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| दिग्विजय सिंह |
दिग्विजय सिंह ने आज ट्वीट कर कहा कि प्रदेश के नागरिकों को पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि मेरा महात्मा गांधी के इस कथन में दृृढ़ विश्वास है कि अगर हिन्दुस्तान के हर एक गांव में कभी पंचायती राज कायम हुआ, तो मैं अपनी उस तस्वीर की सच्चाई साबित कर सकूंगा जिसमें सबसे पहला एवं सबसे आखिरी व्यति दोनों बराबर होंगे या यूं कहिए कि ना कोई पहला होगा, न कोई आखिरी.
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था लागू किए जाने को याद करते हुए सिंह ने कहा, मेरे शासनकाल में पंचायती राज को कायम करने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश बना. 25 जनवरी, 1994 को मध्यप्रदेश पंचायती राज अधिनियम संस्थापित किया गया और मई- जून 1994 को पूरे प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई. सिंह ने कहा कि कांग्रेस (हमारे) शासनकाल में 30,922 ग्राम पंचायतों, 459 जनपद पंचायतों एवं 45 जिला पंचायतों में चुनाव करवाए गए. पंचायती राज से स्थानीय स्वशासन प्रणाली मजबूत हुई और ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र और स्थानीय स्वशासन का सफल क्रियान्वयन हो सका. व्यक्ति केंद्रित मोदी राज से अलग यह सत्ता में आम आदमी की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास था. उन्होने लोकतंत्र की रक्षा करने वाले संस्थानों को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने वाले संस्थानों को इससे पहले कभी इतना कमजोर और कलंकित नहीं किया गया है, जितना की पिछले पांच सालों में भाजपा सरकार में हुआ है. भाजपा के विनाशकारी विकास को पहचानिए.

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