मंगलवार, 23 अप्रैल 2019

जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वह देशद्रोही: दिग्विजय

भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने आज साध्वी प्रज्ञा सिंह के हेमंत करकरे पर दिए  बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि संघ के लोगों के बयान से साफ है कि उनके लिए भारत  ‘माता’ नहीं, संघ ही सबकुछ है. जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वह देशद्रोही है. 
दिग्विजय सिंह ने आज लगातार एक के बाद एक ट्वीट किए और साध्वी के बयानों पर हमला बोला. उन्होंने  लिखा कि शहीद हेमंत करकरे के विरुद्ध संघ के लोगों के बयान से साफ है कि उनके लिए भारत  ‘माता ’  नहीं, संघ ही सब कुछ है! जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वो देशद्रोही है.  भारत के शहीद भी अगर संघ को पसंद नहीं तो वो शैतान हैं.  हमने संघ की नहीं, संविधान की शपथ ली है. हम भारत माता के भक्त हैं. उन्होंने कहा कि  भारत आज एक मजबूत राष्ट्र है, जिसमें संघ की नहीं,  कांग्रेस के लोगों के कुर्बानियां शामिल हैं.  महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के बलिदान हैं.  छत्तीसगढ़, कश्मीर, पंजाब, असम, मणिपुर, त्रिपुरा देश की मिट्टी में कांग्रेस का खून मिला हुआ है. उस खून की खुशबू संघ को नहीं आती.
सिंह ने कहा कि भाजपा के लोग भले मानते हों कि जब जागे तभी सबेरा, लेकिन भारत का सूर्य आपसे बहुत पहले उदय हो चुका था. आजादी के बाद मजबूत भारत बनाने में देशवासियों की मेहनत, सैनिकों, पुलिसकर्मियों के बलिदान, संविधान की ताकत, कांग्रेस की नीतियां शामिल हैं. राष्ट्र निर्माण यज्ञ है, निजी चमत्कार नहीं  नेहरुजी ने नए राष्ट्र के रूप में भारत की नींव रखी. उसमें संघ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी सम्मानपूर्वक शामिल किया, सबको साथ लिया. आप जो राष्ट्र बना रहे हैं, उसमें शहीदों तक का सम्मान नही.  महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी से हेमंत करकरे तक सब आपके लिए बस राजनीति है? क्यों?

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