विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा में उपचुनाव के चलते मतदान होगा. मतदान की सभी तैयारियां चुनाव आयोग ने की है. आयोग ने इन सीटों पर 10 प्रतिशत मतदान बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, मंडला, शहडोल और सीधी संसदीय क्षेत्रों में कल सोमवार को पहले चरण का मतदान होगा. छह संसदीय क्षेत्रों में कुल 10555689 मतदाता अपने मतादिधकार का उपयोग करेंगे. इन संसदीय क्षेत्रों में कुल 13491 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. जबकि छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए 300 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. यहां पर 263185 मतदाता अपने मतों का उपयोग करेंगे. राज्य के इन छहों लोकसभा क्षेत्रों में कुल 108 प्रत्याशी मैदान में हैं.  इसके साथ ही छिंदवाड़ा विधानसभा के लिए हो रहे उप चुनाव में कुल 9 प्रत्याशी मैदान में हैं. 
 उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद कांग्रेस के प्रत्याशी हैं, जबकि भाजपा की ओर से यहां पर बंटी  साहू प्रत्याशी है. कल होने वाले लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुल नाथ छिंदवाड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिह के बेटे और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सीधी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह जबलपुर, कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा जबलपुर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला और बालाघाट में सांसद और भाजपा के बागी बोधसिंह भगत का भविष्य दांव पर है. 
10 प्रतिशत मतदान बढ़ाने का लक्ष्य
राज्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कांताराव ने बताया कि हर मतदान केन्द्र पर पानी के अलावा छाया की व्यवस्था की गई है, ताकि मतदाता को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़ा. उन्होंने बताया कि इस बार जिन छह संसदीय क्षेत्रों में कल मतदान होना है, वहां पर आयोग ने 10 प्रतिशत मतदान बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने बताया कि 2008 में इन छह संसदीय क्षेत्रों में 54 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि 2014 में 64 प्रतिशत मतदान हुआ है. हमारा लक्ष्य है कि कल इन संसदीय क्षेत्रों में 74 प्रतिशत तक मतदान हो.
 सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मध्यप्रदेश के प्रथम चरण में हो रहे लोकसभा के मतदान एवं विधानसभा उप चुनाव के मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. इस चरण में नक्सल प्रभावित बालाघाट संसदीय क्षेत्र में मतदान होगा. यहां पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं. बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित 3 विधानसभा क्षेत्र बैहर, लांजी एवं परसवाड़ा के मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक मतदान कराया जायेगा. राज्य के शेष लोकसभा क्षेत्रों और छिंदवाड़ा विधानसभा उप चुनाव के लिए छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों पर प्रात: 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा.

पहले चरण में मोदी, राहुल ने लगाया जोर

 दो-दो सभाएं ली, शिवराज से ज्यादा सभाएं ली कमलनाथ ने
मध्यप्रदेश में पहले चरण के लिए कल सोमवार को 6 लोकसभा क्षेत्रों और 1 विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान होगा. इस चरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दो-दो सभाएं ली है. जबकि कमलनाथ ने 60 से ज्यादा सभाएं की और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 से ज्यादा सभाएं कर रैलियों में शामिल हुए हैं.
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का पहला चरण में कल 29 अप्रैल को 6 संसदीय क्षेत्रों, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, शहडोल और सीधी में मतदान होगा. जबकि छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए मतदान होगा. राज्य के इन 6 संसदीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीधी और जबलपुर संसदीय क्षेत्रों में सभाएं ली है. वहीं राहुल गांधी ने भी दो सभाएं जबलपुर और शहडोल संसदीय क्षेत्रों में ही ली है. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब तक प्रदेश में करीब 70 सभाएं ली हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में 26 सभाएं की और रैलियों में शामिल हुए हैं. इसके अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी भाजपा की ओर से सक्रिय रहे हैं. वहीं कांग्रेस  के लिए स्टार प्रचारक शत्रुद्यन सिंहा ने छिंदवाड़ा में सभा ली है.
इनका भविष्य हैं दांव पर
मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह जैसे बड़े नामों का राजनीतिक भविष्य दांव पर है. कमलनाथ के लिए बेटे को जिताना उनकी साख का भी प्रश्न है.  इन छह में से पांच सीटों पर वर्तमान में भाजपा का कब्जा है. केवल छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस के पास है. शहडोल से सांसद ज्ञान सिंह की जगह कांग्रेस से हाल ही में भाजपा में आई हिमाद्री सिंह को टिकट दिया है उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रमिला सिंह से हैं. प्रमिला सिंह भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं. बालाघाट से सांसद बोध सिंह भगत को भी लाल झंडी दिखा दी गई है, उनकी जगह पूर्व विधायक ढ़ाल सिंह बिसेन पर पार्टी ने दांव खेला है. यहां पर बागी बोधसिंह भगत की प्रतिष्ठा दांव पर है. वहीं बसपा, सपा गठबंधन के प्रत्याशी कंकर मुंजारे भी यहां पर पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं. जबकि मंडला में पूर्व केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का मुकाबला कांग्रेस के कमल मरावी से है. कमल मरावी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी छोड़कर कांग्रेस के बैनर तले मैदान में हैं.




किसानों के साथ धोखा किया मोदी सरकार ने: सुरजेवाला

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किसानों के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश के किसानों के लिए मोदी सरकार के पांच साल अभिशाप साबित हुए हैं. यूपीए सरकार ने किसानों के हित में जमीन अधिग्रहण समेत जो कानून बनाए थे, वे बदल दिए. 15 साल तक भाजपा सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया. किसानों के नाम पर करोड़ों रुपए के कर्जी कर्ज लिए.
राजधानी भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि यूपीए सरकार में देश की कृषि विकास दर 4.2 थी, जो मोदी सरकार में घटकर 2.5 फीसदी रह गई है. फसल बीमा के नाम पर किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा किया है, निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह किया गया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किसान को लूटा गया है. सरकार में आने से पहले मोदी ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए. मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों को गेहूं पर 160 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किया, लेकिन मोदी सरकार ने गेहूं उठाने से ही इंकार कर दिया है. यह मध्यप्रदेश के किसानों के साथ छलावा है.
मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने आकड़े पेश करते हुए कहा कि ये इस बात का द्योतक हैं कि केंद्र सरकार ने देश के किसानों के हितों की अनदेखी की. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2016 17 में 985 लाख टन गेंहू का उत्पादन देश में हुआ, लेकिन उसी समय केंद्र सरकार ने आयात शुल्क शून्य कर दिया और 57 लाख मीट्रिक टन गेंहू का आयात कर लिया. इस वजह से किसानों के गेंहू की फसल को देश में बेहतर कीमत नहीं मिल पायी. इसी तरह वर्ष 2017 18 में 971 लाख टन गेंहू का उत्पादन हुआ, लेकिन 17 लाख मीट्रिक टन गेंहू आयात कर लिया गया.
सुरेजवाला ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय के बाद केंद्र और प्रदेश के भाजपा नेता किसानों को परेशान करने में जुट गए हैं. उनका आरोप है कि दिसंबर माह में रबी फसल सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से उपलब्ध नहीं हो पाई. यह सब किसानों को परेशान करने के लिए किया गया. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वहीं कांग्रेस ने हमेशा किसानों के हित में कार्य किया है और राज्य की कमलनाथ सरकार ने संक्षिप्त कार्यकाल में ही यह साबित कर दिया है. उन्होंने कहा कि किसान और आम लोग भाजपा की नीतियों को समझ चुके हैं और लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.

भाजपा को झटका, नाराज पूर्व विधायक कांग्रेस में शामिल

राजधानी भोपाल की हुजूर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जितेन्द्र डागा ने आज अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. डागा लंबे समय से अपनी उपेक्षा को लेकर नाराज चल रहे थे. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की शपथ दिलाई.
प्रदेश में जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीखें नजदीक आती जा रही है, नेताओं के दलबदल का सिलसिला भी तेज होता जा रहा है. शनिवार को पूर्व मंत्री कन्हैयालाल अग्रवाल सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए. तो आज रविवार को भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक जितेन्द्र डागा ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. डागा लंबे समय से नाराज चल रहे थे. पहले भी उनके विधानसभा चुनाव के दौरान काग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थी, मगर उस वक्त वरिष्ठ नेताओं की समझाइश पर वे मान गए थे. आज डागा ने अपने समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल से कांग्रेस के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह से कांग्रेस की सदस्यता ली.इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, मंत्री अरिफ अकील, पी.सी.शर्मा सहित कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित थे. डागा के कांग्रेस में शामिल होने से हुजूर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को करारा झटका लगा है. यहां से वर्तमान में भाजपा के रामेश्वर शर्मा विधायक हैं. डागा पूर्व में यहां से विधायक रहे हैं. डागा को सुषमा स्वराज का समर्थक माना जाता है.

जाति आरक्षण कर रहा प्रतिभाओं का हनन: डा. त्रिवेदी

सपाक्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हीरालाल त्रिवेदी ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण सिर्फ देश की प्रतिभाओं का हनन कर रहा है. हम जनता को मुफ्तखोर नहीं कर्मठ बनाने में विश्वास रखते हैं.
डा. हीरालाल त्रिवेदी ने ये बात आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने कहा कि  सपाक्स पार्टी स्वच्छ राजनीति की पक्षधर है, हम भारतीय संविधान की अपेक्षा के अनुरूप इस देश में एक देश, एक झंडा, एक कानून, एक नागरिकता चाहते हैं. आज भाजपा और  कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों का एक ही एजेंडा है. अंग्रेजों की नीति का पालन करो इस देश को जाति, धर्म और क्षेत्र में बांटकर राज करो. त्रिवेदी ने उम्मीद की है कि सपाक्स पार्टी को जनता का आर्थिक सहयोग और वोट दोनों प्राप्त होंगे.
उन्होंने कहा कि आरक्षण 70 वर्ष से चला रहा है, उसमें कई विकृतियां आ गई हैं.  गरीबों को लाभ नहीं मिल पा रहा है सपाक्स पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो यह कह रही है कि
इस व्यवस्था में परिवर्तन होना चाहिए. आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा है जिसे गरीबों, मजदूरों और किसानों को देना होगा. उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट में 2016 में मोदी सरकार ने संशोधन कर उसे काला कानून बना दिया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को अनदेखा कर 2018 में संसद में पुन: सभी दलों के सांसदों ने अमेंडमेंट कर दिया. एक भी सांसद माई का लाल नही निकला जो इसका विरोध करता. उन्होंने कहा कि अब भोपाल को मौका है कि वह भोपाल प्रत्याशी डा. वीणा घाणेकर को संसद में भेजें.
इस अवसर पर सपाक्स की भोपाल प्रत्याशी वीणा घाणेकर ने कहा कि हमारे मुद्दे हमने सभी वर्गों से चर्चा कर बनाए हैं, ये वास्तविकता पर आधारित मुद्दे हैं. आरक्षण को 70 वर्ष हो गए हैं, आगामी जनवरी से पुन: 10 वर्षों के लिए इसे बढ़ाया जाएगा, यह वर्तमान समय में सिर्फ और सिर्फ देश की युवा प्रतिभा के हनन का कारण बन रहा है और एक बड़ी वजह से प्रतिभा पलायन की. हम युवा प्रतिभा का और हनन नहीं स्वीकार करेंगे. आरक्षण हो पर आर्थिक आधार पर ताकि संविधान प्रदत्त समानता से सबको आगे बढ़ने का अवसर मिले.

दिग्विजय का प्रचार करने आएंगे कन्हैया कुमार

पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं कन्हैया कुमार का समर्थक हूं. वे 8 एवं 9 मई को मेरा चुनाव प्रचार करने आएंगे. उन्होंने कहा कि टूकड़े-टूकड़े के नारे का उन पर झूठा आरोप लगाया गया था. 
कांग्रेस उम्मीदवार ने यह बात आज भाकपा कार्यालय में आयोजित किए गए संवाद के दौरान कही. उन्होंने कहा कि  भाकपा को विचारधारा की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि मेरी यह मान्यता है कि यूपीए 1 के बाद हम जीते क्योंकि लेफ्ट हमारे साथ था. कांग्रेस एक इंद्रधनुष की तरह हैं, इसके लेफ्ट, सेंटर सब हैं. सिंह ने कहा कि मैं कन्हैया कुमार का समर्थक हूं और उन्हें खुलेआम समर्थन देता हूं. 8 और 9 मई को वे प्रचार करने भोपाल आ रहे हैं. 
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन पर टुकड़े-टुकड़े के नारे का झूठा आरोप लगाया गया है. एक चैनल ने भाजपा और आरएसएस के लड़कों को खड़ा करके टुकड़े-टुकड़े के नारे लगवाएं और दूसरों को बदनाम किया. सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी और कार्ल मार्क्स में थोड़ा सा ही फर्क था. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भोपाल लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह का मसर्थन करने की बात कही है.  सिंह ने कहा कि लिखने-पढ़ने में कांग्रेस कमजोर है.आज सोच विचार लिखने पढ़ने में हम प्रेरणा लेते हैं. पंडित नेहरू  के बाद कांग्रेस में लिखना-पढ़ना कम हो गया. भाजपा के लोग कहते हैं अगर इस बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए तो अगली बार चुनाव नहीं होगा.यह हमारे लिए करो या मरो का प्रश्न है, इसलिए मैं आप सभी का समर्थन करता हूं.

आधा दर्जन भाजपा नेताओं का राजनीतिक भविष्य लगा दांव पर

मध्यप्रदेश के लोकसभा चुनाव में इस बार आधा दर्जन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा है. इन नेताओं को जीत के लिए मशक्कत तो करनी पड़ रही है, साथ ही अपने जो रूठे हैं, उन्हें वे चाह कर भी मना नहीं पा रहे हैं. उनकी जीत-हार अपनों के भरोसे ही है.
मध्यप्रदेश में इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से ज्यादा भाजपा में बगावती सुर दिखाई दे रहे हैं. इसके चलते भाजपा के करीब आधा दर्जन नेताओं का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा हुआ है. केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर जो इस बार ग्वालियर सीट छोड़कर मुरैना से चुनाव लड़ रहे हैं. यहां पर बसपा ने उन्हें त्रिकोणीय मुकाबले में उलझा दिया है. इसके अलावा पूर्व सांसद अशोक अर्गल और उकने समर्थक अब तक नाराज चल रहे हैं. तोमर के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा भरा हो गया है. तोमर के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंंह भी इस परेशानी से उलझे हैं. मतदान के चंद दिनों पहले धीरज पटेरिया के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने से उनके लिए परेशानी खड़ी हुई है. साथ ही इस बार कांग्रेस प्रत्याशी उन्हें कड़ी टक्कर भी देते नजर आ रहे हैं. विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अगर प्रदेश में भाजपा का जीत का समीकरण गड़बड़या तो उनके लिए भी यह चुनाव परेशानी पैदा करने वाला साबित होगा.
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद वे खण्डवा संसदीय क्षेत्र से टिकट पाने में तो सफल हो गए, मगर चौहान के लिए अपने ही मुसीबत खड़ी कर रहे हैं. अगर इस बार चौहान की राह मुश्किल हुई तो भविष्य में उनके क्षेत्र में उनके लिए कई बाधाएं पैदा होंगी. वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते आदिवासी नेता के रुप में भाजपा में उभरे हैं, वे मंडला से फिर एक बार मैदान में हैं. यहां पर इस बार कांग्रेस ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कमल मरावी को कांग्रेस में शामिल कर कुलस्ते की चिंता को बढ़ा दिया है. कुलस्ते इस बार अकेले ही मैदान में नजर आए. उनके पक्ष में सभाएं लेने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तो पहुंचे, मगर केन्द्रीय नेताओं ने दूरी सी बनाए रखी, जिसके चलते वे खुद परेशान होते रहे. कुलस्ते के लिए भी यह चुनाव अहम बन गया हैं.
संघ से टिकट पाकर खजुराहो से मैदान में उतरे बी.डी.शर्मा के लिए भी भाजपा के नेता चिंता खड़ी कर रहे हैं. वे संघ के कहने पर टिकट तो पा गए हैं, मगर जीत न होने पर उनके लिए भी भाजपा में वर्तमान जैसा स्थान बनाए रखना मुश्किल नजर आ रहा है. भाजपा संगठन के कई पदाधिकारी भी संघ के इस फैसले से खुश नहीं है. इसी तरह संघ के द्वारा भोपाल से मैदान में उतारी गई प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लिए यह चुनाव राजनीतिक जीवन का अह्म मोड़ है.अगर वे जीतती है, तो भाजपा में उमा भारती के बाद वे दूसरी साध्वी होंगी जो भाजपा में अपना वजूद बनाने में सफल रहे हैं. अगर यहां परिणाम उलट हुआ तो वे फिर से हासिए पर जा सकती है.

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

प्रज्ञा ठाकुर ने नाम लिया वापस, भाजपा को किया समर्थन

भोपाल संसदीय क्षेत्र से हम नाम निर्दलीय प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने अपना नाम वापस ले लिया. प्रज्ञा सिंह ने भाजपा के समर्थन में अपना नाम वापस लिया है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ मैदान में उतरीं निर्दलीय प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर भाजपा के समर्थन में आ गई हैं. शुक्रवार को हुए एक नाटकीय बदलाव में निर्दलीय मैदान में खड़ी प्रज्ञा ठाकुर ने अपना नामांकन वापस लेते हुए भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को अपना समर्थन दे दिया है. भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने इस मौके पर प्रज्ञा ठाकुर का अभिनंदन किया है. इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा भी मौजूद रहे.
उल्लेखनीय है कि भोपाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा को अपना उम्मीदवार बनाया है. इस बीच प्रज्ञा ठाकुर नाम की एक और महिला ने निर्दलीय नामांकन भरकर उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी थीं.
   

नेताओं की घर वापसी ने बढ़ाई चिंता

 कांग्रेस के इस कदम से भाजपा को लगा करारा झटका
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों दल सक्रिय और सतर्क हैं. अपने नेताओं की नाराजगी को दूर करने का वे हरसंभव प्रयास भी कर रहे हैं. इसके चलते कांग्रेस ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया है. कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ में नाराज नेताओं की घर वापसी का अभियान चलाया, जिसने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है. दर्जनभर नेता जो नाराज होकर भाजपा में चले गए थे, वे अब वापस कांग्रेस में आ गए, जिससे कांग्रेस प्रत्याशियों को राहत मिलती नजर आ रही है.
प्रदेश के मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल अंचल में विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद से भाजपा इन अंचलों को लेकर खासा चिंतित थी, यहां पर विधानसभा उसे अच्छे परिणाम नहीं मिले, जिसके चलते सत्ता से दूर रहना पड़ा था. कांग्रेस ने यहां पर विधानसभा के बाद अब लोकसभा चुनाव को लेकर सक्रियता दिखाई है. प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस ने नाराज चल रहे नेताओं की घर वापसी शुरु कर दी है. दोनों ही अंचलों में कांग्रेस ने अपने नाराज नेताओं को वापस लाकर भाजपा को चिंता में डाल दिया है. हालांकि भाजपा नेता इसे कोई बड़ी बात नहीं मान रहे हैं. उनका कहना है कि कांग्रेस अब भी गुटों में बंटी है, इसलिए कांग्रेस नेता अपने गुटों को मजबूत करने के लिए ऐसा कर रहे हैं. भाजपा के विपरीत कांग्रेस नेताओं का मानना है कि कांग्रेस का यह अभियान लोकसभा चुनाव परिणाम पर खासा असर दिखाएगा, जिन स्थानों पर कांग्रेस के प्रत्याशी अपनों से जूझ रहे थे, वहां पर अब कांग्रेस प्रत्याशी राहत महसूस कर रहे हैं. 
इनकी हुई घर वापसी
ग्वालियर-चंबल में कांग्रेस के इस अभियान में सबसे बड़ी सफलता चौधरी राकेश सिंह के रुप में मिली. चौधरी राकेश सिंह कांग्रेस के मैदानी नेता तो हैं साथ ही अच्छे वक्ता के रुप में भी उनकी अपनी पहचान है.  साथ ही सदन में वे कई बार भाजपा को घेरने में सफल भी रहे हैं. वे वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस द्वारा लाए अविश्वास प्रस्ताव को गिराकर भाजपा में चले गए थे. अब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनकी घर वापसी कराई है. चौधरी के अलावा इस अंचल के बड़े जिनकी घर वापसी हुई है उनमें  साहब सिंह गुर्जर, वृंदावन सिकरवार उनके बेटे मानवेंद्र सिंह जैसे दिग्गज नेता है. वहीं मालवा-निमाड़ अंचल में कांग्रेस के इस अभियान में खरगौन संसदीय क्षेत्र में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव से नाराज चल रहे नेताओं की भी घर वापसी हुई है. खरगोन के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रहे बोंदरसिंह मंडलोई, सेगांव के पूर्व मंडी अध्यक्ष रेवाराम पाटीदार, कांग्रेस नेता शांतिलाल पाटीदार, भगवानपुरा के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर देवनारायणसिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष गंगाराम सोलंकी सहित राजेन्द्र सिंह मंडलोई हैं. इनकी घर वापसी ने खरगौन संसदीय क्षेत्र के अलावा खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों को राहत दी है.

आधा दर्जन सीटों पर संघ की प्रतिष्ठा दांव पर

मध्यप्रदेश में आधा दर्जन लोकसभा क्षेत्रों संघ की पसंद के प्रत्याशी मैदान में है, जिनकी जीत के लिए संघ लगातार रणनीति बना रहा है. साथ ही प्रत्याशियों को वहां होने वाले नुकसान से भी आगाह कर रहा है. संघ अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने में भाजपा संगठन पदाधिकारियों को भी हिदायतें देने से नहीं चूक रहा है.
प्रदेश में संघ के भोपाल, खजुराहो, मंदसौर, ग्वालियर, उज्जैन, खरगोन जैसे लोकसभा क्षेत्रों में संघ की पसंद के प्रत्याशी मैदान में है. इनमें कई स्थानों पर भाजपा के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता नाराज भी है. इसके लिए संघ ने सक्रियता दिखाई और भाजपा संगठन को हिदायत देते हुए नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया. संघ को सबसे ज्यादा भोपाल में प्रज्ञा सिंह ठाकुर, खजुराहो में विष्णुदत्त शर्मा, ग्वालियर में विवेक शेजवलकर, मंदसौर में सुधीर गुप्ता, खरगौन में गजेन्द्र पटेल को लेकर चिंता ज्यादा है. इन स्थानों पर संघ को लगातार भीतरघात की चिंता सताए जा रही है. संघ ने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों को वहां का फीडबैग देकर यह बता भी दिया कि किस सीट पर किस तरह की कमजोरी है और उसे किस तरह से दूर किया जाए. 
संघ पदाधिकारियों सह क्षेत्रीय कार्यवाह हेमन्त मुक्तिबोध,  अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार, क्षेत्र प्रचार प्रमुख नरेंद्र जैन राजधानी में संघ मुख्यालय में लगातार बैठकें कर प्रत्याशियों की जीत की रणनीति बना रहे हैं. साथ ही प्रतिदिन सभी 29 संसदीय क्षेत्रों का फीडबैक ले रहे हैं. संघ द्वारा अपने प्रत्याशियों को जीताने के लिए अनुषांगिक संगठनों को भी मैदान में उतारा गया है, जो वहां पर प्रत्याशियों के हो रहे विरोध को रोकने और मतदाता के बीच पहुंचकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं. संघ का सबसे ज्यादा जोर भोपाल में दिग्विजय सिंह को हराना है. इसके लिए संघ की एक अलग टीम भी बनी है, जो संघ के मुताबिक की ग्रामीण अंचलों विशेषकर सीहोर और बैरसिया विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय हो गई है. इसके अलावा बी.डी.शर्मा हैं, जिन्हें अचानक से संघ ने खजुराहो में मैदान में उतारा, जहां उनका विरोध बाहरी बताकर स्थानीय कार्यकर्ता कर रहे हैं. इसके अलावा ग्वालियर में विवेक शेजवलकर के समर्थन में नाराज नेताओं को मनाना है.

शिवराज के बयान से आईएएस खफा, आयोग को लिखा पत्र

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छिंदवाड़ा कलेक्टर को लेकर दिए विवादित बयान ने तूल पकड़ लिया है. चौहान के खिलाफ आईएएस एसोसिएशन आ गया है. एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति जताई और शिवराज के बयान को संज्ञान में लेने की मांग की है.
लोकसभा चुनाव  के चुनावी समर में लगातार राजनीतिक दलों के नेताओं का विवादित बयान जारी है. वहीं, नेताओं के विवादित बयान पर निर्वाचन आयोग की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान को लेकर आईएएस एसोसिएशन ने निंदा की है. साथ ही एशोसिएशन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिवराज सिंह के बयान पर संज्ञान लेने की मांग की है. हालांकि शिवराज ने अपने बयान पर सफाई पेश की है.
गौरतलब है कि चौहान बुधवार को छिंदवाड़ा जिले के चौरई कस्बे में जनसभा को संबोधित करने गए थे, जहां से उनके हेलीकाप्टर को जिला प्रशासन के निर्देश पर पांच बजे से पहले रवाना कर दिया गया. इस पर चौहान ने सड़क मार्ग का सहारा लिया. जनसभा के दौरान चौहान ने प्रशासन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ के दवाब में काम करने का आरोप लगाते हुए धमकी दी थी, बंगाल में ममता दीदी, वह नहीं उतरने दे रही थीं.  ममता दीदी के बाद कमलनाथ दादा...यह आ गए. अरे भाई सत्ता के मद में ऐसे चूर मत हो. ये पिट्ठू कलेक्टर सुन ले रे, हमारे दिन भी आएंगे, तब तेरा क्या होगा.'

आतंकवाद का समर्थन करना संघियों के लिए नई बात नहीं

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष  शोभा ओझा ने, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष  राकेश सिंह के उस वकत्वय की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि  आतंकवाद  तो त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतीक है.
ओझा ने कहा कि भाजपा की मातृसंस्था आरएसएस की स्थापना के समय से ही, उसके नेताओं की सोच आतंकवाद के समर्थन की रही है. सभी जानते हैं कि इस देश का पहला आतंकवादी नाथूराम गोडसे, जिसने महात्मा गांधी की हत्या की, वह संघ का ही स्वयंसेवक था. देश कभी यह भूल नहीं सकता कि बापू की हत्या के बाद, वो संघी ही थे, जो खुशी से मिठाइयां बांट रहे थे और जिसके कारण देश के गृहमंत्री सरदार पटेल ने संघ पर प्रतिबंध भी लगाया था. 
ओझा ने कहा कि जहां राकेश सिंह ने अपने भाषण में आतंकवाद को त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतीक बताया है, वहीं प्रज्ञा ठाकुर ने, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को आतंकी बताया और शहीद हेमंत करकरे की शहादत का उपहास उड़ाते हुए, उनका अपमान भी किया है. ये बातें, महज संयोग नहीं कही जा सकतीं, यह संघ और संधियों की उसी सोच का परिचायक है, जिसके उदाहरण, इस देश के लोग आजादी के पहले से ही देखते आए हैं. सभी जानते हैं कि देश जब स्वतंत्रता की लड़ाई में मशगूल था, तब संघ के नेता अंग्रेजों के पिट्ठू बनकर स्वतंत्रता की लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे थे, वे अंग्रेजों के हित में, क्रांतिकारियों के विरूद्ध मुखबिरी करते थे, उनके खिलाफ हलफनामे देते थे, और केवल यही नहीं, संघ ने अंग्रेजों के समर्थन में, भारत छोड़ो आंदोलन का भी विरोध किया. भारत छोड़ो आंदोलन के परिणाम स्वरूप, जब अंग्रेजों ने भारत छोड़ दिया, तब नाराज संघियों ने, आंदोलन के नेतृत्वकर्ता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या भी करवा दी.

कांग्रेस ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की पर प्रचारित नहीं किया

दिग्विजय सिंह 
भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की,मगर उसे कभी प्रचारित नहीं किया. कांग्रेस ने कभी आतंकवाद से समझौता नहीं किया है.
सिंह ने यह बात बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान संबोधन में कही.  ग्राम कलारा में जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों से सवाल किया कि कांग्रेस के समय का पंचायतीराज बेहतर था या शिवराज के समय का बेहतर है? कांग्रेस के समय पंचायतीराज के अधिकार आप लोगों के हाथ में थे, किंतु मामा शिवराज ने सभी शक्तियां अपने हाथ में रख लीं.  सिंह ने कहा कि बैंक में नियम बना दिया की दो हजार से कम किसी के खाते में हुए तो कमीशन कट जाएगा. उन्होंने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी  कौन होते हैं आपका पैसा काटने वाले? मोदी ने कहा की 15-15 लाख रुपए देंगे, दो करोड़ नौकरी देंगे, मोदी ने 15 लाख और नौकरी दी क्या?
कांग्रेस को राष्ट्रीयता का प्रमाण पत्र भाजपा से नहीं चाहिए. कांग्रेस ने कभी आतंकवाद से समझौता नहीं किया हमारे नेताओं ने आतंकवाद से लड़ते हुए बलिदान दिया. राजीव गांधी , इंदिरा गांधी, पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सभी ने बलिदान दिया है. भाजपा बताए कि उसके किस नेता ने आज तक बलिदान दिया है. सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की कांग्रेस ने कई सर्जिकल स्ट्राइक कीं, पर कभी प्रचारित नहीं किया. भाजपा ने हमेशा आतंकवाद से समझौता किया है.

बुधवार, 24 अप्रैल 2019

सुरक्षा की कमी का आरोप हम पर न लगे, इसलिए बढ़ाई सुरक्षा

 मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा भाजपा में था उम्मीदवारों का संकट
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की सुरक्षा बढ़ाए  जाने पर कहा कि ऐसी घटना हम नहीं चाहते कि जहां हम पर सुरक्षा की कमी बताकर आरोप लगाया जाए. उन्होंने कहा कि भाजपा में उम्मीदवारों का संकट था, इसलिए भोपाल में ऐसा उम्मीदवार उन्हें मिला.
कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा किस तरह की राजनीति करना चाहती है, यह उनकी सोच व रणनीति है, लेकिन जनता समझदार है. वो सब समझती है. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ऐसी घटना हम नहीं चाहते कि जहां वो सुरक्षा की कमी बताकर आरोप लगाए. साध्वी प्रज्ञा को काले झंडे दिखाए जाने पर कहा कि देखिए देश की व मध्यप्रदेश की जनता  और भोपाल के लोग बहुत समझदार हैं. वह सब सच्चाई जानते है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा में उम्मीदवारों का संकट रहा. भोपाल में भी ऐसा उम्मीदवार मिला, जिसने एक दिन पूर्व ही भाजपा में प्रवेश लिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि घोटालों की जांच को लेकर उन्होंने कहा कि जो घोटाले हैं, वह सामने आएंगे. किसी को ना हम टारगेट कर रहे हैं और ना हम सच्चाई को दबाएंगे. बिजली कटौती को उन्होंने षडयंत्र बताया. उन्होंने कहा कि  हमने कई लोगों पर कार्यवाही की है. कुछ लोग साजिÞश कर रहे है, तार काट रहे है, शार्ट सर्किट कर रहे हैं, ताकि बिजली संकट  का माहौल बने, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है. कमलनाथ ने कहा कि  राहुल गांधी या कांग्रेस नहीं , जनता खुद कह रही है कि चौकीदार चोर है.  उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि दिग्विजय सिंह केवल जीतेंगे ही नहीं बल्कि भारी मतों से जीतेंगे.
प्रज्ञा रहेंगी कड़ी सुरक्षा में
भाजपा की भोपाल प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा को एनसीपी कार्यकर्ता द्वारा काले झंड़े दिखाने के बाद चुनाव आयोग ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. साध्वी की सुरक्षा का जिम्मा सीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है, उनके आवास पर एक दर्जन से ज्यादा सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है. घर पर आने-जाने वाले लोगों की जांच के लिए मैटल डिटेक्टर भी लगाया गया है. इस पैनी सुरक्षा के बाद अब केवल कुछ चुनिंदा लोग ही उनसे मिलने उनके घर जा सकेंगें. इसके अलावा महिला पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में तैनात की गई हैं, जो साध्वी से मिलने आने वाली महिलाओं की जांच करेंगी वहीं उनके काफिले में चलने वाली गाड़ियों के साथ-साथ पायलेट फालोवर वाहन भी चलेगी. इसके अलावा आरएएफ की एक टुकड़ी उनकी सुरक्षा में तैनात की गई है. इसमें से कुछ जवान प्रचार के दौरान उनके साथ रहेंगे और कुछ 24 घंटे उनके घर पर तैनात रहेंगे.

पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को करना पड़ रहा संघर्ष

नरेन्द्र सिंह तोमर 
भाजपा, कांग्रेस के दो-दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं मैदान में

मध्यप्रदेश के लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने दो-दो प्रदेश अध्यक्षों को चुनाव मैदान में उतारा है, जो जीत के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. तीन पूर्व अध्यक्षों को तो अपनों से ही जूझना पड़ रहा है, जबकि एक प्रदेश अध्यक्ष के लिए फिलहाल अपने एक मंच पर नजर आ रहे हैं.
दकुमार सिंह चौहान 
मध्यप्रदेश में भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को मुरैना और नंदकुमार सिंह चौहान को खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारा है. दोनों ही वर्तमान सांसद है और दोनों ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे चुके हैं. इस लोकसभा चुनाव में हालात कुछ ऐसे निर्मित हो गए हैं कि दोनों को जीत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. मुरैना में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को कांग्रेस के रामनिवास रावत टक्कर दे रहे हैं, साथ ही उनका गणित बसपा के उम्मीदवार करतार सिंह भड़ाना ने भी उन्हें परेशानी में डाल दिया है. यहां पर वर्तमान सांसद अनूप मिश्रा टिकट न मिलने से नाराज है. इसके अलावा स्थानीय भाजपा  नेता और पदाधिकारी खासकर गुर्जर समाज तोमर की उम्मीदवारी से नाराज है. उनके सामने जातिगत समीकरण उलझ गया है.
अरुण यादव 
वहीं खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा के एक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के सामने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव मैदान में हैं. यहां पर दोनों ही के सामने अपनों का संकट खड़ा है. नंदकुमार सिंह चौहान के लिए पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस और उनके समर्थक परेशानी खड़ी कर रहे हैं. चौहान लगातार संगठन को इस बात से अवगत करा रहे हैं, मगर चिटनिस समर्थकों की नाराजगी कम होती नजर नहीं आ रही है. वहीं क्षेत्र में भी इस बार मतदाता चौहान से खफा नजर आ रहा है. दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के सामने अपने ही परेशानी बन गए हैं. यादव को टिकट दिए जाने के पहले से ही क्षेत्र के नेता अपनी नाराजगी जता चुके थे. खण्डवा जिले में पदाधिकारी तो खुलकर सड़क पर आ गए थे, जबकि बुरहानपुर से वर्तमान निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा यादव को टिकट दिए जाने से खासे नाराज है. यादव और कांग्रेस संगठन के मनाने पर भी वे अब तक नहीं माने हैं. यादव पर इस बात के लगातार आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान आपसी झगड़े बढ़ाए और पुराने कांग्रेस नेताओं को हासिए पर ला खड़ा किया.
दिग्विजय को करनी पड़ रही जमकर मेहनत
दिग्विजय सिंह 



राजधानी भोपाल से कांग्रेस के दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे दिग्विजय सिंह को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है. सिंह के खिलाफ भाजपा ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा है. इसके चलते संघ सीधे तौर पर दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में उतर आया है, जो सिंह के लिए समस्या बन गया है. भोपाल में सिंह के लिए अपने तो चुनौती नहीं है, मगर भाजपा संगठन संघ के निर्देश पर दिग्विजय सिंह के परेशानी बन गया है. दिग्विजय सिंह की उम्मीदवारी से पहली बार भोपाल में यह देखने को मिल रहा है कि गुटों में बंटी कांग्रेस एक मंच पर दिखाई दे रही है. इसके अलावा सिंह समर्थक विधायक और मंत्री भी भोपाल में डेरा जमाए हुए हैं. दिग्विजय सिंह को इस बार भोपाल संसदीय क्षेत्र में जीत के लिए जमकर संघर्ष करना पड़ रहा है, कभी वे कर्मचारियों से माफी मांग रहे हैं, तो प्रतिदिन मंदिर-मंदिर जाना पड़ रहा है.

दिग्विजय ने की अपील, भाजपा के विनाशकारी विकास को पहचाने

दिग्विजय सिंह 
मध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेशवासियों को पंचायती राज दिवस की बधाई दी और भाजपा पर लोकतंत्र को मजबूत करने वाली संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने लोगों से भाजपा के विनाशकारी विकास को पहचानने की अपील की.
दिग्विजय सिंह ने आज ट्वीट कर कहा कि प्रदेश के नागरिकों को पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि मेरा महात्मा गांधी के इस कथन में दृृढ़ विश्वास है कि अगर हिन्दुस्तान के हर एक गांव में कभी पंचायती राज कायम हुआ, तो मैं अपनी उस तस्वीर की सच्चाई साबित कर सकूंगा जिसमें सबसे पहला एवं सबसे आखिरी व्यति दोनों बराबर होंगे या यूं कहिए कि ना कोई पहला होगा, न कोई आखिरी.
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था लागू किए जाने को याद करते हुए सिंह ने कहा, मेरे शासनकाल में पंचायती राज को कायम करने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश बना. 25 जनवरी, 1994 को मध्यप्रदेश पंचायती राज अधिनियम संस्थापित किया गया और मई- जून 1994 को पूरे प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई. सिंह ने कहा कि कांग्रेस (हमारे) शासनकाल में 30,922 ग्राम पंचायतों, 459 जनपद पंचायतों एवं 45 जिला पंचायतों में चुनाव करवाए गए. पंचायती राज से स्थानीय स्वशासन प्रणाली मजबूत हुई और ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र और स्थानीय स्वशासन का सफल क्रियान्वयन हो सका. व्यक्ति केंद्रित मोदी राज से अलग यह सत्ता में आम आदमी की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास था. उन्होने लोकतंत्र की रक्षा करने वाले संस्थानों को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने वाले संस्थानों को इससे पहले कभी इतना कमजोर और कलंकित नहीं किया गया है, जितना की पिछले पांच सालों में भाजपा सरकार में हुआ है. भाजपा के विनाशकारी विकास को पहचानिए.    

हर सीट पर भाजपा का बड़ा नेता होगा तैनात

 दिल्ली से लेकर प्रदेश के नेताओं की हो रही तैनाती
मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को मिले संघ के फीडबेक के बाद भाजपा ने दिल्ली से लेकर प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को हर सीट पर तैनात करना शुरु कर दिया है. संघ ने फीडबेक दिया है कि भीतरघात और नाराजगी के चलते भाजपा को एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर मुकाबला कड़ा हो गया है. इसके चलते समय रहते स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने का काम किया जाए. 
भाजपा को इस लोकसभा चुनाव में बड़े संकट के रुप में अपने रुठे नेताओं को मनाना है. संघ ने हाल ही में सर्वे कराकर भाजपा संगठन को यह जानकारी दी है कि प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर भाजपा के लिए मुसीबत अपने ही बनते जा रहे हैं, अधिकांश सीटों पर मुकाबला कड़ा हो गया है. प्रत्याशी के खिलाफ विरोध के कारण परिणाम उलट सकता है. संघ ने इस बात की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा प्रदेश संगठन को दे दी है. इसके बाद राष्ट्रीय संगठन सक्रिय हो गया है. भाजपा के प्रदेश प्रभारी डा. विनय सहस्त्रबुद्धे को भोपाल संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी देकर उन्हें यहां भेज दिया है. सहस्त्रबुद्धे भोपाल के अलावा राज्य की सभी सीटों पर निगाहें रखेंगे, इसके अलावा इंदौर में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री बी. सतीश को जिम्मेदारी दी गई है. बी. सतीश इंदौर के अलावा पूरे मालवा अंचल की सीटों पर निगाहें रखेंगे इसके अलावा सीधी रिपोर्ट भी वे अमित शाह को देंगे. 
भाजपा द्वारा विनय सहस्त्रबुद्धे, बी. सतीश के अलावा बालाघाट में विनोद गोटिया और सुरेश आर्य, उज्जैन में पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री माखनसिंह, खंडवा में पूर्व संभागीय मंत्री अंबाराम कराड़ा,  बैतूल में शिव चौबे, सीधी में प्रदेश भाजपा के चुनाव सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, विदिशा में चंद्रशेखर,मंडला में चुनाव प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा अन्य संसदीय क्षेत्रों में जल्द ही नेताओं की नियुक्ति की जाएगी. भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सभी नेताओं को साफ कहा कि वे जल्द ही अपने संसदीय क्षेत्रों में काम संभाल लें और रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दें. नेताओं की रिपोर्ट पर अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल चर्चा कर यह फैसला करेंगे कि किस सीट पर किस तरह की रणनीति तय की जाए और किसे वहां की चुनाव प्रचार की कमान सौंपी जाए. भाजपा हर संसदीय क्षेत्र में वहां के माहौल के हिसाब से अब रणनीति तय करने की तैयारी कर रही है.

व्यायमं घोटाले का आरोपी कांग्रेस का स्टार प्रचारक

डा. गुलाब सिंह किरार 
भाजपा ने भी जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची
मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है. कांग्रेस, भाजपा ने 40-40 स्टार प्रचारक बनाए हैं. कांग्रेस की सूची में एक नाम ऐसे भी स्टार प्रचारक का है, जो व्यापमं घोटाले का आरोपी भी रहा है. सूची में 36 नबंर पर डा. गुलाब सिंह किरार नाम अंकित है, जो व्यापमं घोटाले के आरोपी है.
मध्यप्रदेश में तीसरे चरण में सात लोकसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है. 40 स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी ने व्यापमं घोटाले के आरोपी डा. गुलाब सिंह किरार और डा. रामकृष्ण कुसमरिया को भी शामिल किया है. दोनों ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं.  इस सूची में 20 नाम राष्ट्रीय नेताओं के हैं, जबकि 20 स्टार प्रचारक प्रदेश के नेता हैं. पार्टी ने बहुजन संघर्ष दल के फूल सिंह बरैया और हार्दिक पटेल को भी स्टार प्रचारक घोषित किया है. बरैया भी हाल ही में अपने दल सहित कांग्रेस में शामिल हुए हैं.
 कांग्रेस के स्टार प्रचार
राष्ट्रीय नेताओं के अतिरिक्त कांतिलाल भूरिया, विवेक तन्खा, सुरेश पचौरी, अरूण यादव, अजय सिंह, डा. गोविंद सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, मुकेश नायक, पीसी शर्मा, प्रभुराम चौधरी, लाखन सिंह यादव,  प्रद्युम्न सिंह तोमर, नामदेवदास त्यागी, डा. गुलाब किरार, सईद अहमद, रामकृष्ण कुसमारिया, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, फूल सिंह बरैया को स्टार प्रचारक घोषित किया गया है.
भाजपा के स्टार प्रचारक
प्रदेश में तीसरे चरण के लिए भाजपा ने भी 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है. भाजपा ने राष्ट्रीय नेताओं के अलावा प्रदेश के गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, यशोधरा राजे सिंधिया, विक्रम वर्मा, फग्गन सिंह कुलस्ते, सुहास भगत, मनोहर ऊंटवाल, विजेश लूणावत, बंसीलाल गुर्जर, विनोद गोटिया और जयभान सिंह पवैया को भी स्टार प्रचारक बनाया है.

पूर्व मंत्री पारस जैन को बंगला खाली करने का नोटिस

पारस जैन 
पूर्व मंत्री पारस जैन को सरकार ने बंगला खाली करने का नोटिस दिया है. जैन का यह बंगला मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा को आवंटि किया गया है. जैन को बंगला 25 अप्रैल तक खाली करना है.
मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री पारस जैन को भाजपा सरकार के जाते ही बंगला खाली करना था, मगर उन्होंने अब तक बंगला खाली नहीं किया है. जैन को कई बार शासकीय तौर पर निर्देश भी मिले, मगर उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया और बंगला खाली नहीं किया. जैन का यह बंगला वर्तमान सरकार के मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा को आवंटित है. इसके कारण वे राजधानी में अब तक बंगला नहीं मिलने के कारण  इधर-उधर गुजरा करते नजर आ रहे हैं. 
पूर्व मंत्री जैन को न्यायालय सक्षम अधिकारी मध्यप्रदेश लोक परिसर अधिनियम भोपाल ने नोटिस भेजा है. जिसमें कहा है कि पारस जैन अब भी अनधिकृत रुप से चार इमली स्थित बंगले पर आधिपत्य जमाए हुए हैं. 25 अप्रैल तक आवास खाली नहीं करने पर उसे बलपूर्वक खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी. उल्लेखनीय है के सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों को विधानसभा सचिवालय की ओर से बंगले खाली करने को कहा गया था, इसमें से कईयों ने अपना बंगला खाली नहीं किया, जिसके कारण विधायक और मंत्री परेशान हो रहे हैं.

मंगलवार, 23 अप्रैल 2019

भगवामय हुई रैली, साधु-संत भी पहुंचे


भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञासिंह ठाकुर की नामांकन रैली आज राजधानी में पूरी तरह से भगवामय नजर आई. रैली में पहुंचे कार्यकर्ता भगवा पगड़ी पहने थे तो कुछ ने गले ेेंमें भगवा गमझा डाला था. साध्वी के सभा मंच पर साधु-संतों का भी जमावड़ा नजर आया.
राजधानी के भवानी चौक स्थित कर्फ्यू वाली माता मंदिर पर आज भाजपा ने सभा का आयोजन किया और यहां से रैली के रुप में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन भरने जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंची. सभा स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता भगवा पगड़ी बांधे थे, तो कुछ ने गले में भगवा गमझा डाला हुआ था. मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा सहित कई पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे. वहीं साधु-संत भी इस मंच पर मौजूद थे.
सभा को संबोधित करते हुए प्रज्ञा सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि 2003 में एक साध्वी ने ऐसा पराजित किया था कि 16 साल मुंह नहीं उठा पाएं और इस बार फिर एक और साध्वी आ गई है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के विजन को टक्कर देने के लिए हम अपना विजन डाक्यूमेंट तय करने का जिम्मा जनता पर छोड़ा है. उन्होंने कहा कि भोपाल का विकास किस तरह का हो, विकास के एजेंडे जनता तय करें. साध्वी ने कहा कि भोपाल की 26 लाख जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पाप स्वयं बोला है कि वो उनके दिल में हिंदुत्व नहीं है, और जहां हिंदुत्व नहीं वहां विकास नहीं हो सकता है.
तो र्इंट से र्इंट बजा देंगे
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को धोखा दिया है, हम जनता के साथ धोखा नहीं होने देंगे. अगर कांग्रेस ने वादा पूरा नहीं किया, तो र्इंट से र्इंट बजा देंगे. सड़कों पर आपके हक की लड़ाई हम लड़ेंगे.उन्होंने कहा कि  दिग्विजय सिंह तुम्हारा विजन है अंधेरा प्रदेश, तुम्हारा विजन है सूखे खेत, तुम्हारा विजन है भूखे गरीब. हमने तय किया है ग्रीन भोपाल, हमने तय किया है मेट्रो युक्त भोपाल. हमने तय किया है सबकी खुशहाली, हमारा मुकाबला तुम क्या करोगे. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी ने भगवा को आतंकवाद से जोड़ने का षड्यंत्र किया. यह हिन्दू संस्कृति है, जो सबके सुखी, मंगल और कल्याण होने की बात करती है.
काले झंडे दिखाने पहुंचे एनसीपी कार्यकर्ता
भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नामांकन के दौरान काले झंडे दिखाने आए लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया है. दरअसल हेंमत करकरे पर दिए बयान के चलते लोगों में नाराजगी थी, जिसके चलते कुछ लोग काले झंडे दिखाने पहुंचे थे. एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष राजू भटनाकर ने साध्वी प्रज्ञा सिंह को काला झंडा दिखाया, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजू भटनाकर की पिटाई कर दी, वहीं एनसीपी के सदस्यों ने दिग्विजय सिंह को अच्छा आदमी बताया हैं.

जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वह देशद्रोही: दिग्विजय

भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने आज साध्वी प्रज्ञा सिंह के हेमंत करकरे पर दिए  बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि संघ के लोगों के बयान से साफ है कि उनके लिए भारत  ‘माता’ नहीं, संघ ही सबकुछ है. जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वह देशद्रोही है. 
दिग्विजय सिंह ने आज लगातार एक के बाद एक ट्वीट किए और साध्वी के बयानों पर हमला बोला. उन्होंने  लिखा कि शहीद हेमंत करकरे के विरुद्ध संघ के लोगों के बयान से साफ है कि उनके लिए भारत  ‘माता ’  नहीं, संघ ही सब कुछ है! जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वो देशद्रोही है.  भारत के शहीद भी अगर संघ को पसंद नहीं तो वो शैतान हैं.  हमने संघ की नहीं, संविधान की शपथ ली है. हम भारत माता के भक्त हैं. उन्होंने कहा कि  भारत आज एक मजबूत राष्ट्र है, जिसमें संघ की नहीं,  कांग्रेस के लोगों के कुर्बानियां शामिल हैं.  महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के बलिदान हैं.  छत्तीसगढ़, कश्मीर, पंजाब, असम, मणिपुर, त्रिपुरा देश की मिट्टी में कांग्रेस का खून मिला हुआ है. उस खून की खुशबू संघ को नहीं आती.
सिंह ने कहा कि भाजपा के लोग भले मानते हों कि जब जागे तभी सबेरा, लेकिन भारत का सूर्य आपसे बहुत पहले उदय हो चुका था. आजादी के बाद मजबूत भारत बनाने में देशवासियों की मेहनत, सैनिकों, पुलिसकर्मियों के बलिदान, संविधान की ताकत, कांग्रेस की नीतियां शामिल हैं. राष्ट्र निर्माण यज्ञ है, निजी चमत्कार नहीं  नेहरुजी ने नए राष्ट्र के रूप में भारत की नींव रखी. उसमें संघ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी सम्मानपूर्वक शामिल किया, सबको साथ लिया. आप जो राष्ट्र बना रहे हैं, उसमें शहीदों तक का सम्मान नही.  महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी से हेमंत करकरे तक सब आपके लिए बस राजनीति है? क्यों?

अपनों के विरोध से परेशान भाजपा, कांग्रेस

 दोनों ही दल नहीं रोक पा रहे नाराजगी
मध्यप्रदेश में पहले चरण का मतदान समीप है और भाजपा एवं कांग्रेस दोनों ही दल अपनों के विरोध से घिरते जा रहे हैं. भाजपा में इस बार विरोध ज्यादा नजर आ रहा है, जिसे भाजपा के वरिष्ठ नेता संभाल नहीं पा रहे हैं. अब तक भाजपा ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय मैदान में उतरे दो नेताओं पर निष्कासन की गाज गिरा दी है, मगर विरोध थम नहीं रहा है, खुद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इसे चाहकर नहीं रोक पा रहे हैं. वहीं कांग्रेस में नाराज विधायक चिंता का कारण बन रहे हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद नाराज लोगों को मना रहे हैं, मगर कुछ तो अब भी नाराज नजर आ रहे हैं.
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपनों से जूझ रहे हैं, इसके चलते अब तक नाराज नेताओं को मनाने में दोनों ही दल असफल रहे हैं. भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने नाराज लोगों को मनाने की कोशिश की, मगर वे भी असफल रहे हैं. इसके अलावा संगठन के पदाधिकारी भी नाराजगी को दूर नहीं कर पाए हैं. जिसके चलते करीब एक दर्जन सीटों पर भाजपा को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है. भाजपा ने बालाघाट में निर्दलीय मैदान में उतरे बोधसिंह भगत के बाद सपा में चले गए आर.डी. प्रजापति को भी निष्कासित कर दिया, मगर नाराजगी को दूर नहीं कर पाई है. अब सागर लोकसभा सीट पर नाराज चल रहे मुकेश जैन ढ़ाना ने आज जैन समाज के समर्थन में निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन भर दिया है. उमा समर्थक मुकेश जैन को भी भाजपा नहीं मना पा रही है.
कांग्रेस में भी अपने विधायक खफा है. जयस के संरक्षक डा. हीरा अलावा नाराज चल रहे हैं, जिसके चलते जयस ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं. जयस बैतूल में भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने को लेकर मंथन कर रहा है, जो कांग्रेस के लिए और चिंता का कारण बन सकता है. वहीं सतना में कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाह नाराज होकर घर बैठ गए हें. कुशवाह सतना से अपनी पत्नी का टिकट चाह रहे थे, मगर पार्टी ने वहां राजाराम त्रिपाठी को प्रत्याशी बना दिया है. इसके चलते कांग्रेस के लिए यहां भी मुसीबत खड़ी हो गई है. वहीं खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र में अरुण यादव को अपनों की नाराजगी से जूझना पड़ रहा है. खुद  मुख्यमंत्री कमलनाथ इसे रोकना चाहते हैं, मगर नहीं रोक पा रहे हैं. विदिशा में पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल भी निर्दलीय नामांकन भरने पहुंचे थे, वे मुख्यमंत्री के कहने पर बमुश्किल माने हैं. उन्हें मंत्री जीतू पटवारी को भेजकर कलेक्टर कार्यालय से वापस बुलवाना पड़ा है. कांग्रेस में भी करीब एक दर्जन स्थानों पर अपने ही विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं.

भिक्षा मांग कर चलाती है आजीविका प्रज्ञा सिंह

 राम नाम की चांदी की ईट और 2 किलो का है चांदी का कमंडल
भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की आजीविका भिक्षा और समाज के द्वारा चल रही है. उनके पास 4 लाख से ज्यादा की संपत्ति है, जिसमें राम नाम की चांदी की र्इंट है, जिसका वजन 150 ग्राम है और 2 किलो वजन का चांदी का कमंडल भी उनके पास है. प्रज्ञा के पास किसी तरह का हथियार नहीं है और न ही उनके पास जमीन है.
यह जानकारी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने नामांकन फार्म के साथ दी जानकारी में दी है. उन्होंने नामांकन पत्र के साथ अपनी पूरी जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास 4 लाख 44 हजार 224 रुपए की चल-अचल संपत्ति घोषित की है. राजधानी की बैरागढ़ स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया में  88,824 और दूसरे खाते में 11 हजार रुपए जमा है. जबकि उनके पास नगद 90 हजार रुपए है. प्रज्ञा सिंह ने नामांकन पत्र के साथ दी जानकारी में बताया कि  उनके पास 1 लाख 14 हजार रुपए की सोने की चेन, लाकेट, अंगूठी और सप्त धातु का सुमेरनी है. वहीं 1 लाख 40 हजार 400 रुपए के चांदी का कमंडल, कटोरी, प्लेट, लोटा, अंगूठे की रिंग, कड़े और एक राम नाम की ईंट भी है. इस र्इंट का वजन 150 ग्राम बताया है. ईट की कीमत उन्होंने 7 हजार रुपए बताई है. वहीं दो किलो के चांदी के कमंडल की कीमत 81 हजार रुपए है. प्रज्ञा सिंह ने अपने पास किसी तरह को कोई हथियार होने की बात नहीं की है, साथ ही जमीन न होने का उल्लेख भी शपथ पत्र में किया है.
प्रज्ञा सिंह ने अपने शपथ पत्र में शैक्षणिक योग्यता बीए फाइनल 1994 में शासकीय महाविद्यालय लहार जीवाजी यूनिवर्सिटी से करना बताया है. वहीं उन्होंने एमए फाइनल 1996 में शासकीय एमजेएस कालेज भिंड जीवाजी यूनिवर्सिटी से किया है. उन्होंने 1997 में विद्या निकेतन कॉलेज आॅफ फिजिकल एजुकेशन भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से बीपीएड किया है. उन्होंने अपना स्थानीय पता 126 रिवेरा डाउन फेस-2 माता मंदिर भोपाल बताया है. 
दर्ज हैं ये मामले
 शपथ पत्र में प्रज्ञा सिंह ने  बताया है कि उनके ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और कथित आतंकवादी कृत्य के मामले दर्ज हैं. उनके खिलाफ आजाद नगर पुलिस थाना मालेगांव जिला नासिक में साल 2008 में एफआईआर दर्ज हुई थी. स्पेशल एनआईए न्यायालय मुंबई में यह केस चल रहा है. उन पर धारा 18 अन लॉ फुल एक्टिविटीज एक्ट 1967 एवं सह पठित धारा 120 बी के तहत कथित हत्या, हत्या का प्रयास और आतंकवादी कृत्य के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन किसी भी मामले में उन पर दोष सिद्ध नहीं हुआ है. 
उम्र को लेकर छिड़ा विवाद
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उम्र को लेकर भी नया विवाद छिड़ गया है. साध्वी ने शपथ पत्र में अपनी उम्र 49 साल बताई है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज में 2016 में मुंबई हाईकोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी में उन्होंने अपनी उम्र 44 साल बताई गई है. इस दृष्टि से उनकी उम्र 47 साल होनी चाहिए. 

कांग्रेस के लिए काम करें अधिकारी,कर्मचारी

 भाजपा ने की चुनाव आयोग से शिकायत
भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार के मंत्री ओमकारसिंह मरकाम द्वारा शहडोल जिले के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को कांग्रेस के पक्ष में काम करने के लिए निर्देशित किए जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है. पार्टी का प्रतिनिधि मंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत सौंपकर मंत्री ओमकारसिंह मरकाम को तुरंत सेंसर किए जाने की मांग की. 
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को की गई शिकायत में कहा गया है कि प्रदेश सरकार के मंत्री ओमकारसिंह मरकाम 20 अप्रैल को शहडोल के राजनीतिक दौरे पर आए थे. यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार प्रमिला सिंह के साथ कई गांवों का दौरा भी किया. इसके उपरांत रात में उन्होंने स्थानीय सर्किट हाउस में सरकारी अधिकारियों की मीटिंग बुलाई, जिसमें कलेक्टर एवं रिटर्निंग आफिसर तथा पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे. जनचर्चा है कि इस मीटिंग में मंत्री मरकाम ने स्पष्ट रूप से आदेश दिए कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए काम करना है. शिकायत में कहा गया है कि मंत्री ओमकारसिंह मरकाम द्वारा राजनीतिक दौरे के दौरान सरकारी अधिकारियों की मीटिंग बुलाना और कांग्रेस का समर्थन करने के निर्देश देना आचार संहिता का खुला उल्लंघन है, इसलिए उन्हें निर्वाचन प्रकिया जारी रहने तक सेंसर किया जाए.

भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह पर दर्ज कराई एफआईआर

मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रुप में चुनावी मैदान में उतरी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मुसीबत बढ़ती जा रही है. उनके खिलाफ चुनाव आयोग के निर्देश पर राजधानी के कमला नगर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है. वहीं मुसिल संगठनों ने बाबरी मस्जिद के खिलाफ प्रज्ञा सिंह द्वारा दिए बयान पर आपत्ति जताई और चुनाव आयोग को शिकायत की है.
बाबरी मस्जिद तोड़ने और राम मंदिर बनाने में सहयोग करने को लेकर दिए बयान भाजपा उम्मीदवार पर यह मामला दर्ज किया गया है. जिला निर्वाचन अधिकारी डा. सुदाम खाड़े द्वारा पहले उन्हें नोटिस दिया गया था. प्रज्ञा सिंह द्वारा दिए गए नोटिस के जवाब से जिला निर्वाचन अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे. इस आदेश के बाद प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर राजधानी के कमला नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. निर्वाचन आयोग ने कमला नगर थाने में साध्वी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 तहत केस दर्ज कराया है.
उम्मीदवारी निरस्त करने की मांग
आॅल इंडिया उलेमा बोर्ड ने  चुनाव आयोग को की गई शिकायत में यह बात कही है. उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष काजी सैयद अनस अली ने चुनाव आयुक्त से कहा कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद से अब तक साध्वी प्रज्ञा ठाकुर लगातार जहरीले बयान देकर शहर की फिजा खराब करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर दिए गए बयान से मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत किया है. इससे पहले भी वे कई विवादित बयानों के जरिए आचार संहिता का उल्लंघन भी कर चुकी हैं. काजी अनस ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी निरस्त करने की मांग चुनाव आयोग से की है. इस मौके पर हाफिज जुनैद, शोएब कुरैशी, मोहम्मद ओवैस आदि भी मौजूद थे.

सोमवार, 22 अप्रैल 2019

प्रज्ञा के चुनाव की कमान संगठन के पास



मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के जनसंपर्क और चुनाव प्रचार की कमान भाजपा संगठन ने अपने हाथ में ले ली है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल सीट की जिम्मेदारी ली और पदाधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंप दिए हैं. वर्तमान सांसद आलोक संजर को प्रज्ञा के जनसंपर्क का दायित्य सौंपा गया है.
भाजपा कार्यालय में आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और खुद प्रज्ञा भारती भी उपस्थित रही. बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव प्रचार अभियान को गति देने की बात कही. साथ ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारियों और वर्तमान विधायकों को सक्रिय होकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में काम करने को कहा. चर्चा के दौरान तय हुआ की साध्वी प्रज्ञा के चुनाव की कमान खुद शिवराज सिंह चौहान संभालेंगे. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मंगलवार को भोपाल में अपना नामांकन दाखिल करेंगी. बैठक में तय किया गया कि प्रज्ञा सिंह के नामांकन से पहले पीरगेट से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली जाएगी. इस रैली में भाजपा के तमाम बड़े नेता शिरकत करेंगे. 
शिवराज ने कहा सब को करना होगा काम
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बैठक में सभी विधायकों, पदाधिकारियों को साफ कह दिया कि चुनाव में प्रज्ञा सिंह के पक्ष में सभी को मैदान में उतरना होगा. मैदान में उतरकर सभी को काम करना है और भाजपा की जीत के लिए काम करना है. वहीं भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा भारती ने कहा कि अब सभी को काम में जुटना होगा, बाकी बातें बाद में होंगी. अब केवल भाजपा की जीत के लिए हमें मैदान में उतरना है.
मंत्रोचार के साथ भरा नामांकन
भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह भारती ने मुहुर्त के अनुसार आज ही अपना नामांकन फार्म भर दिया. आज प्रज्ञा ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पंडितों के साथ मंत्रोचार के बीच अपना नामांकन भरा है. मगर वे कल 23 तारीख को रैली के रुप में जाकर अपना नामांकन विधिवत रुप से भरेंगी. भाजपा कल एक तरह से शक्ति प्रदर्शन करना चाह रही है.
नाराज नेताओं से कहा  शाह ने दिया है टिकट
प्रज्ञा सिंह भारती को टिकट दिए जाने को लेकर स्थानीय नेताओं में नाराजगी थी, उसे दूर करना संगठन को मुश्किल हो रहा था. आज बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने सभी को यह संदेश दिया कि अब नाराजगी छोड़कर हमें जीत के लिए काम करना है. प्रज्ञा सिंह को अमित शाह ने उम्मीदवार बनाया है, यह फैसला उनका है.
संघ ने कहा मतदान ज्यादा होना चाहिए
भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञासिंह ठाकुर के पक्ष में संघ भी सक्रिय हो गया है. लगातार बैठकों का दौर जारी है. संघ की बैठक भाजपा संगठन से अलग हो रही है, मगर संघ पदाधिकारियों की नजर भाजपा पदाधिकारियों पर पूरी तरह से है. संगठन किस तरह से काम कर रहा है, यह संघ के पदाधिकारी देख रहे हैं. संघ की बैठक में संघ ने अपने स्वयं सेवकों, अनुषांगिक संगठनों और पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि यह संघ का टिकट है, इस हिसाब से अधिक से अधिक मतदान हो, इस पर ध्यान रखना होगा, इसमें किसी तरह की ढ़िलाई नहीं होनी चाहिए.
इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
जसवंत हाड़ा को भोपाल लोकसभा सीट प्रभारी बनाया गया, जबकि पूर्व मंत्री उमांशकर गुप्ता को संयोजक बनाया गया है. वहीं नवल प्रजापति को सह संयोजन की जिम्मेदारी दी गई है. भाजपा के भोपाल जिला अध्यक्ष विकास वीरानी, अरुण उपाध्याय और गोपाल मीणा को विस्तारक बनाया गया है. वहीं गोपाल मीणा, सीताराम यादव को बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वसंत गुप्ता को कार्यालय प्रभारी बनाया गया है. आलोक संजर और राहुल कोठारी को जनसंपर्क का काम सौंपा गया है, जबकि अनिल अग्रवाल को प्रचार-प्रसार और वाहन की जिम्मेदारी दी गई है. सुमित रघुवंशी को प्रज्ञा सिंह के मीडिया की जिम्मेदी दी गई है. वहीं सुरजीत सिंह चौहान को आवास, केवल मिश्रा को भोजन और आलोक शर्मा को सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी दी गई है.

प्रज्ञा के लिए संघ, भाजपा ने बदली रणनीति


मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा भारती के लगातार विवादित बयानों के बाद भाजपा और संघ ने रणनीति को बदल दिया है. दोनों ने बैठकें कर यह तय किया है कि प्रज्ञा जो भी बोले वह धर्म पर बोले, वह भी सोच समझकर, आतंकवाद पर बोलने से वह परहेज रखे. इसके अलावा उनके साथ संघ और संगठन के पांच स्वयं सेवक और पदाधिकारी प्रचार के दौरान रहें.
भोपाल सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के उम्मीदवार बनाए जाने से पहले जो चिंता भाजपा को थी, उस पर खरी उतर रही हैं. भाजपा संगठन भोपाल से प्रज्ञा सिंह भारती के अलावा ऋतंभरा के नाम पर सहमत नहीं था, भाजपा पदाधिकारी संघ और राष्ट्रीय नेतृत्व को यह बता चुके थे कि इनके बयान भाजपा की मुसीबत खड़ी करेंगे. खुद शिवराज सिंह चौहान यह बात कह चुके थे और उन्होंने इनके स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखा था, मगर वे चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हुई. अब जबकि प्रज्ञा को प्रत्याशी बनाया गया है और वे मैदान में उतरकर हार्ड हिन्दुत्व की बात कर रही है, जो भाजपा के लिए चिंंता बन गई है. उनके बयानों पर आयोग द्वारा दिए नोटिस के बाद संगठन और चिंतित हो गया है.  आयोग के नोटिस और प्रज्ञा के बयानों के बाद भाजपा की जो छवि खराब होती गई उसे लेकर भाजपा पदाधिकारी तीन दिनों से लगातार बैठकें कर रहे हैं. अंत में आज इस बात पर सहमति हुई कि उनके चुनाव रणनीति को बदला जाए. 
आतंकवाद पर बोलने से बचेंगी साध्वी
संघ और संगठन पदाधिकारियों ने यह तय किया है कि प्रज्ञा सिंह को आतंकवाद पर नहीं बोलना चाहिए. इसके बाद उन्हें यह बात बता भी दी गई. प्रज्ञा को कहा गया है कि वे आतंकवाद के मुद्दे पर नहीं बोले, हिन्दू आतंकवाद दिग्विजय सिंह को घेरने का काम अब भाजपा के नेता करेंगे. वे दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व में दिए बयानों को लेकर सिंह को घेरेंगे. साथ ही साध्वी के साथ स्वयं सेवक और संगठन के पदाधिकारी हमेशा रहेंगे. इनमें संघ के स्वयं सेवकों की संख्या 3 और संगठन पदाधिकारियों की संख्या 2 रहेगी. मीडिया में कोई भी बात रखने से पहले संगठन द्वारा नियुक्त मीडिया समन्वयक उन्हें यह बताएंगे कि क्या बोलना है. विशेषक हिन्दू आतंकवाद को लेकर. 

दिग्विजय सिंह को भाकपा का मिला समर्थन

मध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का समर्थन करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है. भाकपा ने राज्य में चार संसदीय क्षेत्रों में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव और सचिव मंडल सदस्य शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा है कि भाजपा द्वारा भोपाल संसदीय क्षेत्र से प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाने से भाजपा के मूल फासिस्ट चरित्र का पदार्फाश हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर पर मालेगांव बम विस्फोट और सुनील जोशी हत्याकांड जैसी गंभीर वारदातों में प्रकरण दर्ज हैं. वह नौ साल जेल में भी रही हैं और फिलहाल जमानत पर हैं. साम्प्रदायिक, कट्टरपंथी प्रज्ञा ठाकुर का संसद में चुनकर जाना संसदीय गरिमा और भारत के संवैधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है. इसलिए भाकपा ने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है.
भाकपा ने राज्य के चार संसदीय क्षेत्रों शहडोल, खरगोन, बालाघाट और सीधी से भाकपा प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं, भोपाल संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी को मैदान में न उतारने का फैसला लिया है. भोपाल में 12 मई को मतदान होने वाला है.

शिवराज ने की कमलनाथ की प्रशंसा, कहा सच स्वीकारा

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यह सच स्वीकार कर लिया कि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बन रही है, न ही राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना है.
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज मीडिया से चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि कमलनाथ की मैं प्रशंसा करता हू, उन्होंने यह सच्चाई स्वीकार कर ली है कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने वाली, न ही  राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की कोई संभावना है. हालांकि संकोच में उन्होंने त्रिशंकु सरकार की बात जरूर कही. उन्होंने कहा कि भारत की जनता त्रिशंकु सरकार नहीं चाहती!, देश की जनता कमजोर नहीं एक मजबूत सरकार चाहती है जो सिर्फ नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही बन सकती है! पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी के सामने कांग्रेस का कोई भी नेता टिक नहीं सकता इसलिए चुनाव परिणाम आने के पहले ही कांग्रेस ने हार स्वीकार कर ली है. शिवराज ने कहा कि कांग्रेस को पहले से ही इस बात का भरोसा था, इसलिए ही उन्होंने इतनी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ा. जब बहुमत वाली सीटें ही नहीं होगी तो सरकार कैसे बनेगी.  उन्होंने कहा कि इसलिए कांग्रेस ने गठबंधन का सहारा लिया.
दिग्विजय का विजन बंटाढ़ार प्रदेश
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल लोकसभा के लिए दिग्विजय सिंह के विजन डाक्यूमेंट पर तीखा हमला बोला है. शिवराज सिंह ने कहा है की दिग्विजय सिंह का विजन खराब सड़कें, बीमारू प्रदेश और अंधेर नगरी है, इसके साथ ही कहा कि दिग्विजय का विजन बंटाधार प्रदेश है.