राजधानी में आज सुबह साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर चुनावी जनसंपर्क में जाने से पहले साध्वी उमा भारती के निवास पर पहुंची. उनके स्वागत के लिए खुद उमा भारती बाहर आई और उमा को देख प्रज्ञा रोने लगी, इस दौरान उमा भारती ने भी उन्हें गले लगाया और ढ़ांढस बंधवाते हुए नीचे उतार कर घर में ले गई और खीर खिलाई. साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि वे उनका चुनाव प्रचार भी करेंगी.बीते दिनों कटनी और फिर पन्ना में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को लेकर उमा भारती द्वारा दिए बयानों के बाद राजनीतिक माहौल यह बन गया था कि उमा भारती साध्वी प्रज्ञा से नाराज हैं. कटनी में उन्होंने खुद को प्रज्ञा सिंह ठाकुर से मूर्ख बताया था, तो पन्ना में यह कहने से नहीं चूंकी थी कि प्रज्ञा महामंडलेश्वर हैं, वे उनसे (उमा भारती) महान संत हैं. उमा भारती के इन बयानों से यह बात सामने आई थी कि वे प्रज्ञा से कहीं न कहीं नाराज हैं. इसके बाद आज जब प्रज्ञा सिंह को यह पता चला कि उमा भारती भोपाल में हैं, तो वे सुबह जनसंपर्क पर जाने से पहले सीधे उमा भारती के निवास पर जा पहुंची. यह जानकारी जब उमा भारती को मिली तो वे घर से बाहर आई और साध्वी प्रज्ञा का स्वागत किया. इस दौरान प्रज्ञा भावुक हो गई. प्रज्ञा कार में बैठे-बैठे ही रो पड़ी तो उमा ने आत्मीयता दिखाई और गले लगाया. इस दौरान वे फूट-फूट कर रोई. इसके बाद उमा ने उन्हें कार से उतारा और घर में ले गई. बाद में उन्हें खीर भी खिलाई. उन्होंने इसे ठाकुरजी का प्रसाद बताया.
इस अवसर पर उमा भारती ने मीडिया से कहा कि मैनें साध्वी को भोपाल में प्रचार करने का भरोसा भी दिया. दोनों के बीच मुलाकात बेहद आत्मीय रही. उमा भारती ने कहा कि मैं साध्वी प्रज्ञा का बहुत सम्मान करती हूं, क्योंकि मैंने उनके ऊपर हुए अत्याचार देखे हैं. इस मायने में वह पूज्यनीय हैं और मैं उनके लिए चुनाव प्रचार करूंगी. दोनों साध्वी के बीच हुई इस मुलाकात के बाद उन बातों पर विराम लग गया, जिसमें दोनों के बीच तनाव होने की बात कही जा रही थी.
नाम की घोषणा के साथ जीत गई प्रज्ञा
उमा भारती ने साध्वी प्रज्ञा को दीदी मां कहकर संबोधित किया और कहा कि पार्टी ने जिस दिन उनके नाम की घोषणा की थी उसी दिन चुनाव जीत गई है. उमा भारती ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के लिए गली गली में प्रचार करूंगी. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्जिवय सिंह पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह पहले ही नुकसान में थे. कन्हैया कुमार के आने से और नुकसान होगा. वहीं उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस की आइडियोलाजी खत्म हो चुकी है, इसलिए लेफ्ट के पास जा रहे हैं.
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