जेठ-जेठानी भी उतरे मैदान में
भोपाल। प्रदेश के चुनावी समर में इस बार कहीं पर चाचा-भतीजे तो कहीं पर जेठ और बहू के बीच सीधा मुकाबला दिखाई देगा। कहीं पर जेठ और समधी के बीच भी यह मुकालला तय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस ने कुछ स्थानों पर ऐसे प्रत्याशी खड़े कर दिए हैं, जिनके कारण मुकाबला तो रोचक हो गया है, साथ ही राजनीति के लिए रिश्ते भी आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
प्रदेश भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा अब तक जो प्रत्याशी घोशित किए गए है। उसके बाद अधिकांश स्थानों दोनों दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला साफ हो गया है। इसमें कुछ स्थानों पर तो रिश्तेदार ही आमने-सामने चुनाव लड़ते नजर आ रहे हैं। ये परिवार के सदस्य राजनीति में अपना कद बढ़ाने आमने-सामने हुए है। इनमें रीवा जिले की देवतालाब विधानसभा सीट पर चर्चित मुकाबला होता नजर आ रहा है। इस सीट पर वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम भाजपा के प्रत्याशी है। तो कांग्रेस ने उनके खिलाफ गौतम के भतीजे पद्मेश गौतम को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। चाचा-भतीजे के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नगरीय चुनाव के वक्त भी सामने आई थी। इसका फायदा इस बार कांग्रेस ने उठाया है। रीवा के अलावा सागर जिले की सागर विधानसभा सीट से वर्तमान भाजपा विधायक शैलेन्द्र जैन भाजपा के प्रत्याशी है। उनके खिलाफ उनकी बहू यानि उनके भाई सुनील जैन की पत्नी निधी जैन को कांग्रेस ने टिकट दे दिया है। यहां पर जेठ और बहू विधानसभा चुनाव में आमने-सामने हो गए हैं। वैसे दोनों भाईयों में कटुता कभी नजर नहीं आई। इसी तरह ग्वालियर जिले की डबरा सीट पर समधी और समधन आमने-सामने चुनाव मैदान में है। भाजपा की ओर से इमरती देवी को प्रत्याशी बनाया गया है, वहीं इमरती देवी के समधी सुरेश राजे को कांग्रेस ने मैदान में उतार दिया है। दोनों रिश्ते में समधी-समधन है। उपचुनाव में भी ये आमने-सामने रहे थे और सुरेश राजे की जीत हुई थी। इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक है तो सुरेश राजे को कमलनाथ समर्थक माना जाता है।

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