बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

मठ-मंदिरों की जमीन बेचने का विरोध

राज्य सरकार द्वारा मठ-मंदिरों की जमीन विक्रय के मामले को लेकर विवाद तेज हो गया है. भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. भाजपा के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार हिन्दू विरोधी है. उन्होंने कहा कि वह सरकार के इस फैसले का विरोध करेंगे. पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री मिश्रा ने मंदिर की खाली जमीन बेचने के मामले को लेकर कहा कि सरकार को इसके दुष्परिणामों का ज्ञान नही है. मठ मंदिरों की जमीन पर अगर होटल बनेगा, यह धार्मिक स्थान की पवित्रता को खत्म करने के प्रत्यक्ष कोशिश है. उन्होंने इसे लेकर कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया.  उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार की नजर वक्फ बोर्ड को जमीनों पर क्यों नहींं पड़ती है. मध्यप्रदेश में वक्फ बोर्ड की जमीन कितनी है यह नहीं दिखाई दिया. मिश्रा ने कहा कि एक तरफ भाजपा श्रीराम के मंदिर को बनाने के लिए सारी बाधाएं दूर कर रही है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी है जो मंदिरों की जमीन बेच रही है.
जमीन बेचकर मंदिरों के लिए जुटाया जाएगा फंड

राज्य के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने मठ मंदिरों की जमीन को लेकर बयान दिया है. उनके मुताबिक मठ मंदिरों की ऐसी जमीन जहां मंदिर नहीं है, वो जमीन बेची जाएगी. उन्होंने कहा कि  जमीनें जब बिकेंगी उससे 2 फंड जनरेट होंगे. इस फंड से मठ मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा.   खाली जमीन जो मंदिरों के नाम से है और जिसका उपयोग नहीं हो रहा है. उसका इस्तेमाल कर मंदिरों के लिए फंड जुटाया जाएगा.
कांग्रेस ने किया खंडन
मठ-मंदिरों की जमीन बेचने की खबरें आने और भाजपा द्वारा विरोध किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस खबर को लेकर खंडन किया है. कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा है कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. सलूजा ने ट्वीट कर कहा कि  कमलनाथ सरकार ने मंदिरों की जमीन को बेचने का ना कोई निर्णय लिया है और ना केबिनेट में इस तरह का कोई प्रस्ताव पास हुआ है. उन्होंने लिखा कि झूठ बोलने में माहिर भाजपा नेता चालू हो गये सरकार को कोसने व हिंदू विरोधी बताने में. उन्होंने कहा कि उमा भारती व नरोत्तम मिश्रा ने तो बयान तक दे डाले. सलूजा ने कहा कि कितनी जल्दी में है भाजपाई. 

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