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| डा. हीरालाल अलावा |
राज्यसभा चुनाव के लिए तारीखों के तय होते ही मध्यप्रदेश कांग्रेस मेंं फिर घमासान मचने लगा है. कांग्रेस विधायक और जय युवा आदिवासी संगठन के संरक्षक डा. हीरालाल अलावा ने मांग की है कि जयस कोटे से आदिवासी को राज्यसभा भेजा जाए. विधायक की इस मांग के बाद कांग्रेस में धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है.
राज्यसभा के तारीखों की घोषणा के साथ ही कांग्रेस में फिर घमासान मचता नजर आने लगा है. तारीख तय होने के साथ ही कांग्रेस के विधायक और जयस के संरक्षक डा. हीरालाल अलावा ने आदिवासी नेता को राज्यसभा भेजने की मांग करते हुए मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने का हवाला देते हुए आलाकमान से जयस के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है. डा. अलावा की इस मांग के साथ ही कांग्रेस नेताओं के लिए धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है. कांग्रेस में वैसे ही दो सीटों के लिए नाम तय किए जाने को लेकर पहले से ही घमासान मचा हुआ है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक सिंधिया को राज्यसभा भेजे जाने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं. सिंधिया ने खुद भी कमलनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. वहीं अब डा. अलावा की इस मांग के बाद संगठन के सामने फिर प्रत्याशी चयन को लेकर परेशानी खड़ी हो रही है.
कांग्रेस में दो सीटों में से एक सीट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम तय माना जा रहा था, मगर सिंधिया द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद कांग्रेस ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं. कांग्र्रेस में वैसे तो मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा से विधायकी छोड़ने वाले दीपक सक्सेना के लिए प्रयास कर रहे हैं. वहीं उनके अलावा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, मीनाक्षी नटराजन और महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्चना जायसवाल भी राज्यसभा जाने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं.
भाजपा में भी शुरु हुई जोड़-तोड़
राज्यसभा के लिए खाली हो रही तीन सीटों में से एक सीट भाजपा के पक्ष में जाना है. इस एक सीट पर प्रभात झा फिर से तीसरी पारी खेलने का प्रयास कर रहे हैं. झा के अलावा भी आधा दर्जन नेता राज्यसभा जाने के लिए प्रयासरत हैं. भाजपा में कैलाश विजयवर्गीय के अलावा संघ से जुड़े और पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह, विनोद गोटिया, लाल सिंह आर्य भी अपने दावे राज्यसभा के लिए कर रहे हैं. इसके अलावा भाजपा नेता भी यह मांग उठा रहे हैं कि किसी आदिवासी को राज्यसभा भेजा जाए.
गौरतलब है कि राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव के लिए अधिसूचना 6 मार्च को जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र दाखिले का कार्य शुरू हो जाएगा. चुनाव आयोग की ओर से आज जारी किए गए चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 13 मार्च तक नामांकनपत्र दाखिल किए जा सकेंगे और 16 मार्च को इनकी जांच होगी. 18 मार्च तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं. चुनाव के लिए मतदान 26 मार्च को होगा और इसी दिन मतों की गिनती होगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 मार्च तक पूर्ण हो जाएगी.
इन राज्यसभा सांसदों का पूरा हो रहा कार्यकाल
* दिग्विजय सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 10 अप्रैल 2014 से 9 अप्रैल 2020
* सत्यनारायण जाटिया भारतीय जनता पार्टी 10 अप्रैल 2014 से 9 अप्रैल 2020
* प्रभात झा भारतीय जनता पार्टी 10 अप्रैल 2014 से 9 अप्रैल 2020

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