टिकट के दावेदारों ने बढ़ाई सक्रियता, मुख्यमंत्री निवास पहुंचे विधायक
भोपाल। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के प्रत्याशियों की सूची का इंतजार कर रहे टिकट के दावेदारों ने सक्रियता बढ़ा दी है। अपने-अपने हिसाब से दावेदार सक्रिय हुए हैं। वर्तमान विधायक भी टिकट कटने की आशंका के चलते अपने आकाओं के द्वार पर पहुंचने लगे हैं। ऐसे ही खंडवा जिले की पंधाना सीट से वर्तमान विधायक ने आज समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर एक बार फिर दावेदारी की है। वहीं भाजपा में टिकट वितरण के बाद उठा विरोध थमने के बजाय तेज हो चला है।
भाजपा ने अब तक विधानसभा चुनाव को लेकर चार सूचियां जारी कर 194 प्रत्याशी घोशित कर दिए हैं। माना जा रहा है कि कल 15 अक्टूबर को भाजपा की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद भाजपा अंतिम सूची जारी कर सकती है। इस सूची में कई वर्तमान विधायकों के नाम काटे जाने की बात सामने आ रही है। इसे लेकर अब विधायकों ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कोई संघ और संगठन के सहारे दबाव बना रहा है तो कोई मुख्यमंत्री से अपनी पैरवी कराने में जुटा है। ऐसे ही आज खंडवा जिले की पंधाना सीट से वर्तमान विधायक राम डोंगरे आज बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। यहां उन्होंने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। डोंगरे को डर है कि इस बार उनका टिकट पार्टी काट सकती है। ऐसे में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर टिकट के लिए अपना दावा ठोका है। बड़ी संख्या में उनके साथ आए स्मर्थकों ने राम डोंगरे को टिकट दिए जाने मांग उठाई उनके लिए नारेबाजी भी की। बता दें कि डोंगरे के पास युवा मोर्चा में भी भी पदाधिकारी है। इसी तरह नर्मदापुरम विधानसभा सीट के विधायक डा सीताशरण शर्मा भी इन दिनों कभी संघ तो कभी संगठन पदाधिकारियों के बंगलों पर नजर आ रहे हैं। केवल ये दो ही विधायक नहीं, बल्कि भाजपा के दर्जनभर वर्तमान विधायक इन दिनों राजधानी भोपाल में संघ और संगठन के पदाधिकारियों के यहां टिकट के लिए अपनी दावेदारी कर रहे हैं। बैतूल से पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का टिकट भाजपा में तय माना जा रहा था, मगर बीते दो दिनों से जब उन्हें यह जानकारी मिली कि उनकी दावेदारी कमजोर साबित हो रही है। इसके बाद खंडेलवाल ने भी दिल्ली में डेरा डाला और बड़े नेताओं के सामने फिर से दावेदारी जताई है।
दूसरी ओेर कांग्रेस में भी टिकट के दावेदारों ने सक्रियता दिखाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निवास के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बंगले पर भी सुबह से ही भीड़ नजर आती है। दोनों नेताओं के यहां इन दिनों सुबह से ही दावेदार अपने समर्थकों के साथ पहुंच रहे हैं। हालांकि माना जा रहा है कि कांग्रेस भी कल 15 अक्टूबर को प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है।
नहीं थम रहा विरोध
दूसरी ओर शहडोल जिला पंचायत उपाध्यक्ष फूलमती सिंह ने विधायक मनीषा सिंह को जयसिंह नगर का प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध किया है। जैतपुर से विधायक मनीशा सिंह को इस बार भाजपा ने सीट बदलकर जयसिंहनगर से प्रत्याशी बनाया है। इसके चलते उनका विरोध हो रहा है। फूलमति ने इसे लेकर अपना विरोध जताते हुए प्रत्याशी बदलने की मांग की है। वहीं पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण यादव के बेटे सुधीर यादव ने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि इस बीच उनके पिता लक्ष्मीनारायण यादव ने भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से मुलाकात की है। संभावना जताई जा रही है कि नारायण त्रिपाठी के अलावा सुधीर यादव भी कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं। कांग्रेस उन्हें प्रत्याशी बनाएगी इसे लेकर अभी असंजस की स्थिति बरकरार है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते भी है खफा
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी भी अपनी पार्टी से खफा बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस तिवारी को टिकट तो देना चाह रही है, मगर उनका विधानसभा क्षेत्र बदलकर। सिद्धार्थ तिवारी त्योंथर विधानसभा सीट से मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं, जबकि पार्टी उन्हें गुढ़ विधानसभा सीट से मैदान में उतारना चाह रही है। नाराजगी के चलते उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल से कांग्रेस आलाकमान की तस्वीर हटाकर विरोध जताया है।

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