ई-टेंडरिंग घोटाले में आस्मो आईटी साल्यूशन कंपनी के कार्यालय पर आज दूसरे दिन भी ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने जांच की. कंपनी के जिन तीन अधिकारियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था, उन्हें आज अदालत में पेश किया. अदालत ने इन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया है.
ई-टेंडरिंंग घोटाले में ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को आस्मो साल्यूशन कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा था. यहां से कंपनी के तीन अधिकारियों विनय चौधरी, वरुण चतुर्वेदी और सुमित गोलवलकर को गिरफ्तार किया था. इन तीनों को आज अदालत में पेश किया, जहां ईओडब्ल्यू ने पांच दिन की रिमांड पर तीनों अधिकारियों को मांगा था, मगर अदालत ने तीनों को तीन दिन की रिमांड पर ईओडब्ल्यू को दिया है. कंपनी के कार्यालय पर आज दूसरे दिन भी ईओडब्ल्यू की छापेमारी की कार्रवाई जारी रही.
माखनलाल चतुर्वेदी विवि में हुई गड़बड़ियों की भी हो सकती है जांच
राजधानी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पिछले लगभग आठ वर्षों में हुयी गड़बड़ियों को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) सक्रिय हो गया है. विश्वविद्यालय की तरफ से शिकायत आवेदन गुरुवार को ईओडल्यू को मिला था. इस आवेदन का परीक्षण किया जा रहा है. बताया जाता है कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से एक पत्र ईओडब्ल्यू को लिखा गया, जिसमें वर्ष 2010 से 2018 के दौरान हुई वित्तीय और अन्य प्रकार की गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए इसमें वैधानिक कार्रवाई करने का अनुरोध ईओडब्ल्यू से किया गया है. इस अवधि में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला थे. इसमें जिक्र किया गया है कि इस दौरान एक विचारधारा विशेष से जुड़े लोगों के नाम पर काफी गड़बड़ियां की गई हैं. इस अवधि में विभिन्न नियुक्तियों और कार्यक्रमों के आयोजनों में भी वित्तीय अनियमितताएं होने की बात कही गई है. विश्वविद्यालय ने इन सभी मामलों में जांच का अनुरोध ईओडब्ल्यू से किया है.
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