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| कमलनाथ |
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि 2019 का लोकसभा चुनाव न्याय और अन्याय के बीच का चुनाव है. यह झूठ और सच के बीच का चुनाव है.एक तरफ मोदी किसानों को 6 हजार रुपए प्रतिवर्ष देने की बात कर रहे है और वही कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष न्याय योजना की घोषणा कर गरीबों को 72 हजार रुपए यानि 6 हजार प्रतिमाह न्यूनतम आय की गारंटी दे रही है. मोदी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल में किसानों, नौजवानों और देश की जनता के साथ जो छल-कपट हुआ है , इस न्याय और अन्याय की लड़ाई में देश की जनता के पास मोदी सरकार को सबक सिखाने का मौका है.
कमलनाथ ने यह बात होशंगाबाद में चुनावी सभाओं को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को चुनाव के समय मोदी की सरकार ने 6 हजार रुपए प्रतिवर्ष देने का एलान किया यानी मात्र 500 रुपए माह की राहत दी. पांच साल पहले जुमलों और वादों के साथ मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी तो संभाली लेकिन काला धन लाने, पंद्रह लाख देने, दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने सहित मेकइन इंडिया, डिजीटल इंडिया, स्टार्टटप इंडिया बनाने की जो बात कही ,आज इसका कोई जबाव मोदी के पास नहीं है. इसलिए वे अब कोरे राष्ट्रवाद और पाकिस्तान की दुहाई देकर लोगों की भावना से खिलवाड़ कर रहे हैं. नाथ ने कहा कि इस धोखाधड़ी से जनता को सावधान रहना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का घोषणा-पत्र इस देश की दशा सुधारने वाला और नई दिशा देने वाला है. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में झूठ को नकारे और सच्चाई का साथ दें. •
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछले 15 साल के भाजपा और पिछले 5 साल के मोदी सरकार की नाकामियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में किसान आत्महत्या, अपराध, कुपोषण और बेरोजगारी में अव्वल था. हमने अल्प समय में ही किसानों के हालात बदलने के लिए कर्ज माफी की घोषणा की. 50 लाख किसानों में से 23 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा गया. नौजवानों को रोजगार देने के लिए युवा स्वाभिमान योजना शुरू की. अपराधों पर अंकुश लगाने की मुहिम शुरू की है और कुपोषण दूर करने की नई रणनीति बनाई है.

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