![]() |
| लालसिंह आर्य |
भिंड के कांग्रेस नेता माखन सिंह जाटव हत्याकांड मामले में पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य लगातार अग्रिम जमानत का प्रयास कर रहे थे, मगर उन्हें भिंड की अदालत ने इसे खारिज कर दिया था. इसके बाद आर्य ने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, इसे भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद राजधानी की विशेष अदालत में आर्य की ओर से अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी.विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह ने कहा था कि आरोपी के खिलाफ भिंड की विशेष अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. आरोपी गिरफ्तारी से बचता फिर रहा है.विशेष न्यायाधीश ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत से इंकार कर दिया था. इसके बाद आज उन्होंने अदालत पहुंचकर सरेडंर कर दिया. आर्य ने बताया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया गया है.
यह था मामला
भिंड जिले के गोहद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर माखन सिंह जाटव विधानसभा चुनाव जीते थे.इस चुनाव में लाल सिंह आर्य को हार का सामना करना पड़ा था. चुनाव के दौरान आर्य और जाटव के बीच विवाद हुआ था, जिसके चलते आर्य ने सार्वजनिक रुप से जाटव को जान से मारने की बात कही थी. इसके बाद वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान माखनसिंह जाटव की हत्या हो गई थी, इस मामले में आर्य को पुलिस ने आरोपी बनाया था. इस मामले में सीबीआई जांच भी हुई और भिंड के अलावा यह मामला इंदौर उच्च न्यायालय में भी चला.भिंड की जिला अदालत ने आर्य के खिलाफ इस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. उस वक्त आर्य मंत्री थी. आर्य के खिलाफ अदालत ने सात बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. इसके बाद मामला जनप्रतिनिधियों की भोपाल स्थित विशेष अदालत में स्थानांतरित किया गया था.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें