रविवार, 7 अप्रैल 2019

कसम निभाते तो कुंवारे ही रह जाते ‘शिवराज’: गुप्ता

शिवराजसिंह चौहान 
विकास की बात पर  भाजपा नेताओं के पेट में होता है दर्द
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी पर दिए गए शिवराजसिंह चौहान के बयान से उनका अपराध बोध जनता के सामने जाहिर हो गया है. अगर शिवराज सिंह नर्मदा मैया के सामने खाई अपनी कसम निभाते तो कुंवारे ही रह जाते. उनमें सच बोलने का साहस नहीं है.
 गुप्ता ने कहा कि जब भी जनता के विकास की बात होती है तो भाजपा के पेट में दर्द होने लगता है क्योंकि भाजपा सिर्फ समाज को तोडने की राजनीति करती है.  उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने गरीबों के सशक्त बनाने का नीतिगत दस्तावेज प्रस्तुत किया है. चौहान और भाजपा के नेताओं को अब अपराध बोध हो रहा है कि उनकी पार्टी गरीबों के बारे में क्यों नहीं सोचती.  गुप्ता ने कहा कि वास्तव में ‘न्याय’ योजना कमजोर लोगों का जीवन बदलने वाली योजना है. भाजपा नहीं चाहती कि लोगों के जीवन में बदलाव आए. गाल बजाकर अपने अस्तित्व की जानकारी देने वाली भाजपा को तो जनता मन ही मन खारिज कर चुकी है. गुप्ता ने शिवराज सिंह को याद दिलाया कि किसानों की इतनी चिंता थी तो किसानों का वर्ष 2018 तक कर्जा माफ क्यों नहीं किया. उन्होंने कहा कि भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व में जगह नहीं मिलने के कारण शिवराज सिंह डिप्रेशन में हैं. शिवराज सिंह चौहान को जनता तो खारिज कर चुकी है.
संघ हमें न पढ़ाए संस्कार का पाठ: शोभा ओझा
मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस बयान को घोर आपत्तिजनक और निंदनीय बताया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को संस्कारहीन कहा है.  ओझा ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या पर मिठाइयां बांटने वाले संगठन के लोग कांग्रेस को संस्कार का पाठ न पढ़ाएं. सारा देश जानता है कि बुजुर्गों और महिलाओं के प्रति भाजपा और उसकी मातृ संस्था आरएसएस की सोच क्या है. बलराज मधोक, अटलबिहारी वाजपेयी, राजमाता सिंधिया, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा व सुमित्रा महाजन जैसे जनसंघ और भाजपा के आधार स्तंभों का तिरस्कार व अपमान सारे देश ने देखा है. वरिष्ठों व वयोवृद्ध नेताओं कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर, उमा भारती, सरताज सिंह, कुसुम मेहदेले और रामकृष्ण कुसुमारिया का समय समय पर कितना तिरस्कार व अपमान किया है.

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