कमलनाथ ने कहा दिल्ली जा रहा हूं, लौटकर जुटेंगे लोकसभा चुनाव की तैयारी में
भोपाल। विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने हार पर मंथन करने के लिए आज जीते और हारे सभी प्रत्याशियों को भोपाल बुलाया। प्रत्याशियों ने इस बैठक में अपनी हार के कारण तो गिनाए साथ ही नुकसान पहुंचाने वालों पर जमकर बरसे भी। प्रत्याशियों ने कहा कि जिन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाया, उन्हें हटाएं। बूथ पर अभी से काम ष्शुरू करें, नही ंतो लोकसभा चुनाव में फिर हार का सामना करना पड़ेगा वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने हार के कारणों की रिपोर्ट को दिल्ली जाकर हाईकमान को सौंपने की बात कहीं। साथ ही दिल्ली से लौटकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा।
विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों को जानने के लिए कांग्रेस ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सभी प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पहुंचे प्रत्याशियों ने हार के अपने-अपने कारण गिनाए। किसी ने ईवीएम को कोसा तो किसी ने भाजपा द्वारा धनबल के किए उपयोग को हार का कारण बताया। अधिकांश प्रत्याशियों ने बूथ की कमजोरी को हार का कारण बताया। साथ ही कहा कि हमें भाजपा से सबक लेना चाहिए कि वह किस तरह से बूथ पर जमावट कर हमें हराने का काम करती है।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि दो दिन बात वे लौटकर आएंगे और लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाएंगे। दिल्ली में वे प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वे दिल्ली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मुलाकात कर मध्य प्रदेश में मिली हार की शुरुआती रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद भोपाल लौटेंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशी और विधायक अपने चुनाव की पूरी समीक्षा करें इसका वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण करें कि वे क्यों हारे या क्यों जीते। उन्होंने सभी प्रत्याशियों से अगले दस दिन के अंदर दो अलग-अलग रिपोर्ट उनके पास भेजने हेतु कहा। एक रिपोर्ट में चुनाव का विश्लेषण और दूसरी रिपोर्ट में संगठन की समीक्षा गुप्त रूप से भेजी जाए। उन्होंने कहा कि वे अतिशीघ्र पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और लोकसभा चुनाव की तैयारी में पूरी पार्टी जुट जाएगी।
जिन्होंने नुकसान पहुंचाया, उन्हें हटाएं
हारे प्रत्याशियों ने बैठक में जमकर गुस्सा निकाला। प्रत्याशियों ने कहा कि जिन बूथों पर काम नहीं हुआ, जिन्होंने बूथ पर नुकसान पहुंचाने का काम किया उन्हें पार्टी को तुरंत हटाना चाहिए। अगर ऐसा समय रहते नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में फिर हमें हार का सामना करना पड़ेगा। हारे प्रत्याशियों ने कहा कि भाजपा के संगठन के मुकाबले कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर साबित हुआ है, जबकि भाजपा ने माइक्रो मैनेजमेंट पर काम किया। भाजपा ने उन बूथों को टारगेट किया जहां पर उनको कम वोट मिले, लेकिन कांग्रेस की कोई तैयारी नहीं थी।
धनबल के दम पर जीता चुनाव
अधिकतर नेताओं ने ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ा है। कांग्रेस नेता एवं दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मंदिरों में काला धन छुपा कर बांटा गया। मेरे पास इसके सबूत, शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूरा सिस्टम भाजपा के सामने बिक चुका है। वहीं कमलेश्वर पटेल ने कहा कि धनबल के दम पर भाजपा ने चुनाव जीता है।
माहौल में आगे, परिणामों में पीछे
हारे प्रत्याशियों ने कहा कि कांग्रेस के पक्ष में माहौल था। हम केवल माहौल में आगे नजर आए, परिणाम आए तो हम पीछे थे। इसका विश्लेशण करना होगा। 130 सीटें ऐसी हैं, जिन पर हमें 20 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। सर्वे के आधार पर टिकट वितरण किए जाने को लेकर भी प्रत्याशियों ने उचित नहीं बताया। प्रत्याशियों का कहना था कि सर्वे केवल कागजी होता है, टिकट वितरण में दावेदार की मैदानी स्थिति का आकलन भी करना चाहिए। मेहगांव में सर्वे के आधार पर दिए टिकट वितरण का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां पर भी प्रत्याशी को हार मिली। इस सीट पर सर्वे के आधार पर टिकट दिया गया, जिसके चलते हमें आस-पास की सीटों पर भी हार का सामना करना पड़ा है।
दिग्विजय रहे मौन, रणदीप नहीं पहुंचे बैठक में
हार पर मंथन करने के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों को भोपाल बुलाया। इस बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी उपस्थित नहीं रहे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे मगर उन्होंने मौन साधे रखा। बैठक के बाद जब वे बाहर निकले तब भी मीडिया से बिना बात किए रवाना हो गए।
सौ से अधिक ईवीएम मशीनें थी 99 फीसदी चार्ज
प्रत्याशियों ने बताया कि जहां कांग्रेस पार्टी बडे़ अंतर से पराजित हुई है, वहां 100 से अधिक ईव्हीएम मशीनें मतगणना के समय 99 प्रतिशत तक चार्ज मिली, जबकि मतदान के दौरान 10 घंटे से ज्यादा इनका उपयोग हो चुका था। इसका आशय हुआ कि मतगणना की प्रक्रिया के दौरान इन मशीनों का बिल्कुल उपयोग नहीं हुआ जो कि किसी भी सूरत में संभव नहीं है। इससे इस बात का शक होता है कि या तो ईव्हीएम बदलीं गई या उनके साथ छेड़छाड़ की गई। प्रत्याशियों ने बताया कि औसतन 100 ईव्हीएम मशीने या 20 हजार वोट से छेड़छाड़ का गंभीर मामला दिखाई देता है।
विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों को जानने के लिए कांग्रेस ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सभी प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पहुंचे प्रत्याशियों ने हार के अपने-अपने कारण गिनाए। किसी ने ईवीएम को कोसा तो किसी ने भाजपा द्वारा धनबल के किए उपयोग को हार का कारण बताया। अधिकांश प्रत्याशियों ने बूथ की कमजोरी को हार का कारण बताया। साथ ही कहा कि हमें भाजपा से सबक लेना चाहिए कि वह किस तरह से बूथ पर जमावट कर हमें हराने का काम करती है।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि दो दिन बात वे लौटकर आएंगे और लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाएंगे। दिल्ली में वे प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वे दिल्ली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मुलाकात कर मध्य प्रदेश में मिली हार की शुरुआती रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद भोपाल लौटेंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशी और विधायक अपने चुनाव की पूरी समीक्षा करें इसका वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण करें कि वे क्यों हारे या क्यों जीते। उन्होंने सभी प्रत्याशियों से अगले दस दिन के अंदर दो अलग-अलग रिपोर्ट उनके पास भेजने हेतु कहा। एक रिपोर्ट में चुनाव का विश्लेषण और दूसरी रिपोर्ट में संगठन की समीक्षा गुप्त रूप से भेजी जाए। उन्होंने कहा कि वे अतिशीघ्र पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और लोकसभा चुनाव की तैयारी में पूरी पार्टी जुट जाएगी।
जिन्होंने नुकसान पहुंचाया, उन्हें हटाएं
हारे प्रत्याशियों ने बैठक में जमकर गुस्सा निकाला। प्रत्याशियों ने कहा कि जिन बूथों पर काम नहीं हुआ, जिन्होंने बूथ पर नुकसान पहुंचाने का काम किया उन्हें पार्टी को तुरंत हटाना चाहिए। अगर ऐसा समय रहते नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में फिर हमें हार का सामना करना पड़ेगा। हारे प्रत्याशियों ने कहा कि भाजपा के संगठन के मुकाबले कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर साबित हुआ है, जबकि भाजपा ने माइक्रो मैनेजमेंट पर काम किया। भाजपा ने उन बूथों को टारगेट किया जहां पर उनको कम वोट मिले, लेकिन कांग्रेस की कोई तैयारी नहीं थी।
धनबल के दम पर जीता चुनाव
अधिकतर नेताओं ने ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ा है। कांग्रेस नेता एवं दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मंदिरों में काला धन छुपा कर बांटा गया। मेरे पास इसके सबूत, शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूरा सिस्टम भाजपा के सामने बिक चुका है। वहीं कमलेश्वर पटेल ने कहा कि धनबल के दम पर भाजपा ने चुनाव जीता है।
माहौल में आगे, परिणामों में पीछे
हारे प्रत्याशियों ने कहा कि कांग्रेस के पक्ष में माहौल था। हम केवल माहौल में आगे नजर आए, परिणाम आए तो हम पीछे थे। इसका विश्लेशण करना होगा। 130 सीटें ऐसी हैं, जिन पर हमें 20 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। सर्वे के आधार पर टिकट वितरण किए जाने को लेकर भी प्रत्याशियों ने उचित नहीं बताया। प्रत्याशियों का कहना था कि सर्वे केवल कागजी होता है, टिकट वितरण में दावेदार की मैदानी स्थिति का आकलन भी करना चाहिए। मेहगांव में सर्वे के आधार पर दिए टिकट वितरण का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां पर भी प्रत्याशी को हार मिली। इस सीट पर सर्वे के आधार पर टिकट दिया गया, जिसके चलते हमें आस-पास की सीटों पर भी हार का सामना करना पड़ा है।
दिग्विजय रहे मौन, रणदीप नहीं पहुंचे बैठक में
हार पर मंथन करने के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों को भोपाल बुलाया। इस बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी उपस्थित नहीं रहे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे मगर उन्होंने मौन साधे रखा। बैठक के बाद जब वे बाहर निकले तब भी मीडिया से बिना बात किए रवाना हो गए।
सौ से अधिक ईवीएम मशीनें थी 99 फीसदी चार्ज
प्रत्याशियों ने बताया कि जहां कांग्रेस पार्टी बडे़ अंतर से पराजित हुई है, वहां 100 से अधिक ईव्हीएम मशीनें मतगणना के समय 99 प्रतिशत तक चार्ज मिली, जबकि मतदान के दौरान 10 घंटे से ज्यादा इनका उपयोग हो चुका था। इसका आशय हुआ कि मतगणना की प्रक्रिया के दौरान इन मशीनों का बिल्कुल उपयोग नहीं हुआ जो कि किसी भी सूरत में संभव नहीं है। इससे इस बात का शक होता है कि या तो ईव्हीएम बदलीं गई या उनके साथ छेड़छाड़ की गई। प्रत्याशियों ने बताया कि औसतन 100 ईव्हीएम मशीने या 20 हजार वोट से छेड़छाड़ का गंभीर मामला दिखाई देता है।

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