रविवार, 28 अप्रैल 2019

जाति आरक्षण कर रहा प्रतिभाओं का हनन: डा. त्रिवेदी

सपाक्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हीरालाल त्रिवेदी ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण सिर्फ देश की प्रतिभाओं का हनन कर रहा है. हम जनता को मुफ्तखोर नहीं कर्मठ बनाने में विश्वास रखते हैं.
डा. हीरालाल त्रिवेदी ने ये बात आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने कहा कि  सपाक्स पार्टी स्वच्छ राजनीति की पक्षधर है, हम भारतीय संविधान की अपेक्षा के अनुरूप इस देश में एक देश, एक झंडा, एक कानून, एक नागरिकता चाहते हैं. आज भाजपा और  कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों का एक ही एजेंडा है. अंग्रेजों की नीति का पालन करो इस देश को जाति, धर्म और क्षेत्र में बांटकर राज करो. त्रिवेदी ने उम्मीद की है कि सपाक्स पार्टी को जनता का आर्थिक सहयोग और वोट दोनों प्राप्त होंगे.
उन्होंने कहा कि आरक्षण 70 वर्ष से चला रहा है, उसमें कई विकृतियां आ गई हैं.  गरीबों को लाभ नहीं मिल पा रहा है सपाक्स पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो यह कह रही है कि
इस व्यवस्था में परिवर्तन होना चाहिए. आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा है जिसे गरीबों, मजदूरों और किसानों को देना होगा. उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट में 2016 में मोदी सरकार ने संशोधन कर उसे काला कानून बना दिया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को अनदेखा कर 2018 में संसद में पुन: सभी दलों के सांसदों ने अमेंडमेंट कर दिया. एक भी सांसद माई का लाल नही निकला जो इसका विरोध करता. उन्होंने कहा कि अब भोपाल को मौका है कि वह भोपाल प्रत्याशी डा. वीणा घाणेकर को संसद में भेजें.
इस अवसर पर सपाक्स की भोपाल प्रत्याशी वीणा घाणेकर ने कहा कि हमारे मुद्दे हमने सभी वर्गों से चर्चा कर बनाए हैं, ये वास्तविकता पर आधारित मुद्दे हैं. आरक्षण को 70 वर्ष हो गए हैं, आगामी जनवरी से पुन: 10 वर्षों के लिए इसे बढ़ाया जाएगा, यह वर्तमान समय में सिर्फ और सिर्फ देश की युवा प्रतिभा के हनन का कारण बन रहा है और एक बड़ी वजह से प्रतिभा पलायन की. हम युवा प्रतिभा का और हनन नहीं स्वीकार करेंगे. आरक्षण हो पर आर्थिक आधार पर ताकि संविधान प्रदत्त समानता से सबको आगे बढ़ने का अवसर मिले.

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