मंगलवार, 24 अक्टूबर 2023

नहीं थम रहे बगावती तेवर, मैदान में उतरने की कर रहे तैयारी

रूठों को मनाने में सफल नहीं हो पा रहे भाजपा-कांग्रेस के नेता


भोपाल। प्रत्याशी चयन के बाद भाजपा और कांग्रेस में नाराज नेताओं के बगावती तेवर थम नहीं रहे हैं। इस्तीफा देने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। दोनों ही दल बागियों की बगावत को लेकर सतर्क भी हैं, मगर नाराज नेताओं को मना नहीं पा रहे हैं। बागियों ने अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने का फैसला कर लिया है। वहीं कुछ ने तो नामांकन फार्म खरीदकर अपने-अपने दलों को इस बात के संकेत भी दे दिए हैं कि वे अब मैदान छोड़ने वाले नहीं है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के बाद उठे नाराजगी के स्वर अब बगावत का रूप ले चुके हैं। तीन दिनों से संगठन के सामने प्रत्याशी बदले जाने की मांग करने वाले ये नेता अब इस्तीफा देकर निर्दलीय रूप से मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। दोनों ही दलों के वरिश्ठ नेता इनके संपर्क में हैं और मनाने

का प्रयास कर रहे हैं। मगर इनका नाराजगी दूर नहीं हो रही है। भाजपा नेत्री और पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने भी टिकट ना मिलने से नाराज होकर नामांकन फार्म खरीद लिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे चुनाव लड़ेंगी। हालांकि फिलहाल वे कह रही है कि भाजपा से ही वे चुनाव लड़ेंगी। उनके अलावा बुरहानपुर में पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्श चौहान ने भी नामांकन फार्म खरीदकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की बात कही है। वहीं महीदपुर में भाजपा ने बहादुर सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है। उनके खिलाफ प्रतापसिंह आर्य ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही है। दोनों ही दलों के नेता इन बागियों को मनाने में अब तक असफल रहे हैं। भाजपा संगठन पूरा प्रयास कर रहा है कि किसी तरह से ये मान जाएं। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला इनके संपर्क में हैं, मगर अब तक इन्हें भी रूठों को मनाने में असफलता ही हाथ लगी है।
हरदा में भाजपा नेता ने दिया इस्तीफा
हरदा में भाजपा नेता सुरेंद्र जैन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा नेता ने हरदा प्रत्याशी कमल पटेल को टिकट देने की वजह से अपना इस्तीफा दे दिया और उन पर गंभीर आरोप लगाए। जैन इस दौरान फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लिए मैंने जान की बाजी लगा दी उन्होंने मेरे नेता तक का सम्मान नहीं किया। उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उस नंद कुमार चौहान के नाम का शिलालेख नाली में पटक दिया। सुरेंद्र जैन का आरोप है कि भाजपा पार्टी सिर्फ परिवारवाद चला रही है। भाजपा पार्टी भाजपा न रहकर कमल पटेल की पार्टी हो गई है। कांग्रेस में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जाने का मेरा कोई विषय नहीं है। और चुनाव लड़ने का भी कोई विषय नहीं है।
कमलनाथ के निवास पर किया हनुमान चालीसा का पाठ
कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की नाराजगी कम नहीं हो रही है। इसके चलते आज भोपाल की हुज़ूर विधानसभा से टिकट की दावेदारी कर रहे विष्णु विश्वकर्मा और उनके समर्थकों ने कांग्रेस प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचंदानी पर भरोसा जताया है। उन्हें टिकट दिया है। इस सीट पर भाजपा से आए जितेन्द्र डागा भी उम्मीदवारी जता रहे थे। उन्होंने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही है।
 
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