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| गोपाल भार्गव |
मध्य प्रदेश में 52 आईपीएस अधिकारियों के तबादले पर सियासत शुरू हो गई है. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में तबादलों का उद्योग फिर से शुरू हो गया है. वहीं कांग्रेस ने भी भार्गव पर हमला बोला है.
प्रदेश सरकार के द्वारा 52 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिस पर विपक्ष पर बैठी भाजपा ने सवाल उठाया है. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने ट्वीट कर लिखा है कि मध्यप्रदेश में तबादला उद्योग फिर से शुरू हो गया है. अभी तो सिर्फ 52 अफसर बदले गए हैं. आगे लंबी सूचियां फिर आएंगी. पैसा ला और आर्डर ले जा कमलनाथ सरकार में असली ला एंड आर्डर का मतबल यही है. सरकार को कोई काम नहीं, सभी मानसिक रूप से प्रताड़ित है.
वहीं भार्गव के इस ट्वीट के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने ट्वीट किया है. उन्होंने भार्गव पर हमला बोला है. ट्वीट के जरिए सलूजा ने कहा है कि जिनकी सरकार में पूरे 15 वर्ष तबादला सिर्फ उद्योग बन कर रह गया था. पैसा ला और आर्डर ले जा कहां से संचालित होता था, कौन प्रमुख था, नोट गिनने की मशीन किसने खरीदी, यह किसी से छिपा नहीं है. मंत्री तक बेचारे दुखी थे. वो भाजपाई आज कांग्रेस सरकार पर उसी तरह के झूठे आरोप लगा रहे है.

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