मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ वचनपत्र में किए वादे पूरा न करने के विरोध में आज किसानों ने राजधानी में महापंचायत लगाई. राजधानी के नीलम पार्क में प्रदेश भर से आए किसानों ने सरकार को वचन पत्र में किसानों से किए वादे याद दिलाए और उन्हें जल्द ही पूरा करने की बात कही.
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश ने नीलम पार्क में धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं को लेकर वचनपत्र में बिंदु क्रमांक 1 से 16 तक किसानों से कई वादे किए थे. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अनेक राज्यों में किसानों के हित में सरकारें काम कर रही है, परंतु मध्यप्रदेश सरकार किसान हितेषी कार्य नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में पंजीयन के गिरदावरी में त्रुटि के कारण किसान पंजीयन नहीं करा पाए हैं. उन्होंने पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग भी की. किसान आंदोलन के दौरान किसानों की दर्ज प्रकरण को वापस लेने बिजली का बिल आधा करने व आवारा पशुओं के लिए गौशाला का निर्माण एवं कर्ज माफी की प्रक्रिया चालू करने की मांग का ज्ञापन भी किसानों द्वारा सरकार को सौंपा गया.
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता चौधरी राजेश टिकैत ने कहा कि हमारी प्रदेश की कमलनाथ सरकार से मांग है कि वह तेलंगाना की तर्ज पर प्रदेश किसानों को आठ हजार रुपए प्रति एकड़ प्रतिवर्ष सब्सिडी दे. उन्होंने कहा कि सरकार को स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करना चाहिए और उस प्रस्ताव को केन्द्र को भेजना चाहिए. उन्होंने कहा कि बरगी परियोजना को भी पूरा किया जाना चाहिए साथ ही किसानों के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण किया जाना चाहिए ऐसी व्यवस्था सरकार को करना चाहिए.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें