गोविंद सिंह की हार पर कराया मुंडन, बरैया को काला मुंह करने से रोका दिग्विजय ने
भोपाल। मध्यप्रदेश के चुनावी इतिहास में देखा जाए तो कई बार प्रत्याशियों के समर्थक अपने नेता की जीत हार को लेकर ष्शर्त और मन्नतें मानते रहे हैं। इसके बाद परिणाम विपरीत आने पर उन्हें ष्शर्त और मन्नत को पूरा करने का दबाव भी रहा है। इसके चलते वे इन्हें पूरा करने को विवश होते हैं। ऐसा ही इस बार भी विधानसभा चुनाव में देखा गया जब ये ष्शर्ते और मन्नते प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर भारी पड़ती नजर आई।
राज्य में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के भांडेर से प्रत्याशी रहे फूलसिंह बरैया ने एक ऐसी ष्शपथ ले ली कि उन्हें कांग्रेस की हार के बाद उसे पूरा करने को विवश होना पड़ा। दरअसल बरैया ने दावा किया था कि भाजपा को इस बार पचास सीटें भी नहीं मिलेंगी। अगर पचास सीटें मिली तो वे अपना मुंह काला करा लेंगे, वह भी भोपाल में राजभवन पर। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो खूब वायरल हुआ। इसके बाद जब नतीजे आए और भाजपा की बहुमत के साथ सरकार बनी तो बरैया का वही वीडिया फिर वायरल होने लगा। मीडिया ने भी बरैया से उनकी ष्शपथ को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा कि वे अपनी बात पूरी करेंगे। इसके चलते आज 7 दिसंबर का दिन तय किया गया। आज जब वे अपने समर्थकों के साथ राजभवन की ओर पैदल कूच कर रहे थे, तो रोशनपुरा चौराहे पर उन्हें पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी वहां पहुंचे और बरैया को मुंह काला करने से रोका। साथ ही खुद दिग्विजय सिंह ने उनके सिर पर काला टीका लगाया इसकी औपचारिकता पूरी करा दी। दिग्विजय सिंह के आग्रह के बाद फूल सिंह बरैया ने अपना मुंह काला नहीं करने का फैसला किया।
समर्थक ने पोती थी कालिख
फूलसिंह बरैया के समर्थन में एक दिन पहले बुधवार को ग्वालियर के दलित कांग्रेस नेता योगेश दंडोतिया भी उतरे थे। जिन्होंने अपना मुंह कला कर कहा था कि भाजपा दलितों का मुंह काला करना चाहती है। इसलिए बार-बार बरैया को लोग मुंह काला करने के लिए उकसा रहे है। उन्होंने अपने मुंह पर कालिख पोतकर बरैया से आग्रह किया था ि कवे अपना मुंह काला ना करें, उनकी ष्शपथ को मैंने पूरा कर दिया। मगर बरैया नहीं माने और अपनी बात पर डटे रहे।
गोविंद सिंह हारे तो दस साल बाद कराया मुंडन
भिंड जिले की लहार विधानसभा सीट से नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की हार को लेकर 60 वर्श्ज्ञीय मुन्ना विश्वकर्मा ने अपने दस साल बाद अपने सिर के बाल मुंडवाएं। बताया जाता है कि दस साल पहले अतिक्रमण की कार्यवाही के बहाने मुन्ना विश्वकर्मा का घर तोड़ दिया था। इस वक्त वे विधायक गोविंद सिंह के पास गए और कार्यवाही रूकवाने को कहा। इस पर गोविंद सिंह ने कुछ नहीं किया तो मुन्ना ने नाराज होकर उनके ना हारने तक सिर के बाल ना कटवाने की मन्नत मान ली। इसके बाद दस साल बाद जब 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम आए तो मुन्ना ने नाई की दुकान पहुंचकर अपने सिर के बाल और दाड़ी कटवाकर अपनी मन्नत पूरी की।
70 किलोमीटर पैदल चली महिलाएं
नीमच जिले की जावद सीट पर भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश सखलेचा की जीत के लिए उनके विधानसभा क्षेत्र के सगतपुरिया गांव की महिलाओं ने नंगे पैर शनि मंदिर जाकर दर्शन करने की मन्नत मानी थी। जब सखलेचा चुनाव जीत गए तो ये महिलाएं 70 किलोमीटर दूर शनि मंदिर बिना चप्पल पहले पहुंची और दर्शन कर अपनी मन्नत पूरी की।


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