लोकसभा चुनाव में दस राज्यों से प्रत्याशी उतार रही सपाक्स पार्टी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने मतदाताओं से 70 साल पुरानी आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा के लिए आरक्षण सुधार आयोग के गठन का वादा किया है. वहीं वोट बैंक की राजनीति के चलते राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त की सेवाओं पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने को कहा है.पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने पार्टी कार्यालय में संकल्प पत्र जारी किया. उन्होंने बताया कि पार्टी चुनाव में सफल होती है तो अभी तक वंचित रहे किसानों, मजदूरों, गरीबों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा और एक परिवार को सिर्फ एक ही बार यह लाभ मिलेगा. साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ जातिगत आधार पर न देकर आर्थिक आधार पर दिया जाएगा. उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा.
पार्टी ने वादा किया है कि एट्रोसिटी एक्ट पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा और ऐसे परिवारों के एक सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी दी जाएगी. पार्टी ने छात्र और युवाओं की समस्या के समाधान के लिए छात्र एवं युवा कल्याण आयोग और व्यापारियों के लिए व्यापार संवर्धन आयोग के गठन करने का भरोसा दिलाया है. पार्टी ने एक बार फिर दोहराया है कि पदोन्नति में आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से खत्म की जाएगी. पार्टी मध्यम वर्ग कल्याण और किसान कल्याण आयोग भी बनाएगी.
त्रिवेदी ने बताया कि पार्टी मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड से भी प्रत्याशी उतार रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन राज्यों में भी लोगों ने पार्टी पर भरोसा जताया है और पार्टी मजबूती से चुनाव मैदान में उतर रही है. उन्होंने बताया कि पार्टी ने मध्यप्रदेश में चार स्थानों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है. मध्यप्रदेश के मंडला से रामसिंह परस्ते, सीधी से रामाधार गुप्ता, टीकमगढ़ से श्रीराम नागर और सतना से शशांक सिंह बघेल को प्रत्याशी बनाया है. वहीं उत्तरप्रदेश में 7 और दिल्ली में 1 एवं हरियाणा में 2 प्रत्याशियों की घोषणा की है.
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