शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

नेताओं की घर वापसी ने बढ़ाई चिंता

 कांग्रेस के इस कदम से भाजपा को लगा करारा झटका
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों दल सक्रिय और सतर्क हैं. अपने नेताओं की नाराजगी को दूर करने का वे हरसंभव प्रयास भी कर रहे हैं. इसके चलते कांग्रेस ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया है. कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ में नाराज नेताओं की घर वापसी का अभियान चलाया, जिसने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है. दर्जनभर नेता जो नाराज होकर भाजपा में चले गए थे, वे अब वापस कांग्रेस में आ गए, जिससे कांग्रेस प्रत्याशियों को राहत मिलती नजर आ रही है.
प्रदेश के मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल अंचल में विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद से भाजपा इन अंचलों को लेकर खासा चिंतित थी, यहां पर विधानसभा उसे अच्छे परिणाम नहीं मिले, जिसके चलते सत्ता से दूर रहना पड़ा था. कांग्रेस ने यहां पर विधानसभा के बाद अब लोकसभा चुनाव को लेकर सक्रियता दिखाई है. प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस ने नाराज चल रहे नेताओं की घर वापसी शुरु कर दी है. दोनों ही अंचलों में कांग्रेस ने अपने नाराज नेताओं को वापस लाकर भाजपा को चिंता में डाल दिया है. हालांकि भाजपा नेता इसे कोई बड़ी बात नहीं मान रहे हैं. उनका कहना है कि कांग्रेस अब भी गुटों में बंटी है, इसलिए कांग्रेस नेता अपने गुटों को मजबूत करने के लिए ऐसा कर रहे हैं. भाजपा के विपरीत कांग्रेस नेताओं का मानना है कि कांग्रेस का यह अभियान लोकसभा चुनाव परिणाम पर खासा असर दिखाएगा, जिन स्थानों पर कांग्रेस के प्रत्याशी अपनों से जूझ रहे थे, वहां पर अब कांग्रेस प्रत्याशी राहत महसूस कर रहे हैं. 
इनकी हुई घर वापसी
ग्वालियर-चंबल में कांग्रेस के इस अभियान में सबसे बड़ी सफलता चौधरी राकेश सिंह के रुप में मिली. चौधरी राकेश सिंह कांग्रेस के मैदानी नेता तो हैं साथ ही अच्छे वक्ता के रुप में भी उनकी अपनी पहचान है.  साथ ही सदन में वे कई बार भाजपा को घेरने में सफल भी रहे हैं. वे वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस द्वारा लाए अविश्वास प्रस्ताव को गिराकर भाजपा में चले गए थे. अब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनकी घर वापसी कराई है. चौधरी के अलावा इस अंचल के बड़े जिनकी घर वापसी हुई है उनमें  साहब सिंह गुर्जर, वृंदावन सिकरवार उनके बेटे मानवेंद्र सिंह जैसे दिग्गज नेता है. वहीं मालवा-निमाड़ अंचल में कांग्रेस के इस अभियान में खरगौन संसदीय क्षेत्र में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव से नाराज चल रहे नेताओं की भी घर वापसी हुई है. खरगोन के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रहे बोंदरसिंह मंडलोई, सेगांव के पूर्व मंडी अध्यक्ष रेवाराम पाटीदार, कांग्रेस नेता शांतिलाल पाटीदार, भगवानपुरा के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर देवनारायणसिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष गंगाराम सोलंकी सहित राजेन्द्र सिंह मंडलोई हैं. इनकी घर वापसी ने खरगौन संसदीय क्षेत्र के अलावा खण्डवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों को राहत दी है.

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