रविवार, 22 अक्टूबर 2023

भाजपा के भरोसे पर खरा उतर पाएंगे बाहरी नेता ?

मत प्रतिशत बढ़ाने के चक्कर में संगठन के कार्यकर्ता से बनाई दूरी


भोपाल। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अपनों से दूरी बनाकर करीब आधा दर्जन स्थानों पर बाहरियों पर भरोसा जताकर चुनाव मैदान में उतार दिया है। अब ये प्रत्याशी भाजपा के भरोसे पर कितना खरा उतारते हैं। यह तो समय ही बताएगा। फिलहाल तो भाजपा को यहां पर अपने ही कार्यकर्ता की नाराजगी का भी सामना करना पड़ रहा है। 

भाजपा ने 2018 के चुनाव में कांग्रेस से ज्यादा प्रतिशत मत हासिल करने के बाद भी हार का सामना करना पड़ा था। इसके चलते  इस बार पिछले चुनाव परिणामों को ध्यान में रखकर टिकट वितरण का कार्य किया है। साथ ही सर्वे पर भी संगठन ने भरोसा जताया है। पिछले चुनाव परिणामों के आकलन के बाद करीब आधा दर्जन सीटों पर भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जो दूसरे दलों से भाजपा में आए थे। इन आधा दर्जन प्रत्याशियों को मिले मत प्रतिशत के आधार पर विधानसभा सीटों पर भाजपा नेता अपनी बढ़त भी मान रहे हैं। मगर संभावित यह बढ़त चुनाव परिणामों पर कितना असर दिखाएगी, यह तो परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल बाहरियों पर भरोसा कर उन्हें मैदान में उतारने के बाद संगठन के सामने बड़ी चुनौती अपने कार्यकर्ता को सक्रिय करने की भी है। प्रायः हर विधानसभा में इनके मैदान में होने से भाजपा का कार्यकर्ता अपने को उपेक्षित मानकर उतना सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। कुछ स्थानों पर तो इन प्रत्याशियों को खुलकर विरोध भी हो रहा है। 

इन सीटों पर बाहरियों के भरोसे पर भाजपा

त्योंथर : त्योंथर में भाजपा ने कांग्रेस से आए सिद्धार्थ तिवारी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर भाजपा ने अपने वर्तमान विधायक ष्श्यामलाल द्विवेदी का टिकट काटकर तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा को पिछले चुनाव में यहां पर 40.63 फीसदी और कांग्रेस को 36.51 फीसदी वोट हासिल हुए थे। 

बिजावर : इस सीट पर सपा से जीते राजेश शुक्ला पर भाजपा ने दाव खेला है। शुक्ला को पिछली बार 46.78 फीसदी वोट मिली थी। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहा था। भाजपा को 21.38 फीसदी वोट हासिल हुए थे। 

अमरवाड़ा : इस सीट पर भाजपा ने मोनिका बट्टी को भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से भाजपा में लाकर मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में उनके पिता मनमोहन शाह बट्टी को यहां पर 30.38 फीसदी वोट मिले थे। वे दूसरे नंबर पर रहे थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के रूप् में कमलेश प्रताप ष्शाह को 35.53 फीसदी वोट हासिल हुए थे और वे चुनाव जीत गए थे। 

वारासिवनी : निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल पर भाजपा ने यहां दांव खेला है। जायसवाल को पिछले चुनाव में 37.23 फीसदी वोट हासिल हुए थे। दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी को यहां 34.74 फीसदी वोट मिले थे। 

बड़वाह : कांग्रेस से आए सचिन बिड़ला को भाजपा ने यहां प्रत्याशी बनाया है। बिड़ला को 56.53 फीसदी वोट हासिल हुए थे। वहीं भाजपा को यहां पर 38.61 फीसदी वोट मिले थे। 

सुसनेर : निर्दलीय विधायक बने राणा विक्रम सिंह पर भाजपा ने यहां दाव खेला है। सिंह को पिछले चुनाव में 42.10 फीसदी वोट हासिल हुए थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी को यहां 27.07 फीसदी वोट हासिल हुए थे। इस सीट पर भाजपा तीसरे नंबर पर रही थी। 


जोबट :
जोबट में कांग्रेस की कलावती भूरिया के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था। इसमें भाजपा में कांग्रेस नेता सुलोचना रावत को भाजपा में लाकर टिकट दिया और वे चुनाव जीती भी थी। सुलोचना को उपचुनाव में 46.92 फीसदी वोट हासिल हुए थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 42.77 फीसदी वोट हासिल हुआ था। इस बार भाजपा ने यहां पर अस्वस्थ चल रही सुलोचना रावत के बेटे विशाल रावत को मैदान में उतारा है। 


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