भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद प्रभात झा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दो कानूनी नोटिस भेजे है. राहुल गांधी द्वारा सिहोरा और शहडोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ऊपर लगाए गए झूठे, तथ्यहीन और अपमानजनक आरोपों के लिए कानूनी मानहानि का नोटिस भेजे है. झा ने कहा कि 3 दिन के भीतर अगर राहुल गांधी खेद प्रकट नहीं करते हैं तो फिर हम न्यायालय की शरण लेंगे.
झा ने कहा कि राहुल गांधी ने 23 अप्रैल को शहडोल में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊपर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया. राहुल गांधी ने सभा मे यह कहा कि अब नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों के लिए नया कानून बनाया है. उसमें एक लाइन लिखी है कि आदिवासियों को गोली से मारा जा सकेंगा, कानून में लिखा है कि आदिवासियों पर आक्रमण होगा, फिर कहते हैं कि आदिवासी को गोली मारी जा सकती है. झा ने कहा कि राहुल गांधी का यह वक्तव्य गैर संवैधानिक है. यह आरोप झूठे व मनगढंत है. राहुल गांधी का यह बयान संविधान के अनुच्छेद 19-(2) का उल्लंघन एवं आईपीसी की धारा-499, 500, 504 के अंतर्गत मानहानि एवं अपराधिक कृत्य है. इसके कारण राहुल गांधी को मानहानि का नोटिस भेजा है.
राहुल गांधी को भेजे गए एक अन्य कानूनी नोटिस में प्रभात झा ने कहा कि 28 अप्रैल को राहुल गांधी ने जबलपुर के सिहोरा में अपने उद्बोधन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद अमित शाह जी को हत्या का आरोपी कहते हुए उनके लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है. झा ने कहा कि अमित शाह देश के सबसे बड़े उस राजनीतिक दल के अध्यक्ष हैं, जिसके 11 करोड़ सदस्य और 16 राज्यों में सरकारें है. राहुल गांधी ने अमित शाह पर आधार रहित निम्नस्तर के आरोप लगाकर करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें