गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

आदिवासियों, युवाओं को फ्री टिकट मिले आइफा का

विश्वास सारंग 

मध्यप्रदेश में आइफा अवार्ड को लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि आदिवासियों और युवाओं को आइफा का टिकट फ्री दिया जाना चाहिए.
आइफा की घोषणा के साथ ही प्रदेश भाजपा के निशाने पर कमलनाथ की सरकार आ गई थी. इसका विरोध पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी कर चुके हैं.  सभी ने राजय सरकार पर पैसों की बर्बादी करने का आरोप लगाया था. अब भाजपा के पूर्व मंत्री और विधायक विश्वास सारंग ने विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे प्रदेश के युवाओं और आदिवासियों को आइफा के टिकट फ्री में उपलब्ध कराएं. सारंग ने इस मांग का पत्र भी मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखा है.  सारंग ने पत्र में लिखा है की मुख्यमंत्री ने आईफा अवार्ड युवाओं और आदिवासियों को समर्पित किया है लिहाजा इस वर्ग को आईफा में फ्री पास दिया जाए. सारंग ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को ग्लैमर की सरकार बताते हुए कहा कि गरीबों के लिए चलाई जा रही योजना, खाली खजाना कहकर सरकार बंद कर रही है. तीर्थ दर्शन योजना बंद कर दी गई. कफन के लिए दिए जाने वाली राशि बंद कर दी, लेकिन आइफा में करोड़ों रुपए बर्बाद किए जा रहे हैं. 
मंत्री ने कहा नहीं मिलेगा फ्री पास
पूर्व मंत्री विश्वास सारंग द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ का फ्री टिकट की मांग को लेकर लिखे पत्र को लेकर राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने सारंग पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पास या फिर फ्री टिकट तो किसी को भी नहीं मिलेगा. शर्मा ने कहा कि बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया कि मंत्री हों या अधिकारी या फिर पुलिस वाले सभी को आइफा का टिकट खरीदना होगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि फ्री पास के चक्कर में कोई न रहें. उन्होंने खुद आइफा का टिकट खरीदा है.  साथ ही आइफा के जरिए पैसे की बर्बादी पर शर्मा का कहना है कि सरकार पैसा नहीं लगा रही है, आइफा इंस्पान्सर पैसा लगा रहे है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें