मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति को लेकर गरमाई सियासत थम नहीं रही है. विवाद थमने के बजाय आज उस वक्त और बढ़ता नजर आया जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री के सांसद पुत्र नकुल नाथ आमने-सामने आ गए. नकुल नाथ ने जहां शिवराज सिंह चौहान को सौंसर आगमन पर भोज के लिए आमंत्रित किया तो शिवराज सिंह चौहान वे कल दोपहर को सौंसर पहुंच रहे हैं. उन्होंने प्रदेश वासियों से आह्वान किया कि वे भी सौंसर पहुंचे और अपनी बुलंद आवा से शिवाजी का जयघोष कर कमलनाथ सरकार को बताएं कि हमारी दहाड़ सौंसर से भोपाल तक कैसे गंूजती है.
छिंदवाड़ा में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर गरमाई सियासत के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया है. सांसद नकुल नाथ ने शिवराज पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट कर लिखा कि आपका विकास के माडल छिंदवाड़ा में स्वागत है, लेकिन जिस तरह से आप छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने आ रहे हैं वह गलत है. ट्वीट में आगे लिखा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारी आस्था के प्रतीक हैं. उनके नाम को राजनीति के लिए प्रयोग करना उचित नहीं. दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित करते हुए नकुल नाथ ने यह भी कहा है कि आप एक बार आए और मेरे साथ छिंदवाड़ा के विकास का माडल जरूर देखें. दरअसल छिंदवाड़ा के सौंसर में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति तोड़े जाने को लेकर भाजपा मुखर है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज इस घटना का विरोध करने शनिवार को सौंसर पहुंच रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घोषणा की है कि सौंसर में अब शिवाजी महाराज की आदमकद प्रतिमा पूरे धूम धाम के साथ समारोहपूर्वक स्थापित की जाएगी. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ ने घोषणा की है कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा बनाने और उसकी स्थापना कराने में जो भी खर्चा आएगा उसका वहन वह खुद करेंगे.
पहले अपमान करना, फिर पैसों को पावर दिखाना कांग्रेस की संस्कृति
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा है कि अब देखिए सांसद नकुल नाथ कह रहे है की छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रतिमा वो अपने पैसों से बनवाएंगे और लगाएंगे. पहले अपमान करना फिर पैसों की पावर दिखाना ये कांग्रेसी प्रवृति है, प्रकृति है, संस्कृति है. पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा है कि नाथ, छत्रपति शिवाजी महाराज के भक्तों में इतनी ताकत है की वो इस कार्य के लिए अपने दम पर धन जमा कर सकते है. अब तो या सरकार अपने खर्चे पर छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रतिमा ससम्मान लगाए या फिर हम जन भागीदारी से लगाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि मेरा सभी प्रदेश वासियों से आह्वान है कि आप मेरे साथ चले और हम सब मिल कर मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपनी बुलंद आवाज से छत्रपति शिवाजी महाराज का जय घोष कर बता दे की हमारी दहाड़ सौंसर से भोपाल तक कैसे गूंजती है.

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