मंगलवार, 31 अक्टूबर 2023

भर्ती घोटाले के कारण प्रदेश में बढ़ी बेरोजगारी


भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि मध्य प्रदेश में 18 साल की शिवराज सिंह चौहान की सरकार में सबसे अधिक नुकसान अगर किसी वर्ग का हुआ है तो वह प्रदेश के नौजवान हैं। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 40 लाख से अधिक रजिस्टर्ड बेरोजगार युवा हैं। अगर गैर पंजीकृत आंकड़ों को भी इसमें शामिल करें तो बेरोजगारों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो जाती है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने यह बात आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी का मुख्य कारण शिवराज सरकार के भर्ती घोटाले, पेपर लीक, परीक्षाओं के रिजल्ट जारी न करना, जानबूझ कर त्रुटिपूर्ण रिजल्ट जारी करना आदि शामिल हैं। खुशी की बात यह है कि 18 सालों से चली आ रही ’अंधियारी काली रात’ अब ढलने वाली है और एक महीने बाद मप्र में कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सरकार बन रही है। नौकरी चोर शिवराज जाने वाले हैं और रोजगार देने वाले कमलनाथ जी आने वाले हैं।
जैन ने कहा कि मप्र में रोजगार न मिलने से भाजपा की 18 साल की सरकार में 17298 छात्रों और बेरोजगारों ने आत्महत्या की है। बहुत से युवा रोजगार की तलाश में चिटफंड और दूसरी तरह के झांसों में आकर कर्ज के दलदल में डूब जाते हैं और आत्महत्या कर लेते हैं, जिससे देश ही नहीं विश्व में भी मप्र शर्मसार हुआ है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी ने फैसला किया है कि कांग्रेस सरकार बनने पर बेरोजगारों को 1500 से 3000 रुपए तक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

पिछड़े वर्ग के विकास के लिए गठित करेंगे आयोग


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने किया वादा

भोपाल। विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने आज कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह पिछड़े वर्गों को न्याय सुनिश्चित करने के लिaए जाति जनगणना कराएगी और उन्हें समान अवसर प्रदान करने के लिए एक आयोग का गठन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज मंगलवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर एक पोस्ट में लिख कर कहा कि वह राज्य में पिछड़े वर्ग के परिवारों को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कमलनाथ ने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार पिछड़े वर्गों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना कराएगी। पिछड़े वर्गों के समग्र विकास के लिए एक ‘समान अवसर आयोग’ बनाया जाएगा।  इससे पहले, इस साल अगस्त में सागर जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो मध्य प्रदेश में जाति आधारित जनगणना होगी।
गौरतलब है कि  कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मप्र में अपनी चुनावी रैलियों के दौरान जाति जनगणना की वकालत करते हुए कहा कि देश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के लोगों की सही संख्या जानने के लिए यह कवायद जरूरी है ताकि उन्हें लाभ प्रदान करने के लिए इसके अनुसार नीतियां बनाई जा सकें।

नाराज फूफाओं को मनाने के बजाय सपा, बसपा की मदद करो

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से कहा


भोपाल। तीन दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने नाराज नेताओं और बागी होकर मैदान में उतरे प्रत्याशियों को लेकर साफ कहा कि रूठे हुए फूफाओं से नाम वापस लेने के लिए आग्रह करें, मान जाएं तो ठीक, नहीं माने तो मनाने की ज्यादा जरूरत नहीं। सपा और बसपा के उम्मीदवारों की मदद जरूर करे। 

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह का जबलपुर से शुरू हुआ दौरा ग्वालियर में समाप्त हो गया। इंदौर से ग्वालियर पहुंचकर उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में करीब तीन सौ से ज्यादा कार्यकर्ता और पदाधिकारी ष्शामिल हुए थे। बैठक में ग्वालियर-चंबल अंचल की सीटों पर भाजपा की स्थिति को लेकर उन्होंने चर्चा की और चुनावी तैयारियों की जानकारी लेते हुए जीत का मंत्र भी कार्यकर्ताओं को दिया। इस दौरान उन्होंने इस अंचल के नाराज नेताओं को मनाने की बात भी कही।  कार्यकर्ताओं से शाह ने कहा कि अभी जो लोग पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं, उनसे जरूर संपर्क करें। उनको मनाने की कोशिश करें, जिससे वो अपना नाम वापस ले लें। अगर जरूरत हो तो मुझसे भी बात कराएं। उन्होंने कहा, अपने रूठे हुए फूफाओं (भाजपा के बागी नेता) को मनाने की ज्यादा जरूरत नहीं है। इसके अलावा उन्होंने सपा और बसपा के प्रत्याशियों की मदद करने पर जोर दिया। शाह ने कहा कि सपा और बसपा के उम्मीदवारों की मदद करो। उन्होंने कहा कि ये जितने मजबूत होंगे, उतना हमें फायदा होगा. यही कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे। शाह ने कहा कि पार्टी ग्वालियर-चंबल अंचल में 2018 से उलट रिजल्ट चाहती है। 

रूठो पर ज्यादा ऊर्जा बर्बाद मत करो

अमित ष्शाह ने कार्यकर्ताओं से चार बातों पर ध्यान रखते हुए मैदान में जुटने की बात कही। उन्होंने रूठो पर ज्यादा ऊर्जा बर्बाद मत करो, जब माहौल बदलेगा वे चुपचाप आकर काम करने लगेंगे। सपा-बसपा उम्मीदवारों की मदद करें. वो वोट काटेंगे तो जीत की राह आसान हो जाएगी। लाभार्थियों पर फोकस करें। मतदान के दिन खुद सपरिवार वोट करें और चार परिचित परिवारों के भी करवाएं। 

दिल्ली दरबार और दरी बिछाने वाले कार्यकर्ता के बीच छिड़ी जंग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा के रणनीतिकार अपने ही चक्रव्यूह में फंस गए हैं। भाजपा के दिल्ली दरबार और दरी बिछाने वाले कार्यकर्ताओं में जंग छिड़ी है। यही वजह है कि जबलपुर में एक तरफ भाजपा नेता अमित शाह बड़ी-बड़ी रणनीति और संगठन की बातें करते रहे तो दूसरी तरफ वहीं के भाजपा महानगर अध्यक्ष ने पार्टी में लगातार हो रहे अपमान के कारण पद से इस्तीफा दे दिया। यह हाल अकेले जबलपुर का नहीं है, पूरे मध्य प्रदेश में भाजपा में इस बात पर रोष है कि प्रदेश में क्या सारे नेता अक्षम हो गए हैं जो दिल्ली उनके ऊपर थोपी जा रही है। मध्य प्रदेश में भाजपा अब सिर्फ भाषणों और विज्ञापनों में बची है, वह चुनाव लड़ने की रणनीति पर नहीं, बल्कि आपसी रण की नीति पर चल पड़ी है।


लूट के माल के लिए लड़ रही जय-वीरू की जोड़ी


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय िंसह और कमलनाथ के बीच मनमुटाव की खबरों को लेकर आज प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जय-वीरू की जोड़ी लूट के माल के लिए लड़ रही है। 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच मनमुटाव की खबरें चल रही है। दोनों नेता दिल्ली में हैं। दोनों को बैठक के लिए कांग्रेस हाईकमान ने बुलाया है। बताया जा रहा है कि बैठक के लिए दोनों नेता अलग-अलग दिल्ली पहुंचे हैं। कमलनाथ के साथ कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला गए हैं, तो दिग्विजय सिंह ने रेल से दिल्ली का सफर करना उचित समझा है। उनके इस तरह दिल्ली पहुंचने की खबरों के बाद दोनों के बीच चल रही मनमुटाव की खबरों को और बल मिला। साथ ही भाजपा इसे लेकर हमलावर भी हो गई। दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव को लेकर प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज  सिंह चौहान ने भी आज तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जय और वीरू की जोड़ी को दिल्ली बुलाया गया। अब वो कहते हैं कि भाजपा भ्रम फैला रही है, तो पार्टी इन्हें दिल्ली क्यों बुला रही है? कांग्रेस के जय और वीरू आपस में झगड़ रहे हैं और ये लड़ रहे हैं, लूट के माल के लिए। जय और वीरू तो लूटते ही थे। इनका झगड़ा लूट के माल के लिए है? पहले भी 2003 तक मिस्टर बंटाढार (दिग्विजय सिंह) ने पूरे प्रदेश को लूटा और बर्बाद कर दिया। सवा साल में कमलनाथ जी ने भी इसे लूट का अड्डा बना दिया था। अब आगे कौन लूटे और कितना लूटे और उसमें कितनी हिस्सेदारी हो, झगड़ा इनका केवल इस बात का है। अब दिल्ली भी पता नहीं, इनसे किन मुद्दों पर चर्चा कर रही है। क्या दिल्ली भी इसमें शामिल है? 

कमलनाथ को सेठ ना कहूं तो क्या कहूं?

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि सोमवार को मैंने उन्हें सेठ कहा तो वो आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं मैं सेठ हूँ क्या... मैं उद्योगपति हूँ क्या..? कमलनाथ जी को मैं सेठ न कहूं तो क्या उन्हें मजदूर कहूं, फसल काटने वाला कहूं, गिट्टी-मिट्टी उठाने वाला कहूं। वो स्वयं कहते हैं मैं निजी प्लेन में घूमता हूं। अब निजी प्लेन किसान के पास तो होता नहीं है। मजदूर के पास नहीं होता है। गरीब के पास नहीं होता है। उनका एक पैर देश में रहता है एक पैर विदेश में रहता है। सेठ को सेठ न कहें तो क्या कहें? सेठ को सेठ कहने में आपत्ति क्या है।

प्रदेश की जनता का किया अपमान

मुख्यमंत्री ने कमलनाथ द्वारा प्रदेश को चौपट प्रदेष कहने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी का ये प्रदेश है ही नहीं। उनको मध्यप्रदेश से लगाव है ही नहीं। वो मध्यप्रदेश को बदनाम करते हैं। उन्होंने प्रदेश को चौपट प्रदेश कहकर मध्यप्रदेश और यहां की जनता का अपमान किया है।कमलनाथ जी आप मध्यप्रदेश का अपमान क्यों कर रहे हैं ?


पति-पत्नी अलग-अलग सीटों और दलों से मैदान में


भोपाल। प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए कहीं रिश्तेदार आमने-सामने हैं, तो कहीं पर पति-पत्नी भी चुनाव लड़ने मैदान में उतरे हैं। प्रदेश बालाघाट जिले में तो पति-पत्नी अलग-अलग दलों से अलग-अलग विधानसभा सीटों पर मैदान में उतर गए हैं। 

प्रदेश में नामांकन भरने की तारीख समाप्त हो गई। इस दौरान कई नजारे भी दिखाई दिए जहां परिवार के सदस्यों ने आमने-सामने चुनाव लड़ने की तैयारी की है। कहीं भाई-भाई, कहीं चाचा-भतीजा तो कहीं अन्य रिश्तेदार मैदान में उतरे हैं। इसी तरह बालाघाट जिले में बालाघाट और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में यह मुंजारे दंपति चुनाव मैदान में उतरे हैं। बालाघाट में कांग्रेस ने अनुभा मुंजारे को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, तो परसवाड़ा में पूर्व सांसद और अनुभा के पति कंकर मुंजारे कांग्रेस प्रत्याशी मधुकुमार के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए नामांकन पर्चा भर चुके हैं। कंकर मुंजारे ने गौंडवाना गणतंत्र पार्टी से नामांकन पर्चा दाखिल किया है।

परिवार से बाहर ना जाए टिकट !

परिजनों ने टिकट के घोशित प्रत्याशियों के अलावा नामांकन भरा है। इस तरह का नाराज बालाघाट में दिखा। यहां पर पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की पुत्री मासूम बिसेन को भाजपा प्रत्याशी घोशित किया था, मगर बीमारी के चलते खुद बिसेन ने यहां नामांकन भरा। इसके पीछे मूल कारण परिवार से बाहर टिकट किसी को ना जाए। इसी तरह के और भी स्थानों पर उदाहरण देखने को मिले हैं। भाजपा के हरसूद से प्रत्याशी विजय शाह के अलावा उनके बेटे दिव्यादित्य ष्शाह ने नामांकन भरा है। धार से नीना वर्मा भाजपा की प्रत्याशी हैं, मगर यहां उनके पति विक्रम वर्मा ने भी नामांकन भरा है। हालांकि ये नामांकन सिर्फ इसलिए भरे हैं कि त्रुटि के चलते अगर अधिकृत प्रत्याशी का नामांकन खारिज होता है तो परिवार से बाहर किसी को टिकट ना मिले। भाजपा के अलावा कांग्रेस प्रत्याशी भी परिवारवाद में उलझे हैं। कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे हुकुम सिंह कराड़ा के पुत्र राजकुमार कराड़ा ने शाजापुर से, लखन घनघोरिया के पुत्र यश घनघोरिया ने जबलपुर पूर्व से नामांकन पत्र भरा है। इंदौर एक से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला की पत्नी अंजलि ने भी नामांकन भरा है। 


सोमवार, 30 अक्टूबर 2023

इंदौर, रीवा में सभाएं लेंगी प्रियंका गांधी

भोपाल। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी कांग्रेस पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने एक बार फिर मध्यप्रदेश आ रहीं हैं। प्रियंका गांधी मध्य प्रदेश में 8 नवंबर को इंदौर और 9 नवंबर को रीवा में जनसभा को संबोधित करेंगी।

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आ रही हैं। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की नजर मालवा, विंध्य क्षेत्र पर है। दोनों ही क्षेत्र भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। प्रियंका 8 नवंबर को इंदौर और 9 नवंबर को रीवा में रोड शो कर जनसभा को संबोधित करेंगी। 2018 के विधानसभा चुनाव में मालवा क्षेत्र की 38 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीती थी , कांग्रेस ने 18 सीटें जीती थी और निर्दलीय प्रत्याशी को 1 सीट हासिल हुई थी। वहीं 2018 में विंध्य बेल्ट की 30 सीटों में भाजपा ने 24 सीटें जीती थी, वहीं कांग्रेस को मात्र 6 सीटों से संतुष्ट होना पड़ा था। विंध्य क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है। इससे पहले प्रियंका गांधी जबलपुर, ग्वालियर, धार, मंडला और दमोह में जनसभा कर चुकी हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश में यह प्रियंका गांधी का 6वां दौरा होगा।
कन्हैया कुमार 31 को आएंगे
आदिवासी वोट बैंक को साधने में जुटी कांग्रेस ने अलीराजपुर में 31 अक्टूबर को एक रैली निकालने की तैयारी की है। इस रैली को कांग्रेस के स्टार प्रचारक कन्हैया कुमार संबोधित करेंगे। कन्हैया की इस रैली के साथ ही मालवा में कांग्रेस ने जोरदार तरीके से प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारी की है। कांग्रेस इस अंचल की आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर पूरा फोकस कर रणनीति बना रही है।

मालवा-निमाड़ के बागियों से सीधी बात की अमित शाह ने

भोपाल। मध्यप्रदेश दौरे पर आए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह लगातार नाराज नेताओं और बागी होकर मैदान में उतरे नेताओं से सीधा संपर्क कर उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। आज उन्होंने इंदौर में मालवा-निमाड़ के नाराज नेताओं से सीधी बात की और उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया।

अमित ष्शाह आज इंदौर में थे। कल रविवार को उन्होंने उज्जैन में पूर्व मंत्री पारस जैन से चचा कर उन्हें मनाया था। जैन को उन्होंने दिल्ली आकर मिलने को भी कहा। इसके बाद आज वे इंदौर में मालवा-निमाड़ के नाराज नेताओं से मुलाकात करते रहे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री रंजना बघेल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्श चौहान  सहित अन्य नाराज नेताओं को बुलाया था। बताया जा रहा है कि अमित शाह से मिलने पहुंचे नेताओं से शाह ने नाराजगी दूर कर संगठन के लिए काम करने को कहा है। मनावर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरने वाली पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने भी अमित शाह से मुलाकात की है। बताया जाता है कि उन्हें भी शाह ने कहा है कि पार्टी के लिए काम करें, नाराजगी को दूर करें। हालांकि रंजना ने अभी अपने पत्ते खोले नहीं है ि कवे अपना नामांकन वापस लेंगी या नही। फिलहाल तो वे यह कह रही है कि ष्शाह से मुलाकात अच्छी रही है। इसी तरह मालवा-निमाड़ के अन्य नाराज और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे नेताओं से ष्शाह की मुलाकात हुई है। माना जा रहा है कि निर्दलीय रूप से मैदान में उतरने वाले नेताओं से कहा है ि कवे नामांकन वापस लें। अब देखना होगा कि क्या ये नेता नामांकन वापस लेते हैं या नहीं।
जबलपुर में नाकाम रही कोशिश
जबलपुर प्रवास के दौरान भी अमित शाह ने जबलपुर के नाराज चल रहे नेताओं से मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया था, मगर उनका यह प्रयास यहां पर असफल नजर आया है। शाह के जबलपुर से भोपाल जाते ही दूसरे दिन जबलपुर शहर जिला अध्यक्ष प्रभात साहू ने जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर यह संदेश दिया था कि उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई है।

सरकार पर विकास दर में घोटाला करने का आरोप


कांग्रेस ने कहा दो से ढ़ाई लाख करोड़ का हुआ घोटाला

भोपाल। कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा विकास दर में कथित तौर पर घोटाला करने का आरोप लगाया है।
सुप्रिया श्रीनेत ने यहां मीडिया से चर्चा के दौरान कहा प्रदेश सरकार ने पिछले 18 सालों में बड़े बड़े घोटाले किए, लेकिन अब सरकार ने प्रदेश की विकास दर के साथ घोटाला किया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि विकास दर में लगभग 2-2.5 लाख करोड़ का घोटाला हुआ है। इसका कारण है, ज्यादा विकास दिखा कर ज्यादा ऋण लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का नीति आयोग बताता है कि मध्य प्रदेश के लगभग 35 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। मध्य प्रदेश में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 5 वर्ष से कम आयु के 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। उज्ज्वला योजना गैस कनेक्शन उन लोगों को दिए गए जो गरीबी की रेखा के नीचे रहते हैं और ऐसे परिवारों की संख्या 82 लाख है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय की संसदीय समिति बताती है कि मध्य प्रदेश में किसान 55 रुपया प्रतिदिन कमाता है। अर्थात सारे स्वास्थ्य और सामाजिक सूचकांक बताते हैं कि प्रदेश को गरीबी की गर्त में धकेल दिया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने अपनी बात के समर्थन में कई कथित प्रमाण भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश  सहित पूरे देश में 2020-21 और 2021-22 में कोविड महामारी के प्रभाव ने अर्थव्यवस्था पर गहरा आघात किया था। मध्य प्रदेश की विकास दर -3.37 फीसदी तक गिर गई थी। उन्होंने सरकार पर कर्ज लेने और उसे भ्रष्टाचार में उड़ा देने का भी आरोप लगाया।

छोटे दल उतरे मैदान में, पहुंचाएंगे बड़ा नुकसान

कांग्रेस नेता हुए चिंतित, भाजपा को बागियों से खतरा


भोपाल। विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा राज्य में छोटे दलों में भी बड़ी संख्या में प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। पिछले चुनावों की भांति निर्दलीय और बागियों की संख्या भी इस बार नजर आ रही है। इनके मैदान में होने से कांग्रेस नेताओं में बड़े नुकसान की चिंता सताने लगी है। इसके चलते बागियों की मान मनौव्वल कांग्रेस ने तेज कर दी है। वहीं भाजपा को बड़ी संख्या में उतरे अपने बागी नेताओं से बड़े नुकसान का भय सता रहा है। कुछ नेता तो कांग्रेस में जाकर भाजपा प्रत्याशी को सीधी टक्कर दे रहे हैं, तो कुछ बागी बनकर मैदान में तीखे तेवर दिखा रहे हैं। 


विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दो ही दल ऐसे नजर आ रहे हैं, जिन्होंने सभी 230 सीटां पर हमेशा की तरह प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इसके अलावा हर चुनाव की तरह इस चुनाव में भी छोटे दलों ने बड़ी संख्या में मैदान में उतरकर बड़े राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस की िंचता को बढ़ा दिया है। इन दलों में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी ने ज्यादा प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। साथ ही बहुजन समाज पार्टी ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरने का फैसला किया है। इसके चलते गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी करीब पचास स्थानों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इन दलों के मैदान में उतरने से हर चुनाव की तरह कांग्रेस की चिंता ज्यादा बढ़ती नजर आ रही है। कांग्रेस को अपने परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी की चिंता है। इसे लेकर कांग्रेस नेता गंभीर भी नजर आ रहे हैं। इसके चलते उन्होंने नामांकन वापसी के पहले अलग-अलग क्षेत्रों में क्षेत्रीय और छोटे दलों से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है। साथ ही अपने दल के नाराज होकर मैदान में उतरे नेताओं को मनाने की कवायद तेज कर दी है। दूसरी ओर भाजपा को बड़ा नुकसान उसके ही नेता जो बागी बनकर या तो दूसरे दलों के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे हैं या फिर निर्दलीय मैदान में डटे हैं। दूसरे दलों में जाने वालों को तो भाजपा मना नहीं सकती, मगर जो निर्दलीय खड़े हुए हैं उन्हें मनाने का प्रयास भाजपा नेता करने में जुट गए हैं। 

पहली बार मैदान में आजाद समाज पार्टी 

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। हालांकि इस पार्टी ने प्रदेश में पहली बार चुनाव मैदान में सक्रियता दिखाई हैं, मगर 80 सीटों पर उसने प्रत्याशी मैदान में उतारकर दलित और ओबीसी वर्ग के वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया है। इस पार्टी के प्रत्याशी भाजपा और बसपा के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। कुछ हद तक ये कांग्रेस को भी नुकसान पहुंचाएंगे। 

सपाक्स ने भी मौन रहकर उतारे प्रत्याशी

पिछले चुनाव में सपाक्स के कारण भाजपा को खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल में खासा नुकसान पहुंचाने वाली सपाक्स पार्टी ने भी इस बार करीब 25 से ज्यादा स्थानों पर प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। इससे एक बार फिर भाजपा का समीकरण बिगड़ सकता है। 

औबेसी ने भी ठोकी ताल

एआईएमआईएम के प्रमुख असुद्दीन ओबैसी ने भी प्रदेश में अपने दल के दो स्थानों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। बताया जा रहा है कि बुरहानपुर के अलावा जबलपुर में एक-एक सीट पर पार्टी ने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। हालांकि पहले ओबैसी करीब दो दर्जन स्थानों पर प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे थे, मगर एनवक्त पर उन्होंने विचार बदल दिया। इससे कांग्रेस को जरूर राहत मिलती नजर आ रही है। 

जयस को साधने में कामयाब रही कांग्रेस


आदिवासी वोट बैंक में सेंधमारी करने वाले जय युवा आदिवासी ष्शक्ति संगठन जयस को साधने में कांग्रेस को सफलता मिली है। कांग्रेस ने अपने विधायक और जयस के संरक्षक डा हीरालाल अलावा की सहायता से इस संगठन को साधा है। मगर जयस के टूटकर तीन भागों में बंटने के बाद कितनी सफलता हासिल होती है, यह परिणाम ही बताएगा। हालांकि डा अलावा ने इस बात का खुलासा कर दिया कि कांग्रेस से जयस का क्या समझौता हुआ है? उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र जारी कर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पांच प्रत्याशी जयस संगठन के मैदान में उतारे हैं, साथ ही सरकार बनने पर निगम-मंडलों में जयस संगठन से जुड़े कार्यकर्ता को पद दिया जाएगा। इसके अलावा जयस के खफा होकर मैदान में उतरे कार्यकर्ताओं को नाम वापस लेने की बात कहते हुए साफ कर दिया कि वे अगर संगठन की बात नहीं मानते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

भाजपा के लिए संकट विंध्य जनता पार्टी और जनहित


विंध्य जनता पार्टी ने करीब चालीस स्थानों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। भाजपा अलग होकर  विधायक नारायण त्रिपाठी ने इस पार्टी का गठन किया है। पार्टी का पूरा फोकस विंध्य अंचल है। इस अंचल की तीस सीटों पर उनके प्रत्याशी भाजपा को नुकसान पहुंचाएंगे। वहीं आरएसएस के पूर्व प्रचारकों की जनहित पार्टी ने भी चुनिंदा स्थानों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। पूर्व प्रचारकों ने कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू कृश्णा गौर के खिलाफ भी प्रत्याशी उतार दिए हैं। इसके बाद भाजपा में खलबली सी मची हुई है। 


सरकार पर विकास दल में घोटाला करने का आरोप

कांग्रेस ने कहा दो से ढ़ाई लाख करोड़ का हुआ घोटाला


भोपाल। कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा विकास दर में कथित तौर पर घोटाला करने का आरोप लगाया है।

सुप्रिया श्रीनेत ने यहां मीडिया से चर्चा के दौरान कहा प्रदेश सरकार ने पिछले 18 सालों में बड़े बड़े घोटाले किए, लेकिन अब सरकार ने प्रदेश की विकास दर के साथ घोटाला किया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि विकास दर में लगभग 2-2.5 लाख करोड़ का घोटाला हुआ है। इसका कारण है, ज्यादा विकास दिखा कर ज्यादा ऋण लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का नीति आयोग बताता है कि मध्य प्रदेश के लगभग 35 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। मध्य प्रदेश में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 5 वर्ष से कम आयु के 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। उज्ज्वला योजना गैस कनेक्शन उन लोगों को दिए गए जो गरीबी की रेखा के नीचे रहते हैं और ऐसे परिवारों की संख्या 82 लाख है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय की संसदीय समिति बताती है कि मध्य प्रदेश में किसान 55 रुपया प्रतिदिन कमाता है। अर्थात सारे स्वास्थ्य और सामाजिक सूचकांक बताते हैं कि प्रदेश को गरीबी की गर्त में धकेल दिया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने अपनी बात के समर्थन में कई कथित प्रमाण भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश  सहित पूरे देश में 2020-21 और 2021-22 में कोविड महामारी के प्रभाव ने अर्थव्यवस्था पर गहरा आघात किया था। मध्य प्रदेश की विकास दर -3.37 फीसदी तक गिर गई थी। उन्होंने सरकार पर कर्ज लेने और उसे भ्रष्टाचार में उड़ा देने का भी आरोप लगाया।


रविवार, 29 अक्टूबर 2023

बसपा और गोंगपा ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची


भोपाल। बहुजन समाज पार्टी ने भी स्टार प्रचारक की लिस्ट जारी कर दी है। बसपा की स्टार प्रचारकों की सूची में मायावती सहित चालीस नेताओं के नाम है। इस सूची में भाजपा छोड़कर बसपा में गए पूर्व मंत्री रूस्तम सिंह का भी नाम है।

 बसपा सुप्रिमों और पूर्व सीएम मायावती, राज्यसभा सांसद राम जी गौतम, नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद, प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल समेत 40 दिग्गज नेताओं के नाम शामिल किए गए है। खास बात ये है कि इस सूची में भाजपा से इस्तीफे देने वाले पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता रुस्तम सिंह को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है।  गौरतलब है कि हाल ही में टिकट कटने से नाराज चल रुस्तम सिंह गुर्जर ने भाजपा को छोड़ बसपा का दामन थामा था।वे मुरैना विधानसभा से टिकट की मांग लगातार कर रहे थे, लेकिन भाजपा ने पूर्व मंत्री का टिकट काट दिया, जिससे नाराज होकर सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले उनके बेटे ने बसपा का दामन थामा था। खास बात ये है कि बसपा ने उनके बेटे राकेश को टिकट दिया है। अब रुस्तम सिंह अपने बेटे का प्रचार प्रसार करेंगे। 

मायावती प्रदेश में करेंगे 9 सभाएं

मायावती 6 नवंबर को झांसी की सबसे करीबी निवाड़ी क्षेत्र में जनसभा कर मध्य प्रदेश में चुनावी शंखनाद करेंगी, वे कुल 9 सभाएं करेंगे। बता दें कि बहुजन समाज पार्टी का यूपी से सटे इलाकों में अच्छा खासा प्रभाव है। इस बार बसपा ने उत्तर प्रदेश से सटे मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड, ग्वालियर- चम्बल संभाग के साथ रीवा और सतना संभाग की सभी सीट पर प्रत्याशी उतारे है, जो चुनाव में कांग्रेस भाजपा का खेल बिगाड़ सकते है।


गोंगपा ने भी तय किए स्टार प्रचारक

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी हैं। गोंगपा के स्टार प्रचारकों में पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम, राश्टीय महासचिव ष्श्याम मरकाम, राश्टीय महासचिव बलवीर सिंह तोमर, राश्टीय उपाध्यक्ष इरफान मलिक, के अलावा अशोक छाबड़ा, महेन्द्र प्रसाद ष्शर्मा, संतोश चंद्राकर, प्रीतम पेंद्राम, अनिल धुर्वे, एलएस उदय, जयनाथसिंह केराम, रेखा निकोरे, हेमलाल मरकाम, हरिश उइके, सुनीता उइके और मदन गौड़ के नाम है। 


बागियों को साधने में जुटी भाजपा-कांग्रेस

अमित शाह ने भी मांगी सूची


भोपाल। विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के सामने बागी होकर मैदान में उतरे अपने नेता मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। इन नेताओं को साधने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेताओं ने सक्रियता बढ़ा दी है। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला बागियों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं केन्द्रीय मंत्री अमित ष्शाह ने भी भाजपा के बागियों की सूची प्रदेश संगठन से मांगी है और उन्हें मनाने के लिए कहा है। 

विधानसभा चुनाव के लिए कल सोमवार को नामांकन की अंतिम तारीख है। इसके पहले कई बागियों ने टिकट ना मिलने के चलते नामांकन फार्म भर दिया है। यह स्थिति भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में समान रूप से है। दोनों ही दल अपने ही नेताओं के बागी होने से जूझ रहे हैं। इसके चलते कांग्रेस ने कुछ नेताओं को तो पद देकर मनाने की कवायद की है, मगर अब भी कई विधानसभा सीटों पर उनके नेता मैदान में डटे हैं। इन बागियों को मनाने के लिए कांग्रेस की ओर से अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सक्रियता दिखाई है। वे लगातार बागियों से संपर्क कर मनाने का प्रयास कर रहे हैं। 

वहीं दूसरी ओर भाजपा के बागियों को लेकर प्रदेश के प्रवास पर आए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह भी चिंतित नजर आए हैं। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने नेताओं को साफ कहा है कि वे बागियों को मनाएं और उनसे फार्म वापस कराएं। जबलपुर में नाराज धीरज पटेरिया से शाह ने मुलाकात की थी। शाह से आश्वासन मिलने के बाद पटेरिया की नाराजगी दूर हो गई। वरिष्ठ नेता उमा शंकर गुप्ता और रामलाल रोतेला की भी नाराजगी खत्म भी  खत्म करने में भाजपा सफल रही है। पार्टी ने इन्हें स्टार प्रचारक बनाकर साध लिया है। राजधानी पहुंचने के बाद शाह ने 36 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों से सीधी बात की। ष्शाह ने बैठक में साफ निर्देश दिए कि पार्टी में उपजे असंतोश को खत्म किया जाए। साथ ही पार्टी ने मध्यप्र्रदेश में जो लक्ष्य डेढ़ सौ पार का रखा है, उसे पाने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरें। ष्शाह ने सभी पदाधिकारियों को कहा कि कार्यकर्ता से सीधा संपर्क कर उन्हें पार्टी प्रत्याशी के लिए काम करने को कहें। कार्यकर्ता केवल कमल के फूल के लिए काम करे, चेहरे को ना देखे। 

शाह के लौटने के बाद शहर जिला अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के जबलपुर से लौटने के दूसरे दि नही भाजपा में फिर एक बार कलह सामने आई है। पार्टी के शहर जिला अध्यक्ष प्रभात साहू ने आज इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को अपना इस्तीफा भेजा है। इस्तीफे देने के पीछे उन्होंने बीते दिनों भाजपा के संभागीय कार्यालय में हुई तोड़फोड़ को बताया। उत्तर मध्य विधानसभा से अभिलाष पांडे को टिकट मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था, इसके बाद से कई नेताओं ने नगर अध्यक्ष प्रभात साहू को पूरे मामले का दोषी बताया था, जहां भाजपा के प्रदेश एवं केंद्र नेतृत्व के नाम कई नेताओं ने प्रभात साहू के नाम पर शिकायत दी थी, जिससे नाराज नगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। 


भाजपा ने जारी की आखिरी सूची

विदिशा से मुकेश टंडन, गुना से पन्नालाल शाक्य को बनाया प्रत्याशी


भोपाल। भाजपा ने आज प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर विदिशा और पन्ना सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। लंबे समय से इन दो स्थानों पर प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा में जद्दोजहद जारी थी। 

भाजपा ने आज प्रत्याशियों की अंतिम सूची कर दी है। इस सूची में विदिशा से मुकेश टंडन को प्रत्याशी बनाया है। टंडन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पसंद के प्रत्याशी हैं। वे पिछला चुनाव हार गए थे, इसके चलते उनके नाम पर स्थानीय भाजपा नेता नाराज थे। वहीं गुना में भाजपा ने पन्नालाल शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर भी उनका विरोध हो रहा था। पन्नालाल शाक्य 2013 में गुना विधानसभा से चुनाव लड़े और जीते भी थे। 2018 में भी टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। इस बार भाजपा ने कोरी समाज के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया था। इसे देखते हुए उनकी दावेदारी मजबूत हो गई थी। इस सीट पर भाजपा ने वर्तमान विधायक गोपीलाल जाटव का टिकट काटकर पन्नालाल ष्शाक्य को उम्मीदवार बनाया है। 

गौरतलब हे कि गुना सीट पर सिंधिया घराने के अलावा संघ का भी प्रभाव रहा है। इसके चलते यहां पर प्रत्याशी चयन में संगठन के सामने सिंधिया और संघ को सामने काफी मशक्कत करनी पड़ी, मगर इस सीट पर संगठन की नहीं चली। 


दो सीटों पर भतीजे परेशान कर रहे चाचा को

टिमरनी और देवतालाब में चाचा-भतीजे आमने-सामने

गिरीश गौतम

भोपाल। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो स्थानों पर भाजपा के दो दिग्गज नेताओं के सामने उनके ही परिवार के सदस्यों को चुनाव मैदान में उतार कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। दोनों ही सीटों पर युवा भतीजों ने अनुभवी चाचाओं के लिए मुसबीत खड़ी कर दी है। ये दोनों सीटों मउगंज जिले की देवतालाब और हरदा जिले की टिमरनी विधानसभा सीटें है, जहां पर चाचाओं के सामने उनके भतीजे ही परेशानी खड़ी कर रहे हैं। 

विधानसभा अध्यक्ष रहे गिरीश गौतम का जनप्रतिनिधि के रूप में जीतना भी बड़ी घटना से कम नहीं था। उन्होंने विंध्य के दिग्गज कांग्रेस नेता श्रीनिवास तिवारी को हराकर विधानसभा में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने राजनीति में मजबूत कदम रखा। वर्तमान विधानसभा के कार्यकाल में उन्हें भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी। उनकी स्थिति भी जब अपने क्षेत्र में श्रीनिवास तिवारी की तरह मजबूत होती दिखी तो इस बार कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला और उनके सामने उनके भतीजे देवतालाब सीट से उनके भतीजे पद्यमेश गौतम को मैदान में उतारक मुकाबले को कड़ा और रोचक बना दिया है। इन दिनों इस विधानसभा क्षेत्र में नारा गूंज रहा है कि चाचा सीट खाली करो, भतीजे की तैयारी करो। युवा पद्येश के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता इस नारे के साथ चार बार के विधायक गिरीश गौतम के खिलाफ मैदान में उतरे हैं। 

गौरतलब है कि जिला पंचायत के चुनाव में  दो भाई पद्मेश और गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम के बीच मुकाबला था। इसमें राहुल गौतम को हार नसीब हुई थी, जबकि पद्मेश को जीत हासिल हुई थी। अब राहुल के पिता गिरीश से मुकाबला पद्यमेश का है। पद्यमेश गौतम ने भाई राहुल गौतम को हराने के बाद चाचा को हराने की पूरी तैयारी बना रखी है। 

संजय शाह

आदिवासियों के मुद्दे पर चाचा को घेर रहा भतीजा

मकड़ाई राजघराने से संबंध रखने वाले चाचा और भतीजों के बीच टिमरनी विधानसभा में भी मुकाबला कड़ा है। पिछले चुनाव में भी दोनों ही आमने-सामने थे, मगर भतीजे को तब हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भतीजा पूरी तैयारी के साथ मैदान में जीत के लिए उतरा है। अभिशेक ष्शाह ने चाचा तीन बार के विधायक चाचा संजय शाह पर अभी से आदिवासियों के मुद्दे पर घेरनाष्शुरू कर दिया है। आदिवासियों को लेकर संजय शाह को वे अपशब्दों का प्रयोग करने को लेकर घेर रहे हैं। इस बार भी क्षेत्र का युवा कांर्यकर्ता अभिजीत शाह के साथ चाचा संजय ष्शाह के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। पिछली बार चाचा और भतीजे के बीच नजदीकी मुकाबला हुआ था। इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किसे और कितने वोटों के अंतर से चुनते हैं। 2018 में भतीजे को केवल 2213 मतों से हार मिली थी। 


कांग्रेस नेताओं में फूट डालो, भाजपा की पुरानी नीति

दिग्विजय ने कहा भ्रामक प्रचार के झांसे में ना आएं मतदाता


भोपाल।  विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण के बाद टिकट बदलने को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच विवाद और खीचतान की अफवाहों पर विराम लगाते हुए दिग्विजय ने आज रविवार को एक वीडियो जारी कर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात कही है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीटर पर वीडियो जारी कर  मतदाताओं से कहा कि कांग्रेस नेताओं में फूट डालो भाजपा की पुरानी नीति है। भ्रामक प्रचार के झांसे में ना आए। कांग्रेस एकजुट है, हम लोग सब मिलकर काम करेंगे और भाजपा को हराएंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 30 अक्टूबर को दतिया जाएंगे। वे कांग्रेस के उम्मीदवार का नामांकन भरवाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की गुटबाजी इन दिनों चरम पर है जिसे ढांकने के लिए वे प्रायोजित रूप से कांग्रेस नेताओं में खासकर मेरे और कमलनाथ जी के बीच की अनबन की झूठी खबरें फैलाते हैं। जबकि कांग्रेस का हर एक नेता भाजपा को हराने के लिए एकजुट और संकल्पबद्ध है। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि मेरी सभी मतदाता भाइयों एवं बहनों से प्रार्थना है कि वे कांग्रेस नेताओं में फूट के भाजपा के भ्रामक प्रचार के झांसे में न आएं। कांग्रेस एक जुट है। हम लोग सब मिलकर काम करेंगे और भाजपा को हराएंगे “जन बल“ जीतेगा, “धन बल“ हारेगा। कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

अहंकार के चलते शाह अफसरों को धमका रहे

एक अन्य ट्वीट कर दिग्विजय सिंह ने कहा कि असल में यह सत्ता का अहंकार है कि शाह अफ़सरों को धमका रहे हैं और शिवराज सरकारी पैसों को बाँटकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जनता के वोट से चुनी गयी सरकार ( यहाँ तो ख़रीदी गयी) को चुनाव में जाने से पहले इस तेवर के लिए माफ़ नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र बचाना है तो उन्हें हटाना ही पड़ेगा। 

वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा कहां से आई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के वीडियो के वायरल होने के बाद कहा कि एक कहावत है, चोर की दाढ़ी में तिनका। हमने कब कहा दिग्विजय और कमलनाथ के बीच में अनबन है। आप ट्विट करके बता रहे  हो अनबन नहीं हैं, भाजपा भ्रम फैला रही है। भाजपा भ्रम क्यों फैलाएगी। उन्होंने कहा कि जनता देख रही है टिकट वितरण को लेकर अनबल हुई और कमलनाथ जी ने खुलेआम कहा कि कपड़े फाड़ना है तो दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के फाड़ो। यह तो सबने सुना है। उन्होंने कहा कि आप हंसी मजाक या हास परिहास में नहीं ले जा सकते हैं और कमलनाथ जी के बेटे नकुलनाथ जी टिकट बांट देते हैं। छिंदवाड़ा की और बाद में फिर कांग्रेस कमेटी अप्रूव करती हैं। वर्चस्व की लड़ाई और बेटों को स्थापित करने की लड़ाई जगजाहिर है। इसमें भारतीय जनता पार्टी कहां से आई।


शनिवार, 28 अक्टूबर 2023

रूठों को पद देकर मनाने में जुटी कांग्रेस

भोपाल। प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के बाद नाराज नेताओं को मनाने में कांग्रेस जुट गई है। कांग्रेस ने अब रूठे नेताओं को मनाने के लिए उन्हें पद देना शुरू किया है। इसके तहत निवाड़ी से नाराज चल रही रोशनी यादव को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।

प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के बाद टिकट कटने से नाराज चल रहे नेताओं ने कांग्रेस की परेशानी को बढ़ा दिया है। इसके चलते अब कांग्रेस ने इन रूठे नेताओं को मनाने के लिए प्रयास तेज कर दिया है। रूठे नेताओं को मनाने के लिए अब कांग्रेस उन्हें पद दे रही है। ताकि उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके और चुनाव के दौरान बगावत को रोका जा सके। इसके चलते आज कांग्रेस ने निवाड़ी में भाजपा से कांग्रेस में आई पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय रामनरेश यादव की पौत्र वधु रोशनी यादव की नाराजगी को दूर करने के लिए उन्हें पद दिया है।  निवाड़ी से टिकट की मांग कर रही रोशनी यादव ने कुछ समय पहले ही कांग्रेस की सदस्यता ली है।  रोशनी का निवाड़ी जिले में अच्छा खासा जन समर्थन है। इसलिए वो यहां से टिकट का मांग कर रही थी। लेकिन पार्टी ने उनकी जगह अमित राय को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछले दिनों रोशनी यादव ने भोपाल आकर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की थी और अमित राय के टिकट का विरोध किया था। रोशनी यादव को संतुष्ट करने कांग्रेस उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और संगठन प्रभारी राजीव सिंह की ओर से जारी पत्र में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। जिम्मेदारी मिलने से रोशनी यादव के समर्थकों में उत्साह है। उन्हें बधाईयां देने का सिलसिला जारी है। इसके पहले भोपाल की दक्षिण विधानसभा सीट से नाराज संजय सक्सेना को कांग्रेस ने भोपाल शहर कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया था। इसके अलावा सोहागपुर से विधानसभा का टिकट कटने से नाराज चल रहे सतपाल पलिया को कांग्रेस ने प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया था।

भगवान राम और उनके मंदिर से कांग्रेस को क्या तकलीफ ?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूछा सवाल


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर हमला बोलते हुए आज कहा कि कांग्रेस को भगवान श्रीराम और उनके मंदिर से क्या तकलीफ है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि आज फिर प्रदेश में कांग्रेस की झूठ की दुकान सज रही है। उन्होंने कहा कि मैं प्रियंका गांधी से सवाल पूछना चाहते हैं कि भगवान राम और राम मंदिर से कांग्रेस को तकलीफ क्या है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को शिकायत की है कि प्रदेश में भगवान राम के मंदिर के फोटो होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। उन्हें और श्री महाकाल के चित्रों को हटा दिया जाए। उन्होंने कहा कि कभी कांग्रेस श्रीराम को काल्पनिक बताती थी। कभी कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे, पर तारीख नहीं बताएंगे। अब तो सबको तारीख पता है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। उन्होंने कहा कि श्री महाकाल महालोक पर कांग्रेस ने झूठे आरोप लगाए, आखिर कांग्रेस को उससे भी क्या चिढ़ है।

बाहर आने लगा कांग्रेसियों का बाबर के प्रति प्रेम 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने कहा कि जो सोनिया भक्त कांग्रेसी चुनावी राम भक्त बन रहे थे, उनका बाबर के प्रति प्रेम बाहर निकलने लगा है। कभी कांग्रेसी प्रभु श्रीराम के होर्डिग की शिकायत करते है, तो कभी बाबरी ढांचा की शाहदत पर अपने मन की पीड़ा को बाहर लाते है। कांग्रेस का यह चरित्र मुंह में राम बगल में छुरी को चरितार्थ कर रहा है। सोनिया गांधी के इशारे पर कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष का बयान कांग्रेस का मुगलों के प्रति प्रेम और सनातन के प्रति घृणा को प्रदर्शित करता है। 


किसान विरोध है भाजपा सरकार : रणदीप सुरजेवाला

भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा की शिवराज सरकार किसान विरोधी सरकार है। इस सरकार के कार्यकाल में खूब घोटाले और भ्रश्टाचार हुआ है। 

रणदीप सुरजेवाला ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि  शिवराज सरकार को किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार के 18 साल को दमनकारी किसान विरोधी के रूप में प्रदेश के इतिहास में याद रखा जाएगा। भाजपा और शिवराज सरकार ने किसानों के साथ हमेशा छल किया है। समर्थन मूल्य छुपा कर किसानों की योजनाओं पर ताला लगाया है। किसानों को समर्थन मूल्य पर फसल नहीं मिल रही है। केंद्रीय सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की घोषणा करती है और राज्य सरकार फसलों को आधे दाम में खरीद रही है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा ने किसान कल्याण विभाग को किसान दुर्दशा विभाग बना दिया। 30 योजनाओं में से 19 योजनाओं में शिवराज सरकार ने एक पैसा भी नहीं दिया है। भाजपा ने कई किसानों का नाम सम्मान निधि से हटा दिए और प्रदेश में अब 8 लाख 57 हजार 203 किसानों को सम्मान निधि का पैसा नही मिलेगा।

पोस्टर में राम मंदिर, की शिकायत

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रभु श्री राम आस्था का केंद्र हैं, राजनीति के नहीं। हमारे आराध्य प्रभु राम दलगत राजनीति का हिस्सा नहीं हो सकते। राम मंदिर को लेकर होर्डिंग लगाने वाले भाजपाइयों को भगवान् राम सद्बुद्धि दे। बता दें कि भोपाल-इंदौर में कई जगहों पर बीजेपी की तरफ से राम मंदिर के होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पार्टी नेताओं की तस्वीरें हैं। होर्डिंग्स पर लिखा है कि भव्य राम मंदिर बनकर हो रहा तैयार, फिर इस बार भाजपा सरकार। 

जय-वीरू हैं कमलनाथ-दिग्विजय

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नाराज होने के प्रश्न पर सुरजेवाला ने कहा कि इस चुनाव में शोले फिल्म की एंट्री हुई है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की दोस्ती धर्मेंद्र और अमिताभ जैसी है। उनकी दोस्ती जय-वीरू की दोस्ती है, गब्बर सिंह ने इसे कई बार तोड़ने प्रयास किया, लेकिन उसे सफल नहीं मिली। तो इस दोस्ती को भाजपा भी नहीं तोड़ पाएगी। 


कलाकार के बाद अब बाबा भी उतरे शिवराज के खिलाफ मैदान में

सपा ने मिर्ची बाबा को बुधनी से बनाया प्रत्याशी


भोपाल। विधानसभा चुनाव में अब मिर्ची बाबा की भी एंटी हो गई है। मिर्ची बाबा को समाजवादी पार्टी ने बुधनी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मैदान में उतारा है। हाल ही में उन्होंने लखनउ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से पार्टी से की सदस्यता ली है। 

समाजवादी पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की पांचवीं सूची जारी कर दी है। इस सूची में 35 प्रत्याशियों के नाम घोशित किए हैं, जिनमें कुछ पूर्व में घोशि प्रत्याशियों को बदला भी गया है। पार्टी ने इस सूची में चौंकाने वाला नाम सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से दिया है। यहां पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ सपा ने वैराग्यानंद महाराज मिर्ची बाबा को प्रत्याशी को बनाया है। इसके अलावा भाजपा की पूर्व विधायक और उमा भारती के निकट की रेखा यादव को भी छतरपुर जिले की बिजावर सीट से प्रत्याशी बनाया है। 

गौरतलब है कि बुधनी विधानसभा सीट से कांग्रेस ने धारावाहिक रामायण में अंगद का अभिनय कर चुके कलाकार विक्रम मस्तान को उम्मीदवार बनाया है। विक्रम मस्तान शर्मा, जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे। रामानंद सागर ने साल 2008 में दोबारा रामायण धारावाहिक का निर्माण किया, जिसमें विक्रम मस्तान पवन पुत्र हनुमान की भूमिका में नजर आए थे। कांग्रेस नेता मस्तान मुख्य रूप से बुधनी के ही रहने वाले हैं। इसके बाद यहां पर मुकाबला अब रोचक होता नजर आ रहा है। 

पांच बार जीत चुके हैं शिवराज सिंह

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से लगातार पांच विधानसभा चुनाव जीत चुके है। इसमें 2006 में हुए उपचुनाव भी शामिल हैं।  शिवराज सिंह चौहान 1990, 2006, 2008, 2013 और 2018 में बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं।  कांग्रेस को इस सीट पर 20 साल से जीत का इंतजार है। 2018 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरे अरुण यादव को 58,999 वोटों से हरा दिया था। इस चुनाव में चौहान को 1,23,492 यानी 60 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि यादव को 64,493 वोट ही मिल पाए थे। 


शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2023

बच्चों की बदहाली शिवराज सरकार के माथे पर कलंक

भोपाल। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि बच्चियों को यौन शोषण होना, शिशु मृत्यु दल का ज्यादा होना, बच्चों की बदहाली मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मांथे पर कलंक है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, मध्यप्रदेश में उन बच्चों की दुर्दशा जिन्हे प्रदेश का और देश का भविष्य कहा जाता है। मध्यप्रदेश में शिशु मृत्यु दर, 7 लाख से ज्यादा बाल मजदूरों का होना, हर तीन घंटे मे नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण होना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के माथे का कलंक है। चुनाव मे कांग्रेस पार्टी नहीं मध्यप्रदेश की जनता भी आपको याद दिलाने की काम करेगी।
उन्होंने कहा कि मामा का राज बच्चों पर गिरी गाज, बच्चों की बदहाली देख कर यह कहना पड़ेगा कि शिवराज सिंह इनके मामा नहीं है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह तो स्वयं ही कहते हैं कि बच्चों में कुपोषण है। प्रदेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ते हुए अपराध, यह शिवराज सिंह चौहान के माथे का कलंक है। 337 प्रतिशत का उछाल आया है बच्चों के खिलाफ अपराध में शिवराज सिंह चौहान की सरकार के दौरान। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को केंद्र बनाकर बच्चियों को अपहरण करके बेचने का जुर्म हो रहा है। एक महीने में भोपाल से 47 बच्चियों गायब हो गई और कोई खोज खबर नहीं हो रही। मामाजी यही पास में ही रहते है पर इन बच्चियों का कोई खोज खबर नहीं है। जन्म के समय बच्चों की मृत्यु में भी मध्यप्रदेश नंबर वन पर है।

भाजपा, कांग्रेस ने नौकरशाहों से बनाई दूरी

चुनाव लड़ने सदस्यता ली, मगर टिकट देने में रूचि नहीं दिखाई दलों ने


भोपाल। मध्यप्रदेश में राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस ने प्रदेश के नौकरशाहों को संगठन में अपनाया जरूर, मगर उन्हें राजनीतिक पारी खेलने के लिए टिकट देने में दूरी बनाई है। दोनों ही दलों में चुनाव के पहले कुछ पूर्व और कुछ नौकरशाहों ने वीआरएस लेकर चुनाव लड़ने की तैयारी के साथ सदस्यता ली, मगर इन नौकरशाहों को टिकट देने में दोनों ही दलों ने कंजूसी बरती है। किसी ने भी नौकरशाह को टिकट नहीं दिया है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही करीब छह माह पहले से नौकरशाहों ने राजनीति में सक्रियता दिखाने की तैयारी की। अपने-अपने हिसाब से जमावट करते हुए उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की सदस्यता भी ली। कुछ तो पहले से ही इन दलों में सेवानिवृत्ति के बाद से ही आ चुके थे, तो कुछ ने चुनाव की तारीखों के घोशित होने के पहले इन दलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। माना जा रहा था कि दोनों ही दल नौकरशाहों को चुनाव मैदान में प्रत्याशी बनाकर उतारेंगे, मगर जैसे-जैसे चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया ष्शुरू होती गई, दोनों ही दलों ने इन नौकरशाहों की ओर ध्यान नहीं दिया। परिणाम यह निकला कि दोनों ही दलों ने नौकरशाहों को प्रत्याशी बनाने से परहेज रखा।
निशा बांगरे से भी बनाई दूरी

छतरपुर की डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने तो बैतूल जिले की आमला विधानसभा सीट से मैदान में उतरने की पूरी तैयारी भी कर ली थी। इसके चलते कांग्रेस नेताओं के आश्वासन पर उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया। मगर सरकार ने इस्तीफा मंजूर करने के बजाय अटका दिया। इसके चलते अदालत तक वे पहुंची और सरकार को इस्तीफा मंजूर करने विवश भी किया। मगर सरकार ने जब इस्तीफा मंजूर किया तो कांग्रेस ने उसके पहले आमला से प्रत्याशी घोशित कर दिया। इसके बाद भी निशा ने कांग्रेस की सदस्यता इस उम्मीद से ली कि शायद प्रत्याशी बदल दिया जाए, मगर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने साफ कर दिया कि निशा बांगरे चुनाव नहीं लड़ रही है। कांग्रेस द्वारा इस तरह से निशा बांगरे से दूरी बनाने के बाद निशा के हाथ से नौकरी तो गई ही, साथ ही राजनीतिक मैदान में उतरने की उनकी मंशा भी पूरी नहीं हुई।
चुनाव लड़ने को इच्छुक नौकरशाह, जिन्हें नहीं मिला टिकट
सेवानिवृत्त आईएएस कवीन्द्र कियावत, रविन्द्र कुमार मिश्रा, वेदप्रकाश ष्शर्मा, एम के अग्रवाल, एस एन चौहान, रघुवीर श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त जज डा प्रकाश उइके, पेशे से डाक्टर रहे देवेन्द्र मरकाम भाजपा से टिकट की उम्मीद लगा रहे थे। वहीं पूर्व आईएएस अजीता वाजपेयी पांडे, वी के बाथम और निशा बांगरे को कांग्रेस से टिकट की उम्मीद थी। इनके अलावा आईपीएस पुरुषोत्तम ष्शर्मा, जनपद पंचायत सीईओ रतलाम के लक्ष्मण सिंह डिंडोर का इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ। वहीं शहडोल कमिश्नर रहे राजीव शर्मा ने भी वीआरएस लेकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। कुछ माह पहले आईएएस वरदमूर्ति मिश्रा ने भी वीआरएस लेकर अपनी पार्टी बना ली थी। मगर अब तक यह तय नहीं किया कि वे चुनाव लड़ रहे हैं या नहीं। सेवानिवृत्त आईएफएस आजाद सिंह डबास ने भी चुनाव लड़ने का बहुत प्रयास किया। इसके चलते वे पहले कांग्रेस में गए, फिर बात नहीं बनी तो आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली, मगर वहां भी उन्हें टिकट के लिए निराशा ही हाथ लगी।
 

इस बार दिग्विजय की चक्की पीस रही कमलनाथ कोः शिवराज


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अभी चक्कीयां चल रही हैं इस बार दिग्विजय सिंह की चक्की कमलनाथ को पीस रही है। 

प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो चली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक-दूसरे पर जमकर हमले भी बोल रहे हैं। इसके चलते आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा ईवीएम को लेकर उठाए गए सवालों को लेकर कहा कि दिग्विजय जी बहुत समझदार हैं, उनको पता है कि वो हारने वाले हैं, इसलिए अभी से मशीन पर दोष मढ़ने लगे हैं। उन्होंने कहा कि  कांग्रेस में अभी चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ जी कहते हैं कि उनकी चक्की बहुत बारीक पीसती है, लेकिन इस बार दिग्विजय सिंह जी की चक्की ने कमलनाथ जी को ही पीस दिया। दिग्विजय जी अब कमलनाथ जी के कुर्ते फड़वा रहे हैं। इंडिया गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि घंमडिया गठबंधन में केवल दरार ही नहीं पड़ी, बल्कि एक दिल के टुकड़े हजार हुए, कोई इधर गिरा, कोई उधर गिरा। इंडिया गठबंधन के पहले ही इस तरह बिखर गया है। 


मनरेगा में मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी

चुनाव आयोग से मजदूरी दिलाने का किया आग्रह


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि मध्य प्रदेश में लंबे समय से मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली है। उन्होंने शिवराज सरकार पर आरोप जड़ा कि उनकी सरकार एक तरफ तो लगातार कर्ज ले रही है, वहीं मजदूरों और गरीब तबके को उसके हक का पैसा नहीं दिया जा रहा है। इसी के साथ उन्होने चुनाव आयोग से भी आग्रह किया है कि आचार संहिता लग चुकी है, लेकिन मजदूरों को उनकी मेहनत का पैसा देने की अनुमति दी जाए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘मध्य प्रदेश में करीब 10 हफ्ते से मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों को उनकी मजदूरी नहीं मिली है। त्योहार के मौसम में मजदूरों के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय है। मैं शिवराज जी से जानना चाहता हूं कि उनकी सरकार लगातार कर्ज लेती रही है और आचार संहिता के दौरान भी कर्ज लेने की तैयारी चल रही है। जब लाखों मनरेगा श्रमिकों को उनकी मजदूरी नहीं दी जा सकती तो आखिर यह कर्ज किस चीज के लिए लिया जा रहा है। शिवराज जी गरीबों के मुंह से निवाला छीनने से बड़ा पाप और कुछ नहीं है। मैं माननीय निर्वाचन आयोग से भी आग्रह करता हूं कि आचार संहिता के बावजूद श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान किया जाए, यह उनका अधिकार है।


कांग्रेस में नेता तो अनेक, चेहरा केवल एक

कमलनाथ को छोड़ मैदान से दूर हैं बड़े नेता, भाजपा के दिग्गज लगातार ले रहे सभाएं


भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे नामांकन के सिलसिले के बीच मैदानी प्रचार भी तेज हो चला है। मगर कांग्रेस अब तक मैदानी प्रचार में भाजपा से पिछड़ी नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश के नेताओं ने मैदान में पूरी ताकत लगा दी और सभाएं करना तेज कर दिया है। दूसरी और कांग्रेस नेता अब भी टिकट वितरण मामले में उलझे हैं। हालात यह है कि कांग्रेस में नेता तो कई हैं, मगर एक मात्र चेहरा मैदान में सक्रिय नजर आ रहा है। कमलनाथ अकेले ही मैदानी सभाओं में सक्रिय नजर आ रहे हैं। 

मध्यप्रदेश में कांग्रेस लगातार प्रदेश में अपनी सरकार बनाने का दंभ भर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के अलावा कांग्रेस के अन्य नेता इसे लेकर रोजाना दावे भी कर रहे हैं। वहीं दूसरी और मैदानी सक्रियता इन नेताओं की कम ही नजर आ रही है। कांग्रेस में दिल्ली से आने वाले नेता भी सिर्फ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक सिमट कर रह गए हैं। ये नेता आते हैं और प्रेस कांफ्रेंस कर चले जाते हैं। मैदान में ये नेता नजर नहीं आ रहे। प्रदेश में भी आधा दर्जन कांग्रेस के बड़े नेता हैं, जो फिलहाल अपने-अपने क्षेत्रों में ही घिरे नजर आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की बात करें तो उन्होंने सभाओं से दूरी बनाए रखी है। यह पहली बार नहीं हुआ है,  वे पिछले चुनाव में भी सभाओं से दूर ही रहे थे। हां अपने समर्थकों के लिए उन्होंने सभाएं जरूर की थी। इस बार भी वे रूठों को मनाने के लिए सक्रिय होने की बात कहकर अधिकांश समय भोपाल में ही रह रहे है। सिंह के अलावा वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी भी नाराज बताए जा रहे हैं। भोजपुर सीट से उनके समर्थक को टिकट नहीं दिया तो वे घर बैठ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह अपने ही घर में घिरे नजर आ रहे हैं। वे लहार से बाहर नहीं आए। आस-पास की सीटों के प्रत्याशियों के नामांकन भरवाने वे जरूर गए। वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह विंध्य को छोड़कर अपने विधानसभा क्षेत्र चुरहट में ही सीमट गए हैं। वे पिछला चुनाव हार गए थे, इसके चलते इस बार वे कोई चूक नहीं होने देना चाहते हैं। विंध्य की अन्य सीटों पर उनकी सक्रियता नही ंके बराबर है। अरूण यादव को कोई खास जिम्मेदारी नहीं मिली है, इसके चलते वे निमाड़ की सीटों के बजाय अपने भाई सचिन यादव के विधानसभा क्षेत्र कसरावद तक ही सीमित हैं। आदिवासी चेहरा कांतिलाल भूरिया का पूरा फोकस अपने बेटे डा विक्रांत भूरिया को चुनाव जीताना है। वे झाबुआ में ज्यादा वक्त दे रहे है। बाकि मालवा की सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार अपने भरोसे मैदान में नजर आ रहे हैं। इन नेताओं के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ही एक ऐसे कांग्रेस नेता रहे जो अब तक सभाओं में सक्रिय नजर आए हैं। उन्होंने महाकौशल और उसके आसपास के क्षेत्र में सभाओं का सिलसिला तेज कर दिया है। बाकि नेताओं ने मैदानी सभाओं से दूरी बनाए रखी है। 

भाजपा के दिग्गजों ने कूच दिया आधा प्रदेश


भाजपा का पूरा संगठन और नेता इन दिनों मैदान में नजर आ रहा है। कहां किस नेता को पहुंचना है यह संगठन तय कर रहा है। वे नेता संगठन के तय स्थान और दिन पर पहुंचकर ना केवल सभाएं कर रहे, बल्कि पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन भरवाने में भी नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद प्रत्याशी चयन के बाद से कई स्थानों पर सभाएं कर चुके हैं। इसके अलावा वे प्रतिदिन सभाएं लेने पहुंच रहे हैं।  वहीं केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर-चंबल तो केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल महाकौशल में लगातार सक्रिय है। वे अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ अपने प्रभार वाले अंचलों में सभाएं ले रहे हैं। फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला और आसपास के क्षेत्र में तो कैलाश विजयवर्गीय अपनी सीट के अलावा मालवा की अन्य सीटों पर भी पहुंच कर सभाएं कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ग्वालियर-चंबल अंचल में सक्रियता दिखाई है। खुद प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा प्रदेशभर में अलग-अलग जिलों में पहुंचकर सभाएं कर रहे हैं। 


विंध्य जनता पार्टी ने उतारे 25 प्रत्याशी

मैहर से चुनाव लड़ेंगे नारायण त्रिपाठी


भोपाल। पृथक विंध्य की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्श कर रहे मैहर से विधायक रहे नारायण त्रिपाठी ने आज अपनी पार्टी विंध्य जनता पार्टी के प्रत्याशी घोशित कर दिए हैं। वे खुद मैहर से चुनाव लड़ेंगे। त्रिपाठी के मैदान में उतरने से मैहर में चुनाव रोचक हो गया है। इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा के अलावा बसपा ने भी प्रत्याशी मैदान में उतारे है। इसके चलते यहां पर अब चतुश्कोणीय मुकाबला होने के आसार हैं। 

विंध्य जनता पार्टी के संस्थापक नारायण त्रिपाठी ने आज राजधानी में मीडिया से चर्चा करते हुए अपनी पार्टी विंध्य जनता पार्टी के 25 प्रत्याशियों की घोशणा कर दी। त्रिपाठी ने कहा कि आज तक पृथक विंध्य और विंध्य के विकास के लिए कोई भी पार्टी भाजपा हो या कांग्रेस कोई काम नहीं कर पाई है। इसके चलते हमारा अंचल पिछड़ा हुआ है। में पृथक विंध्य की मांग की तो हमें बागी बना दिया गया। इसके चलते हमने अपनी पार्टी बनाई। उन्होंने कहा कि जिस राम के नाम पर राजनीति होती है, वो राम की भूमि चित्रकूट आज भी विकास से दूर है। विंध्य पूरी तरह उपेक्षित है। इसलिए विंध्य के पुनर्निर्माण के लिए हम चुनाव लडने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विंध्यवासी प्रदेश के पुनर्निर्माण के लिये आगे आये, हमारे यहां काफी संसाधन है, फिर भी रोजगार नहीं है। हमारा उद्देश सिर्फ विंध्य का पुनर्निर्माण करना हैं। त्रिपाठी ने आज जो प्रत्याशी घोशित किए हैं उनमें विंध्य की 30 में से 20 सीटों के प्रत्याशी है। इसके अलावा बुंदेलखंड, महाकौशल और भोपाल की एक सीट पर भी उन्होंने प्रत्याशी उतारा है। वे जल्द ही और सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। 

पार्टी ने घोशित किए प्रत्याशी

रैगांव से आरती वर्मा, सतना से हरिओम गुप्ता, मैहर से नारायण त्रिपाठी, अमरपाटन से शशि सत्येंद्र शर्मा, सेमरिया से हासिफ मोहम्मद अली, त्यौंथर से कमांडो अरुण गौतम, देवतालाब से कुंज बिहारी तिवारी, गुढ़ से शिवमोहन शर्मा, चुरहट से अरुण द्विवेदी, सीधी से वाल्मीकि तिवारी, सिंहावल से आशीष मिश्रा, चितरंगी से रामकृष्ण कोल, सिंगरौली से कुंदर पांडेय  ब्यौहारी से लेखन सिंह, जयसिंह नगर से फूलमती सिंह, जैतपुर से हीरालाल पनिका, अनूपपुर से प्यारेलाल पनिका, पुष्पराजगढ़ से अमृतलाल सोनवानी, बांधवबढ़ से धूप सिंह, मानपुर से राजकुमार बैगा, शहपुरा से मदन सिंह परस्ते, डिंडौरी से सितार मरकाम, भोपाल दक्षिण पश्चिम से मनीष पांडेय, अंबेडकर नगर-महू से वैधनाथ मिश्रा, बड़ामलहारा से दिनेश यादव को टिकट दिया गया है। 


गुरुवार, 26 अक्टूबर 2023

हमारी सरकार होते हुए भी सरस्वती माई नहीं बैठ पाई गद्दी पर

उमा ने कहा कि रायसेन, विदिशा के मंदिरों के नहीं खुले ताले 


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के आज फिर तेवर तल्ख नजर आए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार होने के बाद भी धार में सरस्वती माई अपनी गद्दी पर नहीं बैठ पाई। वहीं रायसेन और विदिशा के मंदिरों के ताले भी नहीं खुल सके। 

उमा भारती ने आज बयान जारी कर कहा कि वे ओरछा रामराजा सरकार को माथा टेक कर हिमालय के लिए निकल जाएंगी। इस साल में शिवराज जी ने एक आदर्श शराब नीति लाकर अभिनंदनीय कार्य किया। इन साढे तीन वर्षों के शिवराज जी के कार्यकाल में कई  जनकल्याणकारी कार्यों की भी शुरुआत हुई। हमारी पार्टी के लगभग सभी उम्मीदवार घोषित हो गए, अभी मध्य प्रदेश में हमारी पार्टी का घोषणा पत्र आना बाकी है जिसके आधार पर हमारी पार्टी जनादेश मांगेगी। उन्होंने कहा कि मैं पूरी मेहनत करूंगी एवं भगवान से प्रार्थना भी करती हूं कि हमारी सरकार बने और मेरी और हम सबकी अधूरी रह गई आकांक्षाओं को पूरा करें। उन्होंने कहा कि  पंच-ज अभियान संपूर्णता से नहीं हुआ, टुकड़ों में हुआ।  धार भोजशाला की सरस्वती माई राज्य और केंद्र में हमारी सरकार होते हुए भी अपनी गद्दी पर वापस नहीं लौट सकीं।  रायसेन के सोमेश्वर एवं विदिशा की विजया देवी के मंदिर के पट नहीं खुल सके जबकि हमारे केंद्रीय नेतृत्व के एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी  ने मुझे इसका आश्वासन दिया था।

उमा ने कहा कि हमारी पार्टी के लगभग सभी उम्मीदवार घोषित हो गए, अभी मध्य प्रदेश में हमारी पार्टी का घोषणा पत्र आना बाकी है जिसके आधार पर हमारी पार्टी जनादेश मांगेगी। उन्होंने कहा कि मैं पूरी मेहनत करूंगी एवं भगवान से प्रार्थना भी करती हूं कि हमारी सरकार बने और मेरी और हम सबकी अधूरी रह गई आकांक्षाओं को पूरा करें। उन्होंने कहा कि अंत में मैं इस निष्कर्ष पर हूं कि 2003 से अभी तक डेढ़ साल को छोड़कर हमारी ही सरकार रही। लोगों के जिन सपनों को पूरा करने के लिए हमने कांग्रेस को  20 साल पहले ध्वस्त किया था, वह सपने कितने पूरे हुए उस पर अभी और आत्म चिंतन मैं अभी कुछ दिन हिमालय में बद्रीदृकेदार के दर्शन करते समय करूंगी।


बिजली कंपनी के खेल से परेशान है गरीब : सुरजेवाला

सरकार की घोषणा  के बाद भी माफ नहीं हुए बिजली बिल


भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बिजली बिल के मामले को लेकर कहा बिजली कंपनी के खेल से गरीब परेशान हो रहे है। वहीं सरकार के बिजली बिल माफी करने की घोशणा के बाद भी आज तक एक भी उपभोक्ता का बिल माफ नहीं हुआ है। सरकार ने 20 लाख उपभोक्ता के साथ धोखा किया हैं। वहीं राम मंदिर के होर्डिंग पर उन्होंने कहा भगवान राम वोट का विषय नहीं हो सकते। भगवान राम सबमें बसे हैं।

 सुरजेवाला ने यह बात आज मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकार ने 1 किलो वाट के उपभोक्ताओं का बिजली में माफी का ऐलान किया था, लेकिन इसमें बिजली कंपनी ने खेल किया और 20 लाख 1 किलोवाट के बिजली उपभोक्ताओं के बिना जानकारी के ही 2 किलोवाट कर दिया। ये उपभोक्ताओं के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा बिजली कंपनी ने जो खेल किया उसके कारण गरीब परेशान हो रहे है। यही है मध्य प्रदेश भाजपा सरकार का मॉडल।  सुरजेवाला ने सरकार पर आरोप लगाया कि आज तक एक भी उपभोक्ता का बिल माफ नहीं हुआ है। 1 किलोवाट बिजली बिल माफ के लिए ऊर्जा विभाग ने आदेश जारी किया था, लेकिन सरकार ने 20 लाख उपभोक्ता के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा 21 जिलों का डाटा का अध्यन किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उपभोक्ता के 1 किलोवाट को 2 किलोवाट कर दिया गया और बिना जांच के ही 2 किलो वाट बढ़ा दिया।

जहां चुनाव होता है वहां पहुंच जाती है ईडी

भाजपा द्वारा लगाए गए राम मंदिर के होर्डिंग पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा भगवान राम वोट का विषय नहीं हो सकते। भगवान राम सबमें बसे हैं। उन्होंने कहा इसका जबाव जनता देगी। उन्होंने कहा गोविंद सिंह राजपूत लोगों का ईमान खरीदना चाहते हैं। यहां मंत्री को 50 एकड़ जमीन गिफ्ट कर दी जाती। ये पैसा कहां से आए। इसकी गिरफ्तारी भी होगी। वहीं सुरजेवाला ने भाजपा पर जमकर हमला किया है। सुरजेवाला ने ईडी को भाजपा का इलेक्शन डिपार्टमेंट बताया। उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव होगा वहां ईडी पहुंच जाती है, लेकिन इससे कांग्रेस नहीं डरेगी।


महिला मोर्चा की पदाधिकारी घर-घर संपर्क कर बताएंगी सरकार के काम

तीन प्रदेश की भाजपा महिला पदाधिकारी प्रचार करने पहुंचीं मध्यप्रदेश


भोपाल।  भाजपा की महिला मोर्चा की पदाधिकारी प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में घर-घर मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण और जनहितैषी कार्यों को बताएंगी। 

यह बात भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया ने प्रदेश कार्यालय में प्रदेश प्रवास पर आईं तीन राज्यों की पार्टी महिला मोर्चा की 230 पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मासूम बच्चियों को पैदा होने के समय से ही लखपति बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई है। इस योजना के तहत प्रदेश की 46 लाख बच्चियां लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की गरीब बहनों के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई है। इस योजना के तहत प्रदेश की 1 एक करोड़ 31 लाख बहनों को प्रति माह भाजपा सरकार द्वारा 1250 रूपए बैंक खाते में भेजा जा रहा है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया ने उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की पार्टी की महिला पदाधिकारियों का मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि आप लोगों के साथ स्थानीय बहनें भी रहेंगी। स्थानीय बहनों को विधानसभा प्रभारी और सह प्रभारी बनाया गया है। यह बहनें प्रवासी बहनों के साथ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के घर-घर संपर्क करेंगी और भाजपा की डबल इंजन की सरकार से लाभान्वित हुई महिलाओं और महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं से संपर्क करेंगी। उन्होंने कहा कि तीनों प्रदेश उत्तर प्रदेश,गुजरात और महाराष्ट्र से आईं बहनें 15 दिन तक प्रवास पर हैं। उन्होंने कहा कि एक भी घर ऐसा न बचे, जहां प्रवासी बहनें संपर्क न कर सकें।


बैठकों में शामिल होने में कम रूचि दिखाते हैं विधायक

सवाल पूछने में भी कम दिखी रूचि


भोपाल। विधानसभा पहुंचने वाले विधायकों की विधानसभा की बैठकों और अपने क्षेत्र के सवाल पूछने में रूचि कम ही नजर आती है। भाजपा के विधायक इसमें भी आगे रहे, जबकि कांग्रेस विधायकों ने बैठकों के साथ-साथ प्रश्न पूछने में भी कम ही रूचि दिखाई है। भाजपा के पांच ऐसे विधायक थे जो सदन की बैठकों में सर्वाधिक पहुंचे, जबकि कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं इस गिनती में नहीं है। वहीं सबसे ज्यादा प्रश्न पूछने वाले पांच विधायकों में चार भाजपा के और एक कांग्रेस का विधायक रहा। 

मध्यप्रदेश में अगली विधानसभा के चुनाव के लिए उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं, मैदानी मोर्चे में उनकी सक्रियता नजर आने लगी है। वहीं अगर पिछली विधानसभा 2018 के चुनाव परिणाम पर नजर डाले तो प्रदेश के 230 विधायकों में से 5 विधायक ही ऐसे थे जो सदन की 79 बैठकों में से 77 बैठकों में शामिल हुए। बाकी विधायकों की इन बैठकों में इससे भी कम उपस्थिति रही है। अधिक उपस्थिति के मामले में भाजपा के विधायक अव्वल रहे। वहीं प्रश्न पूछने के मामले में सदन के पांच ऐसे विधायक थे जिन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं सहित अन्य जनसमस्यों से संबंधित सवाल अन्य विधायकों की अपेक्षा ज्यादा पूछे। ये इनमें भी चार विधायक भाजपा के थे, जबकि कांग्रेस का एक ही विधायक ऐसा था जिसकी सवाल पूछने में ज्यादा रूचि नजर आई। सवाल पूछने वाले शीर्ष 5 विधायकों में 4 भाजपा व 1 कांग्रेस के हैं। सिलवानी के भाजपा विधायक रामपाल सिंह ने सबसे ज्यादा 390 सवाल पूछे हैं। दूसरे नंबर पर मंदसौर विधायक यशपाल सिंह ने 387, मनावर से कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने 383, सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने 381 व जावरा विधायक राजेंद्र पांडे ने 377 सवाल पूछे हैं।


वहीं विधायकों की उपस्थिति पर नजर डाले तो उपस्थिति का प्रतिशत 97 फीसदी रहा है। सारंगपुर विधायक कुंवर कोठार, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, त्योंथर विधायक श्यामलाल द्विवेदी और सीहोर विधायक सुदेश राय 79 में से 77 बैठकों में मौजूद रहे।


छिंदवाड़ा जिले के विधायकों की स्थिति 

छिंदवाड़ा जिले के विधायकों की स्थिति पर नजर डाले तो चौरई के विधायक सुजीत सिंह 79 बैठकों में से 64 बैठकों में ष्शामिल हुए, उन्होंने पांच साल में 68 प्रश्न ही पूछे हैं। वहीं सौसर विधायक विजय रेवनाथ चौरे 63 दिन सदन में उपस्थित रहे, उन्होंने 40 सवाल उठाए। पांढुर्णा के विधायक नीलेश उइके सदन में 58 दिन उपस्थित रहे, उन्होंने 32 सवाल पूछे। इसके अलावा सोहनलाल वाल्मिकी 48 दिन उपस्थित रहे, जबकि उन्होंने 211 सवाल पूछे। जुन्नारदेव के विधायक सुनील उइके सदन में 47 दिन उपस्थित रहे उन्होंने सबसे ज्यादा 242 सवाल पूछे। इसी तरह अमरवाड़ा के विधायक कमलेश प्रताप सिंह मात्र सदन में 27 दिन ही उपस्थित रहे। उन्होंने पूरे पांच साल में सदन की 79 बैठकों में केवल 2 ही प्रश्न पूछे हैं। 


आप के निशाने पर प्रदेश के तीन अंचल

विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल में उतारे प्रत्याशी


भोपाल। मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी का फोकस तीन अंचलों विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल अंचल पर है। वहीं बसपा और सपा भी इन्हीं अंचलों में जोर लगा रही है। इन दलों की उपस्थिति से भाजपा और कांग्रेस के समीकरण बिगड़ने के आसार नजर आ रहे हैं। 

प्रदेश में विधानसभा चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी ने दस्तक दी है। आप ने विंध्य के अलावा ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड पर अपना पूरा फोकस किया हुआ है। वैसे तो पूरे प्रदेश में आप अपने प्रत्याशी मैदान में उतार रही है, लेकिन अधिकांश प्रत्याशी उसने इन्हीं तीन अंचलों में उतारे हैं। विंध्य के अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल पर आप का ज्यादा फोकस है। आप के नेता भी यहां पर सक्रियता दिखा रहे हैं। विंध्य और ग्वालियर चंबल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री मान सिंह खुद सभाएं कर चुके है। इन अंचलों में इन नेताओं की और भी सभाएं होनी है। इन दो अंचलों के बाद बुंदेलखंड की सीटों पर भी आप की नजरें हैं। यहां पर अधिकांश सीटों पर आप से दल बदलकर आए नेताओं को टिकट दिया है। इन तीनों अंचलों में आप ने अब तक 70 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में उतार दिए है। 

गौरतलब है कि प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रही बसपा और सपा की ताकत भी इन्हीं अंचलों में नजर आती है। सपा और बसपा के अब तक विधानसभा पहुंचने वाले विधायक भी इन्हीं अंचलों का नेतृत्व करने वाले रहे हैं। इस लिहाज से इस बार इन तीनों अंचलों में कई स्थानों पर कड़ा मुकाबला होता नजर आएगा। वहीं इन दलों की उपस्थिति भाजपा और कांग्रेस के समीकरण भी बिगड़ती नजर आएगी। 


बुधवार, 25 अक्टूबर 2023

कांग्रेस अब टिकट बदल कांग्रेस हो गई


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कसा तंज

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की हालत अब कपड़ा फाड़ कांग्रेस के बाद टिकट बदल कांग्रेस हो गई है।
कंग्रेस द्वारा चार प्रत्याशियों के टिकट बदले जाने के बाद भाजपा हमलावर हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसे लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की हालत अजब-गजब हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब टिकट बदल कांग्रेस हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सोनिया कांग्रेस खड़गे कांग्रेस बनी फिर मध्यप्रदेश में कमलनाथ कांग्रेस हो गई। कमलनाथ जी के बेटे ने भी टिकट बांट दिए और जब टिकट को लेकर कोलाहल मचा और लोग पहुंचे कमलनाथ के पास तो उन्होंने कहा कि कपड़े फाड़ना है तो दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़ो। तो वो ‘कपड़ा फाड़ कांग्रेस’ हो गई। उसके बाद अब कांग्रेस बन गई है ‘टिकट बदल कांग्रेस’। कांग्रेस की हालत तो बड़ी अजब गजब हो गई है और आगे क्या होने वाली है ये भी देखते रहिए।
गौरतलब है कि आज बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने चार विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। ये वही सीटें है जिनपर लगातार विरोध और अंतर्कलह हो रहा था। अब इसे लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।

डबल इंजन वाली सरकारें भी कम नहीं कर पाई महंगाई

भोपाल। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा ने आज भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन वाली सरकारें रही। इसके बाद भी ये सरकारें महंगाई को कम नहीं कर सकी।

विधानसभा चुनाव 2023 के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतार चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। अलका लांबा ने कहा कि, कांग्रेस की सरकार आने के बाद पूरे प्रदेश में कमलनाथ सरकार जनता के लिए बड़ी योजनाएं लाएंगी। कांग्रेस नेत्री ने आगे राज्य की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की जनता को जहर परोसा जा रहा है। पनीर में जहर मिलाया जा रहा है, इसके अलावा खोआ मिठाई में भी हो रही मिलावट।
उन्होंने कहा कि नारायण त्रिपाठी जो पहले भाजपा में थे, उनको गुटका में मिलावट मिली है। उन्होंने कहा कि सिलावट जी मिलावट मंत्री है। मध्य प्रदेश के मंत्री तुलसी सिलावट मध्य प्रदेश के मिलावट मंत्री है। 85 फीसदी मिलावट के मामलों में आरोपियों पर कोई कारवाई नहीं होती। अलका लांबा ने कहा कि, डबल इंजन सरकार रोजगार देने में और महंगाई रोकने में विफल रही है। भाजपा की सरकार जनता के बच्चों को जहर परोसने का काम कर रही है। कमलनाथ शुद्ध के लिए युद्ध कर रहे हैं। सरकार ने मिलावट के लिए अपना पल्ला झाड़ चुकी है।

चालीस सीटों पर चुनाव लड़ेगी विंध्य जनता पार्टी

भोपाल। भाजपा से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी बनाने वाले नारायण त्रिपाठी ने आज खुलासा कर दिया ि कवे प्रदेश में विंध्य की तीस सीटों सहित प्रदेश में चालीस सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे। उनकी पार्टी के प्रत्याशी जल्द ही घोशित किए जाएंगे।

मैहर से भाजपा विधायक रहे नारायण त्रिपाठी ने भाजपा से इस्तीफा देने के बाद अब यह तय कर लिया है ि कवे अपनी बनाई पार्टी विंध्य जनता पार्टी के बैनर तले ही चुनाव लड़ेगे। पहले यह कयास लगाए जा रहे थे ि कवे कांग्रेस में ष्शामिल हो सकते हैं, मगर उनका कांग्रेस में प्रवेश का रास्ता रूक गया। इसके बाद अब वे अपनी पार्टी विंध्य जनता पार्टी के प्रत्याशी मैदान में उतार रहे हैं। इन दिनों भोपाल में बैठकर वे इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। त्रिपाठी ने संकेत दिए है कि उनकी पार्टी विंध्य की सभी तीस सीटों के साथ भोपाल और इंदौर में भी प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। इस तरह प्रदेश में वे इस बार कुल चालीस सीटां पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। इन सीटों पर वे जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे। हाल ही में उनकी पार्टी को निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिन्ह दो गन्ना एक किसान आवंटित किया है।
मैहर में होगा त्रिकोणीय मुकाबला
नारायण त्रिपाठी खुद मैहर से चुनाव लड़ेंगे। उनके चुनाव मैदान में उतरने से यहां पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हो गए हैं। भाजपा ने पहले ही यहां पर उनका टिकट काटकर श्रीकांत चतुर्वेदी को यहां पर प्रत्याशी बनाया है। जबकि कांग्रेस ने धर्मेश घई को इस सीट से मैदान में उतारा है। इस स्थिति में त्रिपाठी के मैदान में उतरने से यहां पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं।