राजधानी के छोटे तालाब पर आर्च ब्रिज के लोकार्पण में देरी होने से नाराज महापौर आलोक शर्मा ने आज पार्षदों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया. उन्होंने सरकार को चेतावनी भी दी कि अगर 72 घंटे के अंदर कमलापति की मूर्ति का अनावरण नहीं किया गया तो वे खुद मूर्ति का अनावरण कर देंगे.
भोपाल नगर निगम के कार्यकाल को समाप्त होने में मात्र 12 दिन शेष बचे हैं. इसके चलते अब राजनीति भी तेज हो गई है. राजधानी में आज भोपाल नगर निगम महापौर आलोक शर्मा ने जहां आर्च ब्रिज लोकार्पण में देरी होने को लेकर धरना दिया तो कांग्रेस की पार्षद सबिस्ता आसिफ जकी ने आलोक शर्मा के खिलाफ धरना दिया और उनका पुतला फूंका.
आर्च ब्रिज लोकार्पण की मांग को लेकर महापौर आलोक शर्मा के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष विकास विरानी और निगम परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान और एमआईसी के सदस्यों के साथ धरने पर बैठे थे. उन्होंने कमलनाथ सरकार पर काम में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया है. साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर 72 घंटे में कमलावति की मूर्ति का लोकार्पण नहीं किया गया तो वे खुद इसका लोकार्पण कर देंगे. महापौर ने कहा कि यदि इस ब्रिज पर ट्रैफिक चालू हो जाए तो कमला पार्क रोड का 15 प्रतिशत ट्रैफिक कम हो जाएगा. लोगों को सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रदेश सरकार राजनीति के कारण इसमें रुचि नहीं ले रही है. गौरतलब है कि भोपाल में महापौर आलोक शर्मा का कार्यकाल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है. इसे लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है.
कांग्रेस पार्षद ने दिया धरना
महापौर आलोक शर्मा के रवैया से नाराज होकर कांग्रेस पार्षद साबिस्ता जकी ने महापौर के धरना स्थल पर पुतला जलाया है. उन्होंने महापौर पर गंभीर आरोप भी लगाए है. पार्षद सबिस्ता का कहना है कि महापौर ने विकास करने की बजाए भोपाल का विनाश किया है. साबिस्ता ने कहा कि महापौर आलोक शर्मा चाहे तो अपने सिर का बाल मुड़वाकर घूमे किसी को कोई परवाह नहीं है. सबिस्ता ने कहा कि महापौर ने कब्रिस्तान की जमीन पर बिना परमिशन विस्थापितों के घरों को तोड़ा और दुकानदारों को बेरोजगार कर दिया. पार्षद ने कहा कि महापौर को आर्चब्रिज का लोकार्पण नहीं करने दिया जाएगा.

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