पुरुष ही नहीं महिला भी हो सकती है प्रदेश अध्यक्ष
मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के गर्म हुई सियासत के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने भी सिंधिया का साथ दिया है. उन्होंने कहा कि सिंधिया ने जो कहा उचित कहा, मैं भी होता तो यही कहता. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि पुरुष ही नहीं, बल्कि महिला को भी प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे विवाद को शांत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बावरिया ने मोर्चा संभाला है. बावरिया भोपाल आए और उन्होंने सिंधिया के बयान को उचित बताया. सिंधिया के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए वचनपत्र महत्वपूर्ण है, सिंधिया ने भी वचनपत्र को पूरा करने की बात कही है, इसमें गलत ही कुछ नहीं है अगर मैं भी होता तो यहीं कहता, सिंधिया ने जो कहा सही कहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए वचन पत्र याने वादा निभाना है, भाजपा की तरह जुमला नहीं है. अभी तक सिंधिया समर्थक ही उनके बयान का समर्थन करते नजर आ रहे थे, मगर अब बावरिया ने खुलकर सिंधिया का समर्थन किया है, जिससे राजनीतिक खेमें हलचल मच गई है.
बावरिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपी जाएगी जो सभी के बीच तालमेल बैठा सके. उन्होंने कहा कि अभी तक पुरुषों के ही नाम आगे आए हैं, मगर कोई महिला भी प्रदेश अध्यक्ष हो सकती है. गौरतलब है कि बीते दिनों शोभा ओझा समर्थक अर्चना जायसवाल ने दिल्ली जाकर दीपक बावरिया सहित अन्य नेताओं के सामने प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दावेदारी की है. बाबरिया का इस बयान के बाद कांग्रेस के गलियारे में हलचल मच गई है जहां पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में पुरूष नेताओं के नाम सामने आ रहे थे अब महिला नेत्रियों के नाम भी चर्चा में आने शुरू हुए हैं. इस दौड़ में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और मुख्य प्रवक्ता शोभा ओझा के नाम भी सामने आ रहे है. फिलहाल नाम को लेकर घोषणा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, उसके बाद उन्हें लोकसभा चुनाव तक पार्टी अध्यक्ष बने रहने के लिए कहा गया था. लोकसभा में कांग्रेस की हार के बाद कमलनाथ ने इस्तीफे की पेशकश की थी. उसके बाद से प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं.
जल्द होगी निगम-मंडलों में नियुक्तियां
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर कहा कि जल्द ही ये नियुक्तियां भी शुरु होंगी. मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी इस संबंध में चर्चा हो चुकी है. उन्होंने बताया कि संभावना यह है कि 15 दिनों में ये नियुक्तियां शुरु हो जाएंगी. बावरिया ने कहा कि जो मापदंड इन नियुक्तियों के लिए संगठन ने तय किए थे उनके मुताबिक की नियुक्तियां होंगी. उन्हीं मापदंडों के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के गर्म हुई सियासत के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने भी सिंधिया का साथ दिया है. उन्होंने कहा कि सिंधिया ने जो कहा उचित कहा, मैं भी होता तो यही कहता. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि पुरुष ही नहीं, बल्कि महिला को भी प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे विवाद को शांत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बावरिया ने मोर्चा संभाला है. बावरिया भोपाल आए और उन्होंने सिंधिया के बयान को उचित बताया. सिंधिया के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए वचनपत्र महत्वपूर्ण है, सिंधिया ने भी वचनपत्र को पूरा करने की बात कही है, इसमें गलत ही कुछ नहीं है अगर मैं भी होता तो यहीं कहता, सिंधिया ने जो कहा सही कहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए वचन पत्र याने वादा निभाना है, भाजपा की तरह जुमला नहीं है. अभी तक सिंधिया समर्थक ही उनके बयान का समर्थन करते नजर आ रहे थे, मगर अब बावरिया ने खुलकर सिंधिया का समर्थन किया है, जिससे राजनीतिक खेमें हलचल मच गई है.
बावरिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपी जाएगी जो सभी के बीच तालमेल बैठा सके. उन्होंने कहा कि अभी तक पुरुषों के ही नाम आगे आए हैं, मगर कोई महिला भी प्रदेश अध्यक्ष हो सकती है. गौरतलब है कि बीते दिनों शोभा ओझा समर्थक अर्चना जायसवाल ने दिल्ली जाकर दीपक बावरिया सहित अन्य नेताओं के सामने प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दावेदारी की है. बाबरिया का इस बयान के बाद कांग्रेस के गलियारे में हलचल मच गई है जहां पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में पुरूष नेताओं के नाम सामने आ रहे थे अब महिला नेत्रियों के नाम भी चर्चा में आने शुरू हुए हैं. इस दौड़ में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और मुख्य प्रवक्ता शोभा ओझा के नाम भी सामने आ रहे है. फिलहाल नाम को लेकर घोषणा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, उसके बाद उन्हें लोकसभा चुनाव तक पार्टी अध्यक्ष बने रहने के लिए कहा गया था. लोकसभा में कांग्रेस की हार के बाद कमलनाथ ने इस्तीफे की पेशकश की थी. उसके बाद से प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं.
जल्द होगी निगम-मंडलों में नियुक्तियां
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर कहा कि जल्द ही ये नियुक्तियां भी शुरु होंगी. मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी इस संबंध में चर्चा हो चुकी है. उन्होंने बताया कि संभावना यह है कि 15 दिनों में ये नियुक्तियां शुरु हो जाएंगी. बावरिया ने कहा कि जो मापदंड इन नियुक्तियों के लिए संगठन ने तय किए थे उनके मुताबिक की नियुक्तियां होंगी. उन्हीं मापदंडों के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी.
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